अमेरिका ने जारी किया पेरिस जलवायु समझौते से बाहर होने की नोटिस

NewsCode | 5 August, 2017 4:55 PM
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ट्रंप ने कहा था कि यह समझौता अमेरिका को ‘दंडित’ करता है और इसकी वजह से अमेरिका के बहुत से लोगों की नौकरियां चली जाएंगी

अमेरिका: अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक नोटिस जारी करते हुए संयुक्त राष्ट्र को सूचित किया है कि वह पेरिस जलवायु समझौते से बाहर हो जाएगा। हालांकि, इस नोटिस में अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यदि अमेरिका के लिए इस समझौते की शर्तों में सुधार होता है तो वह बातचीत की प्रक्रिया में शामिल रहेगा। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका लगातार जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की होने वाली बैठकों में भाग लेता रहेगा। इस समझौते से बाहर आने के लिए अमेरिका को कम से कम तीन साल का समय लगेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून में पेरिस जलवायु समझौते से बाहर होने की घोषणा की थी।

अपनी विज्ञप्ति में विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका जलवायु नीति के लिए एक ऐसी दृष्टिकोण का समर्थन करता है जो आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ साथ उत्सर्जन को भी कम करे।

ट्रंप ने कहा था कि यह समझौता अमेरिका को ‘दंडित’ करता है और इसकी वजह से अमेरिका के बहुत से लोगों की नौकरियां चली जाएंगी। उन्होंने इस समझौते से अमेरिका को अरबों डॉलर का नुकसान होने के अलावा तेल, गैस, कोयला और विनिर्माण उद्योगों में बाधा आने की आशंका भी जाहिर की थी। पिछले महीने ट्रंप ने पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन से इस विषय पर बातचीत भी की थी।

अमेरिका के इस ऐलान को सांकेतिक तौर पर देखा जा रहा है। इसका कारण यह है कि पेरिस जलवायु समझौते से अलग होने की इच्छा रखने वाला कोई भी देश चार नवंबर 2019 से पहले आधिकारिक तौर पर ऐलान नहीं कर सकता है। इसके बाद समझौते से अलग होने की प्रक्रिया में एक साल का समय और लगेगा।

सऊदी अरब में 60 साल बाद महिलाओं को मिली कार चलाने की इजाजत, मना जश्न

NewsCode | 24 June, 2018 1:21 PM
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नई दिल्ली। सऊदी अरब में आज रविवार से महिलाओं को आधिकारिक तौर पर सड़कों पर गाड़ी चलाने की अनुमति मिल गई है। इसी के साथ सऊदी अरब महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने वाला दुनिया का आखिरी देश बन गया है। मालूम हो कि सऊदी अरब दुनिया का अकेला देश था जहां महिलाओं को ड्राइव करने की आजादी नहीं थी।

राजधानी जेद्दा में आधी रात से ही सड़कों पर इस आजादी का जश्न देखने को मिला, जहां कई महिलाएं स्टियरिंग थामें नजर आईं और हर कुछ दूरी पर खड़े कई लोग उन्हें बधाई देते दिख रहे थे। इस देश के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि 60 से अधिक वर्षों से महिलाएं सिर्फ यात्री सीट पर ही बैठती थीं यानी खुद गाड़ी नहीं चला सकती थीं। गाड़ी चलाने पर लगा बैन हटने से खाड़ी देश में 1.51 करोड़ महिलाएं पहली बार सड़कों पर गाड़ी लेकर उतरने में सक्षम हो सकेंगी।

बता दें कि सऊदी अरब ने सितंबर 2017 में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने का ऐलान किया था। यह फैसला क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 कार्यक्रम का हिस्सा है, ताकि अर्थव्यवस्था को तेल से अलग कर सऊदी समाज को खोला जा सके। उन्होंने जून 2018 तक इस आदेश को लागू करने की बात कही थी। सऊदी के शासक सलमान के इस कदम की दुनियाभर में तारीफ हुई।

सऊदी अरब में 60 साल बाद महिलाओं को मिली कार चलाने की इजाजत, मना जश्न Ban on Women driving ends in Saudi Arabia | NewsCode - Hindi News

जेद्दाह की एक महिला हम्सा अल-सोनोसी ने कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं अपनी जिंदगी में इस दिन को देख पाउंगी। जेद्दाह महिलाओं को लाइसेंस देने वाला देश का दूसरा शहर है।

गौरतलब है कि सऊदी अरब की गिनती कट्टरपंथी देश के तौर पर होती है, जहां महिलाओं के लिए कई पाबंदियां और सख्तियां हैं। उन्हें अभी तक वो अधिकार भी नहीं मिले हैं, जो दुनिया के बाकी देशों की महिलाओं को हैं। यहां महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस का अधिकार दिलाने के लिए लंबे समय से अभियान चलाया जा रहा था। कई महिलाओं को तो नियम तोड़ने के लिए सजा तक दी गई।

कई महिलाएं ब्रिटेन, कनाडा या लेबनान जैसे देशों में जा कर अपने लिए अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया करती थीं। इनमें से कुछ ने सोमवार को एक छोटा सा ड्राइविंग टेस्ट दिया, जिसके बाद इन्हें सऊदी अरब के नए लाइसेंस दिए गए।

ड्राइविंग लाइसेंस पाने वाली पहली महिलाओं में से एक रेमा जवदात का कहना है, “सऊदी अरब में ड्राइव करने का मेरा सपना पूरा होने जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “मेरे लिए ड्राइविंग का मतलब है अपनी पसंद से कुछ करना, आजाद होना। अब हमारे पास विकल्प हैं।”

सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति

– सऊदी अरब में महिलाओं के प्रति होने वाली घरेलू हिंसा और यौन शोषण को रोकने के लिए कोई कानून नहीं है। एक स्टडी में यहां के 53 फीसदी पुरुषों ने माना था कि उन्होंने घरेलू हिंसा की है। वहीं, 32 फीसदी ने यह भी माना कि उन्होंने अपनी पत्नी को बुरी तरह चोट पहुंचाया।

– सऊदी में महिलाएं अकेले प्रॉपर्टी भी नहीं खरीद सकतीं। यहां एक महिला के तौर पर प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने के लिए दो पुरुष गवाह जरूरी हैं।

– पुरुष गवाह के बिना महिलाओं की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकती। इसके साथ ही उन दो पुरुषों की विश्वसनीयता की पुष्टि करने के लिए चार और पुरुष गवाहों की जरूरत होती है।

– सऊदी अरब में पुरुषों की तरह महिलाओं को कानूनी तौर पर बराबरी हासिल नहीं है। ऐसे कई काम जिन्हें पुरुष कर सकते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए वो काम प्रतिबंधित हैं।

– यहां महिलाएं विदेश यात्रा नहीं कर सकतीं। पसंदीदा रहने की जगह नहीं चुन सकतीं। पासपोर्ट या फिर नेशनल आईडी कार्ड के लिए अप्लाई नहीं कर सकतीं।

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बेंगाबाद : तेज रफ्तार का टूटा कहर, बाइक सवार युवक की मौत

NewsCode Jharkhand | 25 June, 2018 9:20 PM
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बेंगाबाद (गिरिडीह)। बेंगाबाद मधुपुर मुख्य मार्ग एनएच 114 ए पर सोमवार को फिर रफ्तार का कहर टूटा और एक ज़िन्दगी काल के गाल में समां गई। इस पथ पर झलकडीहा मोड़ के समीप एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पहले सड़क किनारे पुलिया से टकराई फिर दूर गड्ढे में जा गिरी। घटना में बाइक पर सवार लगभग 25 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के क्रम में उसने दम तोड़ दिया।

बेंगाबाद : नए रेंजर ने लिया पदभार, कहा वनों की सुरक्षा होगी प्राथमिकता : अजय कुमार

बेंगाबाद पुलिस द्वारा शव को कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम सदर अस्पताल पहुंचाया गया। ख़बर लिखे जाने तक मृतक युवक की पहचान नही हो पाई थी। घटना के संबंध में बताया गया कि जेएच 15बी 9021 नंबर की एक यामाहा बाइक पर सवार होकर एक युवक  मधुपुर से गिरिडीह की ओर आ रहा था। इसी क्रम में अत्यधिक स्पीड होने के कारण झलकडीहा मोड़ के पर बाइक का संतुलन बिगड़ गया और बाइक सड़क किनारे बनी पुलिया से टकरा गई। फिलहाल पुलिस द्वारा मृतक के घरवालों का पता लगाया जा रहा है।

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पाकुड़ : भाजपा की बैठक आयोजित, हुल दिवस को लेकर हुई चर्चा

NewsCode Jharkhand | 25 June, 2018 9:16 PM
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पाकुड़। लिट्टीपाड़ा प्राखण्ड दामिन डाक बंगला परिषर में भाजपा की बैठक प्रखण्ड अध्यक्ष राम मंडल की अध्यक्षता में आहुत किया गया। जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व मंत्री हेमलाल मुर्मू उपस्थित हुये। बैठक में  मुख्य रूप से 30 जून को  हूल दिवस को लेकर चर्चा की गयी। मंडल इकाई के लोगों को 30 जून को पांच कठिया से भोगनाडीह ले जाने के बातें हुई।

पाकुड़ : भूमिगत कोयला में आग लगने से ग्रामीण दहशत में, प्रशासन से लगाई गुहार

साथ ही प्रदेश उपाध्यक्ष मुर्मू ने बताया कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम बिल आदिवासियों के हित के लिए बनाया गया है। इसको लेकर विपक्ष दुष्प्रचार कर रहे है लेकिन सभी से अपील किया  हर आदिवासी गांव गांव एवं  घर-घर  जाकर सभी को भूमि  अधिग्रहण अधिनियम बिल के बारे में सरकार की उप्लब्धि आदिवासियों एवं जनजातियों को स्पस्ट रूप से बताया जाएगा। यह कानून सरकारी जनहित के  कार्यो लिया बनाया गया है जिसके तहत सरकारी स्कूल, कॉलेज , हॉस्पिटल, सड़क, रेलवे के अच्छे काम में आएगे।

साथ ही भाजपा नेता साहेब हाँसदा ने कहा कि बूथ स्तर पर संगठन मजबूती करने, गाँव-गाँव में जाकर सरकार  कि उपलब्धी के बारे में जानकरी देने के लिए कार्यकर्त्ताओं  से अनुरोध किया । इस बैठक के मौके पर एस टी मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष भोला हेम्ब्रम, प्रखंड प्रभारी सुलेमान मुर्मू, दिनेश मुर्मू, जिला कार्यकारणी सदस्य बबलू सोरेन, पंचायत प्रभारी मंझला सोरेन, प्रखंड उपाध्यक्ष मुंशी मुर्मू, प्रखंड मंत्री रेंगटा किस्कू सहित दर्जनों कार्यकार्ता उपस्थित थे।

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