टुण्‍डी: हाथियों के झुण्‍ड ने किसानों की कमर तोड़ी, कई फसलों को किया बर्बाद

NewsCode Jharkhand | 3 December, 2017 4:15 PM
newscode-image

ग्रामीण व वनविभाग की टीम हाथियों को भगाने में कर रहे हैं काफी मशक्‍कत

टुण्डी(धनबाद)। जंगली हाथियों का झुण्ड पूर्वी टुण्डी क्षेत्र में पहुंचने से क्षेत्र के लोगों में भय व्याप्त है। इन हाथियों के झुण्ड ने क्षेत्र के कई किसानों के खेतों में लगी धान की फसल व सब्जियों को बर्बाद कर दिया। जिस क्षेत्र में हाथियों का झुण्ड पहुंच रहा है वहां के ग्रामीण भयभीत होकर हाथियों को गांव में प्रवेश करने से रोकने के प्रयास में लग जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार शनिवार को टुण्डी होते हुए पूर्वी टुण्डी क्षेत्र में चुरूरिया पंचायत के ढालजोरी पहाड़ी के रास्ते हाथियों का झुण्‍ड पहुंच गया है। जहां कुछ खेतों की फसलों को बर्बाद कर झुण्ड आगे उकमा की ओर बढा। यहां भी कुछ फसलों को बर्बाद करते हुए केशिडीह गांव में जगन्नाथ कुमार के बगीचे में लगे सब्जी को बर्बाद कर पोखरिया की ओर बढ़ गया।

Read More : सोनाहातू : जंगली हाथी ने दो व्यक्ति की ली जान, परिजनों को मिला मुआवजा

वन विभाग के वनपाल राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि रविवार सुबह झुण्ड को पोखरिया बजरा होते हुए जामताड़ा की ओर भेज कर हमारी टीम इतमिनान होकर लौट गए। लेकिन कुछ घंटों बाद सूचना मिली कि झुण्ड वापस पोखरिया के रास्ते होते हुए पूर्वी टुण्डी मे आ धमकी एवं बलारडीह गांव में शिवलाल मंडल एवं सुधीर मंडल के खेतों में धान के फसल को बर्बाद कर पिपराटांड, टेसराटंड़ होते हुए रूपन पंचायत के केन्दुआटांड़ पहाड़ियों में अपना ढेरा जमाए हुए है।

केन्दुआटांड़ के ग्रामीण मोहन हांसदा ने बताया कि झुण्ड पहाड़ी पर होने से हम ग्रामीणों में काफी भय है और सभी हाथियों पर नजर बनाए हुए हैं। वनपाल राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि देर शाम को मशालचियों की टीम के साथ हाथियों को गांव से दूर ले जाने का प्रयास किया जाएगा।

चाईबासा : कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता बागुन सुम्ब्रुई का निधन, शोक की लहर

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 8:47 PM
newscode-image

चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)कांग्रेस के वयोवृद्ध आदिवासी नेता बागुन सुम्ब्रुई का लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार शाम जमशेदपुर में निधन की खबर जैसे ही लोगों तक पंहुची, शोक की लहर फैल गयी। बागुन आदिवासियों के कद्दावर नेता थे, पांच बार सांसद चार बार विधायक रहे। वहीं एकीकृत बिहार में मंत्री और झारखंड विधानसभा के पहले उपाध्यक्ष भी रहे। उनकी पत्नी मुक्तिदानी सुम्ब्रुई भी बिहार में मंत्री रही।

चाईबासा : विदेशी शराब और बियर को जेसीबी मशीन से किया गया नष्ट

बागुन सुम्ब्रुई आजीवन सिर्फ एक धोती व एक गमछा में अपना जीवन बिताया। 5 दशक से भी ज्यादा राजनीतिक जीवन में रहने के बावजूद वे न सिर्फ सादगी पूर्ण जीवन जिये, बल्कि चाईबासा के गांधी टोला में आजीवन अपने ससुर के दिए मकान में ही रहे, अपना घर तक नहीं बनाया ।

आदिवासियों के बीच बेहद लोकप्रिय 94 वर्षीय बागुन सुम्ब्रुई के निधन से न सिर्फ कोल्हान को क्षति हुई बल्कि पूरे झारखंड को एक क्षति हुई है।

बागुन सुम्ब्रुई बेबाक टिप्पणी के लिए खासतौर पर जाने जाते थे। इंदिरा और राजीव गांधी के करीबी माने जाने वाले बागुन सुम्ब्रुई ने सोनिया और राहुल पर निशाना साध कर राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी थी, उसके बाद ही उन्हें कांग्रेस में हाशिये पर डाल दिया गया, अंतिम चुनाव 2009 में लड़ने के बाद उन्होंने राजनीति जीवन से सन्यास ले लिया था और चाईबासा में एकाकी जीवन जी रहे थे।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

sun

320C

Clear

क्रिकेट

Jara Hatke

Read Also

देवघर : श्रावणी मेला की तैयारी को लेकर डीआरएम ने जसीडीह स्टेशन का किया दौरा

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 9:55 PM
newscode-image

देवघर। विश्‍व प्र‍सिद्ध श्रावणी मेला तैयारी को लेकर आसनसोल रेलवे डिवीजन के डीआरएम पीके मिश्रा सहित अन्‍य अधिकारियों ने जसीडीह स्टेशन का दौरा किया। दौरा के दौरान डीआरएम ने मेला शुरु होने से पहले स्‍टेशन का सौन्‍दर्यीकरण व यात्री सुविधाओं को पूरा कर लेने का आदेश रेलवे अधिकारियों को दिया।

गौरतलब है कि स्‍टेशन सौन्‍दर्यीकरण का काम पहले से चल रहा है तथा मेला आरंभ होने से पहले पूरा कर लिया जाना है। डीआरएम ने पत्रकारों से कहा कि इस दौरा का मकसद मकसद जसीडीह रेलवे स्‍टेशन में श्रावणी मेला को लेकर चल रहे कार्यों का जायजा लेना है।

देवघर : आजसू स्थापना दिवस, सुदेश को मुख्यमंत्री बनाने का लिया संकल्प

उन्‍होंने कहा कि सौन्‍दर्यीकरण का काम मेला शुरु होने से पहले शुरु हुआ था जिसे बहुत जल्‍द पूरा कर लिया जाएगा। जो काम बांकी रह गया है उसे जल्‍द से जल्‍द पूरा करने का निर्देश रेलवे अधिकारियों को दिया गया है। कुछ कार्यों के मेला से पहले पूरा होने पर उन्‍होंने संतोष व्‍यक्‍त किया। डीआरएम ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए जसीडीह स्टेशन में एलईडी हाई मास्ट टावर तीन लगाये गए हैं।

फुटओवर ब्रिज रैंप का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, इससे मेला में आनेवले वयस्‍क लोगों को सुविधा होगी। स्टेशन के बाहरी परिसर का समतलीकरण किया जा रहा है। यह जगह पहले काफी संकरी थी लेकिन समतलीकरण के बादखुला विशाल परिसर यात्रियों को मिलेगा। एक पड़ाव एरिया बनाया जाएगा जिसमें बरसात के समय लगभग 2500 लोग बैठ सकेंगे और आराम कर पाएंगे।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

कोडरमा : खदान में मजदूर के सिर पर गिरा पत्थर का टुकड़ा, मौके पर मौत

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 9:22 PM
newscode-image

कोडरमा। जिले के नवलशाही थाना क्षेत्र अन्तर्गत बच्छेडीह पंचायत के जमडीहा मौजा में संचालित पत्थर खदान में कार्यरत मजदूर के सिर पर पत्थर का टुकड़ा धंसकर गिरने से मौके पर उसकी मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान पवन दास (24 वर्ष) व घायल की पहचान अनिल कुमार दास (28 वर्ष) के रूप में की गई है। दोनों थानाक्षेत्र के जमडीहा के रहनें वाले हैं।

कोडरमा : विकास योजनाओं की समीक्षा, उपायुक्त ने दिए कई निर्देश

घटना शुक्रवार की सुबह सात बजे की बताई गई है। जानकारी अनुसार दोनों मजदूर सुबह खदान में पहुंच कर ड्रिल किये गये होल में ब्लास्टिंग के लिए मशाला भरने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान ऊपर करीब पैंतीस से चालीस फिट की ऊँचाई से एक बड़ा पत्थर का हिस्सा सीधा पवन के सिर पर गिर गया जिससे सिर पूरी तरह जख्मी हो गया, जिससे पवन ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना के बाद नवलशाही थाना प्रभारी मो शाहीद रजा व एसआई राम कृत प्रसाद मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कोडरमा भेज दिया। तत्पश्चात पुलिस मामले की जांच में जुट गयी।

नहीं था सेफटी का इंतजाम

खदान में कार्यरत मजदरों के सुरक्षा और बचाव के उपाय के इंतजाम नहीं थे। अशोक कुमार गुप्ता और सुरेश चन्द्र साव की उक्त खदान में कार्यरत मजदूरों को न तो खदान संचालक द्वारा सेफटी किट दिये गये थे और ना हीं वहां फस्ट एड की व्यवस्था थी। खदान में बेतरतीब तरीके से कार्य करवाये जा रहे थे और सेफटी नियमों का पूरी तरह उल्लंघन किया जा रहा था। अधिकांश संचालित पत्थर खदानों में यही स्थिति है। जब कोई दुर्घटना होती है तो पत्थर खदान के मालिक या संचालक लाश की सौदेबाजी में जुट जाते हैं और पुलिस को मेल में लेकर मामले को रफा दफा करवा देते है।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

More Story

more-story-image

कोडरमा : विकास योजनाओं की समीक्षा, उपायुक्त ने दिए कई...

more-story-image

रांची : धर्म परिवर्तित करने वालों को आरक्षण का लाभ...