टुण्डी : मजदूर की मौत ने खड़े किये कई सवाल। जानिए क्या है कारण

NewsCode Jharkhand | 8 September, 2017 6:41 PM
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टुण्डी (धनबाद)। पलायन रोकने के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं को चलाया जा रहा है, जिससे गाँव के मजदूरों को गांव में ही रोजगार प्राप्त हो सके और वे रोजगार की तलाश में किसी अन्य राज्य की ओर रूख न करें। अगर देखा जाये तो सरकार की योजनाएं कागजो तक ही सिमट कर रह रही है जिस कारण आज भी यंहा के मजदूरों को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्य जाना पड रहा है। परिवार से दूर होने के कारण यदि बीमार पड़ गए तो उचित देखभाल के अभाव में मृत्यु तक हो जाती है तो वही कुछ दुर्घटना के भी शिकार हो जाते है।

ऐसा ही एक मामला चुरूरिया पंचायत अन्तर्गत हडीयाघुटु गांव मे देखने को मिला है जंहा 48 वर्षीय नेपाल हाँसदा नामक मजदूर चेन्नई की एक कम्पनी में मजदूरी करने गया था, शुक्रवार सुबह उसका शव गांव पहुंचा जिससे परिजनों के साथ साथ पुरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बताया जाता हैं कि नेपाल हाँसदा उस कम्पनी में काफी दिनों से कार्य करता था पिछले माह छुट्टियां बिताने गांव आया था और दस बारह दिन पूर्व ही गांव से कार्य करने गया था जब गांव से निकला था तो बिल्कुल स्वास्थ्य था। बुधवार को परिजनों को सुचना मिली कि नेपाल हाँसदा को लकवा मारने के कारण मृत्यु हो गई है। शुक्रवार सुबह मृतक का शव गांव पहुंचा। परिजन चेन्नई के कम्पनी का नाम नही बता पा रहे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कम्पनी की ओर से पंद्रह हजार रुपए परिवार को दिया गया है। जिप सदस्य सुनील कुमार मुर्मू ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है की सरकार अधिक से अधिक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारे ताकि लोगों को रोजगार के लिए पलायन ना करना पड़े।

रांची। गुरुनानक देव जी समाज के पथ प्रदर्शक एवं सच्चे आध्यात्मिक गुरु- द्रौपदी मुरमु

Rakesh Kumar | 21 November, 2018 8:04 PM
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रांची। गुरुनानक देव जी समाज के पथ प्रदर्शक एवं सच्चे आध्यात्मिक गुरु थे। मुझे सिक्खों के प्रथम गुरु एवं सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल होकर अपार प्रसन्नता हो रही है। वाहे गुरु की खालसा वाहे गुरु की फतह। माननीया राज्यपाल डॉ द्रोपदी मुरमु ने  रातू रोड रांची कृष्णा नगर काॅलोनी में आयोजित सत्संग में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रही थी।
माननीया राज्यपाल ने कहा कि गुरु नानक जी द्वारा स्थापित सिख धर्म जीवन दर्शन का आधार, मानवता की सेवा, कीर्तन, सत्संग एवं एक सर्वशक्तिमान ईश्वर के प्रति विश्वास है। गुरुनानक देव जी ने हमें जीने की कला सिखाई। एक समाज सुधारक के रुप में गुरु नानक साहब जी ने महिलाओं की स्थिति, गरीबों एवं दलितों की दशा सुधारने के कार्य किये। मैं गुरु जी को नमन करती हंू।
आज के कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री श्री सी0पी0 सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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ऱांची: आदिवासी की  अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कानून बनाया जाए- बारला

NewsCode Jharkhand | 21 November, 2018 8:22 PM
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रांची। पांचवी अनुसूची एवं आदिवासी की  अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कानून बनाया जाए इन सब मांगों को लेकर  राजभवन के समक्ष धरना दयामनी बारला के नेतृत्व में दिया गया दिया  ।
20 मांगों के साथ राज्यपाल महोदया को ज्ञापन सामाजिक कार्यकर्ता दयामणि बरला के नेतृत्व में दिया गया । इस मौके पर दयामणि बारला  ने कहा रघुवर सरकार संविधान का उल्लंघन करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं भारतीय संविधान में हम आदिवासी मूल वासी ग्रामीण किसान समुदाय को पांचवी अनुसूची क्षेत्र में गांव के सीमा के भीतर गांव के बाद जंगल जार बालू की तीव्रता एक-एक इंच जमीन पर ग्रामीणों को मालिकाना हक दिया है ।
यहां के  माइनर मिनिरल्स माइनर फॉरेस्ट प्रोडक्ट पर भी ग्रामसभा का अधिकार है ।इसी पांचवी अनुसूची में पेशा कानून 1996 वन अधिकार कानून 2006 का प्रावधान है ।यही मानकी मुंडा पड़हा व्यवस्था मांझी – परगना खुटकटी अधिकार भी है।
लेकिन राज्य सरकार इंसानों को अनदेखा करके आदिवासी समाज को प्रताड़ित करने का काम कर रही  है। राज्य सरकार अभी तक कुल 4 मोमेंटम झारखंड का आयोजन कर हजारों कारपोरेट कंपनियों तथा पूंजी पतियों के साथ झारखंड के आदिवासी निवासी किसानों के जल जंगल जमीन को उनके हाथ देने का समझौता कर लिया है ।जो पूरी तरह से पांचवी अनुसूची तथा पेसा कानून के प्रावधानों पर ग्रामीणों के अधिकारों पर हमला ही माना जाएगा । वर्तमान में चल रहे रिवीजन सर्वे  जिसके पूर्ण होते ही जिसके आधार पर नया खतियान बनेगा । इसके साथ ही 1932 का खतियान स्वतः निरस्त हो जाएगा। जिससे यहां का आदिवासी मूल राशि किसानों सभी समुदाय के परंपरागत अधिकार समाप्त हो जाएंगे

रांची: स्वस्थ बच्चे व स्वस्थ मां सामाजिक अर्थव्यवस्था की बुनियाद-ऋचा संचिता 

NewsCode Jharkhand | 21 November, 2018 7:56 PM
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रांची। झारखंड आई.ए.एस.ऑफिसर्स  वाइब्स एसोसिएशन (जेसोवा) की सचिव श्रीमती रिचा संचिता ने कहा कि स्वस्थ बच्चे और स्वस्थ मां सामाजिक अर्थव्यवस्था की बुनियाद हैं. इन्हें कुपोषण से बचाने तथा शैक्षिक संस्कार देने के लिए आंगनवाड़ी केंद्र की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है. जेसोवा एक सामाजिक संगठन है जो झारखंड के सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है.

आज जेसोवा के सदस्यों ने अरगोड़ा आंगनवाड़ी केंद्र का भ्रमण किया. जेसोवा के सदस्यों ने आंगनबाड़ी के बच्चों के बीच स्वेटर, टोपी और स्टेशनरी इत्यादि सामग्रियों का वितरण किया. अरगोड़ा आंगनबाड़ी केंद्र पर ही मधुकम आंगनवाड़ी केंद्र की सेविका- सहायिका को वहां के बच्चों के लिए गर्म कपड़े एवं स्टेशनरी आदि वितरित करने हेतु उपलब्ध कराए गए. जेसोवा द्वारा अरगोड़ा आंगनवाड़ी केंद्र को एक वॉल फैन भी दिया गया.

इस अवसर पर जेसोवा की ओर से श्रीमती ऋचा संचिता, श्रीमती मिली सरकार, श्रीमती अमिता खंडेलवाल, श्रीमती मनु झा, श्रीमती स्टेफी टेरेसा मुर्मू तथा रांची जिला के विभिन्न सीडीपीओ और आंगनवाड़ी केंद्रों की सेविका सहायिका सहित आंगनबाड़ी के बच्चे उपस्थित थे.

 

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