तलाक के बाद बीवी ने घर नहीं छोड़ा तो बंद कमरे में एक महीने रखा भूखा-प्यासा, इलाज के दौरान हुई मौत

NewsCode | 11 July, 2018 2:29 PM
newscode-image

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में तीन तलाक से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर रख दिया है। यहां तीन तलाक पीड़िता रजिया की भूख-प्यास से तड़पकर मौत हो गई। आरोप है कि रजिया के पति ने उसे कमरे में बंद करके एक महीने तक भूखा-प्‍यासा रखा। मायके वालों ने सूचना पाकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

दिल्‍ली निवासी उनके पति ने रजिया को फोन पर तलाक दे दिया था। रजिया के परिजनों के मुताबिक इसके बाद नईम बरेली आया और रजिया को बहाना करके अपने साथ ले गया। उसने रजिया को कमरे में बंद करके एक महीने तक भूखा-प्यासा रखा। कई बार उसे लोहे की रॉड से पीटा भी और फिर अपने मामा के घर छिपा दिया।

बेहद गंभीर हालत में रजिया को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में रजिया का लगभग एक महीने से इलाज चल रहा था। उनका एक 6 साल का बेटा भी है। बता दें कि रजिया की शादी 13 साल पहले बस्‍ती जिले के रहने वाले नहीम से हुई थी। रजिया की बहन सारा का आरोप है कि करीब दो महीने पहले शौहर ने रजिया को फोन पर तीन बार तलाक बोला था।

जिया की मौत के बाद किला थाने में दर्ज दहेज उत्पीड़न के एफआईआर को दहेज हत्या में बदल दिया गया है। रजिया की मौत से दुखी उनकी बहन तारा ने बताया कि ससुराल वालों के अलावा नईम का मामू इकबाल भी रजिया की मौत का जिम्मेदार है, क्योंकि उसी के घर में रजिया को भूखा-प्यासा बंधक बनाकर रखा गया था।

केंद्र सरकार ने काटी कन्नी, कहा- सुप्रीम कोर्ट तय करे समलैंगिकता अपराध है या नहीं

जानकारी के मुताबिक, तीन तलाक पीड़िता रजिया की मौत का मामला मेरा हक फाउंडेशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंचा दिया है, संगठन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने बताया कि रजिया के ससुराल वालों पर ठोस कार्रवाई किए जाने और इस तरह के मामलों पर रोक लगाने के लिए आवाज उठाई है।

दिल्ली: फीस जमा न कराने पर 40 बच्चियों को बेसमेंट में किया बंद, दर्ज हुई FIR

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, संवैधानिक रूप से आधार वैध है

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 12:33 PM
newscode-image

लेकिन बैंक और मोबाइल से लिंक करना जरूरी नहीं

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अहम फैसला लिया। केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना आधार को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया है, लेकिन कोर्ट ने यह भी कहा कि आधार को बैंकों और मोबाइल से लिंक करना जरूरी नहीं है। स्कूलों में दाखिले के लिए भी आधार जरूरी नहीं है।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि सर्वश्रेष्ठ होने के मुकाबले अनोखा होना बेहतर है। न्यायमूर्ति ए के सीकरी ने प्रधान न्यायाधीश, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और अपनी ओर से फैसला सुनाते हुये कहा कि आधार के खिलाफ याचिकाकर्ताओं के आरोप संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन पर आधारित है, जिनके कारण राष्ट्र शासकीय निगरानी वाले राज्य में बदल जायेगा।

न्यायालय ने कहा कि आधार के लिए यूआईडीएआई ने न्यूनतम जनांकीकीय और बायोमेट्रिक आंकड़े एकत्र किये है। पीठ ने कहा कि आधार समाज के वंचित तबके को सशक्त बनाता है और उन्हें पहचान देता है। न्यायमूर्ति सीकरी ने फैसले में कहा, डुप्लीकेट आधार कार्ड प्राप्त करने की कोई संभावना नहीं है।

उन्होंने कहा कि फैसले में मानव सम्मान के विचार को विस्तार दिया गया है। न्यायमूर्ति सीकरी ने कहा कि आधार योजना के सत्यापन के लिए पर्याप्त रक्षा प्रणाली है। जितनी जल्दी संभव हो आंकड़ों की सुरक्षा के लिए मजबूत तंत्र बनाया जाये। पीठ ने निजी कंपनियों को आधार के आंकड़े एकत्र करने की अनुमति देने वाले आधार कानून के प्रावधान 57 को रद्द कर दिया है।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

sun

320C

Clear

क्रिकेट

Jara Hatke

Read Also

टुण्डी : लादेन क्लब ने फाइनल मैच में ट्रॉफी पर जमाया कब्जा

Baidyanath Jha | 26 September, 2018 4:43 PM
newscode-image

टुण्‍डी (धनबाद)। बाहा बोंगा क्लब हरिहरपुर ने तीन दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन सोहनद मैदान में किया गया। टूर्नामेंट के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री मथुरा प्रसाद महतो थे। विशिष्ट अतिथि झामुमो के जिला अध्यक्ष रमेश टुडू, जिला परिषद् सदस्य सुनील मुर्मू, रामचन्द्र मुर्मू, अरुणाभ सरकार, हेमन्त कुमार सोरेन, मंटू चौहान थे।

झरिया : सहियाओं का टूटा सब्र का बांध, मुख्‍यमंत्री आवास घेराव का दी चेतावनी

टूर्नामेंट में कुल 32 टीमों ने भाग लिया। फ़ाइनल मैच में टुण्डी की लादेन क्लब टीम विजेता रही। उपविजेता आईसीसी क्लब मारेडिह जामताड़ा की टीम रही। विजेता व उपविजेता टीम में पुरस्‍कार बांटा गया।

टूर्नामेंट को सफल बनाने में क्लब के अध्यक्ष मनोज मुर्मू, सचिव विश्वनाथ बेसरा, संतलाल मराण्डी, बबलू हेम्ब्रम, अतिका मण्डल का सरराहनीय योगदान रहा।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

चक्रधरपुर :  दशरथ गागराई हैैं सिंहभूम से लोस चुनाव के लिए जेएमएम के संभावित प्रत्याशी

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 4:36 PM
newscode-image

चक्रधरपुर । झारखंड मुक्ति मोर्चा के खरसावां  विधायक दशरथ गागराई सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र से सांसद प्रत्याशी के रूप में सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।

2014 में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के कद्दावर नेता अर्जुन मुंडा को खरसावां विधानसभा क्षेत्र में पटखनी देने के बाद दशरथ गागराई सुर्खियों में आए।

इस अप्रत्याशित जीत ने गागराई को राज्य भर में एक अलग पहचान प्रदान की और झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक फायर ब्रांड नेता के रूप में पहचाने जाने लगे। कोल्हान प्रमंडल में इनके चाहने वालों की संख्या काफी तादाद में है।

गठबंधन पर टिकी है उम्मीदवारी की दावेदारी

झारखंड में प्रक्रियाधीन गठबंधन के फलीभूत होने पर ही इनकी उम्मीदवारी सशक्त मानी जाएगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अजय कुमार के चुनाव लड़ने पर ही सिंहभूम सीट झामुमो के खाते में आने की संभावना है।

माना जा रहा है कि गठबंधन होने की स्थिति में दोनों ही दलों को कुछ स्थानों पर समझौते करने पड़ेंगे जिसमें जमशेदपुर और सिंहभूम सीट पर समझौते होने के पूर्ण आसार हैं।

चक्रधरपुर : आकर्षक मन्दिर रूपी पंडाल बना रहा है, श्रीश्री शीतला मन्दिर दुर्गा पूजा समिति

जमशेदपुर में झामुमो की पकड़ काफी मजबूत है, लेकिन डॉक्टर अजय कुमार के चुनाव लड़ने की स्थिति में झारखंड मुक्ति मोर्चा यह सीट कांग्रेस को दे सकती है,उस परिस्थिति में झामुमो सिंहभूम सीट पर अपना दावेदारी प्रस्तुत करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र में झामुमो की पकड़ मजबूत

सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र में मनोहरपुर, चक्रधरपुर, चाईबासा, मझगांव, जगन्नाथपुर एवं सरायकेला विधानसभा क्षेत्र आते हैं। कुल 6 विधानसभा क्षेत्रों में से 5 पर झामुमो का कब्जा है। इस लिहाज से झामुमो इस लोकसभा क्षेत्र में काफी मजबूत स्थिति में है।

2004 में हो चुका है गठबंधन, परिणाम भी अच्छे रहे हैं

झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस का गठबंधन 2004 लोकसभा चुनाव में भी हुआ था जिसमें सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र से बागुन सुंब्रुई एवं जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र से सुनील महतो की अप्रत्याशित जीत हुई थी।

इस बार भी वैसे ही परिणाम आने के संकेत हैं। बस सीटों की अदला- बदली होनी बाकी हैं।

1991 में सिंहभूम सीट पर झामुमो का कब्जा रहा

1991 में हुए लोकसभा चुनाव में कृष्णा मार्डी सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए थे।उस समय गठबंधन नहीं था और वे सिंहभूम से झामुमो के पहले सांसद बने ।

 सिंहभूम लोकसभा सीट को लेकर दशरथ गागराई सबसे अधिक सुर्खियों में

सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र के लिए दशरथ गागराई उर्फ़ कृष्णा गागराई का नाम सबसे अधिक चर्चा में बना हुआ है। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी के सीटिंग विधायक में से ही लोकसभा चुनाव का प्रत्याशी तय होना है।

हेमंत सोरेन ने दिया है निर्देश, करें चुनाव की तैयारी

झामुमो के सूत्र बताते हैं कि विधायक दशरथ गागराई को लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए पूर्व मुख्यमंत्री व पार्टी के उपाध्यक्ष हेमंत सोरेन ने निर्देश दिया है। इस संबंध में प्रथम दौर की बैठक हेमंत सोरेन के साथ हो चुकी है।

सरकार की गलत नीतियों का मिलेगा लाभ

सीएनटी-एसपीटी एक्‍ट मेें संशोधन का प्रयास, भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक, गलत स्थानीय एवं नियोजन नीति के कारण कोल्हान प्रमंडल में उबाल की स्थिति है।

दशरथ गागराई इन गलत नीतियों को जनता के बीच में बहुत ही सहज और सरल तरीके से प्रस्तुत कर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब हो रहे हैं।

इनका व्यक्तित्व भी काफी प्रभावशाली है। आदिवासी- गैर आदिवासी, अल्पसंख्यक सभी समुदाय के लोग इन्हें समान रूप से महत्व देते हैं।

जनहित से जुड़े मामलों के निष्पादन में त्वरित कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं

दशरथ गागराई का काम करने का स्टाइल सबसे अलग है। मामले की गंभीरता को समझते हुए किसी भी समस्या के समाधान में ये गहरी रुचि रखते हैं।

समस्या छोटी हो या बड़ी तुरंत संबंधित अधिकारियों को फोन पर कार्रवाई हेतु निर्देश देना इनके कार्य शैली का एक हिस्सा है। आवश्यकता पड़ने पर ये पंचायत सेवक से लेकर मुख्य सचिव तक को फोन लगा देते हैं।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

More Story

more-story-image

कटकमसांडी : न्यूज़कोड की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह का...

more-story-image

जमशेदपुर : छुुुुट्टी मांगी, न‍हीं मिली, गर्भावस्‍था के पांंचवें माह...