टोयोटा इटियॉस प्लेटिनम एडिशन लॉन्च, कीमत 7.84 लाख रूपए

NewsCode | 5 March, 2018 11:36 PM
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टोयोटा ने इटियॉस सेडान का प्लेटिनम एडिशन लॉन्च किया है। इसके पेट्रोल वेरिएंट की कीमत 7.84 लाख रूपए और डीज़ल वेरिएंट की कीमत 8.94 लाख रूपए (एक्स-शोरूम, दिल्ली) रखी गई है। प्लेटिनम एडिशन को वीएक्स वेरिएंट पर तैयार किया गया है। यह स्टैंडर्ड वेरिएंट से करीब 15000 रूपए महंगी है। इसका मुकाबला हुंडई वरनाहोंडा सिटी और मारूति सियाज़ से होगा।

Toyota Yaris

टोयोटा इटियॉस प्लेटिनम एडिशन को नए फैंटम ब्राउन कलर में उतारा गया है। इस में पर्ल व्हाइट और सिल्वर कलर का विकल्प भी रखा गया है। सबसे बड़ा बदलाव केबिन में हुआ है। केबिन में ड्यूल-टोन आर्टिफिशियल लैदर सीटें दी गई हैं। इसके अलावा रियर आर्मरेस्ट को भी नए सिरे से डिजायन किया गया है।

इस में नया 6.8 इंच टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट सिस्टम लगा है, जो ऑक्स-इन, यूएसबी और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी सपोर्ट करता है। इस में वॉइस रिकॉगनिशन और रिमोट कंट्रोल की सुविधा भी दी गई है।

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एपल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो की चाहत रखने वालों को ये निराश कर सकती है।

प्लेटिनम एडिशन में मौजूदा मॉडल वाले पेट्रोल और डीज़ल इंजन दिए गए हैं। पेट्रोल वेरिएंट में 1.5 लीटर का 4-सिलेंडर इंजन लगा है, जो 89 पीएस की पावर और 132 एनएम का टॉर्क देता है। डीज़ल वेरिएंट में 1.4 लीटर डी-4डी इंजन लगा है, जो 68 पीएस की पावर और 170 एनएम का टॉर्क देता है। दोनों इंजन 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स से जुड़े हैं।

पितृ पक्ष 2018: श्राद्ध क्रिया में इन खास बातों का रखें ख्याल

NewsCode | 23 September, 2018 5:27 PM
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हिंदू कर्मकांड में श्रद्धा और मंत्र के मेल से पूर्वपुरुषों (पितरों) की आत्मा की तृप्ति के निमित्त जो विधि होती है उसे श्राद्ध कहते हैं। हमारे जिन सगे-संबंधियों का देहांत हो गया है, वे पितृलोक में या यत्र-तत्र विचरण करते हैं, उनके लिए पिंडदान किया जाता है। बच्चों एवं संन्यासियों के लिए पिंडदान नहीं किया जाता। गणेश विसर्जन और अनंत चतुर्दशी के बाद शुरू होते हैं श्राद्ध। हर साल श्राद्ध भाद्रपद शुक्लपक्ष पूर्णिमा से शुरू होकर अश्विन कृष्णपक्ष अमावस्या तक चलते हैं।

अगर पंडित से श्राद्ध नहीं करा पाते तो सूर्य नारायण के आगे अपने दोनों हाथ ऊपर करके ये बोलें : “हे सूर्य नारायण ! मेरे पिता (नाम), अमुक (नाम) का बेटा, अमुक जाति (नाम), (अगर जाति, कुल, गोत्र नहीं याद तो ब्रह्म गोत्र बोल दें) को आप संतुष्ट/सुखी रखें। इस निमित्त मैं आपको अर्घ्य व भोजन करता हूं।” इसके पश्चात् आप भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और भोग लगायें।

 इन बातों का रखें खास ख्याल –

– श्राद्ध में कपड़े और अनाज दान करना ना भूलें। इससे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

– बताया जाता है कि श्राद्ध दोपहर उपरांत ही किया जाना चाहिए। जानकारों के अनुसार जब सूर्य की छाया पैरों पर पड़ने लगे तो श्राद्ध का समय हो जाता है। दोपहर या सुबह में किये गए श्राद्ध का कोई मतलब नहीं होता है।

– जिस दिन श्राद्ध करना हो उससे एक दिन पूर्व ही उत्तम ब्राह्मणों को निमंत्रण दे दें। परंतु श्राद्ध के दिन कोई अनिमंत्रित तपस्वी ब्राह्मण घर पर पधारें तो उन्हें भी भोजन कराना चाहिए।  ब्राह्मण भोज के वक्त खाना दोनों हाथों से परोसें, एक हाथ से खाने को पकड़ना अशुभ माना जाता है।

– श्राद्ध के दिन घर में सात्विक भोजन ही बनना चाहिए। इस दिन खाने में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल  नहीं होना चाहिए। गौर करने वाली बात यह भी है कि पितरों को जमीन के नीचे पैदा होने वाली सब्जियां नहीं चढ़ाई जाती हैं। इनमें अरबी, आलू, मूली, बैंगन और अन्य कई सब्जियों शामिल हैं।

– पूरे विधान में मंत्र का बड़ा महत्व है। श्राद्धकर्म में आपके द्वारा दी गयी वस्तु कितनी भी बेशकीमती क्यों न हो, आपके द्वारा यदि मंत्र का उच्चारण ठीक न हो तो काम व्यर्थ हो जाता है। मंत्रोच्चारण शुद्ध होना चाहिए और जिसके निमित्त श्राद्ध करते हों उसके नाम का उच्चारण भी शुद्ध करना चाहिए।

– श्राद्ध के दिन अपने पितरों के नाम से ज्यादा से ज्यादा गरीबों को दान करें।

– पिंडदान करते वक्त जनेऊ हमेशा दाएं कंधे पर रखें।

 पिंडदान करते वक्त तुलसी जरूर रखें।

– कभी भी स्टील के पात्र से पिंडदान ना करें, बल्कि कांसे या तांबे या फिर चांदी की पत्तल इस्तेमाल करें।

– पिंडदान हमेशा दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके ही करें।

– पिता का श्राद्ध बेटा ही करे या फिर बहू करे। पोते या पोतियों से पिंडदान ना कराएं।

– श्राद्ध करने वाला व्यक्ति श्राद्ध के 16 दिनों में मन को शांत रखें।

– श्राद्ध हमेशा अपने घर या फिर सार्वजनिक भूमि पर ही करे। किसी और के घर पर श्राद्ध ना करें।


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गोमिया : आजसू पार्टी के प्रति लोगों का विश्वास व भरोसा बरकरार- डॉ लंबोदर महतो 

NewsCode Jharkhand | 24 September, 2018 9:52 AM
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गोमिया (बोकारो)। आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव डॉ. लंबोदर महतो में आस्था व्यक्त करते हुए  कंडेर पंचायत  के दर्जनों लोगों ने आजसू पार्टी का दामन थामा। शिव मंदिर के समीप आयोजित मिलन समारोह में आजसू पार्टी में आये लोगों को डॉ. लंबोदर महतो ने बारी -बारी से माला पहनाकर स्वागत किया और आजसू पार्टी की सदस्यता दिलायी।

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इस दौरान डॉ. लंबोदर महतो ने कहा कि  जो लोग आज आजसू पार्टी में आये हैं। उनके आने से  पार्टी संगठन को नयी ताकत मिली है। लोगों का विश्वास एवं भरोसा आजसू पार्टी के प्रति बरकरार और इससे यह स्पष्ट है कि आने वाले चुनाव में आजसू पार्टी का परचम लहरायेगा। यहां के लोग इस बात को जान व समझ चुके हैं  कि आजसू पार्टी ही सुख-दुख का साथी है।

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आजसू पार्टी का दामन थामने वालों में तपेश्वर महतो, गंगा राम महतो ,चमन मुंडा ,गिरधारी महतो कुलेश्वर महतो  बिगु महतो, झलू मुंडा, संतोष कुमार महतो,  जलेश्वर महतो ,पलटू मुंडा, रोशन महतो, हीरालाल महतो ,बूटन महतो , सिद्धेश्वर महतो, संतोष मुंडा, मंगल मिस्त्री, सियो महतो, डालेश्वर महतो ,उमेश महतो, बसंत मुंडा, राजकिशोर मुंडा, दीपक मुंडा, संतोष मुंडा, कमल मुंडा ,गोविंद मुंडा, दूरेश महतो एवं भुनेश्वर महतो आदि के नाम शामिल है। मिलन समारोह में बड़ी संख्या में  विभिन्न गांव के लोग उपस्थित थे।

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 गोमिया : बहुजन संघर्ष मोर्चा की गंझूडीह शाखा कमेटी की गई गठित

NewsCode Jharkhand | 24 September, 2018 9:45 AM
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गोमिया (बोकारो)। गंझूडीह गांव में  गंदौरी राम  की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। जिसमें बहुजन संघर्ष मोर्चा के शाखा का गठन किया गया। बैठक में देश के अंदर मौजूदा घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा किया गया। चर्चा में भाग लेते हुए मोर्चा के बाबूलाल रविदास गौरीशंकर दास,  मुखिया चंदरदीप पासवान  ने  अपना विचार रखे।

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अंत में बहुजन संघर्ष मोर्चा के गंझूडीह  ग्राम  शाखा का गठन किया गया। सर्वसम्मति से शाखा के अध्यक्ष शरवन राम,  उपाध्यक्ष रामदेव  राम,  सचिव शंभू राम,  उपसचिव विनोद राम एवं कोषाध्यक्ष बासदेव राम, चुने गए। इसके अलावा कार्यकारिणी के 21 सदस्य  मनोनीत किये  गए। बैठक में सुनील राम,  सुधीर कुमार,  राजेश राम, संजय राम,  विनोद राम, कार्तिक राम, दशरथ राम, अर्जुन राम, बंगाली राम, रामदास राम, संतोष राम, शशि कांत, टारजन राम, सागर कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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