थाईलैंड की गुफा में फंसे 12 फुटबॉल खिलाड़ी 9 दिनों बाद मिले जिंदा

NewsCode | 3 July, 2018 12:42 PM
newscode-image

नई दिल्ली। थाईलैंड की गुफा थैम लुआंग में 10 दिन से फंसे जूनियर फुटबॉल टीम के 12 खिलाड़ियों और उनके कोच को ब्रिटिश गोताखोरों ने सोमवार शाम खोज निकाला। ये सभी जिंदा हैं। बच्चे अंडर-16 फुटबॉल टीम के सदस्य हैं। इनकी उम्र 11 से 16 साल के बीच है। इनके साथ 25 साल के कोच भी हैं।

दरअसल, सभी अभ्यास मैच के बाद गुफा घूमने गए थे। तभी बारिश और बाढ़ से बचने के लिए इन्होंने 10 किमी लंबी गुफा में शरण ली थी, लेकिन पानी बढ़ने से गुफा का रास्ता बंद हो गया था। हालांकि, अभी रेस्क्यू टीम इन तक नहीं पहुंच पाई है। उम्मीद है कि जल्द ही इन्हें निकाल लिया जाएगा।

थाम लुआंग गुफा में इस टीम के लापता होने के बाद बड़े स्तर पर तलाशी अभियान जारी था। माना जा रहा था कि भारी बारिश से गुफा के मुख्य मार्ग में बाढ़ आ गई जिससे फुटबॉल खिलाड़ी उसमें फंस गए। टीम को तलाश करने वालों को गुफा के प्रवेश के पास खिलाड़ियों की साइकल, फुटबॉल बूट्स और बैकपैक्स मिले थे।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान थाइलैंड नेवी सील्स की टीम खिलाड़ियों के हाथ और पैरों के निशानों को देखते हुए आगे बढ़ी। इससे पहले थाइलैंड नेवी सील्स ने फेसबुक पोस्ट में बताया कि बीती रात गोताखोर एक मोड़ पर पहुंच गए थे जहां एक किलोमीटर लंबा मार्ग दो दिशाओं में बंटता है।

चियांग राय के गवर्नर नारोंगसाक ओसोटानाकोर्न ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि आज हमारे लिए अच्छा दिन होगा। अगर यह सब कुछ ठीक ढंग से चलता है तो यह बेहतर होगा।” अभी तक कड़े प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय मदद के बावजूद उनके लापता होने के बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। मॉनसून की बारिश ने गलियारों को बाधित कर बचाव कार्य को और अधिक मुश्किल बना दिया है।

सुनंदा पुष्कर मर्डर केस: अग्रिम जमानत याचिका के लिए कोर्ट पहुंचे कांग्रेस नेता शशि थरूर

म्यामांर और लाओस के साथ लगी थाईलैंड की सीमाओं में मौसम के बेहतर होने से गोताखोर थाम लोंग की गुफा में 10 किलोमीटर अंदर तक जा पाएंगे। फुटबॉल टीम के प्रमुख कोच नोपपरात खानथावोंग ने कहा कि वह काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं क्योंकि कई अच्छे संकेत मिले हैं। उन्होंने कहा, “बारिश रुक गई है और बचाव दल को गुफा में जाने के कई संभव मार्ग मिले हैं।”

वट वृक्ष और 11 नंबर से जुड़ा 11 मौतों का राज, बेटे के शरीर में आती थी बाप की ‘आत्मा’

 

14 साल के प्रियांशु का बड़ा कारनामा- एक पारी में ठोके 556 रन, जड़े 98 चौके

NewsCode | 1 November, 2018 4:32 AM
newscode-image

नई दिल्ली। 14 साल के एक किशोर ने जूनियर क्रिकेट में तहलका मचा दिया है। इस बल्लेबाज ने बिना आउट हुए 556 रन की मैराथन पारी खेल डाली। मंगलवार को डीके गायकवाड़ अंडर-14 क्रिकेट टूर्नामेंट में बड़ौदा के प्रियांशु मोलिया ने 556 रनों की तूफानी पारी खेली है। मोहिंदर लाला अमरनाथ क्रिकेट एकेडमी की ओर से खेलते हुए प्रियांशु ने अपनी पारी में 98 चौके जड़े। प्रियांशु की इस पारी से अमरनाथ एकेडमी ने योगी क्रिकेट एकेडमी को पारी और 690 रनों से रौंदा।

बैटिंग से पहले प्रियांशु ने गेंदबाजी में भी जलवा बिखेरते हुए चार विकेट चटकाए थे। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत योगी अकादमी मैच के पहले दिन केवल 52 रन पर ही ढेर हो गई थी। इसके बाद मोहिंदर लाला अमरनाथ अकादमी ने प्रियांशु की बल्लेबाजी की बदौलत पूरे मैच पर ही अपना कब्जा कर लिया।

प्रियांशु ने अपनी नाबाद 556 रन की पारी के लिए 319 गेंद खेलीं। उन्होंने 98 चौके और 1 छक्का लगाया, जिसकी बदौलत उनकी टीम ने चार विकेट पर 826 का पहाड़ सरीखा स्कोर खड़ा किया। इसके बाद योगी एकेडमी की दूसरी पारी 84 रनों पर ढेर हुई। प्रियांशु ने अपनी ऑफ स्पिन के सहारे दूसरी पारी में भी विकेट चटकाए।

इस पारी से पहले तक प्रियांशु का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 254 रन था, जो उन्होंने इसी टूर्नामेंट में पिछले साल बनाया था। पारी के बाद प्रियांशु ने कहा कि मैं अपने स्वाभाविक खेल खेल रहा था क्योंकि गेंदबाजी आक्रमण काफी अच्छा था। यह संतोषजनक पारी थी। हालांकि मैं चार-पांच मौकों पर बीट भी हुआ।

बता दें कि साल 1983 विश्व कप के फाइनल के मैन ऑफ द मैच रहे मोहिंदर अमरनाथ खुद प्रियांशु के लिए मेंटोर की भूमिका निभाते हैं। मोहिंदर का प्रियांशु की प्रतिभा में बहुत ही ज्यादा भरोसा है। मोहिंदर अमरनाथ ने खुद प्रियांशु की तारीफ करते हुए कहा, ‘ मैंने उसे पहली बार जब देखा, तो मुझे पता था कि मैं कुछ खास देख रहा हूं। वह प्रतिभावान है और समय के साथ मौके मिलते रहने से उसमें काफी निखार आएगा। मुझे उसका जुनून पसंद है।’

गौरतलब है कि हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम में जगह पाने वाले युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ 14 साल की उम्र में 546 रनों की पारी खेल कर सुर्खियों में आए थे और अब प्रियांशु ने अपने प्रदर्शन से सबको चौंकाया है।


पहले टेस्ट में ही पृथ्वी शॉ ने ठोका शानदार शतक, बना डाले ये रिकॉर्ड

रोहित शर्मा बने ‘सिक्सर किंग’, छक्कों से तोड़ दिया सचिन का रिकॉर्ड

sun

320C

Clear

Jara Hatke

Read Also

रांची: कांठीटांड़-कांके-विकास तक रिंग रोड 10 साल बाद बन कर हुआ तैयार

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:45 PM
newscode-image

10 साल बाद छह लेन वाले रिंग रोड फेज-7 का काम पूरा

रांची । करीब 10 साल के इंतजार के बाद रांची रिंग रोड सेक्शन सेवन बन कर तैयार हो गया है। छह लेन वाली 23.575 किमी लंबी इस सड़क पर गाड़ियां भी दौड़ने लगी हैं। यह रिंग रोड रांची-डालटनगंज मुख्य मार्ग (एनएच 75) पर कांठीटांड़ से शुरू होकर कांके रोड होते हुए रांची-रामगढ़ मुख्य मार्ग (एनएच 33)  पर विकास (नेवड़ी) से मिलता है। यानी दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उच्च पथ एनएच 75 व एनएच 33 को यह जोड़ रहा है।

इस सड़क के बन जाने से बड़ी संख्या में गाड़ियां रांची शहर रातू रोड-बरियातू रोड में प्रवेश नहीं करेंगी, बल्कि रिंग रोड के सहारे निकल जायेंगी। इसका औपचारिक उदघाटन जल्द होगा. इस सड़क का निर्माण आइएलएफएस व पथ निर्माण विभाग की ज्वायंट वेंचर कंपनी झारखंड त्वरित पथ विकास कंपनी लिमिटेड (जेएआरडीसीएल) ने कराया है।

रिंग रोड के सेक्शन थ्री, फोर, फाइव व सिक्स का निर्माण भी इसी कंपनी  के माध्यम से कराया गया है।  रिंग रोड सेक्शन -7 (एक नजर में)  सड़क की लंबाई 23.575 किमी कहां से कहां तक कांठीटांड़ से नेवड़ी सड़क की चौड़ाई  छह लेन (30.5 मीटर) निर्माण पर खर्च 452 करोड़ (लगभग) काम करानेवाली कंपनी आइएलएफएस बड़े पुलों की संख्या 3 छोटे पुलों की संख्या 6 फ्लाइओवर की संख्या 01 अंडर पास की संख्या 7 रेलवे ओवर ब्रिज 01 कलवर्ट की संख्या 53 बस पड़ाव की संख्या 16 इस रोड के बन जाने से खास कर बड़े वाहनों व लंबी दूरी वाली गाड़ियां शहर में नहीं घुसेंगी।

बड़ी गाड़ियां शहर में घुस कर लंबे समय तक जाम में फंसी रहती हैं और ईंधन भी अत्यधिक बर्बाद होता है। अब ऐसा नहीं होगा. शहर की मुख्य सड़कों  पर से थोड़ा ट्रैफिक कम होगा। रिंग रोड के माध्यम से 23.5 किमी की दूरी तय करने में अधिकतम 20 मिनट का ही समय लगेगा, जबकि शहर के अंदर घुस कर इतनी दूरी तय करने में एक घंटे का समय लग रहा था. वहीं बड़े वाहनों के साथ नो इंट्री की भी बाध्यता नहीं रहेगी. वे 24 घंटे चल सकेंगे।

रिंग रोड सेक्शन सेवन का शिलान्यास वर्ष 2008 में हुआ था। इसके बाद इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ। जिस कंपनी को काम मिला था, उसने इसे पूरा नहीं कराया। काम आधा-अधूरा रह गया था। ऐसे में सरकार ने उसका एग्रीमेंट रद्द कर दिया था। इस दौरान लंबे समय तक काम बंद रहा। बाद में इसका काम जेएआरडीसीएल को दिया गया।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.) 

बोकारो : सॉर्ट सर्किट से लगी आग, घर जलकर खाक

NewsCode Jharkhand | 13 November, 2018 1:34 PM
newscode-image

बोकारो। बिजली के तार में हुए सॉर्ट सर्किट से आग लग गई इस आग की घटना में पूरा घर जलकर खाक हो गया। इस आग लगी से एक लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद ग्रामीणों के द्वार आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया लेकिन स्थानीय जिला परिषद के प्रतिनिधि की सूचना पर पहुँची  दमकल की गाड़ी ने आग पर काबू पाया।

आज सुबह चास प्रखण्ड के सोनाबाद पंचायत स्थित गांव आमडीहा टोला बंधुडीह के फूलचंद माहतो के कच्चे मकान में सौभाग्य योजना के तहत बिजली का कनेक्सन तार में अचानक के सर्ट सर्किट में आग लग गई।

इस आगलगी की घटना के बाद घर में रखे पुआल में आग लग गई। इसके बाद आग की तेज लपटों ने पूरे घर को पूरी तरह से जलाकर खाक कर दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू करने का प्रयास किया।स्थानीय लोगों की सूचना पर जिला परिषद संजय कुमार के प्रतिनिधि नरेश माहतो ने दमकल विभाग को इसकी जानकारी दी।

मौके पर पहुँची दमकल की एक गाड़ी ने आग पर काबू पाया। इस आग की घटना में घर में  रखा पुआल, कपड़े, अनाज, नकदी समेत अन्य कागजात जल कर खाक हो गया। मौके पर पहुँची पिंडराजोड़ा थाना पुलिस ने घटना स्थल का जायजा लिया।

जिला परिषद संजय कुमार ने इस घटना की जानकारी चास अंचलाधिकारी वन्दन सेजवालकर को दी और पीड़ित को अर्थित सहायता देने की बात कही।सीओ ने कर्मचारी को मौके पर पहुँच नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.) 

More Story

more-story-image

रांची : स्थापना दिवस- नव चयनित शिक्षक ड्रेस कोड में...

more-story-image

रांची : स्थापना दिवस- राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू होंगी चीफ गेस्ट

X

अपना जिला चुने