थाईलैंड: 17 दिन बाद फुटबॉल टीम के सभी खिलाड़ी आए बाहर, भारत का रहा अहम योगदान

NewsCode | 10 July, 2018 6:14 PM
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नई दिल्ली। थाईलैंड की गुफा में पिछले 18 दिनों से फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इसके साथ ही गुफा के अंदर फंसे 12 नन्हें फुटबॉलरों एवं उनके कोच को बचाने की मुहिम अब खत्म हो गई है। उत्तरी थाईलैंड की बाढ़ग्रस्त गुफा में फंसे बच्चों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान छेड़ा गया था।

बता दें कि उत्तरी थाईलैंड की एक बाढ़ग्रस्त गुफा में से चार और बच्चों को सोमवार को बाहर निकाल लिया गया था। गुफा में 12 बच्चे और उनके फुटबॉल कोच बीते दो सप्ताह से भी अधिक समय से फंसे हुए थे। जिनमें से अब तक 10 बच्चों को बचाया जा चुका था।

गोताखोरों ने ऐसे निकाला बच्चों को

एक बच्चे को निकालने का जिम्मा दल के दो गोताखोरों पर था। पहला गोताखोर गाइड के रोल में था, जो एक रस्सी के सहारे बच्चों के फंसने वाली जगह से गुफा के मुहाने तक जुड़ा था। दूसरे गोताखोर के साथ बच्चा एक अलग रस्सी से कनेक्ट था। इस बच्चे को फुल मास्क और वेट सूट में लाया गया। उसका ऑक्सीजन सिलेंडर गोताखोर के पास था। ये गोताखोर साथी गाइड गोताखोर की रस्सी की मदद से बच्चे को बाहर तक लेकर आया। ऑपरेशन को केव मेज-बॉटलनेक नाम दिया गया।

3.2 किलोमीटर दूर फंसे थे बच्चे

गुफा के मुख्य निकास से बच्चों के फंसे होने की जगह 3.2 किलोमीटर दूर थी। इसमें कुछ हिस्सों में पानी था, जिसमें देख पाना मुश्किल था। इसके अलावा संकरे रास्ते अभियान में बड़ी रुकावट थे। थाईलैंड के अलावा अमेरिका, चीन, जापान, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के 90 गोताखोर बचाव कार्य में लगे थे। एक हजार से ज्यादा जवान और एक्सपर्ट इस अभियान में मदद कर रहे थे।

13 लोगों को बचाने में भारत का था अहम योगदान

अभियान के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि टीम से जुड़ने से पहले कोच एक बौद्ध भिक्षु थे और उन्‍होंने योग सीखा हुआ है। गुफा के अंदर पूरी दुनिया से दूर पानी से घिरे बच्‍चों का मनोबल बनाए रखने के लिए कोच ने योग का ही सहारा लिया। उन्‍होंने आगे बताया कि थाईलैंड को बौद्ध धर्म की शिक्षा सैकड़ों साल पहले भारत से ही मिली थी जब भगवान बुद्ध वहां गए थे। बच्‍चों को सुरक्षित बचाने में कोच का योग ज्ञान काम आया और इसके लिए उन्‍होंने भारत का शुक्रिया अदा किया।

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शाही दूतावास के डिप्‍टी चीफ ने यह भी बताया कि बच्‍चों के फंसने के बाद से उन्‍हें भारतीयों की ओर से हजारों की संख्‍या में मैसेज मिले हैं, जिनमें बच्‍चों की सुरक्षा की दुआ मांगी गई है। उन्‍होंने कहा कि अभियान में भारत की भूमिका को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

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IND vs AFG : टॉस का सिक्का उछालते ही कैप्टन धोनी ने पूरी कर ली अपनी डबल सेंचुरी

NewsCode | 25 September, 2018 5:55 PM
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नई दिल्ली। दुबई में चल रहे एशिया कप के सुपर-4 मुकाबले के अंतिम मैच में अफगानिस्तान ने मंगलवार को भारत के खिलाफ टॉस जीत कर बल्लेबाजी का फैसला किया। टॉस के वक्त भारतीय प्रशंसकों के लिए महेंद्र सिंह धोनी खुशखबरी लेकर आए। खुशखबरी ऐसी कि शुरू में तो किसी को इस बात का यकीन ही नहीं हुआ, लेकिन यह सच साबित हुआ। दरअसल, धोनी इस मैच में टीम इंडिया की कप्तानी कर रहे हैं और अफगानिस्तान के खिलाफ इस मैच में टॉस के लिए पहुंचे। टॉस का सिक्का उछालते ही धोनी ने वनडे में अपनी कप्तानी की डबल सेंचुरी पूरी कर ली।

एशिया कप के फाइनल में स्थान पक्का कर चुकी टीम इंडिया ने इस मैच में रोहित शर्मा को आराम दिया और धोनी को अपने 200वें वनडे में कप्तानी का मौका दिया गया।

बता दें कि 37 साल के धोनी ने 696 दिनों के बाद टीम इंडिया की कप्तानी संभाली है। 2017 में धोनी ने कप्तानी (सीमित ओवरों के प्रारूप से) छोड़ने का फैसला किया था और इसके बाद ही विराट कोहली को अपना उत्तराधिकारी बनाने का रास्ता बनाया।

इस मैच में भारतीय टीम में पांच बदलाव किए। नियमित कप्तान रोहित शर्मा और उपकप्तान शिखर धवन, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह और युजवेंद्र चहल को विश्राम दिया गया है। तेज गेंदबाज दीपक चाहर अपने वनडे करियर का आगाज करने का मौका मिला। टीम में लोकेश राहुल, मनीष पांडे, खलील अहमद और सिद्धार्थ कौल को अंतिम 11 में जगह मिली है।

इस मैच से पहले तक भारतीय कप्तानों का वनडे रिकॉर्डः TOP-7

1. एमएस धोनी (2007-2018) 199 मैच, 110 जीते, 74 हारे

2. मो. अजहरुद्दीन (1990-1999) 174 मैच, 90 जीते, 76 हारे

3. सौरव गांगुली (1999-2005) 146 मैच, 76 जीते, 65 हारे

4. राहुल द्रविड़ (2000-2007) 79 मैच, 42 जीते, 33 हारे

5. कपिल देव (1982-1987) 74 मैच, 39 जीते, 33 हारे

6. सचिन तेंदुलकर (1996-2000) 73 मैच, 23 जीते, 43 हारे

7. विराट कोहली (2013-2018) 52 मैच, 39 जीते, 12 हारे


 

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जमशेदपुर : हल्दीपोखर में ‘ स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत निकली स्‍वच्‍छता रैली

NewsCode Jharkhand | 25 September, 2018 7:02 PM
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जमशेदपुर। पोटका के हल्दीपोखर में ‘ स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत आँगनबाड़ी केन्द्र कुम्हारपाड़ा से हल्दीपोखर बाजार तक रैली निकाली गई, जिसमें सीडीपीओ दुर्गेश नन्दिनी, पंचायत समिति सदस्य  सम्पा रजक, ग्राम प्रधान मो असलम शामिल थे।

 

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जमशेदपुर : अभाविप छात्राओं संग मारपीट करने वालों की जल्द हो गिरफ्तारी-भाजपा जिलाध्यक्ष

पत्रकार शंकर गुप्ता,  अनूप, राकेश मिश्रा, महिला पर्यवेक्षिकाआओं में अर्चना कुमारी लिन्डा, अनुराधा शर्मा, प्रियंका सिंह, दानगी सोरेन, दीपिका जोजोवार, सेविकाओं बंदिता विश्वास, टिंकू मंडल बबिता प्रमाणिक एवं सहायिकाओं ने ग्रामीणों के साथ मिलकर झाड़ू लगायेेे।

आस – पास के नागरिकों एवं दुकानदारों को कूड़े- कचड़े को कूड़ेदान में डालने का अनुरोध किया गया। रैली से पूर्व स्वच्छता शपथ दिलाई गई।

 

 

गर्भवती, धात्री महिलाआओं एवं किशोरीयों को पोषण एवं मासिक चक्र में साफ – सफाई संबंधित जानकारियाँ दी गईं एवं आयरन गोलियों का सेवन करने से होने वाले फायदों के बारे में बताया गया।

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चतरा : गैरमजरूआ भूमि से सरकारी विद्यालय हटाने का निर्देश

NewsCode Jharkhand | 25 September, 2018 6:58 PM
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अंचल अधिकारी ने विद्यालय के सचिव को भेजा नोटिस

चतरा। इटखोरी प्रखंड स्थित गैरमजरूआ भूमि पर संचालित उत्क्रमित मध्य विद्यालय चक्रवार के विद्यालय भवन को हटाने का सरकारी फरमान जारी किया गया है। इस सिलसिले में अंचल कार्यालय इटखोरी के द्वारा विद्यालय के सचिव मनीष कुमार सिन्हा को नोटिस भेजा गया है। अंचल कार्यालय के द्वारा भेजे गए नोटिस से विद्यालय प्रबंधन समिति के साथ विद्यार्थी एवं अभिभावक काफी चिंतित है।

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विद्यालय के सचिव सह प्रधानाध्यापक मनीष कुमार सिन्हा ने बताया कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय चक्रवार के भवन का निर्माण वर्ष 1978 में हुआ था। उस वक्त यह विद्यालय प्राथमिक विद्यालय था। पचास वर्ष पूर्व बनाया गया विद्यालय भवन का कमरा आज भी वहां मौजूद है।

विद्यालय का भवन बन जाने के बाद से लेकर आज तक नियमित रूप से इस विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। अब उन्हें अंचल कार्यालय के द्वारा नोटिस भेजकर गैरमजरूआ जमीन से विद्यालय को हटाने का निर्देश दिया गया है। इसकी जानकारी विद्यालय के सचिव ने अपने वरीय विभागीय अधिकारियों को भी दे दी है।

क्या कहते हैं अंचल अधिकारी

इस सिलसिले में इटखोरी के अंचल अधिकारी अनूप कच्छप का कहना है कि चक्रवार उत्क्रमित मध्य विद्यालय के सचिव को जो नोटिस भेजा गया है वह पुराना नोटिस था। फिलहाल अंचल के द्वारा कार्रवाई को स्थगित किया गया है। संबंधित जमीन को चिन्हित कर मापी कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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