‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के इस मशहूर एक्टर का निधन, बिहार के गांव से पहुंचे थे मुंबई

NewsCode | 9 July, 2018 4:11 PM
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मुंबई। छोटे पर्दे का सबसे मशहूर कॉमेडी सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में डॉक्टर हंसराज हाथी का रोल न‍िभाने वाले एक्टर कव‍ि कुमार आजाद का न‍िधन हो गया है। अपने शानदार अभिनय से लाखों लोगों को हंसाने वाले कलाकार कव‍ि कुमार आजाद की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई है।

कवि कुमार काफी समय से छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक सक्रिय थे और लंबे वक्त से इस शो में जुड़े हुए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सोमवार को महाराष्ट्र के मीरा रोड वॉकहार्ट हॉस्पिटल में हार्टअटैक से निधन हो गया है।

बताया जा रहा है कि कवि कुमार आजाद का जिस वक्त दिल का दौरा पड़ा वे घर पर थे। कवि कुमार के निधन की जानकारी आरजे आलोक ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘महाराष्ट्र के मीरा रोड वॉकहार्ट हॉस्पिटल में डॉ. हंसराज हाथी का हार्टअटैक से निधन हो गया है।’

बिहार के रहने वाले कवि कुमार आजाद ने फिल्मों में भी किया काम

एक्टर की मौत से टीवी इंडस्ट्री को बहुत बड़ा झटका लगा है। मीड‍िया रिपोर्ट के मुताबिक एक्टर ने 2010 में अपना 80 किलो वजन सर्जरी से कम किया था। इस सर्जरी के बाद उन्हें रोजाना की ज‍िंदगी में काफी आसानी हो गई थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “मुझे खुशी है कि लोगों ने मुझे मेरे किरदार के लिए पसंद किया।”

बताने की जरूरत नहीं कि “तारक मेहता का उल्टा चश्मा” की वजह से ही कवि कुमार आजाद की पहचान घर-घर में हुई। कवि कुमार ने आमिर खान की फिल्म ‘मेला’ और परेश रावल के साथ फिल्म ‘फंटूश’ जैसी कई फिल्मों में काम किया।

डॉक्टर हंसराज हाथी का किरदार निभाने वाले कवि कुमार आजाद मूलरूप से बिहार के सासाराम स्थित गौरक्षणी के रहने वाले थे। कवि कुमार को बचपन से ही अभिनय का शौक था। जब वे युवा हुए तो उनका शरीर बेढब तरीके से बढ़ने लगा। इसके बावजूद भी उन्होंने एक्टिंग के शौक को मरने नहीं दिया। एक्टिंग के साथ ही कवि कुमार को कविताएं लिखने का भी शौक था। कवि आजाद ने दिल्ली में अभिनय की ट्रेनिंग ली।

10 साल से चल रहा तारक मेहता का उल्टा चश्मा

टीवी शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ गुजराती में छपे एक कॉलम “दुनिया ने उन्धा चश्मा” (Duniya Ne Undha Chashma) का हिस्सा है। इसे पत्रकार तारक मेहता ने गुजराती की साप्ताहिक पत्रिका “चित्रलेखा” के लिए लिखा था। ये भारत में सबसे ज्यादा समय से चलने वाला स्क्रिप्टेड शो है। आज से 10 साल पहले 28 जुलाई 2008 में ये शो ऑन एयर हुआ था।

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पाकिस्तान के खिलाफ ‘महाबली’ माही के आंकड़े हैं बेजोड़, आज दिखेगा कमाल?

NewsCode | 19 September, 2018 4:24 PM
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नई दिल्ली। एशिया कप के अपने शुरुआती मैच में टीम इंडिया को बड़ी मुश्किल से 26 रनों से जीत मिली। हांगकांग के खिलाफ अपने पहले मैच में भारत उतना मजबूत नहीं दिखा, जितनी उम्मीद की जा रही थी। अब दूसरे मैच में टीम इंडिया का सामना चिरप्रतिद्वंदी पाकिस्तान से है, जिसके खिलाफ वह पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल गंवा चुकी है। टीम के नियमित कप्तान और प्रमुख बल्लेबाज विराट कोहली की गैरमौजूदगी में अनुभवी खिलाड़ी होने के नाते महेंद्र सिंह धोनी के कंधों का भार भी बढ़ गया है।

हालांकि हांगकांग के खिलाफ धोनी ‘शून्य’ पर पवेलियन लौट गए थे। पिछली बार हांगकांग के खिलाफ शतक जड़ने वाले धोनी ने एहसान खान की गेंद पर लेट कट करने के प्रयास में विकेटकीपर स्कॉट मैकेनी को कैच दिया। दर्शक महेंद्र सिंह धोनी के आउट होने से सबसे अधिक निराश दिखे। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि उनका बल्ला पाकिस्तान के खिलाफ भी खामोश रहेगा।

आंकड़े बताते हैं कि भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में महेंद्र सिंह धोनी की बल्लेबाजी औसत सबसे ज्यादा है। एक-दूसरे के खिलाफ 10 या उससे ज्यादा मैचों में बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक एवरेज की बात करें तो धोनी 55.90 की औसत के साथ टॉप पर हैं। उन्होंने 2005-2017 के दौरान 30 पारियों में 8 बार नॉट आउट रहकर 1230 रन बनाए हैं।

भारत-पाकिस्तान के बीच सर्वाधिक औसत रखने वाले बल्लेबाजों में दूसरे स्थान पर पाकिस्तानी बल्लेबाज सलमान बट आते हैं, जिन्होंने 52.21 की औसत से रन बनाए, जावेद मियांदाद (51.08) तीसरे, जहीर अब्बास (51.00) चौथे और मोहम्मद हफीज (48.60) पांचवें स्थान पर हैं। विराट कोहली 45.90 की औसत के साथ शोएब मलिक (47.45) के बाद सातवें नंबर पर हैं। बता दें कि विराट कोहली के 2008 में इंटरनेशनल डेब्यू करने के बाद ऐसा पहली बार होगा, जब वह किसी भी फॉर्मेट में पाकिस्तान के खिलाफ टीम में नहीं होंगे। कोहली पाकिस्तान के खिलाफ 12 वनडे और 6 टी-20 खेल चुके हैं।


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धनबाद : डीसी कार्यालय के सामने दो पक्षों में हुई नोंक-झोंक

NewsCode Jharkhand | 19 September, 2018 10:03 PM
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धनबाद। डीसी कार्यालय के समक्ष दो पक्षों के बीच बुधवार को जमकर नोंक-झोंक हुई। लड़की से मिलने नहीं देने तथा उन्हें बताये बगैर न्यायालय में लड़की का बयान दर्ज कराए जाने को लेकर लड़की के परिजन हंगामे पर उतारू हो गए।

बीच सड़क पर दो पक्षों के बीच बढ़ते नोक -झोक को लेकर पुलिस को भी उन्हें शांत कराने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। लड़की पक्ष के गुस्से को शांत कराकर तोपचांची पुलिस लड़की के साथ लड़का पक्ष को महिला थाने पहुंचाई।

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तोपचांची थाना क्षेत्र के दुमदुमी निवासी जगन्‍नाथ पांडेय पिछले 8 तारीख को अपने ही गांव के युवक व उसके साथियों पर पुत्री का अपहरण कर लेने की शिकायत तोपचांची थाने में दर्ज कराई थी। दर्ज बयान में उन्‍होंने कहा था कि पुत्री सुबह में शौच के लिए घर से निकली तभी उपरोक्त युवकों ने पुत्री का अपहरण कर फरार हो गया।

पुलिस की छानबीन में परिजनों को जानकारी मिली की उनकी पुत्री को युवक व उसका साथी अपहरण कर दिल्ली ले गया है। बुधवार को तोपचांची पुलिस युवक-युवती को धनबाद न्यायालय लेकर पहुंची।

सूचना पाकर लड़की के परिवार वाले भी कोर्ट पहुंचे। यहां उन्हें पता चला की लड़की का बयान कोर्ट में दर्ज करा दिया गया है। बयान दर्ज कराने से पूर्व लड़की से भेंट नहीं कराये जाने को लेकर गुस्साए परिजन युवक के घरवालों से नोक-झोंक करने लगे।

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बड़कागांव : जनता दरबार की जानकारी नहीं दिए जाने पर भड़के जनप्रतिनिधि

NewsCode Jharkhand | 19 September, 2018 9:54 PM
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बड़कागांव(हजारीबाग)। आम लोगों की समस्याओं के समाधान हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रखंड स्तर पर लगाए जा रहे जनता दरबार का महत्व उस समय समाप्त हो गया, जब बड़कागांव प्रखंड मुख्यालय में आयोजित जनता दरबार में ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति नगण्य देखी गई। वहीं नियमित रूप से प्रखंड व अंचल में अपने व्यक्तिगत काम को लेकर पहुंचे ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों ने जमकर अपनी भड़ास निकाली और इस पर नाराजगी जाहिर की। लगता है जैसे जनता दरबार महज कोरम पूरा करने की चीज बनकर रह गयी है।

जनप्रतिनिधियों के अनुसार उन्‍हें या ग्रामीणों को जनता दरबार के आयोजन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई ओर गुपचुप तरीके से इसका आयोजन करके खानापूर्ति की जा रही है। लोगों ने कहा कि बड़कागांव की स्थिति दयनीय इसलिए है क्‍योंकि यहां कार्यरत पदाधिकारी, कर्मचारी के साथ-साथ जिले के पदाधिकारियों का भी रवैया उदासीन है। कोई भी कार्य जमीनी स्तर पर नहीं करके महज कागजों तक ही सीमित रखा जा रहा है।

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