निर्भया गैंगरेप केस : SC ने खारिज की पुनर्विचार याचिका, सभी दोषियों की फांसी बरकरार

NewsCode | 9 July, 2018 3:14 PM
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नई दिल्ली। साल 2012 में राजधानी में हुए निर्भया गैंगरेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। इस केस के चार आरोपियों में से तीन की याचिका को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी फांसी की सजा बरकार रखी है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति आर. भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने आरोपी विनय शर्मा, पवन गुप्ता और मुकेश सिंह की याचिकाओं पर फैसला सुनाया।

फैसला सुनते हुए जस्टिस अशोक भूषण ने कहा, ‘आपराधिक मामलों में पुनर्विचार तभी संभव है, जब कानून में कोई स्पष्ट गलती हो।’ निर्भया का परिवार अपने वकील के साथ कोर्ट में पहुंचा था। निर्भया के माता-पिता ने कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील की थी।

बता दें कि निर्भया सामूहिक दुष्कर्म मामले में तीनों दोषी मृत्युदंड का सामना कर रहे हैं। चौथे दोषी अक्षय ठाकुर ने कोई समीक्षा याचिका दायर नहीं की थी।सुप्रीम कोर्ट ने चार मई को इस मामले में दोषियों की पुनर्विचार याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।अभियुक्तों के वकील ने याचिका में कहा कि असली अपराधियों को गिरफ्तार करने में असफल होने के बाद पुलिस ने निर्दोष लोगों को फंसाया था।

वहीं शीर्ष अदालत ने पांच मई, 2017 को चार अभियुक्तों की मौत की सजा को बरकरार रखा था। ये चारों 16 दिसंबर, 2012 में चलती बस में 23 साल की पैरा-मेडिकल छात्रा के साथ मिलकर दुष्कर्म करने और मारपीट करने के दोषी हैं। घटना के 13 दिनों बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई थी।

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आरोपी मुकेश बस का क्लीनर था। जिस रात बस में गैंगरेप की यह घटना हुई थी उस वक्त मुकेश सिंह भी बस में सवार था। गैंगरेप के बाद मुकेश ने निर्भया और उसके दोस्त को बुरी तरह पीटा था। मुकेश सिंह अभी तिहाड़ जेल में बंद है।

वहीं दूसरा आरोपी विनय शर्मा पेशे से फिटनेस ट्रेनर था। जब इसके पांच अन्‍य साथी निर्भया के साथ गैंगरेप कर रहे थे तो यह बस चला रहा था। अन्य दोषियों के साथ विनय तिहाड़ जेल में कैद है। राम सिंह के खुदकुशी करने के बाद विनय ने भी जेल के भीतर आत्‍महत्‍या की कोशिश की थी, लेकिन वह बच गया था।

निर्भया गैंगरेप केस : सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की पुनर्विचार याचिका, सभी दोषियों की फांसी बरकरार Nirbhaya Gang rape case : Supreme Court rejects review petition of convicts | NewsCode - Hindi News

 

मामले का तीसरा आरोपी अक्षय ठाकुर बिहार का रहने वाला है और अपनी पढ़ाई छोड़कर घर से भागकर दिल्ली आ गया था। यहां उसकी दोस्ती राम सिंह से हुई थी। उसके सहारे वह फल बेचने वाले पवन गुप्ता से भी घुल-मिल गया था। अक्षय ठाकुर भी तिहाड़ जेल में कैद है।अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की थी।

आरोपी पवन गुप्ता दिल्ली में फल बेचने का काम करता था। 16 दिसंबर को गैंगरेप के समय यह भी अपने दोस्तों के साथ उस बस में मौजूद था। पवन भी तिहाड़ जेल में बंद है। वह जेल में रहकर ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा है।

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जम्मू-कश्मीर: कॉन्स्टेबल की अगवा कर आतंकियों ने की हत्या, 2 माह में तीसरा मामला

NewsCode | 21 July, 2018 7:40 PM
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कुलगाम। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शुक्रवार रात जिस जवान का आतंकियों ने अपहरण किया था, उसके गोलियों से छलनी क्षत-विक्षत शरीर को कैमोह घाट क्षेत्र से बरामद कर लिया गया है। पुलिस कॉन्स्टेबल का नाम मोहम्मद सलीम है।

शनिवार शाम उनका गोलियों से छलनी शव मिला है। पिछले दो महीनों में आतंकियों ने मोहम्‍मद सलीम खान समेत तीन जवानों की अगवा करने के बाद हत्या कर दी है। इससे पहले दो जवानों औरंगजेब और जावेद डार की हत्‍या कर दी गई थी।

इस आतंकी वारदात की सूचना मिलते ही जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस, सीआरपीएफ और भारतीय सेना के जवानों की संयुक्‍त टीम ने कॉन्‍स्‍टेबल सलीम की सुरक्षित वापसी के लिए सघन तलाशी अभियान शुरू किया है। सुरक्षाबलों ने संयुक्‍त टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर डोर टू डोर सर्च ऑपरेशन चला रही है।

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बता दें कि सेना और पुलिस द्वारा ऑपरेशन ऑलआउट से बौखलाए आतंकी लगातार जवानों को निशाना बना रहे हैं। इससे पहले शोपियां के कचडूरा इलाके के निवासी जम्मू-कश्मीर पुलिस के कॉन्स्टेबल जावेद हमीद डार को अगवा कर हत्या कर दी थी। उनका शव कुलगाम के परिवान में सुबह स्थानीय लोगों द्वारा पाया गया।

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राँची : मुख्यमंत्री ने जूस पिलाकर तुड़वाया विधायक शिवपूजन मेहता का अनशन

NewsCode Jharkhand | 21 July, 2018 10:18 PM
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राँची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने विधायक शिवपूजन मेहता को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। मुख्यमंत्री, विधायक सुखदेव भगत के साथ सदन के बाहर पहुंचे और शिवपूजन मेहता को जूस पिलाया। आपको बता दें कि शिवपूजन मेहता जपला सीमेंट फैक्ट्री को पुनर्स्थापित करने की मांग को लेकर, झारखंड विधानसभा के मुख्य गेट पर विगत 3 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे।

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धनबाद : सगे भाई-बहन ने किया रक्‍तदान, पेश की मिसाल  

NewsCode Jharkhand | 21 July, 2018 10:09 PM
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धनबाद। पीएमसीएच के रक्त अधिकोष में सगे भाई-बहन ने थैलीसीमिया रोग से पीड़ित दो बच्चों के लिए रक्तदान कर मानवता की मिसाला पेश की। समाजसेवी शालिनी खन्ना के कहने पर पीएमसीएच के थैलीसिमिया वार्ड में भर्ती करीब 3 साल की बच्‍ची आराध्या के लिए पल्‍लवी पायल ने रक्‍तदान किया। वे बीएसएस कॉलेज की पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रह चुकी है।

रक्‍तदान करने जैसे की वह सामाजिक कार्यकर्ता सौरभ सिंह के साथ पीएमसीएच के रक्त अधिकोष  में रक्तदान के लिए  पहुंची वहां पहले से मौजूद थैलीसीमिया से ग्रस्‍त लगभग 5 वर्ष के मोहित कुमार महतो की मां उषा देवी ने भी पल्लवी से अपने बच्चे के लिए रक्त उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

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पल्लवी ने उस महिला की बात सुनकर अपने बड़े भाई राकेश रंजन को फोन कर रक्‍तदान करने पीएमसीएच आने को कहा। कुछ ही समय में राकेश भी वहां पहुंच गए और दोनों भाई-बहन ने दोनों बच्‍चों के लिए रक्‍तदान किया।

रक्‍तदान करने पर शालिनी खन्‍ना ने दोनों भाई-बहन की प्रशंसा और धन्‍यवाद दिया। उन्‍होंने कहा कि पल्लवी की तरह बेटियां व महिलाएं भी रक्‍तदान करने आगे आएगी तो कई लोगों की जान बचायी जा सकेगी। सौरभ सिंह ने भी युवाओं से अपील की है कि वो अधिक से अधिक रक्तदान करें  ताकि जरूरतमंदों को समय पर खून मिल सके।

रक्त अधिकोष में रक्त की कमी को देखते हुए इस बार स्वतंत्रता दिवस पर शिविर लगाकर रक्‍तदान करने का निर्णय लिया गया।

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