सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन की दोबारा जांच याचिका की खारिज

NewsCode | 11 May, 2018 5:08 PM

सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन की दोबारा जांच याचिका की खारिज

मुंबई। सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन की स्वतंत्र जांच कराने की मांग करने वाली याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया है। श्रीदेवी की रहस्मयी मौत को लेकर एक फिल्ममेकर सुनील सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दायर की थी।

कोर्ट ने कहा है कि अब श्रीदेवी की मौत की फिर से जांच नहीं होगी क्योंकि उनके पोस्टमार्टम रिपोर्ट में निधन का कारण साफ लिखा हुआ है। मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा और ए. एम खनविलकर और डी वाई चंद्रचूड़ की बेंच ने शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जांच की मांग को खारिज कर दिया है. सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायधीश ने कहा, ‘हम इस मामले में पहले भी दो याचिका खारिज कर चुके हैं, हम दखल नहीं दे सकते हैं।’

फिल्ममेकर सुनील सिंह ने दावा किया था कि, वो उस वक्त वहीं दुबई में थे जब श्रीदेवी की मौत हुई थी। सुनील सिंह के मुताबिक उनको अभी भी इस केस में कुछ और छुपे हुए ऐंगल भी दिख रहे हैं। इस वजह से उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी थी ताकि श्रीदेवी के निधन के केस की जांच दोबारा हो सके।

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बता दें, दिवंगत श्रीदेवी की मौत इस साल फरवरी में दुबई के जुमैरा अमीरात टॉवर्स होटल में बाथटब में दुर्घटनावश डूबने से हो गई थी। 54 साल की उम्र में अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन से पूरा बॉलीवुड स्तब्ध था। लेकिन, श्रीदेवी की मौत को लेकर कई लोगों के मन में कई सवाल थे। लोगों को ऐसा लग रहा था कि उनकी मौत के पीछे कुछ राज दबे थे। हालांकि श्रीदेवी की मौत के बाद हुई पूरी जांच से यह साफ हो चुका था कि उनकी मौत दुर्घटनावश डूबने से हुई थी।

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बेंगाबाद : विधिक सहायता शिविर का आयोजन, ग्रामीणों को दी कानूनी जानकारियां

NewsCode Jharkhand | 27 May, 2018 9:20 PM

बेंगाबाद : विधिक सहायता शिविर का आयोजन, ग्रामीणों को दी कानूनी जानकारियां

बेंगाबाद (गिरिडीह)बेंगाबाद प्रखण्ड के तेलोनारी पंचायत भवन में रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से विधिक सहायता सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य रूप से डालसा के सचिव सह न्यायाधीश मनोरंजन कुमार, अधिवक्ता महेश्वर प्रसाद, विपिन कुमार यादव, लेबर इंस्पेक्टर राजीव रंजन दयाल उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को अहम कानूनी जानकारियां दी गई।

न्यायिक अधिकारियों ने लोगों को उनके कानूनी हक अधिकार एवम कानूनी कर्तव्यों के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों को बताया गया कि संविधान के तहत न्याय व्यवस्था में उन्हें क्या-क्या अधिकार दिया गया है, और कानून के प्रति उनका क्या कर्तव्य है। शिविर में मौजूद महिलाओं को भी कानून के प्रति जागरूक होने की अपील करते हुए उन्हें भी कई अहम जानकारियां उपलब्ध कराई गई।

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कार्यक्रम में लेबर इंस्पेक्टर के द्वारा असंगठित श्रमिकों को श्रम कल्याण विभाग की योजनाओं के बारे में बताया गया। असंगठित मजदूरों को निबंधन एवम निबंधन के बाद होने वाले लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। मौके पर काफी संख्या में मौजूद मजदूरों को श्रम विभाग में अपना निबंधन करवाने की अपील की गई।

कार्यक्रम में पंचायत के मुखिया सुरेंद्र कुमार, पूर्व मुखिया नरसिंह नारायण देव्, पीएलभी संतोष कुमार पाठक, बिनोद कुमार, टेको रविदास, सुनील कुमार, जयप्रकाश वर्मा, कामेश्वर कुमार, अशोक वर्मा, भुनेश्वर नारायण देव्, मिठू राउत, बासुदेव यादव, मंटू शर्मा समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे।

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बागपत में विपक्षी एकजुटता पर मोदी ने साधा निशाना, बोले- मेरे विकास का मजाक उड़ाते हैं विरोधी

NewsCode | 27 May, 2018 7:58 PM

बागपत में विपक्षी एकजुटता पर मोदी ने साधा निशाना, बोले- मेरे विकास का मजाक उड़ाते हैं विरोधी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के पहले फेज का उद्घाटन किया। इस दौरान बागपत में पीएम मोदी ने रैली को भी संबोधित किया। मोदी ने इस दौरान कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन लोगों को कभी भी लोकतंत्र पर विश्वास नहीं रहा, पिछले चार साल में ऐसा हमें बार-बार देखने को मिला है। बीते कुछ दिनों में जिस तरह विपक्ष ने मोदी को घेरने की कोशिश की है, इस पर उन्होंने आज पलटवार किया और 2019 लोकसभा चुनाव के लिए संदेश दे डाला।

कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट-ईवीएम-चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत पर इन लोगों ने विश्वास का संकट खड़ा किया, देश के चुनाव आयोग और ईवीएम को भी इन्होंने शक के दायरे में खड़ा किया। यही नहीं बल्कि आरबीआई, सीबीआई, ईडी को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं और आज इन्हें देश का मीडिया भी पक्षपाती नज़र आ रहा है।

उधर कौन है और इधर कौन है

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कोई वैश्विक एजेंसी आज नई सरकार की तारीफ करती है तो ये पार्टियां डंडा लेकर उनके पीछे दौड़ने लगती हैं। उन्होंने कहा कि अगर विदेश से आया कोई मेहमान सरकार की तारीफ करता है तो ये उसकी भी कमियां निकालते हैं।

उन्होंने कहा कि मोदी के विरोध में ये लोग देश का विरोध करेंगे मैंने ऐसा नहीं सोचा था। पीएम ने कहा कि आप देख लीजिए कि उस तरफ कौन है और इस तरफ कौन है। उनके लिए उनका परिवार ही देश है, लेकिन मेरे लिए मेरा देश ही मेरा परिवार है। देश के 125 करोड़ मेरे परिवार के सदस्य हैं।

सिर्फ झूठ फैलाती है कांग्रेस

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश की जनता देख रही है कि अपने राजनीतिक फायदे के लिए ये लोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी खुलेआम झूठ बोल जाते हैं। उन्होंने कहा कि ये तक नहीं सोचते कि उनके झूठ की वजह से देश में किस तरह की अस्थिरता पैदा हो सकती है। चाहे दलितों पर अत्याचार से जुड़े कानून की बात हो या फिर आरक्षण की बात, झूठ बोलकर, अफवाह फैलाकर ये लोगों को गुमराह करने की साजिश करते रहे हैं।

पीएम मोदी बोले कि मैं तो सुन रहा हूं कि अब किसानों के बीच भी एक झूठ फैलाया जा रहा है कि जो किसान खेत ठेके पर या बंटाई पर देगा, उससे 18 प्रतिशत जीएसटी लिया जाएगा। मैं अपने किसान भाइयों से कहना चाहता हूं कि ऐसी किसी अफवाह पर ध्यान नहीं दें, बल्कि जो अफवाह फैलाए, उसकी प्रशासन से शिकायत भी करें।

विरोधियों को मजाक लगता है विकास

PM ने कहा कि सच्चाई ये है कि गरीबों के लिए, दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों के लिए जो भी कार्य किया जाता है, कांग्रेस और उसके साथ चलने वाले दल या तो उसमें रोड़े अटकाने लगते हैं, या उसका मजाक उड़ाते हैं। इन्हें देश का विकास भी मजाक लगता है, उन्हें स्वच्छ भारत के लिए किया गया काम मजाक लगता है, उन्हें गरीब महिला के लिए बनाया गया शौचालय मजाक लगता है।

जब हमारी सरकार गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देती है, तो भी ये उसका मजाक उड़ाते हैं। जब गरीब के लिए बैंक खाते खुलते हैं, तब भी इन्हें मजाक लगता है। पीढ़ी दर पीढ़ी परिवार को सत्ता में देखने के आदी ये लोग गरीब के लिए किए जा रहे हर काम को मजाक समझते हैं।

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नोटबंदी पर बदले नीतीश के सुर, कहा – जनता को नहीं मिल सका अपेक्षित लाभ

NewsCode | 27 May, 2018 1:08 PM

नोटबंदी पर बदले नीतीश के सुर, कहा – जनता को नहीं मिल सका अपेक्षित लाभ

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार नोटबंदी के फैसले को हमेशा बड़ी उपलब्धि के रूप में गिनाती आई है लेकिन अब एनडीए के एक बड़े सहयोगी ने ही इस पर सवाल उठाए हैं। कभी नोटबंदी का खुलकर समर्थन करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे असफल बताया और इसकी विफलता के लिए बैंकों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि बैंकों की भूमिका के कारण नोटबंदी का लाभ जितना लोगों को मिलना चाहिए था, उतना नहीं मिल पाया। शनिवार को पटना में राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने उक्त बातें कहीं।

नीतीश ने कहा, ‘मैं पहले नोटबंदी का समर्थक था, लेकिन इससे फायदा कितने लोगों को हुआ? कुछ लोग अपना पैसा एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट कर ले गए।’

उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में बैंकों की बड़ी भूमिका है। बैंकों का काम सिर्फ जमा, निकासी और लोन देना ही नहीं रह गया है, बल्कि एक-एक योजना में बैंकों की भूमिका बढ़ गई है।

उन्होंने कहा, ‘बिहार के लोगों में कर्ज लेने की आदत ज्यादा नहीं है, जो लेना भी चाहते हैं, उसके बैंकों ने कड़े मापदंड तय कर रखे हैं। उसमें उन्हें काफी परेशानी होती है।’

नीतीश बोले- बैंकिंग सिस्टम में सुधार की जरूरत

नीतीश ने आगे कहा, ‘आप छोटे लोगों को लोन देने के लिए विशिष्ट हो जाते हैं लेकिन उन ताकतवर लोगों का क्या जो लोन लेकर गायब हो जाते हैं? यह आश्चर्यजनक है कि बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों तक को भी इसकी भनक नहीं लगती। बैंकिंग सिस्टम में सुधार की जरूरत है, मैं आलोचना नहीं कर रहा हूं, सिर्फ व्यक्त कर रहा हूं।’

यहां उन्होंने कहा, ‘देश में विकास के लिए जो धनराशि सरकार मुहैया कराती है, उसके सही आवंटन के लिए बैकों को अपना सिस्टम मजबूत बनाना होगा। ऊपर से नीचे तक इन चीजों को देखना होगा।’ बैंकिंग संस्थानों को और मजबूत करने की जरूरत बताते हुए नीतीश ने कहा कि बैंकों की भूमिका दिन-ब-दिन और बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “आरबीआई के मानक के अनुसार पांच हजार की आबादी पर बैंक की शाखा होनी चाहिए। देश में 11 हजार की आबादी पर बैंक शाखा है और बिहार में 16 हजार की आबादी पर बैंक शाखा है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि बैंकों की संख्या कितनी तेजी से बढ़ानी पड़ेगी।”

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