इस मामले में तेंदुलकर, द्रविड़ और कोहली जैसे क्रिकेटरों का भी ‘बाप’ है ये खिलाड़ी

NewsCode | 10 July, 2018 5:59 PM
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नई दिल्ली। बेशक आज की पीढ़ी के लिए महान बल्‍लेबाज़ सुनील गावस्‍कर ज्यादा अहमियत नहीं रखते हों और उन्हें बस एक बढ़िया कमेंटेटर के रूप में जानती हो। लेकिन इस बल्‍लेबाज़ के हुनर और रिकॉर्ड ऐसे रहे हैं, जिन्‍हें सचिन और विराट कोहली जैसे दिग्गज तोड़ना तो दूर छू भी नहीं पाए। 10 जुलाई 1949 को महाराष्ट्र के बंबई (मुंबई) में जन्‍मे सुनील मनोहर गावस्‍कर के बारे में हम आपको कुछ बेहद रोचक बातें बताने जा रहे हैं।

सुनील गावस्‍कर ने अपनी डेब्‍यू टेस्‍ट सीरीज में 1971 में वेस्‍टइंडीज के खिलाफ चार मैचों में 154.80 के बेजोड़ औसत के साथ चार शतक और तीन अर्धशतक की मदद से 774 रन बनाये थे, जो कि आज भी रिकॉर्ड है। इस मामले में सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और विराट कोहली जैसे नामी गिरामी बल्लेबाज भी पीछे हैं।

टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज रहे गावस्‍कर दो बार सीरीज में 700 प्‍लस रन बनाने वाले इकलौते भारतीय बल्‍लेबाज़ हैं। 1971 के बाद 1978-79 में वेस्‍टइंडीज के खिलाफ छह मैचों की घरेलू टेस्‍ट सीरीज में 91.50 के औसत से 732 रन बनाए थे, जिसमें चार शानदार शतक शामिल थे।

लिटिल मास्‍टर को टेस्‍ट क्रिकेट में सबसे पहले रनों का एवरेस्‍ट खड़ा करने का श्रेय हासिल है। जी हां, उन्‍होंने सबसे पहले 10,000 टेस्‍ट रन बनाए थे। उनके नाम 125 टेस्‍ट में 10,122 रन दर्ज हैं। गावस्‍कर ने 1983 में महान बल्‍लेबाज़ डॉन ब्रैडमैन का 29 टेस्‍ट शतकों का रिकॉर्ड तोड़ा था। सनी गावस्कर के नाम 34 शतक हैं और उनके इस रिकॉर्ड को मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 2005 में तोड़ा।

महान टेस्‍ट ओपनर माने जाने वाले गावस्‍कर ने अपने 34 टेस्‍ट शतकों में से 13 वेस्‍टइंडीज की विश्व चैंपियन टीम के खिलाफ लगाए हैं, जिसके पास 1970-80 के दशक में खतरनाक तेज गेंदबाज हुआ करते थे। सबसे बड़ी हैरानी की बात है कि गावस्‍कर ने कभी हेलमेट पहनकर क्रिकेट नहीं खेली। ये तब की बात ये है उस समय ओवर में छह बाउंसर फेंके जाते थे।

गोल-गप्पे बेचने वाले खिलाड़ी को सचिन ने गिफ्ट किया अपना बैट, U-19 टीम में हुआ चयन

14 साल के प्रियांशु का बड़ा कारनामा- एक पारी में ठोके 556 रन, जड़े 98 चौके

NewsCode | 1 November, 2018 4:32 AM
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नई दिल्ली। 14 साल के एक किशोर ने जूनियर क्रिकेट में तहलका मचा दिया है। इस बल्लेबाज ने बिना आउट हुए 556 रन की मैराथन पारी खेल डाली। मंगलवार को डीके गायकवाड़ अंडर-14 क्रिकेट टूर्नामेंट में बड़ौदा के प्रियांशु मोलिया ने 556 रनों की तूफानी पारी खेली है। मोहिंदर लाला अमरनाथ क्रिकेट एकेडमी की ओर से खेलते हुए प्रियांशु ने अपनी पारी में 98 चौके जड़े। प्रियांशु की इस पारी से अमरनाथ एकेडमी ने योगी क्रिकेट एकेडमी को पारी और 690 रनों से रौंदा।

बैटिंग से पहले प्रियांशु ने गेंदबाजी में भी जलवा बिखेरते हुए चार विकेट चटकाए थे। उनके इस प्रदर्शन की बदौलत योगी अकादमी मैच के पहले दिन केवल 52 रन पर ही ढेर हो गई थी। इसके बाद मोहिंदर लाला अमरनाथ अकादमी ने प्रियांशु की बल्लेबाजी की बदौलत पूरे मैच पर ही अपना कब्जा कर लिया।

प्रियांशु ने अपनी नाबाद 556 रन की पारी के लिए 319 गेंद खेलीं। उन्होंने 98 चौके और 1 छक्का लगाया, जिसकी बदौलत उनकी टीम ने चार विकेट पर 826 का पहाड़ सरीखा स्कोर खड़ा किया। इसके बाद योगी एकेडमी की दूसरी पारी 84 रनों पर ढेर हुई। प्रियांशु ने अपनी ऑफ स्पिन के सहारे दूसरी पारी में भी विकेट चटकाए।

इस पारी से पहले तक प्रियांशु का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 254 रन था, जो उन्होंने इसी टूर्नामेंट में पिछले साल बनाया था। पारी के बाद प्रियांशु ने कहा कि मैं अपने स्वाभाविक खेल खेल रहा था क्योंकि गेंदबाजी आक्रमण काफी अच्छा था। यह संतोषजनक पारी थी। हालांकि मैं चार-पांच मौकों पर बीट भी हुआ।

बता दें कि साल 1983 विश्व कप के फाइनल के मैन ऑफ द मैच रहे मोहिंदर अमरनाथ खुद प्रियांशु के लिए मेंटोर की भूमिका निभाते हैं। मोहिंदर का प्रियांशु की प्रतिभा में बहुत ही ज्यादा भरोसा है। मोहिंदर अमरनाथ ने खुद प्रियांशु की तारीफ करते हुए कहा, ‘ मैंने उसे पहली बार जब देखा, तो मुझे पता था कि मैं कुछ खास देख रहा हूं। वह प्रतिभावान है और समय के साथ मौके मिलते रहने से उसमें काफी निखार आएगा। मुझे उसका जुनून पसंद है।’

गौरतलब है कि हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम में जगह पाने वाले युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ 14 साल की उम्र में 546 रनों की पारी खेल कर सुर्खियों में आए थे और अब प्रियांशु ने अपने प्रदर्शन से सबको चौंकाया है।


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बोकारो : भीषण डकैती मामले का खुलासा, जेवरात के साथ दो अपराधी गिरफ्तार

NewsCode Jharkhand | 12 November, 2018 7:46 PM
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बोकारो। बीते 26 सितंबर को चास थाना क्षेत्र में ठेकेदार रामसेवक के घर हुई दिनदहाड़े 25 लाख की डकैती मामले का खुलासा हो गया है। रविवार को गिरफ्तार विभाष पासवान और पिंकू पांडेय की स्वीकारोक्ति बयान पर इस कांड में शामिल लूटे गए जेवरात के साथ अन्य दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इसकी जानकारी एसपी कार्तिक एस ने प्रेस वार्ता कर दी।

गिरफ्तार अपराधियों ने सेक्टर 12 में अधिवक्ता के घर और कॉपरेटिव कॉलोनी में चिकित्सक के घर डकैती का प्रयास करने के भी मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकारी है।

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों अपराधियों ने दोनों घर से लूटे गए मोबाइल फोन का आईईएमआई कोड बदलने के आरोप में दो दुकानदारों और एक ऑल्टो कार के मालिक को गिरफ्तार किया गया है।

कार्तिक एस ने बातया कि रविवार को गिरफ्तार किए गए अपराधियों के बयान पर ठेकेदार के घर रेकी करने वाले अख्तर हुसैन और एक अन्य साथी मोहम्मद जाहिद उर्फ मंटू को डकैती में लूटे गए तीन जोड़ी पायल और चार मोबाइल के साथ चास स्थित सिटी मॉल के पास से गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार लूटे गए मोबाइल का आईईएमआई कोड को बदलने वाले दुकानदार सिद्धेश्वर माहतो और सैयद हुसैन अंसारी को भी लैपटॉप, मोबाइल समेत अन्य सामानों के साथ गिरफ्तार किया गया है।

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रांची : बीजेपी प्रदेश कार्यालय में अनंत कुमार को दी गई श्रद्धांजलि

NewsCode Jharkhand | 12 November, 2018 5:36 PM
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रांची। बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन कैंसर से पीड़ित होने के कारण हुई। निधन की सूचना मिलने पर झारखंड बीजेपी प्रदेश कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिसमें मुख्य रूप से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा, सीपी सिंह, रामटहल चौधरी, शिवपूजन पाठक, दीपक प्रकाश, दीनदयाल बरनवाल भाजपा के कार्यकर्ता उपस्थित थे सबों ने उनके चित्रों पर पुष्प अर्पित कर शोक संवेदना व्यक्त किए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने कहा हमारी पार्टी के लिए अनंत कुमार के निधन से अपूरणीय क्षति हुई है। जिसका भरपाई हम लोग नहीं कर पाएंगे। वह एक ऐसे नेता थे। जो भाजपा के कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने का कार्य करते थे।

संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए हमेशा रणनीति बनाते रहते थे। और कुछ वर्ष पूर्व झारखंड में चुनाव प्रभारी के रूप में हुई आए थे। फिलहाल कहा जाए तो राष्ट्रपति चुनाव के दौरान महामहिम कोविंद राम के साथ रांची दौरे पर आए थे।

बहुत ही मिलनसार व्यक्ति थे। राज्यसभा में कभी भी बोलते हुए उनके चेहरे पर किसी भी प्रकार का गुस्से का सिकन तक नहीं देखने को मिलते थे। बहुत ही शांत स्वभाव के व्यक्ति थे उनके साथ काम करने का मौका हमें भी मिला है।

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