Video: SSC-CGL परीक्षा में धांधली से व्यथित इस छात्र की कहानी आपको अंदर तक हिला देगी

NewsCode | 10 March, 2018 5:15 PM

बिहार के मधेपुरा से ताल्लुक रखने वाले इस छात्र ने परीक्षा में हुई धाँधली के विरोध में अपना सर मुंडवा लिया है। यह छात्र अपनी कहानी बताते-बताते रोने लगता है।

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नई दिल्ली। SSC-CGL मुख्य परीक्षा में पेपर लीक के खिलाफ पिछले नौ दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के किस्से सुनकर आप भी द्रवित हो जाएंगे। जी हाँ, कई छात्र ऐसे हैं जो अपना घर-परिवार छोड़, जमीन बेच सरकारी नौकरी के सपने लिए दिल्ली आए थे। लेकिन पेपर लीक की घटना ने कर्मचारी चयन आयोग से उनका भरोसा उठा दिया है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों में कई ऐसे हैं जिन्होंने दिल्ली में रहकर पढ़ाई करने का खर्चा पूरा रहने के लिए अपनी संपत्ति बेच दी। ऐसे ही एक छात्र का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस छात्र की कहानी आपको भी अंदर तक हिला देगी।

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बिहार के मधेपुरा से ताल्लुक रखने वाले इस छात्र ने परीक्षा में हुई धाँधली के विरोध में अपना सर मुंडवा लिया है। यह छात्र अपनी कहानी बताते-बताते रोने लगता है। छात्र का कहना है कि कम पैसा होने की वजह से उसे दिल्ली में काफी तकलीफ में जिंदगी गुजारनी पड़ती है।

छात्र का कहना है कि मेस की 40 रुपये की थाली महंगी पड़ती है तो कई बार भूखे रह जाते हैं, कई बार चना खाकर गुजारा करते हैं। छात्र ने कहा है कि उनके पिता ने सारी जमीन लीज पर दे दी है। छात्र अपनी कहानी बताते-बताते रोने लगता है। उसका कहना है कि सिस्टम में जिस तरह से सरकारी नौकरी के लिए लाखों-लाख में सीट खरीदे जा रहे हैं, उसे लगता नहीं है कि उसे नौकरी मिल पाएगी।

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 बड़कागांव : “न्यूज़कोड” के द्वारा शिक्षक को किया गया सम्मानित

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 10:30 AM
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बड़कागांव। बड़कागांव प्रखंड के प्लस टू हाई स्कूल के  प्राचार्य राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. बालेश्वर राम एवं इंदिरा गांधी मेमोरियल कॉलेज के शिक्षक संजय सागर  को शिक्षा योगदान  में “न्यूज़कोड” की तरफ से मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

 बड़कागांव : "न्यूज़कोड" के द्वारा शिक्षक को किया गया सम्मानित

वहीं प्राचार्य डॉ. बालेश्वर राम ने बताया कि मैं  बच्चों को शिक्षा देने में भरपूर सहयोग करते हैं और करते रहेंगे। शिक्षा एक ऐसा गुण हैं जो लोगों को अपने मंजिल तक पहुंचाता है। वहीं इंदिरा गांधी मेमोरियल कॉलेज के शिक्षक संजय सागर ने कहां की शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा मानव के लिए बेहतर से बेहतर कार्य करने में अहम भूमिका निभाती है।

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जमशेदपुर : छुुुुट्टी मांगी, न‍हीं मिली, गर्भावस्‍था के पांंचवें माह में ड्यूूटी करने को मजबूर सुरक्षाकर्मी

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 3:58 PM
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एमजीएम अस्पताल की संवेदनहीनता

जमशेदपुर। जमशेदपुर का एमजीएम अस्पताल इन दिनों फिर से सुर्खियों में है। वैसे इस बार यह अस्पताल अलग ही तरह के कारनामों को लेकर सुर्खियों में है।

इस अस्पताल की लापरवाही की खबरें तो आम बात है, लेकिन इस बार इस अस्पताल में काम कर रही महिला सुरक्षाकर्मियों की क्या स्थिति है, यह बता रहे हैं।

किस तरह 8 महीने की गर्भवती महिला सुरक्षाकर्मी ड्यूटी करने को मजबूर है। ऐसा नहीं है कि उस महिला कर्मी ने छुट्टी के लिए गुहार नहीं लगाई थी।

इस महिला ने प्रेगनेंसी लीव का आवेदन दिया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन या होमगार्ड  के वरीय अधिकारी इस महिला के आवेदन को निरस्त करते हुए इतना ही कहा कि जब तुम्हें परेशानी होगी तो तुम्हें छुट्टी दे दी जाएगी।

ठीक से खड़ी नहीं हो पा रही महिला ड्यूूटी करने को मजबूर

अब सवाल यह उठता है कि आखिर 8 महीने की गर्भवती महिला को क्या परेशानी नहीं हो रही होगी ?  क्या एमजीएम अस्पताल प्रबंधन और झारखंड सरकार का गृह रक्षा वाहिनी विभाग इतना संवेदनहीन हो गया है कि जो महिला अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही, उसे अस्पताल की सुरक्षा में लगा दिया गया।

वैसे यह कोई पहली महिला नहीं है, जो गर्भवती होने के बाद भी ड्यूटी बजा रही है, बल्कि इनकी जैसी और भी एक महिला सुरक्षाकर्मी यहां ड्यूटी पर तैनात है।

पांचवें माह से ही प्रेगनेंसी लीव दिए जाने का है प्रावधान

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर सरकारी योजना जिसके तहत महिलाओं को पांचवें माह से ही प्रेगनेंसी लीव दिए जाने का प्रावधान है, उसका उल्‍लंघन हो रहा है। यदि महिला होमगार्ड की जवान के साथ कुछ अनहोनी हो जाए तो उसके लिए कौन जिम्मेवार होगा।

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NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 3:19 PM
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लोहरदगा। शहर के बड़ा तालाब, जामा मस्जिद आदि क्षेत्रों में नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान में लोहरदगा सदर अंचलाधिकारी परमेश्वर कुशवाहा, सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक शैलेश प्रसाद, नगर परिषद के सिटी मैनेजर आफताब आलम सहित कई अधिकारी और पुलिस बल के जवान मौजूद थे। अतिक्रमण अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। अतिक्रमण का दोषी पाए जाने पर, ऑन द स्‍पॉट कई दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया गया। नगर परिषद के इस अभियान से दुकानदारों में भी डर का माहौल देखा जा रहा है।

लोहरदगा : अतिक्रमण हटाओ अभियान से दुकानदारों में हड़कंप

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अतिक्रमण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए जाने के बाद से नगर परिषद अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चला रहा है। इस दौरान क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आने पर, अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले नगर परिषद ने कई बार दुकानदारों को चेतावनी देते हुए अतिक्रमण नहीं करने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके अतिक्रमण होने की वजह से सड़कें संकरी हो गई थी और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थी। जिसकी वजह से नगर परिषद और अंचल प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने को लेकर जोरदार अभियान चलाया।

लोहरदगा : टेबल-कुर्सी ही संभालते हैं कार्यालय, मत्स्य अधिकारी रहते हैं गायब 

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