भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन पर विशेष : अंग्रेजों के खिलाफ उलगुलान कर दिया बलिदान

NewsCode Jharkhand | 15 November, 2017 1:13 PM

झारखंड में बिरसा मुंडा को भगवान के रूप में पूजा जाता है। झारखंड राज्य का गठन उनके जन्मदिन पर 15 नवंबर 2000 में किया गया। उनके जन्मदिन पर राज्य में भव्य समारोह का आयोजन किया जाता रहा है। 

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रांची । बिरसा मुंडा झारखंड के लोगों के लिए भगवान के रूप में जाने जाते हैं। वे 19वीं सदी के प्रमुख आदिवासी नायकों के एक थे। उनके नेतृत्व में मुंडा आदिवासियों ने इस इलाके का बड़ा आंदोलन उलगुलान को अंजाम दिया था। मुंडा समाज बिरसा मुंडा को भगवान के रूप में आज भी मानता है। 15 नवंबर 1875 में जन्म लिए भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस के दिन झारखंड राज्य का गठन वर्ष 2000 में हुआ। उनके जन्म दिन पर राज्यवासी पूरे उत्साह के साथ के साथ समारोह मनाते हैं।

 

भगवान बिरसा मुंडा का इतिहास

बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड के खूंटी के पास उलीहातू गांव में हुआ था। वे सुगना मुंडा और करमी हातू के पुत्र थे। गांव में शिक्षा4 के बाद बिरसा मुंडा चाइबासा में पढ़ने चले आए थे। पढ़ाई के दौरान ही उन्हे ब्रिटिश शासकों द्वारा लोगों को सताए जाने को लेकर विचलित हो गए। इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी शासकों के खिलाफ आंदोलन का मन बनाया। इसके लिए बिरसा ने खुद को आगे किया और नेतृत्व करने की तैयारी की। 1894 में जब झारखंड के इलाके में आकाल की स्थिति उत्पन्न हो गई और कई इलाकों में महामारी जैसी स्थिति हो गई तब उन्होंने कई तरह से आगे बढ़कर काम किया।

अंग्रेजों के खिलाफ किया एकजुट

वर्ष 1894 में नौजवान नेता के रूप में उन्होंने सभी मुंडाओं को एकत्र कर अंग्रेजों से लगान माफ करने का आंदोलन तेज कर दिया। 1885 में अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और हजारीबाग के केंद्रीय कारागार में दो साल तक कैद की सजा दी। लेकिन बिरसा और उसके शिष्यों ने क्षेत्र की अकाल पीड़ित जनता की सहायता करने की ठान रखी थी और अपने जीवन काल में ही एक महापुरुष का दर्जा पाया। उन्हें उस इलाके के लोग “धरती बाबा” के नाम से पुकारा और पूजा जाता था। उनके प्रभाव से पूरे इलाके के मुंडाओं में संगठित होने की चेतना जागी।

 

1897 से 1900 के बीच मुंडाओं और अंग्रेज सिपाहियों के बीच युद्ध होते रहे और बिरसा और उसके चाहने वाले लोगों ने अंग्रेजों की नाक में दम कर रखा था। अगस्त 1897 में बिरसा और उसके चार सौ सिपाहियों ने तीर कमानों से लैस होकर खूंटी थाने पर धावा बोला। 1898में तांगा नदी के किनारे मुंडाओं की भिड़ंत अंग्रेज सेनाओं से हुई जिसमें पहले तो अंग्रेजी सेना हार गयी लेकिन बाद में इसके बदले उस इलाके के बहुत से अादिवासी नेताओं की गिरफ़्तारियाँ हुईं।

जनवरी 1900 डोमबाड़ी पहाड़ी पर एक और संघर्ष हुआ था जिसमें बहुत से औरतें और बच्चे मारे गये थे। उस जगह बिरसा अपनी जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। बाद में बिरसा के कुछ शिष्यों की गिरफ़्तारियाँ भी हुईं। अन्त में स्वयं बिरसा भी तीन फरवरी 1900 को चक्रधरपुर गिरफ़्तार कर लिये गये। बिरसा ने अपनी अन्तिम साँसें नौ जून 1900 को रांची कारागार में लीं। आज   बिहार, उड़ीसा, झारखंड छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल  के आदिवासी इलाकों में बिरसा मुण्डा को  भगवान  की तरह पूजा जाता है।

भगवान बिरसा मुंडा के नाम हैं कई धरोहर

भगवान बिरसा मुंडा के नाम झारखंड के कई धरोहर हैं। राज्य के कई ऐसे महत्वपूर्ण स्थान हैं, जिसे उनके नाम पर जाना जाता है। बिरसा मुण्डा की समाधि राँची में कोकर के निकट डिस्टिलरी पुल के पास स्थित है। वहीं उनका स्टेच्यू भी लगा है। उनकी स्मृति में रांची में बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारागार तथाबिरसा मुंडा हवाई अड्डा भी है। हिनू से धुर्वा जानेवाले रास्ते पर बिरसा चौक भी उनके नाम से ही है। इस चौक पर भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा लगी हुई है। रांची में जो भी बड़े नेता या मंत्री पहुंचते हैं, वे भगवान बिरसा मुंडा के इस प्रतिमा पर जरुर माल्यार्पण करते हैं।

 गिरिडीह : माध्यमिक शिक्षक संघ जिला शाखा का चुनाव संपन्न

NewsCode Jharkhand | 22 July, 2018 6:02 PM
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गिरिडीह। झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ जिला शाखा की ओर से रविवार को मकतपुर हाई स्कूल प्रांगण में एक कार्यक्रम आयोजित कर जिला व अनुमंडल स्तरीय कमेटी के लिए चुनाव कराया गया। मौके पर बतौर अतिथि संगठन के राज्य अध्यक्ष नृपेंद्र कुमार सिंह व राज्य महासचिव गंगा प्रसाद यादव उपस्थित हुए।

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वही चुनाव पर्यवेक्षक के रुप में अनिल कुमार व फारूक आजम को नामित किया गया था। चुनाव से पूर्व यहां संगठन के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बाद में चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराई गई। चुनाव के बाद संघ के जिलाध्यक्ष के रूप में देवेंद्र कुमार सिंह का नाम घोषित किया गया। वही उपाध्यक्ष का भार क्रमशः अनूप कुमार, विनोद प्रसाद यादव, सुदीप कुमार और उमाशंकर राम को दिया गया। इधर राजेंद्र प्रसाद जिला सचिव बनाए गए।

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इसी तरह घनश्याम गोस्वामी को संगठन सचिव का जिम्मा दिया गया। संयुक्त सचिव के तौर पर महेंद्र प्रसाद दांगी, परवेज आलम, नौशाद समा, संतोष तिवारी और मीरा रजक का नाम सामने आया। इस चुनाव के दौरान मदन राय, रूपा कुमारी, लाल शंकर पाठक, राजनाथ प्रेमनाथ बर्णवाल, चंदन कुमार सिंह आदि को भी कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई। मौके पर अनुमंडल कमेटी का भी गठन कर नए पदभारकों  को उनकी जिम्मेदारियां समझाई गई। बताया गया कि इस चुनाव के बाद संगठन बेहद धारदार हो गया है। आने वाले वक्त में संगठन अपने सदस्यों के लिए हर परिस्थिति में मजबूती से खड़ा रहेगा।

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चतरा : 24 पेटी शराब के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

NewsCode Jharkhand | 22 July, 2018 6:11 PM
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बरही से पिकअप वाहन के जरिये  प्रतापपुर लाया जा रहा था शराब

चतराशराब तस्करों के विरुद्ध पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक अखिलेश बी वारियर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर सदर पुलिस ने स्थानीय डीएवी स्कूल के समीप वाहन चेकिंग के दौरान तस्करी करने ले जा रहे पिकअप वाहन पर लदे 24 पेटी शराब के साथ दो तस्कर को गिरफ्तार किया है।

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गिरफ्तार तस्करों की पहचान प्रतापपुर थाना क्षेत्र के मेरार का निवासी अभय कुमार उर्फ गोलू प्रसाद व चंद्रिका यादव के रूप में हुई है। गिरफ्तार तस्कर से पुलिस पूछताछ कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार दोनों तस्कर पिकअप वाहन के जरिये बरही थाना क्षेत्र के आसपास स्थित संचालित एक सरकारी विदेशी शराब दुकान से 24 पेटी शराब अवैध रूप से कालाबजारी के लिए प्रतापपुर ले जाया जा रहा था।

थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर रामअवध सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस की टीम डीएवी स्थित पोस्ट चेक के समीप दो पहिये वाहन व चार पहिये वाहनों का सघन जांच शुरू कर दिया गया। जांच के क्रम में पिकअप पर लदा शराब व दो तस्करों को पकड़कर थाना ले आई। बताया कि गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ की जा रही है। दोनों पर अवैध रूप से शराब तस्करी की प्राथमिकी दर्ज करते हुए जेल भेज दिया जाएगा।

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धनबाद : नियोजन की मांग को लेकर जमसं का 25 जुलाई को आंदोलन

NewsCode Jharkhand | 22 July, 2018 5:46 PM
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धनबाद। सिंदरी में जनता मजदूर संघ (जमसं) बच्चा गुट की रविवार को संपन्‍न बैठक में स्थानीय बेरोजगार युवाओं केा रोजगार एवं विस्थापन के मुद्दे पर पर चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि  जमस के संयुक्त महामंत्री अभिषेक सिंह उर्फ गुड्डू सिंह थे। उन्‍होंने बैठक में कहा कि यहां एमटीसी कम्पनी मनमामने तरीके से काम कर रही है तथा स्‍थानीय बेरोजगारों केा रोजगार नहीं प्रदान कर रही है।

बैठक में घोषणा करते हुए उन्‍होंने कहा कि एमटीसी रोजगार मुहैया नहीं करेगी तो उसके खिलाफ 25 जुलाई को कंपनी के गेट के सामने आंदोलन छेड़ा जाएगा। स्‍थानीय युवाओं को उन्‍होंने आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।

धनबाद : भूत भगाने के लिए किया गया रुद्राभिषेक का आयोजन

जमसं के क्षेत्रीय सचिव मृणाल कांत सिंह ने कहा कि बेरोजगार युवाओं को रोजगार मुहैया के मसले पर संघ के पदाधिकारियों ने एमटीसी अधिकारियों से मुलाकात की थी। उस समय कंपनी के अधिकारियों ने कुछ दिन का समय मांगा था। मुलाकात हुए छह माह से ज्‍यादा गुजर चुका है लेकिर युवाओं केा रोजगार मुकर्रर नहीं किया गया। उन्होंने कंपनी पर उच्च स्तरीय नेताओं एवं श्रम मंत्रालय की मिलीभगत से स्क्रैप कटिंग करने का आरोप लगाया।

बैठक में सतीश महतो, सचिव सुनील सिंह, बिट्टू, सीताराम महतो, सुभाष महतो, रामवतार सिंह, प्रदीप महतो, रमेश ठाकुर, संजय महतो, अशोक मिश्रा, सोमनाथ दुबे, अंकित सिंह, आयन धर, दुर्गेश निषाद सहित अन्‍य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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