सोनिया गाँधी ने साधा मोदी पर निशाना, संसद के शीतकालीन सत्र को लेकर उठाये सवाल

NewsCode | 20 November, 2017 7:13 PM
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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने संसद के शीतकालीन सत्र में बेवजह देरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सोमवार को निशाना साधा और चेतावनी दी कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) सरकार ‘लोकतंत्र के मंदिर को बंद कर’ संवैधानिक जवाबदेही से नहीं भाग सकती। कांग्रेस कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा, “वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में किए गए वादों को नहीं निभाने के बावजूद, वह लगातार ‘फर्जी वादे’ करते जा रहे हैं।”

पार्टी के अगले अध्यक्ष के चुनाव की तिथि के निर्धारण के लिए यहां कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक हो रही है।

सोनिया ने अपने संबोधन में कहा, “मोदी सरकार अपने घमंड में कमजोर आधार पर शीतकालीन सत्र में देरी कर भारतीय संसदीय लोकतंत्र पर काली छाया डाल रही है। मोदी सरकार अगर यह सोच रही है कि लोकतंत्र के मंदिर को बंद कर वह आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले संवैधानिक जिम्मेदारी से भाग जाएगी, तो वह भूल कर रही है।”

उन्होंने कहा कि संसद ऐसा मंच है, जहां सवाल पूछे जाने चाहिए। ऊंची जगहों पर भ्रष्टाचार, मौजूदा मंत्रियों के लाभ के पद व संदिग्ध रक्षा सौदे पर प्रश्न पूछे जाने चाहिए।

सोनिया ने कहा, “सरकार को इन सवालों के जवाब देने चाहिए, लेकिन गुजरात चुनाव के पहले इन सवाल-जवाब से बचने के लिए सरकार ने शीतकालीन सत्र नहीं कराने का विशेष तरीका अपनाया है।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “प्रधानमंत्री के पास आधीरात को संसद में बिना तैयारी के और दोषपूर्ण वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) लागू कर खुशी मनाने का समय है, लेकिन उनके पास संसद का सामना करने का साहस नहीं है।”

प्रधानमंत्री के चुनावी वादे और आर्थिक मोर्चे पर निशान साधते हुए सोनिया ने सरकार पर ‘कुछ लोगों के भाग्य बनाने और गरीबों के भविष्य को बर्बाद करने का आरोप लगाया।’

उन्होंने कहा, “बेरोजगारी, महंगाई का बढ़ना, निर्यात में कमी और जीएसटी से लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक वर्ष पहले, नोटबंदी ने परेशान किसानों, छोटे व्यापारियों, गृहिणियों, दिहाड़ी मजदूरों के जख्मों पर नमक छिड़का। दबे-कुचलों और गरीबों के भविष्य को बर्बाद कर कुछ लोगों का भाग्य बनाया जा रहा है।”

सोनिया ने कहा, “इसके बावजूद प्रधानमंत्री बड़े ही जोश के साथ घोषणा, झूठे वादे करते हैं, जिनका जमीनी सच्चाई से कुछ लेना-देना नहीं है।”

सरकार बदलना चाहती है इतिहास

कांग्रेस अध्यक्ष ने मोदी सरकार पर प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के योगदान को जबरदस्ती बदलकर भारतीय आधुनिक इतिहास में बदलाव करने का आरोप लगाया।

सोनिया गांधी ने कहा, “स्कूलों की पाठ्यपुस्तकों को दोबारा लिखकर, दुर्भावनापूर्ण गलत सूचना, दुष्प्रचार या इंदिराजी की जन्मशती के महत्ता के तिरस्कार के साथ अनदेखी कर, यह सरकार आधुनिक भारत के इतिहास को बदलना चाहती है।”

कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने के लिए 18 माह चली लंबी चुनावी प्रक्रिया पर उन्होंने कहा,”पूरी प्रक्रिया पार्टी के जड़ों की पुष्टि करती है।”

सोनिया गांधी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी कहने और देश को ‘कांग्रेस-मुक्त’ बनाने पर निशाना साधते हुए कहा, “इससे पुष्टि होती है कि पार्टी की जड़ें देश के प्रत्येक जिलों में फैली हुई हैं और कोई भी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस पार्टी जैसी बहुलता और विविधता वाली पार्टी नहीं है।”

उन्होंने राहुल गांधी और उनकी टीम को गुजरात विधानसभा चुनाव में उनके प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दी और उन्हें बेहतरीन प्रयास करने के लिए कहा।

सोनिया ने कहा, “हम यह साबित करने का प्रयास करें कि लोगों को बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता और वे सही निर्णय ले सकते हैं और वहां मौजूदा सरकार को हराया जा सकता है।”

(आईएएनएस)

कांग्रेस का सवाल, अमित शाह से जुड़े बैंक में कैसे हुई सबसे ज्यादा नोटबदली, बचाव में उतरा नाबार्ड

NewsCode | 22 June, 2018 5:45 PM
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नई दिल्ली। नोटबंदी को लेकर एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के संचार प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस कांफ्रेंस कर एक आरटीआई के हवाला से आरोप लगाया है कि देश के 370 जिला सहकारी बैंकों में से नोटबंदी के बाद सबसे ज्यादा पैसा उस बैंक में जमा हुआ, जिसमें निदेशक भाजपा अध्यक्ष अमित शाह हैं।

कांग्रेस द्वारा अमित शाह के ऊपर लगाये गए आरोप पर नाबार्ड ने कहा है कि नोटबंदी के दौरान पुराने नोट जमा करने के लिए आरबीआई के नियमों का पालन किया गया है। नाबार्ड ने कहा कि इस दौरान गुजरात के मुकाबले महाराष्ट्र के सहकारी बैंकों में सबसे ज्यादा 500 और 1000 के पुराने नोट जमा हुए।

नाबार्ड ने कहा कि नोटबंदी के दौरान अहमदाबाद के जिला सहकारी बैंक के ज्यादातर ग्राहकों ने बंद नोट बैंक में जमा किए। वित्तीय फर्म के मुताब‍िक बैंक में कुल 17 लाख खाते हैं। इस दौरान सिर्फ 1.60 लाख ग्राहकों ने पुराने नोट जमा किए या बदले। यह आंकड़ा कुल जमा खातों का 9.7 फीसदी है।

नाबार्ड ने दावा किया कि नोटबंदी के दौरान 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट गुजरात के मुकाबले महाराष्ट्र के सहकारी बैंकों में ज्यादा जमा हुए और बदले गए। नाबार्ड के मुताबिक अहमदाबाद का सहकारी बैंक 9000 करोड़ रुपये के कारोबार के साथ देश के टॉप 10 जिला सहकारी बैंकों में से एक है।

बता दें कि वित्तीय संस्था नाबार्ड की सफाई तब आई है जब विपक्षी दल कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ‘आरटीआई आवेदनों से मिले जवाब के कागजात’ पेश करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को जवाब देना चाहिए कि नोटबंदी के समय भाजपा और आरएसएस ने कितनी संपत्तियां खरीदीं और उनकी कुल क्या कीमत है? सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा था, “नोटबंदी आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला है। इसकी विस्तृत और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।’

नोटबंदी के बाद सिर्फ 5 दिनों में जमा हुए 745 करोड़ के पुराने नोट, अमित शाह थे बैंक निदेशक

आरटीआई से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कांग्रेस ने नोटबंदी के दौरान सहकारी बैंकों के जरिए कालेधन की मनी लॉन्ड्रिंग का अरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि एनडीए शासित राज्यों के सहकारी बैंकों में नोटबंदी के बाद 14293 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। क्या इसकी जांच होगी?

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चतरा : नक्सली संगठन टीपीसी समर्थक वीरेंद्र गंझू गिरफ्तार

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 5:56 PM
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चतरा। सिमरिया पुलिस ने शुक्रवार को कासीआतु निवासी युवक वीरेंद्र गंझू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। युवक पर नक्सली संगठन टीपीसी का समर्थक होने का आरोप है। थाना प्रभारी शंभू शरण दास ने बताया कि चार दिन पूर्व बालूमाथ और सिमरिया थाना क्षेत्र के सिमाने पर हुई मुठभेड़ में यह युवक सक्रिय था और टीपीसी संगठन को मोबाइल फोन के जरिए पुलिस की गतिविधियों की जानकारी दे रहा था।

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इसके अलावे पुलिस ने जांगी गांव में छापेमारी कर दो वारंटियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार वारंटियों में गणेश भुइयां और कमोदनी देवी का नाम शामिल है। दोनों पर बहू को मार कर कुएं में फेंकने का आरोप है।

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दुमका : 11 हजार हाई टेंशन तार की चपेट में आने से मौत

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 5:50 PM
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दुमका। जिले के जामा थाना क्षेत्र के तार बंधा गांव के एक व्यक्ति की मौत 11 हजार हाई टेंशन तार की  चपेट में आने से हो गई। ग्रामीणों के अनुसार बबलू सोरेन ताड़ के पेड़ पर चढ़ कर कटाई-छटाई कर रहा था।  इसी दौरान ताड़ के पेड़ पर चढने के लिए लगाया गया बांस किसी तरह समीप से गुजरने वाले 11 हजार तार के सम्पर्क में आ गया।

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जिसके कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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