13 जुलाई को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, इन राशियों पर पड़ेगा खराब असर

NewsCode | 12 July, 2018 12:30 PM
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नई दिल्ली। इस बार जुलाई महीने में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दोनों पड़ रहे हैं। अषाढ़ कृष्ण अमावस्या यानी 13 जुलाई 2018 को सूर्य ग्रहण है जो साल का दूसरा सूर्य ग्रहण होगा। चूंकि भारत में यह ग्रहण आंशिक होगा, इसलिए इसका कोई बड़ा प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा, फिर भी इस ग्रहण का सूतक माना जाएगा और इसका कुछ राशियों पर असर भी पड़ेगा। 13 जुलाई को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण का असर दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न, स्टीवर्ट आईलैंड और होबार्ट में दिखाई देगा।

सूर्य ग्रहण का समय

13 जुलाई अमावस्या को लगने वाला सूर्य ग्रहण करीब एक घंटे का होगा। यह भारतीय समयानुसार सुबह 7 बजकर 18 मिनट 23 सेकेंड से शुरू होगा और 8 बजकर 13 मिनट 05 सेकेंड तक रहेगा।

इन राशियों पर पड़ेगा खराब असर

इस ग्रहण का असर दुनिया के अलग-अलग भूभागों पर पड़ेगा। भारत में सूर्य ग्रहण आंशिक होने के कारण यहां बहुत ज्यादा प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा। राशियों में इसके प्रभाव की बात करें तो कर्क, मिथुन और सिंह राशि पर इसका अशुभ प्रभाव पड़ेगा। ग्रहण के कारण इन जातकों के बनते काम भी अटक सकते हैं।

ग्रहण के असर से बचने का उपाय

सूर्य ग्रहण के असर से बचने के लिए प्रभावित राशियों के जातकों को सलाह है कि वे ग्रहण काल के दौरान शिव चालीसा पढ़ें या भगवान शिव का जाप करें। गरीबों को अनाज दान करें और इस वक्त तुलसी का पत्ता खाना भी अच्छा रहेगा।

सूतक काल में वर्जित हैं ये काम

सूतक काल में पूजा पाठ और खासकर मंदिर में देवी देवताओं की मूर्तियों को छूना वर्जित है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य शुरू करना अच्छा नहीं माना जाता। ग्रहण में गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। ऐसी धारणा है कि उस वक्त की कुछ किरणें खतरनाक असर डाल सकती हैं। हालांकि आंशिक ग्रहण होने के कारण भारत में किसी प्रकार का खतरा नहीं है।

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देवघर : श्रावणी मेले में लगेंगे अतिरिक्‍त सीसीटीवी कैमरे, श्रद्धालु एलईडी से कर सकेंगे दर्शन

NewsCode Jharkhand | 22 July, 2018 2:42 PM
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देवघर। इस बार श्रावणी मेले में सुरक्षा का पुख्‍ता इंतजाम किया जा रहा है। जिला प्रशासन के आदेश पर मंदिर परिसर में 60 से 70 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। मंदिर के गर्भ गृह का सीधा लाइव दर्शन एलईडी स्क्रीन पर किया जाएगा, इसके लिए मंदिर परिसर में दो बड़े स्क्रीन लगाए जा रहे हैं। जो श्रद्धालु गर्भ गृह तक नहीं जा पाएंगे वे बाहर स्क्रीन ही स्‍क्रीन पर मंदिर के भीतर चल रहे अनुष्‍ठान का लाइव दर्शन कर पाएंगे।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरक्त सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। प्रशासनिक भवन के कंट्रोल रूम से इसकी मोनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा कंट्रोल रूम में एक अतिरिक्‍त टीवी लगाया जाएगा, जहां से सभी कैमरों की मोनोटरिंग की जाएगी।

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मंदिर प्रबंधक ने बताया कि सुरक्षा के ख्‍याल से सीसीटीवी कैमरे पूर्व में भी श्रावणी मेले के अवसर पर लगाया जाता है। सुरक्षा की दृष्टि से ये काफी अहम है। श्रावण में श्रद्धालुओं की भीड़ काफी बढ़ जाती है, लोगों की हिफाजत करना प्रशासन की अहम जिम्‍मेवारी है। प्रशासन जिस से मुस्‍तैदी दिखा रहा है उससे लगता है कि सुरक्षा को लेकर काफी संजीदा है।

मंदिर के भीतरी परिसर और बाहरी परिसर को हाइ टेक करेन से लेकर सुरक्षा की जो व्‍यवस्‍था चल रही है उसे लेकर श्रद्धालु भी संतुष्‍ट नजर आ रहे हैं।

उल्‍लेखनीय है कि श्रावणी मेले 28 जुलाई से शुरू हो रहा है। हाइटेक उपकरणों का लगाने के बाद उसकी जांच प्रक्रिया भी चल रही है। फिलहाल जिला प्रशासन मेले केा अंतिम रूप देने की तैयारी में रात-दिन जुटा हुआ है।

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राफेल पर राहुल ने मोदी को घेरा, कहा- विमान सौदे से आ रही है घोटाले की बू

NewsCode | 23 July, 2018 12:58 AM
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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर से राफेल डील को लेकर पीएम मोदी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण को घेरा है। कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है कि इस डील को लेकर पर्दे के पीछे कुछ खेल जरूर हुआ है, और उसे दबाने के लिए रक्षामंत्री किसी के दबाव में काम कर रही हैं।

दरअसल, रविवार को राफेल डील को लेकर राहुल ने ट्वीट के जरिये पीएम मोदी पर निशाना साधा, उन्होंने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अपने भाषण में कही बात दोहराई। राहुल की मानें तो रक्षामंत्री किसी के दबाव राफेल डील को लेकर सही बातें नहीं रख पा रही हैं। जबकि पीएम मोदी को लेकर ट्वीट में लिखा है कि उनकी संसद में मुस्कुराहट के पीछे एक घबराहट नजर आई, इसलिए वो मेरी तरफ नहीं देख पा रहे थे। निश्चित तौर पर राफेल सौदे में अब घोटाले का शक गहराता जा रहा है। राफेल का दाम पूछने पर पीएम असहज हो जाते हैं।

राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस

वहीं भारतीय जनता पार्टी राफेल डील पर राहुल के दिए बयान को लेकर पलटवार की तैयारी में है। बीजेपी के चार सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। नोटिस में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ ‘गलत’ आरोप लगाकर संसद को गुमराह किया। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे, अनुराग ठाकुर, दुष्यंत सिंह और प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस दिया है।

बता दें कि संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा था कि सदन के नियमों के अनुसार किसी सदस्य के खिलाफ आरोप लगाने से पहले गांधी को नोटिस देना चाहिए था, उन्हें लोकसभा अध्यक्ष को आरोपों के समर्थन में सामग्री सौंपनी चाहिए थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सीतारमण ने यह कहकर देश को गुमराह किया कि फ्रांस के साथ हुए राफेल सौदा मामले में भारत गोपनीयता शर्तों से बंधा हुआ है।

संसद में राहुल ने उठाया था राफेल का मुद्दा

गौरतलब है कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर राफेल सौदे के ब्यौरे साझा करने के मुद्दे पर देश से ‘‘झूठ’’ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कथित भ्रष्टाचार के मामलों में ‘‘भागीदार’’ हैं, ‘‘चौकीदार’’ नहीं। लोकसभा में राजग सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल ने अपने भाषण में कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने एक बैठक के दौरान उनसे साफ साफ कहा था कि 58,000 करोड़ रुपये के राफेल लड़ाकू विमान से संबंधित ब्यौरे साझा करने में कोई दिक्कत नहीं है।

राहुल गांधी की टिप्पणी के कुछ ही घंटे बाद फ्रांस के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि भारत के साथ 2008 में किया गया सुरक्षा समझौता गोपनीय है और दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरणों की संचालन क्षमताओं के संबंध में इस गोपनीयता की रक्षा करना कानूनी रूप से बाध्यकारी है। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि क्या समझौते के प्रावधान भारत सरकार को राफेल सौदे से जुड़े कीमत के ब्यौरे का खुलासा करने से रोकते हैं।

कांग्रेस राफेल सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाती रही है और उपकरण एवं हथियारों की कीमत सहित उससे जुड़े ब्यौरे मांगती रही है लेकिन सरकार फ्रांस के साथ गोपनीय समझौते का हवाला देते हुए ब्यौरे साझा करने से इनकार करती रही है।

राहुल ने कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार पर करारा हमला करते हुए मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘मैं उन्हें मुस्कुराते देख सकता हूं, घबराहट की झलक है। वह दूर देख रहे हैं, मेरी आंखों में नहीं देख रहे।’ राहुल की इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष से विरोध तेज हो गया जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने अपनी सीट से खड़े होकर उनका सामना किया।

आपको याद दिला दें कि राहुल संसद में कहा था कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण प्रधानमंत्री के दबाव में देश से झूठ बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि किसकी मदद की जा रही है, क्यों की जा रही है, निर्मलाजी, प्रधानमंत्री देश को बताएं।

हालांकि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस आरोप को पूरी तरह गलत करार दिया कि राफेल विमान सौदे के संदर्भ में फ्रांस और भारत के बीच गोपनीयता का कोई समझौता नहीं हुआ है। सीतारमण ने कहा कि लड़ाकू विमान खरीदने के लिए भारत और फ्रांस के बीच 2008 में समझौता हुआ था।

संसद में पीएम मोदी की जीत, विपक्ष के समर्थन में पड़े 126 वोट जबकि विरोध में 325 वोट पड़े

गाजियाबाद में धराशायी हुई पांच मंजिला इमारत, योगी ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

NewsCode | 22 July, 2018 11:02 PM
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गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में रविवार को 5 मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई है। इसमें एक व्यक्ति की हताहत होने की खबर है जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इमारत के मलबे में कई मजदूरों के दबे होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि जिस इलाके में यह बिल्डिंग गिरी है, वह पूरी तरह से अवैध रूप से बसाई गई है।

खबरों के मुताबिक प्रसन्नजीत गौतम नाम के शख्स की ज़मीन है। बिल्डर मनीष गोयल नाम का शख्स है। दोनों ही अभी पुलिस की पंहुच से दूर हैं। इन दोनों के परिवार वालों पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले रखा है।

हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के एसएसपी को सख्त कार्रवाई करने को कहा है। सीएम की सख्ती के बाद दोषियों की गिरफ्तारी को पुलिस की चार टीमों का गठन कर दिया गया है। वहीं मृतकों के परिजनों को दो लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की गयी है। याद रहे कि पांच दिन पहले ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में दो इमारतें भरभराकर गिर गईं थी, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस इमारत में चार लोग हिस्सेदार हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बेसमेंट मिलाकर पांच तल वाली बिल्डिंग में 17 मजदूर काम कर रहे थे। दोपहर पौने तीन बजे इमारत भरभराकर गिर गई और उसमें काम कर रहे सभी मजदूर मलबे में दब गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दो मजदूरों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम और पुलिस ने देर शाम तक मलबे से छह मजदूरों को निकाला। इनमें से एक को संयुक्त अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

सामने आई बिल्डर की लापरवाही

गाजियाबाद इमारत हादसे में बिल्डर की बड़ी लापरवाही भी सामने आई हैै। घटनास्थल पर काम कर रहे मजदूरों का कहना है कि बिल्डिंग के एक हिस्से में दरार आ गई थी, जिसके बारे में बिल्डर को जानकारी थी। बिल्डर ने मजदूरों को इस दरार को भरने को कहा और इमारत में जबरदस्ती काम जारी रखा।

राहत और बचाव कार्य जारी

हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस और NDRF की टीम पहुंच चुकी है राहत और बचाव का कार्य जारी है। बचाव के कार्य में डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इमारत के गिरते उमसें कई मजदूर मौजूद थे। हादसे में घायल महिला गुलाबरानी (47), शिवा (8) व देवेन्द्र (5) साल की हालत गंभीर बनी हुई है। तीनों को जिला संयुक्त अस्पताल से जीटीबी दिल्ली रेफर कर दिया गया है।

कभी भी गिर सकती है ग्रेटर नोएडा की 13 मंजिला इमारत

ग्रेटर नोएडा के पॉश सेक्टर बीटा-2 में नई बिल्डिंग बनाने के लिए की गई गहरी खुदाई और उसमें जमे पानी की वजह से पास की 13 मंजिला बिल्डिंग पर खतरा मंडराने लगा है। इमारत की दीवार में दरारें आ गई हैं। 13 मंजिला बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है।

बारिश के पानी और बिल्डर की मनमानी से 180 परिवारों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-2 की स्पार्क डिवाइन में रहनेवाले लोगों की नींद सोसाइटी के ठीक बगल में खोदे गए 25 फीट गहरे गड्ढे के कारण गायब हो गई है। ऐसे में यहां के 20 परिवार अपना फ्लैट खाली कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं।

बता दें कि गड्ढे से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का दफ्तर महज 500 मीटर की दूरी पर है। थाना और भी पास है, लेकिन किसी ने भी इस बड़े खतरे और खुदाई की ओर ध्यान नहीं दिया। हालांकि, लोगों के विरोध के बाद ग्रेटर नोएडा प्रशासन एक्शन मोड में आया है। पानी को निकालने के लिए पंप लाया गया। गड्ढे को भरने का काम भी शुरू हो गया

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