सिमडेगा : किसानों को बताए गए खेती के बदलते आयाम, जैविक खाद के उपयोग पर जोर

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सिमडेगा। बानो  प्रखंड के कृषि तकनीकी सूचना केंद्र में एक दिवसीय कृषक कल्याण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उदघाटन प्रमुख सेवानी बरजो व सीओ मनिदर भगत ने दीप  प्रज्वलित कर किया। सेवानी बरजो ने कहा कृषक जैविक खाद का उपयोग कर अधिक लाभ कमा सकते है।

सीओ मनिदर भगत ने कहा कृषि कार्य मे अधिक लाभ लेने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ ले। मवेशियों को खुला न छोड़े। इससे किसान अपने खेतों से अधिक पैदावार प्राप्त कर सकते है। हमारे छेत्र में चरवाही न होना हमारी कृषि कार्य मे बाधक है।

रांची : मोरहाबादी के पास शुरु हुई वातानुकूलित शौचालय सेवा

कृषि वैज्ञानिक ललित कुमार दास ने पबुडा स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा विकसित किए गए पौधों की नई प्रजातियों के बारे मे जानकारी दी।  प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी दीनबंधु गुप्ता ने समय पर पशुओं का टीकाकरण करने की बात कही।

एंथ्रेक्स की बीमारी से बचने के लिये मृत पशुओं का मांस सेवन न करने की सलाह दी।  मौके पर 20 सूत्री उपाध्यक्ष नंदलाल साहू, बीटीएम प्रतिमा सोसन कुजूर ,रामेश्वर साहू, सूरसेन सुरीन, रवि कुमार, रंजीत गोप, गुरमैत देवी सहित अन्‍य लोग उपस्थित थे।

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रांची : गेतलसूद डैम में मर रही मछलियां, संक्रमित हुआ पानी तो बंद होगी जलापूर्ति

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रांची।  एक तरफ राज्य की रघुवर सरकार मछली उत्पादन को बढ़ावा देने की पूरी कोशिश कर रही है। सरकार की कोशिशों का ही नतीजा है कि झारखंड आज मछली पालन को लेकर नीली क्रांति की राह पर है। मछली उत्पादन में झारखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है और अब मछलियों का निर्यात भी कर रहा है। दूसरी ओर राजधानी के पास बने गेतलसूद डैम की पलने वाली मछलियां काफी तेजी से मर रही है। एक अनुमान के मुताबिक पिछले तीन से चार दिनों में डैम के करीब 14000 मछलियां मर चुकी है। इन मछलियों के पीछे मरने का कारण डैम के पास स्थित फैक्ट्री से निकलने वाला कचरा का डैम में प्रवाहित होना है।

धड़ल्ले से हो रही है मरी मछलियों की बाजारों में आपूर्ति

एक तरफ तो डैम में मरी इन मछलियों का धड़ल्ले से बाजारों में आपूर्ति की जा रही है। वही जो मछलियां तालाब में मर चुकी है उससे डैम में संक्रमण फैलने का खतरा बन रहा है। ऐसी मछलियों में ज्यादातर पिलानिया, रेहू, मिरगा, कतला, बाटा प्रजाति की मछलियां हैं।

रोका जा सकता है पेयजल आपूर्ति

रूक्का वाटर ट्रीटमेंट में कार्य करने वाले अधिकारियों के मुताबिक संक्रमित मछलियों के कारण अगर डैम के पानी में किसी तरह की प्रदुषण की कोई समस्या उत्पन्न होती है, तो इस प्लांट से होने वाले पेयजल आपूर्ति को भी रोका जा सकता है। ऐसे में लोगों को पानी की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है।

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2018 में 2 लाख मीट्रिक टन मछली उत्पादन का लक्ष्य

मालूम हो कि राज्य की रघुवर सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए अब मछली पालन को बढ़ावा दे रही है। साथ ही सरकार ने 2018 में 2 लाख मीट्रिक टन मछली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। मछली पालन से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। मछली पालन को व्यवसाय बनाने से मछली का उत्पादन काफी बढ़ा है। मालूम हो कि वर्ष 2001-02 में जहां राज्य में 14 हजार मीट्रिक टन ही मछली उत्पादन होता था, जो 2017 में बढ़कर 1 लाख 45 हजार मीट्रिक टन हो गया है। मछली उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ ही कई राज्यों जिसमें बिहार, छत्तीसगढ़, बंगाल, असम और ओडिशा शामिल है कि किसानों को मछली पालन के लिए ट्रेंड किया भी जा रहा है।

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इस हरकत की वजह से सोशल मीडिया पर हुई एयरटेल की फजीहत

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नई दिल्ली। देश की मशहूर टेलीकॉम कंपनी एयरटेल एक नये विवाद में फँस गयी है। इस विवाद के कारण कंपनी सोशल मीडिया पर फजीहत झेल रही है। दरअसल, ट्विटर पर पूजा सिंह नाम के एक यूजर ने एयरटेल को टैग करते हुए कंपनी की सेवाओं से जुड़ी एक शिकायत ट्वीट की। जवाब में कंपनी की ओर से शोएब नाम के एक कर्मचारी ने यूजर की शिकायत को दूर करने का आश्वासन दिया। लेकिन मामला यहाँ खत्म नहीं हुआ।

इसके बाद शिकायतकर्ता पूजा ने एयरटेल कर्मचारी को जवाब देते हुए कहा कि, ” प्रिय शोएब, चूँकि तुम मुस्लिम हो, इसलिए मुझे तुम्हारी कार्य पद्धति पर भरोसा नहीं है। हो सकता है कि कुरान में अलग तरह की ग्राहक सेवा करना सिखाया गया हो, इसलिए किसी हिंदू ग्राहक सेवा अधिकारी से मेरी समस्या का समाधान कराओ।”

एयरटेल से यहीं बड़ी चूक हो गयी। कंपनी ने अपने मुस्लिम कर्मचारी और उसके अधिकारों का बचाव करने की बजाय उसके बदले गगनजीत नामक दूसरे ग्राहक सेवा अधिकारी को शिकायत सुलझाने के लिए आगे कर दिया।

ट्विटर पर कंपनी की इस शुतुरमुर्गी रवैये की कड़ी आलोचना शुरू हो गयी। कई लोगों ने एयरटेल को अपने कर्मचारी के पक्ष में खड़ा न होने के लिए दुत्कार और फटकार लगाई। कुछ लोगों ने यहाँ तक कह डाला कि वह एयरटेल की इस हरकत से नाराज हैं और अपना नंबर पोर्ट करने जा रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट करते हुए लिखा, “एयरटेल की इस हरकत को उन्होंने अपनी टाइमलाइन पर देखा है। मैं ऐसी कंपनी को एक भी पैसा देने से परहेज करूँगा जो धार्मिक आधार पर भेदभाव को रोकने की बजाय इसे बढ़ावा देती हो। मैं अपना नंबर दूसरी कंपनी में पोर्ट करवाने जा रहा हूँ। साथ ही डीटीएच और ब्रॉड बैंड कनेक्शन भी कटवा रहा हूँ।”

इसके बाद कई यूजर्स ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी और एयरटेल की निंदा और मलामत की।

सोशल मीडिया पर किरकिरी होने के बाद एयरटेल ने सफाई देते हुए कहा कि, “कंपनी कर्मचारियों, ग्राहकों और साझेदारों के साथ जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करती है। मैं आपसे (शिकायतकर्ता से) भी अनुरोध करता हूँ कि आप भी ऐसा न करें। शोएब और गगनजीत दोनों ही हमारी टीम का हिस्सा हैं और उपलब्धता के आधार पर लोगों की शिकायतों का निपटारा करते हैं। आपकी समस्या का समाधान जल्द किया जाएगा।”

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कोडरमा : नाबालिग ने लगाया यौन शोषण का आरोप, मामला दर्ज

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कोडरमा। तिलैया थाना क्षेत्र के झलपो ईदगाह मुहल्ला निवासी एक नाबालिग लड़की ने अपने परिचित पर बेहतर शिक्षा दिलाने के नाम पर मुंबई ले जाने व यौन शोषण, प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। आवेदन में पीड़िता ने कहा कि झलपो निवासी मो. अमजद व साबरा खातून ने उनके परिजनों को विश्वास में लेकर उसे उच्च शिक्षा दिलाने के बहाने अपने साथ मुंबई ले गये।

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वहां दोनों आरोपियों ने उसको प्रताड़ित करते हुए दिन रात काम कराया। साथ ही आरोपी अमजद ने कई बार उसका शारीरिक शोषण भी किया। जिससे पीड़िता गर्भवती हो गई। इसके बाद आरोपियों ने उसे उसके माता-पिता के पास लाकर छोड़ दिया।

जिसके बाद पीड़िता ने पूरी घटना की जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद स्थानीय समाज ने आरोपियों को मामले का दोषी पाते हुए तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जिसके बाद आरोपी ने 2 माह का समय मांगते हुए रुपये पीड़िता को देने की बात कही लेकिन बाद में आरोपी अपने वादे से मुकर गया और भाग गया। आवेदन के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

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