सिल्‍ली : मौसम की मार ने बिगाडा शीतल पेय का बाजार

NewsCode Jharkhand | 13 May, 2018 6:42 PM

सिल्‍ली : मौसम की मार ने बिगाडा शीतल पेय का बाजार

सिल्ली(रांची)। गरमी के दौरान हुए बारिश व खराब मौसम ने इलाके के शीतल पेय के धंधे को खराब कर दिया है। एक ओर जहां छोटे रिटेल दुकानदारो की उम्मीदों पर पानी फिर गया। वहीं इस धंधे जुडे बडे व डिस्टीब्यूटरों को भी नुकसान का सामना करना पड रहा है। शीतल पेय की बोतलें डिस्टीब्यूटर  के गोदाम में फंसने लगी हैं।

पेप्सी के अधिकृत डिस्टीव्यूटर आरके टेलीकॉम के संचालक ने बताया कि इस बार मौसम की मार के कारण बाजार में करीब तीस प्रतिशत का नुकसान हुआ है। इधर, एक सप्ताह से गरमी के कारण बाजार में कुछ तेजी आयी है लेकिन मई में ही मौसम ब्रेक होने की खबर से लोगों में निराशा है। 

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एसी व पंखे के बाजार पर असर नहीं
गरमी के कारण शीतल पेय के बाजारों में मंदी भले ही आयी हो परंतु इलाके में फ्रिज, कूलर व पंखे के बाजार पर काई खास असर नहीं पडा है। इलाके के प्रसाद इलेक्टोनिक्स के संचालक ने बताया कि गरमी में कमी के कारण इस साल कूलर अनुमान के अनुसार कम बिका है।

परंतु पंखे की बिक्री काफी अच्छी है। लगन का बाजार होने के कारण फ्रिज, टीवी व अन्य सामानों की बिक्री में तेजी रही।  इस कारण बाजार पर कोई खास असर नहीं पडा है।

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SBI को अब तक का सबसे बड़ा घाटा, दिसंबर-मार्च 2018 तिमाही में ₹7718 करोड़ का नुकसान

NewsCode | 22 May, 2018 8:08 PM

SBI को अब तक का सबसे बड़ा घाटा, दिसंबर-मार्च 2018 तिमाही में ₹7718 करोड़ का नुकसान

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को पिछले वित्त वर्ष की चौथी यानी जनवरी-मार्च 2018 तिमाही में कुल 7,718 करोड़ रुपये का बड़ा घाटा हुआ है। ये अब तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा है। एसबीआई ने आज अपना तिमाही परिणाम घोषित किया।

इसके मुताबिक, एक साल में बैंक का एनपीए दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गया है। बैंक की नॉन-परफॉर्मिंग ऐसेट्स (एनपीए) वित्त वर्ष 2016-17 के 177866 करोड़ रुपये और 9.11 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2017-18 में 2,23,427 करोड़ रुपये और 10.91 प्रतिशत हो गया है। पिछले साल जनवरी-मार्च तिमाही में एनपीए 11,740 करोड़ रुपए था जो 22,096 करोड़ रुपए हो गया है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में ये 18,876 करोड़ रुपए था।

लगातार दूसरी तिमाही में घाटा

आपको बता दें कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भी एसबीआई को 2,416.37 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। जबकि पिछले साल की तीसरी तिमाही में 2,814.82 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। इस तरह वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान बैंक को 6,547 करोड़ का नुकसान हुआ है जबकि 2016-17 में 10,484 करोड़ का मुनाफा हुआ था।

बैंक की बढ़ी आय 

चौथी तिमाही में एसबीआई की आय 68,436.06 करोड़ रुपए रही है। पिछले साल की जनवरी-मार्च तिमाही में आय 57,720.07 करोड़ रुपए थी। पूरे वित्त वर्ष के दौरान आय 2,59,664 करोड़ रुपए रही है जो 2016-17 में 2,10,979 करोड़ थी। जनवरी-मार्च तिमाही में ब्याज से आय 10.5% बढ़कर 19,974 करोड़ रुपए हो गई।

पिछले साल की चौथी तिमाही में ये 18,070.7 करोड़ रुपए थी। बैंक ने बताया कि उन्होंने राइट-ऑफ किए गए लोन में से उसने 21.18 प्रतिशत की रिकवरी हुई है। बैंक ने कहा कि वित्त वर्ष 2017 में 59,461 करोड़ रुपये के मुकाबले पिछले वित्त वर्ष में 0.08% की वृद्धि के साथ उसे 59,511 करोड़ रुपये की ऑपरेटिंग प्रॉफिट रही।

पीएनबी के बाद सबसे बड़ा तिमाही घाटा

भारतीय बैंकिंग इतिहास में पीएनबी के बाद एसबीआई को सबसे बड़ा तिमाही घाटा हुआ है। नीरव मोदी के घोटाले की वजह से चौथी तिमाही में पीएनबी को रिकॉर्ड 13,417 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं एनपीए बढ़ने से एसबीआई को 7,718 करोड़ का घाटा हुआ है।

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पेट्रोल-डीजल के दाम उफान पर, टूटे सारे रिकार्ड

NewsCode | 22 May, 2018 2:07 PM

पेट्रोल-डीजल के दाम उफान पर, टूटे सारे रिकार्ड

नई दिल्ली। सरकार के तमाम दावों के बावजूद पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतें मंगलवार को एक बार फिर बढ़ गई है। रविवार के बाद सोमवार को भी कीमतें बढ़ गई हैं। पेट्रोल 30 पैसे जबकि डीजल की क़ीमतों में 26 पैसे की बढ़ोतरी हुई है।

सोमवार को दिल्ली में पेट्रोल 76.87 रुपए और डीजल 67.82 रुपए प्रति लीटर है। वहीं मुंबई में पेट्रोल की कीमत 84.44 रुपए प्रति लीटर और डीजल 72.21 है।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ऐसे में क़ीमतों को लेकर सरकारी कोशिशें ज़मीन पर तो कामयाब होती नज़र नहीं आ रही हैं।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर स्‍थानीय लोगों का कहना है कि जिस तेजी से पेट्रोल के दाम बढ़ रहे हैं, वह समय दूर नहीं जब पेट्रोल के दाम 100 रुपये तक पहुंचेंगे। यात्रा करने के लिए ईंधन खरीदने के अलावा हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। सरकार को कीमतों को कम करना चाहिए। यह हमारे बजट को प्रभावित कर रहा है।’

गौरतलब है कि कर्नाटक में मतदान से पहले 19 दिनों तक पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में इज़ाफा नहीं हुई था और पिछले 9 दिनों से लगातार कीमतें बढ़ रही हैं। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ओपेक (OPEC) देशो में तेल के कम उत्पादन की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत में इज़ाफा हुआ है।

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पेट्रोल-डीजल की कीमत में लगातार हो रही वृद्धि का कारण तेजी से कच्चे तेल की बढती मांग भी है। कच्चे तेल की कीमत हालांकि अभी 70 डॉलर प्रति बैरल है। साल 2013-14 में यह रेट 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहंच गया था। इंडियन बास्केट के कच्चे तेल की कीमत घटी, लेकिन कई तरह के टैक्स की वजह से देश में पेट्रोल-डीजल महंगा हो रहा है।

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कांग्रेस के कार्यकाल से भी महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, इन 5 शहरों में सबसे ज्यादा कीमत

NewsCode | 21 May, 2018 11:50 AM

कांग्रेस के कार्यकाल से भी महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, इन 5 शहरों में सबसे ज्यादा कीमत

नई दिल्ली।  पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। रविवार को पेट्रोल की कीमत में 33 पैसे और डीजल की कीमत में 26 पैसे की वृद्धि हुई के साथ दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 76.24 रुपये प्रति लीटर और डीजल 67.57 रुपये प्रति लीटर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया।

जबकि इससे पहले संप्रग-2 के शासनकाल में 14 सितंबर, 2013 को पेट्रोल की कीमत 76.06 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई थी।

कर्नाटक चुनाव के मद्देनजर 19 दिन तक तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे थे। हालांकि, मतदान के अगले ही दिन से इनकी कीमतों में बढ़ोतरी होनी शुरू हो गई, जो लगातार जारी है।

गौरतलब है कि बीते करीब तीन दिनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई। एक अमेरिकी बैंक ने पिछले दिनों अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा था कि अगले साल तक यह कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अकसर विपक्ष और जनता की ओर से सरकार से एक्साइज और कस्टम ड्यूटी कम किए जाने की मांग की जाती रही है।

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत सबसे अधिक 84.07 रुपये लीटर है, जबकि भोपाल में यह कीमत 81.83 रुपये प्रति लीटर है। पटना में पेट्रोल 81.73 रुपये में बिक रहा है। हैदराबाद में 80.76 और श्रीनगर में 80.35 रुपये में पेट्रोल मिल रहा है। कोलकाता में 78.91 और चेन्नै में 79.13 रुपये में पेट्रोल की बिक्री हो रही है।

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पेट्रोल की कीमतें हर राज्य में सेल्स टैक्स और वैट के आधार पर अलग-अलग होती हैं। दिल्ली में अन्य मेट्रो सिटीज और स्टेट कैपिटल्स की तुलना में तेल की कीमतें सबसे कम हैं।

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