इन 5 जगहों पर लगाएंगे पैसे, तो कम समय में भी मिलेगा ज्यादा फ़ायदा

NewsCode | 14 May, 2018 7:55 PM
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नई दिल्ली। अगर हम उन दिनों की बात करें जब हमारे पास पैसों की बहुत किल्लत हो जाती है और हमें आत्म निर्भर बनें रहने के साथ-साथ कई जरूरतें भी पूरी करनी होती हैं, तो निवेश करना बहुत जरूरी है। जब आप निवेश करने को तैयार हों और यह निवेश आप एक साल से ज्यादा समय के लिए करना चाहते हों तब आपके पास काफी विकल्प हैं जिसने आप आकर्षक रिटर्न पा सकते हैं। लेकिन, अगर आप एक साल से अधिक समय के लिए निवेश करना चाहते हों तब आपके पास काफी विकल्प होते हैं, जिनसे आप आकर्षक रिटर्न पा सकते हैं।

ऐसे में कई बार होता है कि लोग ऐसे ऑपशन की ओर निवेश को तैयार हो जाते हैं जहां कि रेटिंग काफी कम होती है यानि की रिस्क का फैक्टर ज्यादा होता है।

सरकार, बैंक और फाइनेंशियल कंपनियां, सभी कई तरह की सेविंग स्कीम ऑफर करती हैं, जिससे लोग अपना पैसा कम समय के लिए निवेश कर ज्यादा से ज्यादा रिटर्न पा सकते हैं। अगर आप सोच-समझकर, निवेश के सभी फायदे और नुकसान जानते हुए निवेश करेंगे तो आप काफी फायदा कमा सकते हैं।

इसके लिए सोचा-समझा कदम उठाना चाहिए। ऐसा करते समय निवेश विकल्पों की बारीकियों को समझना जरूरी है और इसकी डिटेल जानकारी भी होनी चाहिए। कम समय के लिए निवेश के  कुछ ऐसे विकल्प हैं जो ज्यादा लोकप्रिय नहीं है। लेकिन, यहां पर हम बता रहें हैं कम अवधि के निवेश के 5 अच्छे विकल्प।

1- फिक्स डिपॉजिट (FD)

फिक्स डिपॉजिट (एफडी) एफडी निवेश करने का सबसे सुरक्षित और आसान तरीका है, जिसमें आपको एक निश्चित समय के लिए कुछ पैसे जमा करने होते हैं और आपको उन पैसों पर एक निश्चित दर से ब्याज मिलता रहता है।

अधिकतर बैंक और फाइनेंशियल कंपनियां एफडी ऑफर करती हैं, जहां आपको 7 फीसदी की शुरुआती दर से ब्याज मिलता है। एफडी में निवेश करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप कम से कम 25,000 रुपए भी निवेश कर सकते हैं और अपने मन के मुताबिक जितने दिन चाहे उतने दिन के लिए निवेश कर सकते हैं।

लगभग सभी बैंक और फाइनेंशियल कंपनियां एफडी में 7 दिन से लेकर 10 साल तक के निवेश की सुविधा मुहैया कराते हैं। अगर कभी पैसों की बहुत अधिक जरूरत पड़ जाए तो आप इन पैसों को निकाल भी सकते हैं, लेकिन आपको उसके लिए एक निश्चित राशि पेनाल्टी के तौर पर देनी होगी।

2. कॉरपोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट

कंपनियां अपनी जरूरतों के लिए पूंजी जुटाने का काम करती हैं। कंपनियां एक निश्‍चित अवधि के लिए निवेशक से यह पूंजी लेती हैं जिसे कॉरपोरेट एफडी कहते हैं। इसके लिए वे निवेशकों से विज्ञापन के जरिए निवेश करने के लिए कहती हैं। आम तौर पर निवेशकों को आकर्षित करने के लिए इस एफडी पर कंपनियां बैंक और अन्‍य फाइनेंस कंपनियों से ज्‍यादा ब्‍याज देती हैं, क्‍योंकि इन कंपनियों के पास कंपनी कानून के तहत डिपॉजिट लेने का अधिकार होता है। चूंकि कंपनियों के कॉरपोरेट एफडी पर ब्‍याज दर अधिक होती है, इसलिए इसमें निवेश करना बेहतर होता है।

3. पोस्ट ऑफिस टर्म डिपॉजिट (Post Office Term Deposits)

कोई भी नागरिक पोस्ट ऑफिस में जाकर यह खाता खोल सकता है। यहां पर ब्याज सालाना दिया जाता है और इसकी गणना तिमाही में होती है। यह खाता 200 रुपये से भी खोला जा सकता है और ऊपर की को सीमा नहीं है। बैंकों में जब किसी खास अवधि तक के लिए एकमुश्त पैसा जमा किया जाता है तो उसे फिक्सड डिपॉजिट (FD) कहते हैं। उसी तरह पोस्ट ऑफिस में जब खास अवधि के लिए एकमुश्त पैसा जमा किया जाता है तो उसे टर्म डिपॉजिट कहते हैं। दोनों में सिर्फ नाम का फर्क होता है और ब्याज दर का अंतर हो सकता है। लेकिन, दोनों की कार्यप्रणाली एक जैसी होती है।

4. रिकर्रिंग डिपॉजिट (RD)

आरडी एक प्रकार से टर्म डिपॉजिट है जो बैंक कुछ नियमों के साथ चलाते हैं। यह लोगों के लिए काफी मददगार होता है। इसमें भी खासतौर पर नौकरी पेशा वालों के लिए ज्यादा कारगर होता है। यहां पर नौकरीपेशा हर महीने अपनी बचत से ब्याज कमा सकते हैं। यहां पर भी अधिकतर एफडी के समान ब्याज दर मिलती है। निश्चित समय तक पैसे जमा कराने होते हैं और आखिरी किश्त के बाद ब्याज सहित पूरा पैसा वापस मिल जाता है। ऐसा देखा गया है कि आरडी की कम से कम छह महीने की अवधि होती है और ज्यादा से ज्यादा यह 10 साल के लिए होती है।

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5. लिक्विड फंड्स (Liquid Funds)

छोटी अवधि के निवेश के लिए लिक्विड फंड युवाओं की पसंद में सबसे ऊपर है। ये वास्तव में डेट म्यूचुअल फंड्स हैं. यह कम अवधि के लिए बाजार में निवेश की सलाह देते हैं. निवेश विकल्पों में ट्रेजरी बिल्स, गर्वनमेंट सिक्योरिटीज और कॉल मनी आदि शामिल हैं। ये फंड 91 दिन की मैच्योरिटी अवधि वाले इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते हैं।

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मंदसौर गैंगरेप: 8 साल की बच्ची से हैवानियत करने वाले युवकों को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

NewsCode | 21 August, 2018 6:10 PM
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नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में मंदसौर की विशेष अदालत ने आठ वर्षीय स्कूली छात्रा के साथ बर्बर गैंगरेप मामले में दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। मीडिया खबरों के मुताबिक, अदालत ने मामले में दोनों युवकों को बलात्कार का दोषी पाया। मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में था। कोर्ट ने दो महीने के भीतर ही दो युवकों को फांसी की सजा सुनाई है। बच्ची का अपहरण कर बलात्कार करने वाले आरोपियों की पहचान इरफान और आसिफ के रूप में हुई थी।

क्या था पूरा मामला

मंदसौर के सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ने वाली बच्ची 26 जून की शाम स्कूल की छुट्टी के बाद लापता हो गयी थी। वह 27 जून को स्कूल के पास की झाड़ियों में लहूलुहान हालत में मिली थी। मंदसौर पुलिस ने मामले में इरफान मेव उर्फ भय्यू (20) को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया था कि मंदसौर के कोतवाली थाने में उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। बच्ची से बलात्कार के मांमले में मंदसौर-नीमच क्षेत्र में लोगों का आक्रोशित होकर प्रदर्शन किया था। लोगों की मांग थी कि आरोपियों को फांसी दी जाए।

घटना के बाद उग्र भीड़ को देख पुलिस ने कोर्ट ने अस्थाई कोर्ट लगाने की गुजारिश की थी। जिसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम में अस्थाई कोर्ट में सुनवाई की गई, जहां कोर्ट ने अारोपी को पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। रिमांड पूरी होने पर उसे अजाक थाने में अस्थाई कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था।

बच्ची से की गई थी हैवानियत

घटना के बाद बच्ची का इलाज करने वाले डॉक्टरों ने बताया था कि यौन हमलावरों ने बच्ची के सिर, चेहरे और गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किया था। इसके साथ ही, उसके नाजुक अंगों को भीषण चोट पहुंचायी थी जिसे मेडिकल जुबान में “फोर्थ डिग्री पेरिनियल टियर” कहते हैं।

बच्ची अभी भी एमवाय अस्पताल में भर्ती है, उसके स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। उपचार में लगी चार डॉक्टरों की टीम ने बताया कि बच्ची की हालत में काफी सुधार है। मुंबई के पीडियाट्रिक सर्जन डॉक्टर रवि रामा ने भी पीड़ित बच्ची के स्वास्थ्य का परीक्षण किया था। उन्होंने बताया कि बच्ची का बेहतर इलाज हो रहा है। वहीं मनोचिकित्सक डॉक्टर स्वाति प्रसाद और डॉक्टरों ने बच्ची और उसके माता-पिता की काउंसलिंग की।


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रांची : मंत्री परिषद की बैठक, आठ प्रस्तावों पर लगी मुहर

NewsCode Jharkhand | 21 August, 2018 7:43 PM
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रांचीमंत्री परिषद की बैठक में मंगलवार को कुल आठ प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक से पूर्व झारखंड मंत्रिपरिषद में आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता की ओर से गहरा शोक प्रकट करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त की।

मंत्री परिषद की बैठक के बाद प्रेसवार्ता कर गृह सचिव एसकेजी रहाटे ने बताया कि कुल आठ प्रस्तावों पर मुहर लगी है जो इस तरह से है।

रांची : राज्य के सात जिलों में अभी ब्लड बैंक नहीं हैं, उन जिलों में जल्द से जल्द ब्लड बैंक खोेले-सीएम

मंगलवार को मंत्री परिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

उर्जा विभाग द्वारा मुख्य विद्युत अभियंता-सह-मुख्य विद्युत निरीक्षक, रांची के कार्यालय को विभाग का संलग्न कार्यालय घोषित करने की स्वीकृति दी गई।

प.सिंहभूम जिलान्तर्गत पहाड़डीहा स्वर्ण खनिज ब्लॉक रकबा लगभग 272.651 हेक्टेयर (As per Revenue record 279.609) हेक्टेयर (As per DGPS/ETS Summary)  क्षेत्रफल पर सर्वश्री मैथन इस्पात लि. कोलकाता के पक्ष में समेकित अनुज्ञप्ति (Composite Licence)  की स्वीकृति दी गई।

केन्द्र प्रायोजित योजनान्तर्गत राज्य के 3 (तीन) जिलों यथा-दुमका, हजारीबाग एवं पलामू में निर्माणाधीन चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों में तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के कुल-882 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य अवर वन क्षेत्रकर्मी संवर्ग नियमावली, 2014 (अधिसूचना सं0-40 68 दिनांक 04.09.2017) के प्रभाव में आने से पूर्व से नियुक्त एवं कार्यरत वनरक्षियों के वनपाल के पद पर प्रोन्नति हेतु उक्त नियमावली की कंडिका-14 में शिथिलीकरण की स्वीकृति दी गई।

डॉ. अनवर हुसैन, झाप्रसे (कोटि क्रमांक-667/03) तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, जरीडीह, बोकारो, सम्प्रति-बर्खास्त को सेवा से बर्खास्त करने मंजूरी दी गयी।

झारखण्ड राज्य में राजकीय उच्च पथ, वृहद जिला पथ एवं अन्य जिला पथों के राईट ऑफ़ वे में युटीलीटी बिछाने हेतु अनुज्ञप्ति निर्गत करने एवं समुचित फीस उदग्रहित करने के संबंध में पथ निर्माण विभाग के द्वारा निर्गत संकल्प संख्या-6578 दिनांक 10.09.2012 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड पीड़ित प्रतिकर (संशोधन) स्कीम-2016 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

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धनवार : अवैध बालू लदे 4 ट्रैक्टर जब्त, वसूले गए फाइन

NewsCode Jharkhand | 21 August, 2018 7:41 PM
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धनवार(गिरिडीह)। अवैध बालू के हो रहे कारोबार पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए चार बालू लदे ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया। धनवार सीओ शशिकांत सिंकर एवं थाना प्रभारी कमलेश प्रसाद सिंह ने संयुक्त रूप से प्रखंड के सपामारण स्थित पहाड़पुर के बरसिंघी कला घाट में छापेमारी की थी।

अचानक हुई इस कार्रवाई से धंधेबाजों में हड़कंप मच गया। इस बाबत सीओ ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई कर ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है, वहीं प्रावधान के तहत जुर्माना लेकर दंडाधिकारी के मौजूदगी में जब्त ट्रैक्टरों को छोड़ दिया गया है।

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