कांग्रेस नेता शशि थरूर का बयान- बीजेपी की जीत से देश बनेगा ‘हिंदू पाकिस्तान’

NewsCode | 12 July, 2018 4:30 PM

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता पर हमला बोलते हुए राहुल गाँधी से माफी मांगने को कहा।

newscode-image

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी 2019 के लोकसभा चुनाव में जीतती है तो वह ‘हिंदू पाकिस्तान’ बनने जैसे हालात पैदा करेगी। अपने संसदीय क्षेत्र तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही। थरूर ने आगे कहा कि बीजेपी नया संविधान लिखेगी जो भारत को पाकिस्तान जैसे मुल्क में बदलने का रास्ता साफ करेगा, जहां अल्पसंख्यकों के अधिकारों का कोई सम्मान नहीं होगा।

थरूर ने कहा, ‘अगर वे (बीजेपी) दोबारा लोकसभा चुनाव जीतते हैं तो हमारा लोकतांत्रिक संविधान खत्म हो जाएगा क्योंकि उनके पास भारतीय संविधान की धज्जियां उड़ाने और एक नया संविधान लिखने वाले सारे तत्व हैं।’ थरूर ने कहा, “उनका लिखा नया संविधान हिंदू राष्ट्र के सिद्धांतों पर आधारित होगा जो अल्पसंख्यकों के समानता के अधिकार को खत्म कर देगा और देश को ‘हिंदू पाकिस्तान’ बना देगा। महात्मा गांधी, नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना आजाद और स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों ने ऐसे मुल्क के लिए लड़ाई नहीं लड़ी थी।”

भाजपा संविधान पर बड़े हमले की तैयारी में : थरूर

थरूर के इस बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बीजेपी ने इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से माफी की मांग की है। एएनआई से बातचीत में बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, ‘शशि थरूर ने जो कुछ भी कहा है, उसके लिए राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। इसी कांग्रेस पार्टी ने अपने स्वार्थ के लिए पाकिस्तान को जन्म दिया। पाकिस्तान आज टेररिस्तान है, जिसकी हिंदुस्तान से तुलना नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बार-बार हिंदुस्तान को नीचा दिखाने का प्रयास किया है। साथ ही हमेशा हिंदुओं को गाली देने का काम किया है।

बीजेपी ने बोला हमला

कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए पात्रा ने कहा था कि इससे पहले राहुल गांधी ने हिंदुओं को भगवा आतंकवादी कहा था। अब उनके नेता शशि थरूर ने हिंदुओं को गाली दी है। लिहाजा राहुल गांधी को इस के लिए माफी मांगनी चाहिए। यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी पर हमला किया है।

बीजेपी प्रवक्ता ने ट्विटर पर भी कांग्रेस पर हमला बोला। पात्रा ने ट्वीट किया कि कांग्रेस भारत को नीचा दिखाने और हिंदुओं को बदनाम करने का कोई मौका नहीं खोती है। पात्रा ने लिखा, ‘थरूर कहते हैं कि अगर बीजेपी 2019 में फिर सत्ता में आती है तो भारत हिंदू-पाकिस्तान बन जाएगा! बेशर्म कांग्रेस भारत को नीचा दिखाने और हिंदुओं को बदनाम करने का कोई भी मौका नहीं गंवाती है। ‘हिंदू आतंकवादियों’ से लेकर ‘हिंदू-पाकिस्तान’ तक…कांग्रेस की पाक को खुश करने वाली नीतियों का कोई जवाब नहीं है!’


वहीं, सियासी हमले तेज होने के बाद कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने कहा है कि वह अपने उस बयान पर कायम हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि 2019 में बीजेपी की जीत से हमारा देश ‘हिंदू पाकिस्तान’ बन जाएगा। थरूर ने कहा है कि उनका इस बयान से पीछे हटने का कोई इरादा नहीं है और वह इसे बार-बार दोहराते रहेंगे।

कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने गुरुवार को ट्विटर और फेसबुक पर अपने बयान को लेकर सफाई जारी की है। थरूर ने ट्वीट में कहा है कि कई जगहों पर उनके बीजेपी की जीत से भारत के ‘हिंदू पाकिस्तान’ बनने के बयान को तोड़ा-मरोड़ा गया है। इसलिए वह अपने बयान को फिर से स्पष्ट कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट का लिंक दिया है।


फेसबुक पर उन्होंने लिखा, ‘मैंने यह पहले भी कहा है और फिर से कहूंगा। पाकिस्तान का निर्माण बहुसंख्यकों के धर्म के आधार पर हुआ था। इससे धार्मिक अल्पसंख्यकों से भेदभाव होता है और उन्हें समान अधिकार नहीं मिलते। भारत ने यह तर्क कभी स्वीकार नहीं किया जिससे देश का विभाजन भी हुआ।’

थरूर ने आगे लिखा है, ‘बीजेपी/आरएसएस के हिंदू राष्ट्र का विचार देश को पाकिस्तान जैसा बनाने का है। ऐसा देश जहां अल्पसंख्यकों के धर्म को बहुसंख्यकों का धर्म के अधीन समझा जाता है। ऐसा करने से देश ‘हिंदू पाकिस्तान’ बन जाएगा और हमारा स्वाधीनता संग्राम इसलिए नहीं लड़ा गया था। न ही ऐसे देश का विचार हमारे संविधान में संकलित है।’

इससे पहले इसी साल जनवरी में थरूर ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि मोदी देश के संविधान को पवित्र तो कहते हैं, लेकिन वह हिंदुत्व के पुरोधा पंडित दीन दयाल उपाध्याय को नायक के तौर पर सराहते भी हैं। एक ही समय में उपाध्याय और संविधान की तारीफ नहीं की जा सकती है।

सुनंदा पुष्कर मर्डर केसः कांग्रेस नेता शशि थरूर को कोर्ट से मिली जमानत

किसान कल्याण रैली में बोले पीएम मोदी- किसान चैन से सो जाए, ये कांग्रेस को मंजूर नहीं

चाईबासा : जगन्नाथपुर जिला परिषद सदस्य भाजपा छोड़ थामा झामुमों का दामन

NewsCode Jharkhand | 17 July, 2018 11:26 AM
newscode-image

चाईबासा । जैसे जैसे चुनाव नजदीक पहुंच रही है , वैसे वैसे जोड़ तोड़ की राजनीति भी तूल पकड़ने लगी है। जहां कुछ लोग पार्टी की विचार धारा पच नहीं रही है , तो कई पार्टी की वरीय पदाधिकारियों की उपेक्षा। इस राजनीतिक घटना क्रम से साफ पता चलता है कि आने वाली कल की राजनीति में बड़ा उलट फेर होने इंकार नहीं किया जा सकता है।

 पश्चिमी सिंहभूम भाजपा जिला अध्यक्ष शुरु नंदी के कार्यशैली व रैवया से पार्टी के वरीय पदाधिकारी व युवा कार्यकर्ता खुश नहीं है। अब तक कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ अन्य पार्टी का दामन थाम चुके है ।

चाईबासा : विभागीय लापरवाही में फिर गयी एक ठेका बिजली मिस्त्री की जान

सोमवार को जगन्नाथपुर जिला परिषद सदस्य व भाजपा युवा नेता अभिशेख सिंकु उर्फ मुन्ना के नेतृत्व में दर्जनों भाजपा कार्यकर्ता सहित जभासपा , कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने झामुमो सुप्रीमो शिबु सोरेन के समक्ष उनके आवास में विधिवत रुप से शामिल हो गए।

चाईबासा : जगन्नाथपुर जिला परिषद सदस्य भाजपा छोड़ थामा झामुमों का दामन

जिप सदस्य श्री सिंकु ने बताया कि भाजपा अपनी विचार धारा से भटक गई है।  यह सिर्फ अमित शाह व रघुवर दास की विचार धारा की पार्टी रह गई है । झारखंङ के विकास के नाम पर विनाश करने का काम किया जा रहा है। जो आने वाले समय में भाजपा के लिए खतरे की घंटी है।

ये हुए भाजपा छोड़ झामुमों में शामिल

अभिशेक सिंकु — जिप सदस्य सह भाजपा नेता

संजय बारिक —  उप प्रमुख सह भाजपा नेता

हरिश हेंब्रम – भाजपा नेता

उमेश गोप – करंजिया पंचायत प्रभारी

बलदेव लागुरी – पोखरपी पंचायत अध्यक्ष

जयपाल लागुरी – पंचायत प्रभारी पोखरपी

 जभासपा मार्शल लागुरी

 सिकंदर तिरिया

रमेश सिंकु

विपिन सिंकु

मुखिया कृष्णा लागुरी

 मुखिया दमयंती लागुरी

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

sun

320C

Clear

क?रिकेट

Jara Hatke

Read Also

झरिया : धमाका, फायरिंग और मारपीट से क्षेत्र में दहशत, शादी समारोह घर में भी मचा कोहराम

NewsCode Jharkhand | 17 July, 2018 11:29 AM
newscode-image

झरिया (धनबाद) । भौरा थाना क्षेत्र के भौरा नीचे बाजार व ऊपर बाजार में बीती रात हथियारबंद लोगों ने हमला बोल दिया। दर्जनो राउंड फायरिंग की तथा कई घरों पर देसी व पेट्रोल बम फेंके गए। आधा दर्जन लोग घायल हो गए हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं।

झरिया : धमाका, फायरिंग और मारपीट से क्षेत्र में दहशत, शादी समारोह घर में भी मचा कोहराम

आरोपी न्यू क्वार्टर के रहने वाले हैं वह 70 – 80 के संख्या में थे। आरोपियों ने भौरा पुलिस के वाहन पर भी पथराव किया। पुलिस को भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी। हमलावर करीब आधे घंटे तक उत्पात मचाते रहे। मामले की गंभीरता को देख भौरा पुलिस ने जोड़ापोखर, पाथरडीह, सुदामडीह, सहित कई थानों की पुलिस को घटनास्थल पर बुलवा लिया और कई अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए।

हमलावर भौरा बाजार निवासी बालेश्वर उर्फ वाले यादव के शादी वाले घर में घुस गए और महिलाओं के साथ मारपीट दुर्व्यवहार तथा लूटपाट की। दूल्हे नीरज कुमार यादव की चेन और अंगूठी भी लूट ली और दूल्हे के साथ भी मारपीट की । इस दौरान एक महिला की कान की बाली भी खिंच डाली। इस घर से मंगलवार को बारात जानी है। नीरज यादव स्वर्गीय रंजीत यादव का पुत्र हैं।

पाकुड़ : लाखों रुपये का गांजा जब्त, 3 गांजा तस्कर चढ़े पुलिस के हत्थे

हॉकी, स्टिक, डंडे से पिटाई में बालेश्वर यादव, चंद्रवती देवी,शांति देवी बबली देवी, रीना देवी आदि घायल हो गए। सभी घायलों को भौरा अस्पताल लाया गया गंभीर स्थिति को देख चिकित्सकों ने उन्हें पीएमसीएच रेफर कर दिया है। घटना के पीछे आपसी रंजिश बताई जाती है।

हमलावरों ने दुकानों पर भी हमला कर दिया और तोड़फोड़ किया। जिसको लेकर दुकानदारों में भारी रोष है और आज बाजार के सारे दुकानदार अपने-अपने दुकान बंद कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- केंद्र और राज्य सरकारें बनाएं कानून

NewsCode | 17 July, 2018 11:22 AM
newscode-image

नई दिल्ली। गोरक्षकों द्वारा हिंसा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिंचिंग की घटनाएं रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी किए है। कोर्ट ने चार हफ्ते में केंद्र और राज्यों को लागू करने के आदेश दिए है। कोर्ट ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर कोई भी शख्स कानून को हाथ में नहीं ले सकता है।

केंद्र और राज्य सरकार को गाइडलाइन जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गोरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा के लिए कानून व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।

अदालत ने कहा कि सरकारें हिंसा की इजाजत नहीं दे सकती हैं। सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पी. एस. नरसिम्हा ने कहा था कि केंद्र सरकार इस मामले में सजग और सतर्क है, लेकिन मुख्य समस्या कानून व्यवस्था की है। कानून व्यवस्था पर नियंत्रण रखना राज्यों की जिम्मेदारी है। केंद्र इसमें तब तक दखल नहीं दे सकता जब तक कि राज्य खुद गुहार ना लगाएं।

बता दें कि गोरक्षा के नाम पर हो रही भीड़ की हिंसा पर रोक लगाने के संबंध में दिशानिर्देश जारी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये राज्य सरकारों का दायित्व है कि वह इस तरह से हो रही भीड़ की हिंसा को रोकें।

गोरक्षा के नाम पर हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘मॉबोक्रेसी’ को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, और इसे नया नियम नहीं बनने दिया जा सकता है। कोर्ट के मुताबिक, इससे कड़ाई से निपटना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने गोरक्षा के नाम पर हुई हत्याओं के सिलसिले में प्रिवेंटिव, रेमिडियल और प्यूनिटिव दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि संसद को इसके लिए कानून बनाना चाहिए, जिसमें भीड़ द्वारा हत्या के लिए सज़ा का प्रावधान हो। मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट अगस्त में करेगा।

भारतीय टीम के इस पूर्व खिलाड़ी को बनाया गया महिला टीम इंडिया का नया कोच

याचिकाकर्ता इंदिरा जयसिह ने कहा कि भारत में अपराधियों के लिए गोरक्षा के नाम पर हत्या करना गर्व की बात बन गई है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने में विफल रही है और उन्हें जीवन की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारें इस तरह के अपराध करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने में भी विफल रही हैं। इसलिए वक्त की मांग है कि इस बारे में स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएं।

राहुल गांधी ने मोदी को लिखा पत्र, कहा- मॉनसून सत्र में पास कराएं महिला आरक्षण विधेयक

More Story

more-story-image

जमशेदपुर : 4 लैंड माइंस गाड़ियों में 3 विगत 2...

more-story-image

धनबाद : पत्थर से लदे दो ट्रक को वन विभाग...