इस गाने में रणबीर के साथ पहली बार दिखे संजय दत्त, जानें ‘संजू’ की कमाई

NewsCode | 1 July, 2018 10:31 PM
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नई दिल्ली। दो दिन पहले रिलीज हुई अभिनेता संजय दत्त की बायोप‍िक संजू बॉक्स ऑफ‍िस पर कामयाबी के झंडे गाड़ रही है। फिल्म ने पहले दिन 34.75 करोड़ रुपये की कमाई की, दूसरे द‍िन भी फिल्म ने कमाई का र‍िकॉर्ड कायम किया है। इस फिल्म ने 38.60 करोड़ रुपये की कमाई करके 73.35 करोड़ का कलेक्शन कर ल‍िया है।

इसी बीच फिल्म का एक गाना र‍िलीज हो गया है। इस गाने को यूट्यूब पर र‍िलीज किया है। ये गाना इसल‍िए भी खास है क्योंकि गाने में पहली बार रील लाइफ (रणबीर कपूर) और र‍ियल लाइफ (संजय दत्त) संजू एक साथ द‍िखाई दे रहे हैं।

गाने के बोल बेहद द‍िलचस्प हैं, बाबा बोलता है बस हो गया… गाने में संजय दत्त और रणबीर कपूर मीड‍िया से नाराज फेक खबरों से परेशान नजर आ रहे हैं। इस गाने को पुनीत शर्मा, अभ‍िजीत जोशी और रोहन गोखले ने ल‍िखा है। गाने का बैकग्राउंड अखबार की तरह बनाया गया है। ब्लैक एंड वाइट सूट में रणबीर कपूर पहली बार संजय दत्त के साथ थ‍िरकते नजर आ रहे हैं।

फॉक्स स्टार हिंदी ने संजू फिल्म को लगातार मिल रही अच्छी प्रतिक्रिया के लिए टीम संजू ने फैंस को शुक्र‍िया कहा है। फिल्म का पोस्टर र‍िलीज करते हुए लिखा, टीम संजू बहुत खुश है, बोले तो टोटल हैप्पी। सब लोगों को थैंक्यू।

गौरतलब है कि संजू फिल्म में रणबीर के अभिनय की तरीफ चारों तरफ हो रही है। आमिर खान ने संजू का रिव्यू देते हुए ट्वीट किया है- “संजू बहुत पसंद आई। एक पिता और बेटे की, और दो दोस्तों की बहुत भावुक कर देने वाली कहानी। रणबीर ने शानदार काम किया है और विकी कौशल ने तो दिमाग ही हिला दिया। शुक्रिया राजू एक और एंटरटेन और सशक्त करने वाली फिल्म देने के लिए। बहुत सारा प्यार।’

बॉक्स ऑफिस पर बनाये कई र‍िकॉर्ड

संजू ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार दस्तक देने के साथ कई र‍िकॉर्ड बना द‍िए हैं। फिल्म की एडवांस बुकिंग और हाउसफुल थि‍एटर्स से इस बात का अंदाजा तो हो ही गया था कि ये फिल्म साल की सबसे बड़ी ओपनर साबित होगी।

संजय दत्त की बायोप‍िक ने ने सलमान की रेस 3 को सबसे बड़ी ओपनर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। रेस 3 ने पहले दिन 29.17 करोड़ रुपये की कमाई की थी। दूसरे द‍िन ‘रेस 3’ ने 38.14 करोड़ रुपये की कमाई की थी। वहीं संजू ने दूसरे द‍िन भी 38.60 करोड़ रुपये की कमाई करके ‘रेस 3’ को पीछे छोड़ द‍िया है। संजू की कमाई से ये तो साफ हो गया है कि फिल्म तीन द‍िनों में 100 करोड़ क्लब में शामिल हो जाएगी।

देखें वीडियो :

सलमान खान को पछाड़ ‘संजू’ बना बॉक्‍स ऑफिस का नया बादशाह, पहले दिन की कमाई ने तोड़े कई रिकॉर्ड

पितृ पक्ष 2018: श्राद्ध क्रिया में इन खास बातों का रखें ख्याल

NewsCode | 23 September, 2018 5:27 PM
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हिंदू कर्मकांड में श्रद्धा और मंत्र के मेल से पूर्वपुरुषों (पितरों) की आत्मा की तृप्ति के निमित्त जो विधि होती है उसे श्राद्ध कहते हैं। हमारे जिन सगे-संबंधियों का देहांत हो गया है, वे पितृलोक में या यत्र-तत्र विचरण करते हैं, उनके लिए पिंडदान किया जाता है। बच्चों एवं संन्यासियों के लिए पिंडदान नहीं किया जाता। गणेश विसर्जन और अनंत चतुर्दशी के बाद शुरू होते हैं श्राद्ध। हर साल श्राद्ध भाद्रपद शुक्लपक्ष पूर्णिमा से शुरू होकर अश्विन कृष्णपक्ष अमावस्या तक चलते हैं।

अगर पंडित से श्राद्ध नहीं करा पाते तो सूर्य नारायण के आगे अपने दोनों हाथ ऊपर करके ये बोलें : “हे सूर्य नारायण ! मेरे पिता (नाम), अमुक (नाम) का बेटा, अमुक जाति (नाम), (अगर जाति, कुल, गोत्र नहीं याद तो ब्रह्म गोत्र बोल दें) को आप संतुष्ट/सुखी रखें। इस निमित्त मैं आपको अर्घ्य व भोजन करता हूं।” इसके पश्चात् आप भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और भोग लगायें।

 इन बातों का रखें खास ख्याल –

– श्राद्ध में कपड़े और अनाज दान करना ना भूलें। इससे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

– बताया जाता है कि श्राद्ध दोपहर उपरांत ही किया जाना चाहिए। जानकारों के अनुसार जब सूर्य की छाया पैरों पर पड़ने लगे तो श्राद्ध का समय हो जाता है। दोपहर या सुबह में किये गए श्राद्ध का कोई मतलब नहीं होता है।

– जिस दिन श्राद्ध करना हो उससे एक दिन पूर्व ही उत्तम ब्राह्मणों को निमंत्रण दे दें। परंतु श्राद्ध के दिन कोई अनिमंत्रित तपस्वी ब्राह्मण घर पर पधारें तो उन्हें भी भोजन कराना चाहिए।  ब्राह्मण भोज के वक्त खाना दोनों हाथों से परोसें, एक हाथ से खाने को पकड़ना अशुभ माना जाता है।

– श्राद्ध के दिन घर में सात्विक भोजन ही बनना चाहिए। इस दिन खाने में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल  नहीं होना चाहिए। गौर करने वाली बात यह भी है कि पितरों को जमीन के नीचे पैदा होने वाली सब्जियां नहीं चढ़ाई जाती हैं। इनमें अरबी, आलू, मूली, बैंगन और अन्य कई सब्जियों शामिल हैं।

– पूरे विधान में मंत्र का बड़ा महत्व है। श्राद्धकर्म में आपके द्वारा दी गयी वस्तु कितनी भी बेशकीमती क्यों न हो, आपके द्वारा यदि मंत्र का उच्चारण ठीक न हो तो काम व्यर्थ हो जाता है। मंत्रोच्चारण शुद्ध होना चाहिए और जिसके निमित्त श्राद्ध करते हों उसके नाम का उच्चारण भी शुद्ध करना चाहिए।

– श्राद्ध के दिन अपने पितरों के नाम से ज्यादा से ज्यादा गरीबों को दान करें।

– पिंडदान करते वक्त जनेऊ हमेशा दाएं कंधे पर रखें।

 पिंडदान करते वक्त तुलसी जरूर रखें।

– कभी भी स्टील के पात्र से पिंडदान ना करें, बल्कि कांसे या तांबे या फिर चांदी की पत्तल इस्तेमाल करें।

– पिंडदान हमेशा दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके ही करें।

– पिता का श्राद्ध बेटा ही करे या फिर बहू करे। पोते या पोतियों से पिंडदान ना कराएं।

– श्राद्ध करने वाला व्यक्ति श्राद्ध के 16 दिनों में मन को शांत रखें।

– श्राद्ध हमेशा अपने घर या फिर सार्वजनिक भूमि पर ही करे। किसी और के घर पर श्राद्ध ना करें।


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साहेबगंज : सीएस ने सदर अस्पताल में पूछताछ केंद्र का किया उद्घाटन

NewsCode Jharkhand | 23 September, 2018 6:05 PM
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साहेबगंज। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सदर अस्पताल में पूछताछ केंद्र का उद्घाटन सीएस डॉ. एके सिंह एवं नगर परिषद अध्यक्ष श्रीनिवास यादव  ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर सिविल सर्जन ने कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के 10 लाभार्थियों को गोल्डन स्कोर कार्ड दिया गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में चार निजी एवं सात सरकारी स्वास्थ्य केंद्र का निवन्धन हुआ है।

साहेबगंज : विभिन्न मांगों को लेकर जेवीएम ने निकाली पदयात्रा

साहेबगंज जिले में 196904 परिवारों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा।

मौके पर अस्पताल के सभी चिकित्सा पदाधिकारी, कर्मचारी, डीपीएम राजीव कुमार, डैम राजकिशोर पोद्दार, डीडीएम धर्मेंद्र कुमार, आयुष्मान मित्र, संजय कुमार  राम, सागर कुमार, सुधांशु कुमार, रामचंद्र,ऋषिकेश उपस्थित थे l

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सरायकेला : मैथिली गीतों से बंंधा समां, मंत्रमुग्‍ध हुए लोग

NewsCode Jharkhand | 23 September, 2018 5:53 PM
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सरायकेला।  सरायकेला- खरसावां जिले के आदित्यपुर कॉलोनी स्थित बाबू वीर कुंवर सिंह मैदान में मिथिला की मिठास और मैथिली गीतों का समांं ऐसा बंधा कि लोग मंत्रमुग्ध होकर मैथिली गीतों का रसास्वादन करते रहेे।

पिछले 40 सालों से यहां मिथिला संकीर्तन मंडली की ओर से मैथिली गीतों की भजन संध्या आयोजित की जाती रही है जिसमें स्थानीय मिथिला के कलाकार और इस मंडली के ही सदस्य अपनी प्रस्तुति देते हैं।

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वैसे यहां ये भी बताते चलें कि इस संकीर्तन मंडली ने महान विद्यापति कवि के गीतों को अपना राग देनेवाले विभूति प्रेमी जी ने भी कभी इस मंडली का शोभा बढ़ायी थी।

आज उनके पुत्र अशोक झा द्वारा अपने भजनों की प्रस्तुति दी गई। वहीं विनय झा सरीखे कलाकारों ने भी इसी संकीर्तन मंडली से मिथिला केे मिठास सीखेे और आज अपनी प्रतिभा से मिथिला वासियों का मनोरंजन करते नजर आ रहे हैं।

वैसे देर रात तक वीर कुंवर सिंह मैदान में लोग मैथिली गीतों के मिठास में गोते लगाते रहे। इस दौरान काफी संख्या में मिथिला की महिलाएं भी मौजूद रहीं।

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