क्रिकेट के दीवानों के लिए अच्छी खबर, एक बार फिर साथ दिख सकते हैं द्रविड़-तेंदुलकर

NewsCode | 8 June, 2018 10:00 AM
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नई दिल्ली। विश्व के महानतम बल्लेबाजों में से एक सचिन तेंदुलकर के पुत्र अर्जुन जल्द ही टीम इंडिया की नीली जर्सी दिखेंगे। अर्जुन तेंदुलकर का चयन श्रीलंका दौरे के लिए भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम में हुआ है। भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम को जुलाई में दो चार दिवसीय और पांच एक दिवसीय मुकाबला खेलने के लिए श्रीलंका का दौरा करना है। आॅलराउंडर अर्जुन तेंदुलकर का चयन चार दिवसीय मैचों के लिए किया गया है।

इस टीम की कमान दिल्ली के विकेटकीपर बल्लेबाज अनुज रावत के हाथों में सौंपी गई है। वहीं, श्रीलंका दौरे के लिए चुनी गई एक दिवसीय अंडर-19 टीम की कमान उत्तर प्रदेश के आर्यन जुयाल के हाथों में सौंपी गई है।आईसीसी ने अर्जुन के चयन के बारे में जानकारी देते हुए लिखा “श्रीलंका में होने वाले चार दिवसीय मैचों के लिए राहुल द्रविड़ की अंडर-19 में सचिन के बेटे अर्जुन का चयन हो गया है।”


अर्जुन इस साल अप्रैल में धर्मशाला में लगे एक महीने लंबे कैम्प में हिस्सा लेने वाले 25 खिलाड़ियों में शामिल थे। उन्होंने ऊना में मैच भी खेले थे। अर्जुन ने 2016-17 में दिल्ली के लिए अक्टूबर में रणजी ट्रॉफी मुकाबले से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू दिया था। इससे पहले वे 2017 में हुए अंडर 19 एशिया कप के लिए चुना गया था। ज्ञात हो कि भारतीय अंडर-19 स्तर पर आशीष कपूर, ज्ञानेंद्र पांडे और राकेश पारिख चनयकर्ता हैं।

पिता को नहीं, इन खिलाड़ियों को आदर्श मानते हैं अर्जुन

बता दें कि अर्जुन तेंदुलकर की उम्र अभी 18 साल है और उनका खेल अपने पिता से बिल्कुल अलग है। अर्जुन बाएं हाथ से मध्यम तेज गेंदबाजी करते हैं और बाएं हाथ से ही बल्लेबाजी भी करते हैं। अर्जुन तेंदुलकर की लंबाई 6 फीट से ज्यादा है। वह आॅस्ट्रेलिया के मिशेल स्टॉर्क और इंग्लैंड के बेन स्टोक्स को अपना रोल मॉडल मानते हैं।

सचिन के बेटे अर्जुन तेंदुलकर का भारत की अंडर-19 टीम में चयन Sachin Tendulkar's son Arjun Tendulkar selected for Indian U-19 Cricket Team | NewsCode - Hindi News

अर्जुन तेंदुलकर इस साल तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने आॅस्ट्रेलिया में आयोजित हुए ‘क्रिकेट ग्लोबल चैलेंज’ टी20 टूर्नामेंट में ‘क्रिकेटर्स क्लब आॅफ इंडिया’ की ओर से हांगकांग के खिलाफ खेलते हुए 27 गेंद में 48 रन की पारी खेली थी और 4 ओवर में 4 विकेट भी चटकाए थे। इसके अलावा कूच बिहार ट्रॉफी में भी उन्होंने अच्छी गेंदबाजी करते हुए एक पारी में 5 विकेट चटकाए थे।

फिर से दिखेगी द्रविड़-तेंदुलकर की जोड़ी

गौरतलब है कि इस समय अंडर-19 टीम के कोच राहुल द्रविड़ हैं। तो ऐसे में क्रिकेट के दीवानों को एक बार फिर से द्रविड़ और तेंदुलकर की जोड़ी मैदान पर देखने को मिल सकती है। बेटे के चयन पर खुशी जाहिर करते हुए मास्टर ब्लास्टर सचिन ने कहा, अर्जुन के जीवन का यह खास पड़ाव है।

सचिन के बेटे अर्जुन तेंदुलकर का भारत की अंडर-19 टीम में चयन Sachin Tendulkar's son Arjun Tendulkar selected for Indian U-19 Cricket Team | NewsCode - Hindi News

चार दिवसीय मैचों के लिए भारत की अंडर-19 टीम: अनुज रावत (कप्तान/विकेटकीपर), अथर्व टाएडे, देवदत्त पाडिक्कल, आर्यन जुयाल (उप-कप्तान), यश राठौड़, आयुष बदोनी, समीर चौधरी, सिद्धार्थ देसाई, हर्ष त्यागी, वाई.डी. मांगवानी, अर्जुन तेंदुलकर, नेहाल वाधेरा, आकाश पांडे, मोहित जांगड़ा और पवन शाह।

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चोटिल पंड्या एशिया कप से बाहर, टीम इंडिया में हुए 3 बड़े बदलाव

NewsCode | 20 September, 2018 3:31 PM
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नई दिल्ली। दुबई में चल रहे एशिया कप के लिए भारत टीम में तीन बड़े बदलाव किए गए हैं। चोटिल ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। उनकी जगह तेज गेंदबाज दीपक चाहर को दुबई भेजा गया है। उधर, बाएं हाथ के ऑफ स्पिनर अक्षर पटेल की जगह रवींद्र जडेजा को लाया गया है। अक्षर को फील्डिंग करते वक्त अंगूठे में चोट लगी है, जबकि तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर भी अनफिट बताये जा रहे हैं और उनकी जगह सिद्धार्थ कौल को मौका दिया गया है। बीसीसीआई ने ट्विटर पर भारतीय दल में इन तीन बदलावों की पुष्टि कर दी है।

गौरतलब है कि 29 साल के रवींद्र जडेजा 6 जुलाई 2017 को टीम इंडिया की ओर से आखिरी बार वनडे मैच खेले थे। 136 वनडे में 155 विकेट ले चुके जडेजा के लिए एक बार फिर वनडे टीम में वापसी की उम्मीद जगी है।बता दें कि बुधवार को पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप मैच में पंड्या को चोटिल होने के बाद स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया था और तभी से आशंका थी कि वह टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएंगे।

यह घटना पाकिस्तान की पारी के 18वें ओवर में हुई जब यह ऑलराउंडर अपना पांचवां ओवर फेंक रहा था। पांचवीं गेंद फेंकने के बाद पंड्या ने अपनी कमर पकड़ ली और काफी दर्द के साथ मैदान पर लेट गए। पंड्या इसके बाद उठ नहीं पाए और उन्हें स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। बाद में बीसीसीआई ने ट्वीट किया कि पंड्या की कमर में चोट है।

बुधवार को ग्रुप ए के अपने दूसरे और आखिरी मुकाबले में भारत ने चिरप्रतिद्वंदी पाकिस्तान को 8 विकेट से धूल चटा दी। अब भारत का अगला मुकाबला रविवार को पाकिस्तान के साथ ही होगा। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि इन तीन खिलाड़ियों में से किसे अंतिम एकादश में जगह मिलती है।


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बेरमो : हिन्दू परिवार दे रहे भाईचारा का सन्देश, 150 वर्षो से मना रहा मुहर्रम

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:19 PM
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बेरमो(बोकारो)। आस्था और विश्वास के आगे सभी हो जाते हैं नतमस्तक, ऐसा ही देखने को हिन्दू परिवार मेँ मिला रहा है। नावाडीह प्रखंड के बरई गांव के एक हिन्दू जमींदार परिवार है, जहाँ पर एक भी घर मुस्लिम का नहीं होने के बावजूद बीते 150 वर्षों से प्रतिवर्ष उक्त हिन्दू जमींदार के वंशजों द्वारा मुस्लिम समुदाय का त्योहार मुहर्रम मनाया जाता है।

यहां तक कि इसके लिए अखाड़ा निकालने हेतु उस परिवार को प्रशासन से लाइसेंस भी प्राप्त है।जमींदार के वशंज सह लाइसेंस धारी सहदेव प्रसाद सहित उनके परिवार यह त्यौहार पिछले पांच पीढ़ी से निरंतर मनाते आ रहे है। सहदेव प्रसाद के अनुसार इनके पूर्वज स्व. पंडित महतो, घुड़सवारी व तलवारबाजी के शौकीन थे और बरई के जमींदार भी।

बोकारो : धूम-धाम से मनाया गया करमा पूजा

जबकि निकट के बारीडीह के गंझू जाति के जमींदार के बीच सीमा को लेकर विवाद हुआ था। यह मामला गिरीडीह न्यायालय में कई वर्षों तक मुकदमा चला। मामले में स्व. महतो को फांसी की सजा मुकर्रर कर दी गई थी। फांसी दिए जाने वाला दिन मुहर्रम था और महतो से जब अंतिम इच्छा पूछा गया तो उन्होंने श्रद्वापूर्वक गिरीडीह के मुजावर से मिलने की बात कहीं और उन्हें तत्काल मुजावर से उन्हें मिलाया गया।

जहाँ मुजावर से उन्होंने शीरनी फातिहा कराई। जिसके बाद स्व. महतो को ज्योंही फांसी के तख्ते पर लटकाया गया, लगातार तीनों बार फांसी का फंदा खुल गया और अंततः उन्हें सजा से मुक्त कर दिया गया। न्यायालय से बरी होते ही नावाडीह के खरपीटो गांव पहुंचे और ढोल ढाक के साथ सहरिया गए।

बोकारो : गेल इंडिया ने रैयतों को दिया जमीन का मुआवजा

सहरिया के मुजावर को लेकर बरई आए और स्थानीय बरगद पेड़ के समीप इमामबाड़ा की स्थापना कर मुहर्रम करने की परंपरा की शुरुआत की, जो आज तक जारी है। लोगों ने बताया कि यहां लंबे समय तक सहरिया के, फिर पलामू दर्जी मौहल्ला के मुजावर असगर अंसारी तथा फिलहाल लहिया के मुजावर इबरास खान द्वारा यहां शीरनी फातिहा की जा रही है ।

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गुमला : कश्यप मुनि की जयंती धूमधाम से मनाई गई

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:08 PM
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गुमला। झारखंड के राजकीय पर्व करमा के अवसर पर केशरवानी वैश्य समाज के तत्वावधान में डीएसपी रोड स्थित बजरंग केशरी के आवास में गोत्राचार्य कश्यप मुनि की जयंती धूमधाम से मनाई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत गोत्राचार्य कश्यप मुनि के चित्र पर माल्यार्पण कर के किया गया। मौके पर झारखंड प्रदेश केशरवानी वैश्य सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. प्रेम प्रसाद केशरी ने गोत्र गुरु कश्यप मुनि की उत्पत्ति से लेकर उनके जीवनी के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

इन्होंने कहा कि गोत्राचार्य कश्यप ऋषि के आशीर्वाद से ही केशरवनियों का सर्वागिण विकास हो रहा है एवं होता रहेगा। महर्षि कश्यप की प्रत्येक घर में पूजा अर्चना होनी चाहिए।

पाकुड़ : वन कर्मियों ने पौधा लगाकर करम महोत्‍सव मनाया

संरक्षक हरिओम लाल केशरी, बजरंग केशरी,रमेश केशरी दुर्गा केशरी ,राधा कृष्ण प्रसाद केशरी ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर प्रदेश महिला सभा की मंजू केशरी ने भी अपना विचार रखा।

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