गोल-गप्पे बेचने वाले खिलाड़ी को सचिन ने गिफ्ट किया अपना बैट, U-19 टीम में हुआ चयन

NewsCode | 10 July, 2018 1:21 PM
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नई दिल्ली। क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने खेल से करोड़ों लोगों का दिल जीता है। लेकिन रिटायर होने के बाद भी सचिन ऐसे काम कर रहे हैं जो दिल को छू जाते हैं। सचिन तेंदुलकर हाल ही में एक गरीब क्रिकेटर को अपना बैट भेंट कर एक बार फिर तारीफ बटोर रहे हैं। सचिन ने अपने बेटे अर्जुन तेंदुलकर के दोस्त यशस्वी जायसवाल को अपना बैट गिफ्ट में दिया और साथ में उससे अपने डेब्यू मैच में इसी बल्ले से खेलने की गुजारिश की।

आपको बता दें यशस्वी जायसवाल का टीम इंडिया की अंडर 19 टीम में चयन हुआ है। अंडर-19 टीम श्रीलंका दौरे पर दो 4 दिवसीय मैच खेलने वाली है। इस टीम का हिस्सा अर्जुन तेंदुलकर भी हैं और यशस्वी उनके दोस्त हैं। यशस्वी और अर्जुन तेंदुलकर बैंगलोर के एनसीए में लगे कैंप में थे और दोनों एक ही कमरे में रहते थे। यशस्वी जायसवाल एक बार सचिन से मिलना चाहते थे ऐसे में अर्जुन तेंदुलकर उन्हें अपने घर बांद्रा ले गए और अपने पिता सचिन तेंदुलकर से मुलाकात कराई।

गोल-गप्पे बेचने वाले  यशस्वी जायसवाल को सचिन तेंदुलकर ने गिफ्ट किया अपना बैट, अंडर-19 टीम में हुआ चयन Sachin Tendulkar gifts bat to Yashasvi Jaiswal Under -19 cricketer Arjun Tendulkar | NewsCode - Hindi News

सचिन ने यशस्वी से उनके खेल के बारे में बात की और उन्हें कई टिप्स भी दिए। इसके बाद सचिन ने यशस्वी को अपना बल्ला दिया और उसपर एक खास संदेश भी लिखा। सचिन ने यशस्वी से अंडर-19 पदार्पण मैच में इसी बल्ले से खेलने की सलाह भी दी। आपको बता दें यशस्वी जायसवाल ने हाल ही में हुई कूच बेहार ट्रॉफी में 500 से ज्यादा रन बनाए थे।

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यशस्वी जायसवाल की जिंदगी बेहद कठिनाइयों भरी रही है। यशस्वी मुंबई के मुस्लिम यूनाइटेड क्लब के गार्ड के साथ तीन साल तक टेंट में रहे। यशस्वी इससे पहले डेयरी में काम करते थे और वहीं सोते थे, लेकिन वहां से उन्हें भगा दिया गया। यशस्वी उस वक्त सिर्फ 11 साल के होते थे।

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बता दें कि दो भाइयों में छोटे यशस्वी उत्तर प्रदेश के भदोही के रहने वाले हैं। उनके पिता वहीं एक छोटी सी दुकान चलाते हैं। यशस्वी, कम उम्र में ही क्रिकेट का सपना लेकर मुंबई पहुंच गये थे। यशस्वी ने रामलीला के समय आजाद मैदान पर गोलगप्पे तक बेचे हैं।

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पाकिस्तान के खिलाफ ‘महाबली’ माही के आंकड़े हैं बेजोड़, आज दिखेगा कमाल?

NewsCode | 19 September, 2018 4:24 PM
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नई दिल्ली। एशिया कप के अपने शुरुआती मैच में टीम इंडिया को बड़ी मुश्किल से 26 रनों से जीत मिली। हांगकांग के खिलाफ अपने पहले मैच में भारत उतना मजबूत नहीं दिखा, जितनी उम्मीद की जा रही थी। अब दूसरे मैच में टीम इंडिया का सामना चिरप्रतिद्वंदी पाकिस्तान से है, जिसके खिलाफ वह पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल गंवा चुकी है। टीम के नियमित कप्तान और प्रमुख बल्लेबाज विराट कोहली की गैरमौजूदगी में अनुभवी खिलाड़ी होने के नाते महेंद्र सिंह धोनी के कंधों का भार भी बढ़ गया है।

हालांकि हांगकांग के खिलाफ धोनी ‘शून्य’ पर पवेलियन लौट गए थे। पिछली बार हांगकांग के खिलाफ शतक जड़ने वाले धोनी ने एहसान खान की गेंद पर लेट कट करने के प्रयास में विकेटकीपर स्कॉट मैकेनी को कैच दिया। दर्शक महेंद्र सिंह धोनी के आउट होने से सबसे अधिक निराश दिखे। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि उनका बल्ला पाकिस्तान के खिलाफ भी खामोश रहेगा।

आंकड़े बताते हैं कि भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में महेंद्र सिंह धोनी की बल्लेबाजी औसत सबसे ज्यादा है। एक-दूसरे के खिलाफ 10 या उससे ज्यादा मैचों में बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक एवरेज की बात करें तो धोनी 55.90 की औसत के साथ टॉप पर हैं। उन्होंने 2005-2017 के दौरान 30 पारियों में 8 बार नॉट आउट रहकर 1230 रन बनाए हैं।

भारत-पाकिस्तान के बीच सर्वाधिक औसत रखने वाले बल्लेबाजों में दूसरे स्थान पर पाकिस्तानी बल्लेबाज सलमान बट आते हैं, जिन्होंने 52.21 की औसत से रन बनाए, जावेद मियांदाद (51.08) तीसरे, जहीर अब्बास (51.00) चौथे और मोहम्मद हफीज (48.60) पांचवें स्थान पर हैं। विराट कोहली 45.90 की औसत के साथ शोएब मलिक (47.45) के बाद सातवें नंबर पर हैं। बता दें कि विराट कोहली के 2008 में इंटरनेशनल डेब्यू करने के बाद ऐसा पहली बार होगा, जब वह किसी भी फॉर्मेट में पाकिस्तान के खिलाफ टीम में नहीं होंगे। कोहली पाकिस्तान के खिलाफ 12 वनडे और 6 टी-20 खेल चुके हैं।


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धनबाद : डीसी कार्यालय के सामने दो पक्षों में हुई नोंक-झोंक

NewsCode Jharkhand | 19 September, 2018 10:03 PM
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धनबाद। डीसी कार्यालय के समक्ष दो पक्षों के बीच बुधवार को जमकर नोंक-झोंक हुई। लड़की से मिलने नहीं देने तथा उन्हें बताये बगैर न्यायालय में लड़की का बयान दर्ज कराए जाने को लेकर लड़की के परिजन हंगामे पर उतारू हो गए।

बीच सड़क पर दो पक्षों के बीच बढ़ते नोक -झोक को लेकर पुलिस को भी उन्हें शांत कराने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। लड़की पक्ष के गुस्से को शांत कराकर तोपचांची पुलिस लड़की के साथ लड़का पक्ष को महिला थाने पहुंचाई।

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तोपचांची थाना क्षेत्र के दुमदुमी निवासी जगन्‍नाथ पांडेय पिछले 8 तारीख को अपने ही गांव के युवक व उसके साथियों पर पुत्री का अपहरण कर लेने की शिकायत तोपचांची थाने में दर्ज कराई थी। दर्ज बयान में उन्‍होंने कहा था कि पुत्री सुबह में शौच के लिए घर से निकली तभी उपरोक्त युवकों ने पुत्री का अपहरण कर फरार हो गया।

पुलिस की छानबीन में परिजनों को जानकारी मिली की उनकी पुत्री को युवक व उसका साथी अपहरण कर दिल्ली ले गया है। बुधवार को तोपचांची पुलिस युवक-युवती को धनबाद न्यायालय लेकर पहुंची।

सूचना पाकर लड़की के परिवार वाले भी कोर्ट पहुंचे। यहां उन्हें पता चला की लड़की का बयान कोर्ट में दर्ज करा दिया गया है। बयान दर्ज कराने से पूर्व लड़की से भेंट नहीं कराये जाने को लेकर गुस्साए परिजन युवक के घरवालों से नोक-झोंक करने लगे।

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बड़कागांव : जनता दरबार की जानकारी नहीं दिए जाने पर भड़के जनप्रतिनिधि

NewsCode Jharkhand | 19 September, 2018 9:54 PM
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बड़कागांव(हजारीबाग)। आम लोगों की समस्याओं के समाधान हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रखंड स्तर पर लगाए जा रहे जनता दरबार का महत्व उस समय समाप्त हो गया, जब बड़कागांव प्रखंड मुख्यालय में आयोजित जनता दरबार में ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति नगण्य देखी गई। वहीं नियमित रूप से प्रखंड व अंचल में अपने व्यक्तिगत काम को लेकर पहुंचे ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों ने जमकर अपनी भड़ास निकाली और इस पर नाराजगी जाहिर की। लगता है जैसे जनता दरबार महज कोरम पूरा करने की चीज बनकर रह गयी है।

जनप्रतिनिधियों के अनुसार उन्‍हें या ग्रामीणों को जनता दरबार के आयोजन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई ओर गुपचुप तरीके से इसका आयोजन करके खानापूर्ति की जा रही है। लोगों ने कहा कि बड़कागांव की स्थिति दयनीय इसलिए है क्‍योंकि यहां कार्यरत पदाधिकारी, कर्मचारी के साथ-साथ जिले के पदाधिकारियों का भी रवैया उदासीन है। कोई भी कार्य जमीनी स्तर पर नहीं करके महज कागजों तक ही सीमित रखा जा रहा है।

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