सचिन से पहले उनकी ‘आई’ भी लौटा चुकी हैं राज्यसभा सांसद की सैलरी

NewsCode | 6 April, 2018 12:51 PM

लता मंगेशकर वर्ष 1999 से 2005 तक राज्यसभा की मनोनीत संसद सदस्य रही हैं। इस दौरान उन्होंने न तो वेतन लिया और न ही भत्ते। आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी से हुआ खुलासा।

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नई दिल्ली। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर इन दिनों राज्यसभा के सांसद के तौर पर छह साल में मिले वेतन-भत्तों की राशि (90 लाख रुपये) प्रधानमंत्री कोष में जमा करने को लेकर चर्चा में हैं, मगर आपको यह जानकर हैरानी होगी कि स्वर साम्राज्ञी और भारतरत्न से सम्मानित लता मंगेशकर ने तो वेतन-भत्तों के चेक को छुआ तक नहीं था।

लता मंगेशकर वर्ष 1999 से 2005 तक राज्यसभा की मनोनीत संसद सदस्य रही हैं। इस दौरान उन्होंने न तो वेतन लिया और न ही भत्ते। इतना ही नहीं, जब उन्हें चेक भेजे गए तो वहां से वापस आ गए। यह खुलासा हुआ है, सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी से।

मध्य प्रदेश के एक सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने सूचना के अधिकार के तहत राज्यसभा के सचिवालय से जानकारी मांगी थी कि कई प्रतिष्ठित लोगों को राज्यसभा में मनोनीत किया गया। उनमें से कोई ऐसा है जिसने वेतन-भत्तों को आहरित करने से मना किया हो। सचिवालय की ओर से जो जानकारी उन्हें मिली है, उसमें कहा गया है कि लता मंगेशकर के वेतन से संबंधित मामले में वेतन-लेखा कार्यालय से मंगेशकर को भेजे गए वेतन के चेक वापस आ गए।

राज्यसभा की ओर से दी गई जानकारी में यह भी कहा गया है कि लता मंगेशकर द्वारा आहरित चेकों के वापस आने की सूचना वेतन-लेखा कार्यालय से संबंधित शाखा को प्राप्त नहीं हुई है। लता मंगेशकर ने पेंशन के लिए भी आवेदन नहीं किया है।

राज्यसभा के सचिवालय ने यह भी माना है कि उसे किसी पूर्व सदस्य की ओर से पेंशन आहरित करने की अस्वीकृति व्यक्त करते हुए कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे किसी भी पूर्व सदस्य का ब्योरा उपलब्ध नहीं है जो पेंशन न ले रहे हों।

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गौड़ के मुताबिक, उनके मन में लगभग ढाई साल पहले एक जिज्ञासा थी कि क्या कोई राज्यसभा सदस्य ऐसा है, जिसने वेतन तक न लिया हो, इसके लिए उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। जो जानकारी आई, उसमें लता मंगेशकर का नाम आया, जिन्होंने वेतन के चेक को छुआ तक नहीं और लौटा दिया।

गौड़ आगे कहते हैं कि सचिन तेंदुलकर द्वारा वेतन भत्तों की 90 लाख रुपये की रकम प्रधानमंत्री कोष में जमा करना एक प्रशंसनीय और अनुकरणीय कार्य है। वहीं वे लोग भी गुमनाम हैं, जिन्होंने वेतन का चेक तक स्वीकार नहीं किया और पेंशन के लिए आवेदन भी नहीं किया। वास्तव में लता जितनी बड़ी गायिका हैं, उतना ही बड़ा उनका नैतिक बल और दिल भी है।

क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर द्वारा 90 लाख रुपये की राशि प्रधानमंत्री कोष में जमा किए जाने की तो हर तरफ चर्चा है, मगर लता मंगेशकर ने तो चेक तक नहीं लिया था, इससे देश बेखबर है। सूचना के अधिकार के तहत सामने आई जानकारी ने लता मंगेशकर को और बड़ा बना दिया है।

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(इनपुट : आईएएनएस)

10वीं पास उम्मीदवारों के लिए कांस्टेबल की 55000 वैकेंसी, ऐसे करें आवेदन

NewsCode | 23 July, 2018 4:45 PM
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नई दिल्ली। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) के पद पर 54,953 भर्तियां निकाली हैं। ये वैकेंसी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और सेक्रेटेरिएट सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) और असम राइफल्स में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) के लिए निकली हैं। इच्छुक उम्मीदवार 24 जुलाई से 24 अगस्त, 2018 तक इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

योग्यता

– 10वीं पास युवा इस वैकेंसी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
– उम्र की न्यूनतम सीमा 18 वर्ष और अधिकतम 23 वर्ष तय की गई है। एससी/एसटी उम्मीदवारों को उम्र में पांच वर्ष व ओबीसी उम्मीदवारों को तीन वर्ष की छूट दी जाएगी। उम्र की गणना 1 अगस्त, 2018 से की जाएगी।

चयन

– सबसे पहले कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा होगी। परीक्षा तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है।
लिखित परीक्षा में पास होने वाले उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा।

लिखित परीक्षा में जनरल इंटेलिजेंस व रीजनिंग, जनरल नॉलेज व जनरल अवेयरनेस, इलिमेंट्री मैथ्स व इंग्लिश/हिन्दी विषय से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे।

शारीरिक योग्यता संबंधी नियम

लंबाई
पुरुष उम्मीदवार – 170 सेमी.
महिला उम्मीदवार – 157 सेमी.

सीना

पुरुष उम्मीदवार – 80 सेमी. (फुलाकर – 85 सेमी.)

ऐसे करें आवेदन

योग्य व इच्छुक उम्मीदवार एसएससी की आधिकारिक वेबसाइट ssconline.nic पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अनारक्षित उम्मीदवारों को 100 रुपये की एग्जामिनेशन फीस देनी होगी। ये फीस एसबीआई चालान/एसबीआई नेट बैंकिंग या मास्टर कार्ड, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के जरिए जमा कराई जा सकती है। महिला उम्मीदवारों व एससी, एसटी उम्मीदवारों को इस फीस से छूट है।

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रांची : आदिवासी सम्मेलन में भोपाल प्रदेश कांग्रेस के रखे सुझावों का झारखंड कांग्रेस का मिला समर्थन

NewsCode Jharkhand | 23 July, 2018 5:09 PM
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रांची। झारखंड कांग्रेस ने, भोपाल में आयोजित प्रदेश-स्तरीय कांग्रेस के आदिवासी सम्मेलन में आदिवासी समाज और किसानों के लिए स्थानीय विधायक उमंग सिंगर द्वारा रखे सुझावों का समर्थन किया है, जिसमें कई सुझाव शामिल हैं।

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विधायक उमंग ने अपने सुझावों में, केंद्र सरकार द्वारा किसानों के लिये घोषित समर्थन मूल्य के आधार पर किसानों को दी जाने वाली फसल खरीद की गारंटी की मांग की है। आदिवासी सम्मेलन में आदिवासी धर्म को मान्यता दी जाने एवं 9 अगस्त को कांग्रेस पार्टी की ओर से विश्व आदिवासी दिवस मनाये जाने का भी विधायक ने सुझाव दिया।

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निरसा : स्वास्थ्य केंद्र ने निकाली जागरूकता रैली

NewsCode Jharkhand | 23 July, 2018 5:07 PM
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मिजल्स व रूबेला टीकाकरण के बारे में लोगों को कराया अवगत

निरसा (धनबाद)। निरसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने सोमवार को मिजल्स व रूबेला टीकाकरण को लेकर जागरूकता रैली निकाली। रैली में स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों ने मिजल्स व रूबेला टीकाकरण की जानकारी देते हुए लोगों को बताया कि इसका नौ महीने के बच्चों से लेकर पंद्रह साल तक के बच्चों को दिया जाता है। यह एक संक्रामक बीमारी है। सही समय पर टीका लगाकर इससे बचाव किया जा सकता है।

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इस रोग का लक्षण शरीर में बुखार, मांसपेशी में खिंचाव, नाक का बहना है। लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्‍सक से परामर्श लेना चाहिए।

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