RRB भर्ती: आवेदन को लेकर हुए बड़े बदलाव, रेल मंत्री ने किया ये ऐलान

NewsCode | 23 February, 2018 12:28 PM

पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे भर्ती के लिए आवेदन फीस इसलिए बढ़ाई गई थी ताकि इसके लिए वही उम्मीदवार अप्लाई करें जो इस भर्ती को लेकर गंभीर हैं। ग्रुप डी परीक्षाओं के लिए आटीआई या एनसीटी योग्यता की दरकार नहीं रहेगी।

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भारतीय रेलवे ने युवाओं के लिए बंपर भर्ती निकाली है। रेलवे ने 91 हजार से ज्यादा लोगों की भर्ती के लिए आवेदन माँगा है। रेलवे भर्ती नियंत्रण बोर्ड की ओर से वैकेंसी निकलने के बाद परीक्षार्थियों ने उम्र सीमा को लेकर बिहार में प्रदर्शन किया था, जिसके बाद उम्र सीमा में बदलाव किए गए। वहीं अब भर्ती को लेकर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अहम घोषणा की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि ‘रेलवे भर्ती परीक्षा के लिए बढ़ाई गई आवेदन शुल्क रिफंडेबल होगी।

उन्होंने कहा कि अगर उम्मीदवार रेलवे भर्ती परीक्षा देता है तो यह बढ़ी हुई फीस उसे बाद में वापस कर दी जाएगी। बता दें, रेलवे भर्ती के लिए एससी/एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 250 रुपये और जनरल और ओबीसी लिए 500 रुपये आवेदन शुल्क रखी गई है। लेकिन अब परीक्षा के बाद जनरल वर्ग के उम्मीदवारों को 400 रुपये वापस किए जाएंगे और एससी/ एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के उम्मीवारों को पूरी फीस वापस की जाएगी।

उम्र सीमा में भी बदलाव 

वहीं इससे पहले जो भी भर्तियां रेलवे में निकाली गई थीं, उनमें जनरल वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 100 रुपये फीस रखी गई थी जबकि एससी/ एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए कोई फीस नहीं रखी गई थी। आपको बता दें, रेलवे ने काफी समय बाद ग्रुप डी कर्मचारियों के भर्ती निकलने के बाद छात्र काफी खुश हुए क्योंकि रेलवे में काफी लंबे समय बाद इतने पदों पर वैकेंसी निकली है।

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लेकिन ग्रुप डी की परीक्षा के लिए आईटीआई होना अनिवार्य करना, उम्र सीमा को कम करना और फीस बढ़ा देने पर छात्रों ने प्रदर्शन किया। हालांकि प्रदर्शन के बाद रेलवे ने उम्र सीमा को लेकर बदलाव किए जिसमें लोको पायलट’ और ‘असिस्टेंट लोको पायलट’ के लिए उम्र सीमा बढ़ाकर 30 साल कर दी है और ग्रुप डी की परीक्षाओं में आवेदन करने वाले जनरल वर्ग के उम्मीदवारों के लिए उम्र सीमा 28 साल से बढ़ाकर 30 साल कर दी गई है।

ITI की अनिवार्यता खत्म

रेलवे भर्ती परीक्षा में ग्रुप डी के लिए आईटीआई की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब ग्रुप डी परीक्षाओं के लिए आटीआई या एनसीटी योग्यता की दरकार नहीं रहेगी। रेलवे नौकरियों के लिए आवेदन करने वालों के लिए पिछले साल तक पालन किए जाने वाले नियमों में गुरुवार से छूट दे दी गई है। वहीं रेल मंत्री के इस निर्णय से उन लाखों छात्रों का प्रयास रंग लाया है जो पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे थे।

फीस बढ़ाने की वजह

पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे भर्ती के लिए आवेदन फीस इसलिए बढ़ाई गई थी ताकि इसके लिए वही उम्मीदवार अप्लाई करें जो इस भर्ती को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कई बार आवेदन फीस कम होने पर कई उम्मीदवार आवेदन तो कर देते हैं पर इसका नुकसान सरकार को होता है। बता दें, रेलवे मंत्रालय ने यह भी घोषणा की कि भर्ती परीक्षाएं जल्द ही क्षेत्रीय भाषाओं मलयालम, तमिल, कन्नड़, ओड़िया, तेलुगु और बांग्ला इत्यादि में भी होंगी।

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 बड़कागांव : “न्यूज़कोड” के द्वारा शिक्षक को किया गया सम्मानित

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 10:30 AM
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बड़कागांव। बड़कागांव प्रखंड के प्लस टू हाई स्कूल के  प्राचार्य राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. बालेश्वर राम एवं इंदिरा गांधी मेमोरियल कॉलेज के शिक्षक संजय सागर  को शिक्षा योगदान  में “न्यूज़कोड” की तरफ से मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

 बड़कागांव : "न्यूज़कोड" के द्वारा शिक्षक को किया गया सम्मानित

वहीं प्राचार्य डॉ. बालेश्वर राम ने बताया कि मैं  बच्चों को शिक्षा देने में भरपूर सहयोग करते हैं और करते रहेंगे। शिक्षा एक ऐसा गुण हैं जो लोगों को अपने मंजिल तक पहुंचाता है। वहीं इंदिरा गांधी मेमोरियल कॉलेज के शिक्षक संजय सागर ने कहां की शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा मानव के लिए बेहतर से बेहतर कार्य करने में अहम भूमिका निभाती है।

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जमशेदपुर : छुुुुट्टी मांगी, न‍हीं मिली, गर्भावस्‍था के पांंचवें माह में ड्यूूटी करने को मजबूर सुरक्षाकर्मी

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 3:58 PM
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एमजीएम अस्पताल की संवेदनहीनता

जमशेदपुर। जमशेदपुर का एमजीएम अस्पताल इन दिनों फिर से सुर्खियों में है। वैसे इस बार यह अस्पताल अलग ही तरह के कारनामों को लेकर सुर्खियों में है।

इस अस्पताल की लापरवाही की खबरें तो आम बात है, लेकिन इस बार इस अस्पताल में काम कर रही महिला सुरक्षाकर्मियों की क्या स्थिति है, यह बता रहे हैं।

किस तरह 8 महीने की गर्भवती महिला सुरक्षाकर्मी ड्यूटी करने को मजबूर है। ऐसा नहीं है कि उस महिला कर्मी ने छुट्टी के लिए गुहार नहीं लगाई थी।

इस महिला ने प्रेगनेंसी लीव का आवेदन दिया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन या होमगार्ड  के वरीय अधिकारी इस महिला के आवेदन को निरस्त करते हुए इतना ही कहा कि जब तुम्हें परेशानी होगी तो तुम्हें छुट्टी दे दी जाएगी।

ठीक से खड़ी नहीं हो पा रही महिला ड्यूूटी करने को मजबूर

अब सवाल यह उठता है कि आखिर 8 महीने की गर्भवती महिला को क्या परेशानी नहीं हो रही होगी ?  क्या एमजीएम अस्पताल प्रबंधन और झारखंड सरकार का गृह रक्षा वाहिनी विभाग इतना संवेदनहीन हो गया है कि जो महिला अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही, उसे अस्पताल की सुरक्षा में लगा दिया गया।

वैसे यह कोई पहली महिला नहीं है, जो गर्भवती होने के बाद भी ड्यूटी बजा रही है, बल्कि इनकी जैसी और भी एक महिला सुरक्षाकर्मी यहां ड्यूटी पर तैनात है।

पांचवें माह से ही प्रेगनेंसी लीव दिए जाने का है प्रावधान

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर सरकारी योजना जिसके तहत महिलाओं को पांचवें माह से ही प्रेगनेंसी लीव दिए जाने का प्रावधान है, उसका उल्‍लंघन हो रहा है। यदि महिला होमगार्ड की जवान के साथ कुछ अनहोनी हो जाए तो उसके लिए कौन जिम्मेवार होगा।

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NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 3:19 PM
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लोहरदगा। शहर के बड़ा तालाब, जामा मस्जिद आदि क्षेत्रों में नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान में लोहरदगा सदर अंचलाधिकारी परमेश्वर कुशवाहा, सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक शैलेश प्रसाद, नगर परिषद के सिटी मैनेजर आफताब आलम सहित कई अधिकारी और पुलिस बल के जवान मौजूद थे। अतिक्रमण अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। अतिक्रमण का दोषी पाए जाने पर, ऑन द स्‍पॉट कई दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया गया। नगर परिषद के इस अभियान से दुकानदारों में भी डर का माहौल देखा जा रहा है।

लोहरदगा : अतिक्रमण हटाओ अभियान से दुकानदारों में हड़कंप

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अतिक्रमण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए जाने के बाद से नगर परिषद अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चला रहा है। इस दौरान क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आने पर, अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले नगर परिषद ने कई बार दुकानदारों को चेतावनी देते हुए अतिक्रमण नहीं करने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके अतिक्रमण होने की वजह से सड़कें संकरी हो गई थी और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थी। जिसकी वजह से नगर परिषद और अंचल प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने को लेकर जोरदार अभियान चलाया।

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