रांची : आर्थिक असमानता से जूझ रहा है देश का युवा- वरुण गांधी

NewsCode Jharkhand | 17 May, 2018 6:18 PM

रांची : आर्थिक असमानता से जूझ रहा है देश का युवा- वरुण गांधी

हालात बदलने के लिए युवाओं को आगे आना होगा

रांची। सांसद वरुण गांधी गुरुवार को रांची में थे। लायंस क्लब ऑफ सेंट्रल की ओर से आयोजित युवा संवाद में देश की हालत और युवाओं की दशा पर वरुण गांधी जमकर बोले। उन्‍होंने कहा कि  देश की हालात को बदलने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। युवाओं का स्‍वंय के प्रयास से किए गये कार्य देश  के कई स्थानो में सामाजिक बदलाव के सूचक के रूप में स्थापित हो चुका है।

आप को भी वर्तमान हालात को बदलने के लिए आगे आना होगा। वरूण गांधी ने कहा कि आज देश और दुनिया के युवाओं  के समक्ष और आर्थिक असमानता से लड़ने की चुनैती है। देश में आर्थिक असमानता की खाई काफी चौड़ी हो गई है।

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1925 में 1% लोगों के लोगों के पास देश की 25% संपत्ति थी। वर्तमान समय में देश के 10% से कम लोगों के पास देश का कुल 90% संपत्ति चली गई है। ऐसे में सबो को समान अवसर कहां से मिल सकता है।

देश के युवाओं के पास क्षमता रहने के वावजूद भी सही अवसर नही मिल पा रहा है। वरूण गांधी ने दीपचन्द शर्मा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होने नौकरी से अवकाश प्राप्त करने के बाद पांच लाख रूपया सरकार को भेजा था और कहा था कि  जो देश में सबसे करीब 5 लोग है उनके बीच यह राशि बाट दी जाए। लेकिन सरकार के पास ऐसा कोई आंकडा नही है कह कर उन्हे राशि और पत्र वापस कर दिया गया।

एक ओर लोग पानी के बिना मुश्किल से जी रहे है वही देश में 400  परिवार की कालोनी में सभी परिवार के स्वींमिंग पूल बनाए जा रहे है।

राजनीति में भी युवाओं के लिए अवसर की कमी

वरूण गांधी ने कहा मैं एक राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से हूं जिस कारण 29 साल में सांसद चुना गया। ऐसे युवा सांसद एक दो  को छोड़कर सभी की पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीति से जुड़ी हुई है। देश के युवा के सामने ऐसे अवसर लाने होंगे कि वह सांसद विधायक और जनप्रतिनिधि बन सके।

वरुण गांधी ने अपने संबोधन में सरकार और सत्ताधारी पार्टी की बात तो नही की लेकिन देश के हालात और युवाओं के साथ सिमटते हुए अवसर और शिक्षा व्यवस्था पर चोट करने से नहीं चूके।

युवा संवाद के इस कार्यक्रम में अमिताभ चौधरी, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष डॉ महुआ माजी, प्रेस क्लब के महासचिव शम्भू चौधरी, बार काँसिल के महासचिव संजय विद्रोही, रांची विश्वविद्यालय की प्रति कुलपति डॉ कामिनी कुमार, सरला बिरला यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार रंगीत गाड़ोदिया,आदिवासी जन परिसद के कार्यकारी अध्यक्ष प्रेमशाही मुंडा,  संजय झा मौजूद थे।

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चाईबासा : बालिका गृह से चार बालिकाओं केे निकल जाने की सूचना पर किया निरीक्षण

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 7:53 PM

चाईबासा : बालिका गृह से चार बालिकाओं केे निकल जाने की सूचना पर किया निरीक्षण

जिला प्राधिकार के सचिव ने किया निरीक्षण

चाईबासा। स्थानीय छाया बालिका गृह से चार बालिकाओं की निकल जाने की खबर पर संज्ञान लेते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने निर्देश दिया।

प्राधिकार के सचिव कृष्णकांत मिश्रा ने पैरा लीगल वालेंटियर्स सह बाल संरक्षण कार्यकर्ता विकास दोदराजका और सुहासिनी बिरुवा के साथ बालिका गृह का निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने गृह की वार्डन मालती और संचालिका नरगिस खातून से बातचीत की। गृह में रहने वाले बालिकाओं से भी गृह और उनकी स्थिति के बारे में बातचीत कर आवश्यक निर्देश दिया गया।

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उन्होंने 4 बालिकाओं के गृह से चले जाने के संबंध में हुई घटना की बारीकी से जांच की। गृह के संचालिका को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। सचिव ने बताया कि उपरोक्त मामला अति गंभीर है तथा इसके बारे में बनाई गई रिपोर्ट प्राधिकार के अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।

तत्पश्चात आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटना ना हो इसके लिए यथासंभव  व्यवस्था की जाएगी। पिछले दिनों चोरी के आरोप में प्रताड़ना की शिकार हुई बालिका से भी मुलाकात की तथा स्थिति को जाना और संबल प्रदान किया।

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कोडरमा : सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं गांव के लोग- एबीवीपी

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 7:51 PM

कोडरमा : सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं गांव के लोग- एबीवीपी

एबीवीपी ने मुंडाहातु गांव का किया भ्रमण

कोडरमा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा बुधवार को चलो गांव की ओर सामाजिक अनुभूति 2018 समाज जीवन का प्रत्यक्ष अनुभव कार्यक्रम के तहत झुमरीतिलैया से 8 किलोमीटर दूर झरनाकुंड के मुंडाहातु गांव का दौरा किया। दौरे के क्रम में पाया गया कि गांव में 17 घर मिट्टी के हैं जहां लगभग 70 से 80 की संख्या में लोग रहते हैं। जिनको यहां रहते हुए 14 वर्ष हो चुके हैं।

लोगो का कहना है कि वे वार्ड नं. 4 झुमरीतिलैया के नगर परिषद के अंतर्गत आते हैं परंतु यहां मुलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। इस गांव में बिजली, पानी, विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र, शौचालय की व्यवस्था नहीं है। साथ ही सरकार की किसी भी योजना का लाभ यहां के लोगों को नहीं मिल रहा है।

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भ्रमण कार्यक्रम में राहुल सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य लखन सिंह, नगर मंत्री विक्की केशरी, जिला कार्यसमिति सदस्य आकाश वर्मा, संजू सिंह, निशांत सिंह, गांव के दीपक मुंडा, सुकरी मुंडा, जीतन मुंड़ा, तिलक माझी, सुंडी मांझी, झपरी मांझी, कजरी मांझी, कवित्री मांझी आदि शामिल थे।

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टुंडी : प्‍यास बुझाने के लिए जूझती हैं महिलाएं, जंगल पार कर के करती हैं व्‍यवस्‍था

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 7:32 PM

टुंडी : प्‍यास बुझाने के लिए जूझती हैं महिलाएं, जंगल पार कर के करती हैं व्‍यवस्‍था

विकास के नाम पर सिर्फ बिजली पहुंची

टुंडी (धनबाद)। टुंडी प्रखंड के नक्‍सल प्रभावित क्षेत्र रूपन पंचायत अंतर्गत धनारंगी गांव में लोगों को पेयजल की समस्या से जुझना पड़ रहा है। आलम यह है कि गांव की महिलाओं और बच्चियों को जंगलों के बीच जोरिया एवं डाड़ी से पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है।

बुधवार को न्यूज़कोड के सहयोगी जब गांव पहुंचे तो ग्रामीण श्रीलाल मुर्मू ने बताया कि गांव में पेयजल की बहुत समस्या है। दो टोलों में बंटा यह गांव पहाड़ की तराई में बसा हुआ है। जिसमें से एक टोले में कुआं और चापानल है जबकि पहाड़ की तराई में सटे टोले में मात्र एक चापानल है। जिससे ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझती है।

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इस कारण ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझाने के लिए गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर जंगलों के रास्ते होते हुए सोनापानी जोरिया में बहने वाली पानी लाते हैं। गर्मी के दिनों में यह जोरिया भी सूख जाता है। ग्रामीणों की मदद से खेतों में बने एक डाड़ी चुआं से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। विकास के नाम पर गांव में सिर्फ बिजली पहुंची है और कुछ पीसीसी बनी है, परंतु गांव जाने वाली मुख्य सड़क बिल्कुल जर्जर हालत में है।

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