रांची : विस्थापितों की उपेक्षा की तो नहीं चलेगा आउटसोर्सिंग कंपनी- विस्थापित मोर्चा

NewsCode Jharkhand | 8 February, 2018 11:21 AM

रांची : विस्थापितों की उपेक्षा की तो नहीं चलेगा आउटसोर्सिंग कंपनी- विस्थापित मोर्चा

रांची। ढूब कर्मा स्थल पर विस्थापित ग्रामीणों की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता पूर्व मुखिया मुकद्दर लोहार तथा संचालन अमृत भोगता ने किया। बैठक में विस्थापतों की समस्याओं को लेकर चर्चा की गई। बैठक में विस्थापतों ने कहा कि खदान खुलने से उनकी सारी जमीनें चली गयी है। खदान खुलने के कारण काफी संख्या में विस्थापित बेरोजगार हुए हैं।

विस्थापतों को प्रबंधन द्वारा बिजली, सड़क, शिक्षा एवम पेयजल तथा रोजगार आदि सुविधा उपलब्ध नहीं कराया गया है। विस्थापतो ने कहा कि इन समस्यओं को लेकर सभी विस्थापित एकजुट होकर अपने हक अधिकार के लिए संघर्ष करेंगे।

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इसके अलावा रोहिणी में आउटसोर्सिंग कम्पनी आरकेएस कम्पनी में विस्थापतों के लिए रोजगार पर कहा गया कि विस्थापित ग्रामीण को प्राथमिकता के आधार रोजगार देना होगा। विस्थापित की उपेक्षा करके कोई भी कम्पनी यहां काम नहीं कर सकती है।

बैठक में लहसन भोगता, बहुरा मुंडा, रमेसर भोगता, उमेस लोहार, सिवनाथ भोगता, कोलेसर मुंडा, बालेसर भोगता, बिनोद गंझू, लालू मुंडा, रामप्रसाद मुंडा, राजेंद्र गंझू, महावीर गंझू, रामेस मुंडा सहित कई गांव के ग्रामीण उपस्थित थे।

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सिमडेगा : मुख्यमंत्री 23 मई को करेंगे बीरू ग्रि‍ड का उद्घाटन, तैयारियां पूरी

NewsCode Jharkhand | 22 May, 2018 9:22 PM

सिमडेगा : मुख्यमंत्री 23 मई को करेंगे बीरू ग्रि‍ड का उद्घाटन, तैयारियां पूरी

उपायुक्‍त और एसपी ने कार्यक्रम स्‍थल का किया निरीक्षण

सिमडेगा। मुख्यमंत्री रघुवर दास 23 मई को सिमडेगा में बीरू ग्रि‍ड का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सभी तैयरियां पूरी कर ली गयी है। उपायुक्त जटाशंकर चौधरी व एसपी संजीव कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने  कार्यक्रम स्थल  का दौरा किया।

आयोजन स्थल पर भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। हेलीपैड भी बनाये गये हैं। कार्यक्रम के दौरान वीआईपी पार्किंग, आम लोगों के वाहनों की पार्किंग, सड़क के किनारे साफ-सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पुलिस को मुस्तैद कर दिया गया है। आने-जाने वाले वाहनों पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस की गश्ती बढ़ा दी गयी है।

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कार्यक्रम को लेकर दंडाधिकारियों तथा पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ती कर दी गयी है। कार्यक्रम में आदिवासी ग्राम संगठन, रानी मिस्त्री, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण, सखी मंडल के अलावे अन्य लोग भी शामिल होंगे।

बीरू विद्युत ग्रि‍ड  जिले के लोगों की बहुत पुरानी मांगे थी, जो अब साकार हो गया। ग्रि‍ड के बन जाने से जिले में विद्युत समस्या से लोगों को  निजात मिलेगी। निर्बाध बिजली जिले के लोगों को मिलेगी। बिजली नियमित रूप से रहने से यहां रोजगार व उद्योग के सृजन की संभावना बढ़ जायेगी। इससे जिले में रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

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कटकमसांडी : सदर विधायक ने महाने नदी पुल का किया शिलान्यास

NewsCode Jharkhand | 22 May, 2018 9:04 PM

कटकमसांडी : सदर विधायक ने महाने नदी पुल का किया शिलान्यास

कटकमसांडी (हजारीबाग)हजारीबाग जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र स्थित कटकमसांडी और चतरा जिले के सिमरिया विधान सभा क्षेत्र स्थित पथलगड्डा प्रखंड के सीमांत गांव कटकमसांडी- रतुरवा के बीच बहने वाले महाने नदी पर बनने वाले पुल का विधिवत शिलान्यास सदर विधायक मनीष जायसवाल ने नारियल फ़ोडकर, पूजा-अर्चना कर और शिलापट्ट का अनावरण कर किया।

शिलान्यास कार्यक्रम के लिए  उलांज  पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने ढोल-तासे के साथ  फूल माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। मौके पर विधायक ने कहा कि पुल बन जाने से आज़ादी के बाद पहली बार हजारीबाग और चतरा जिले के बीच स्थित करीब दो दर्जन से अधिक गाँव एक-दूसरे से जुड़ पायेगा।

कटकमसांडी : जंगल में बन रहा तालाब, विभाग मौन, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

उन्होंने कहा कि इस पुल के बन जाने से  लोगों को कटकमसांडी बाजार, अस्पताल व बैंक सहित अन्य कार्यों में जहाँ सहुलियत होगी, वहीं क्षेत्र में अपराध और उग्रवादी घटनाओं पर भी लगाम लगाने में प्रशासन के लिये मददगार साबित होगा।

उल्लेखनीय है कि विगत एक वर्ष पूर्व दो लड़कियों की दुष्कर्म के उपरांत हत्या कर अपराधियों ने शव को जंगल मे फेंक दिया था। पीड़ित परिजनों से मुलाकात करने के लिये  सदर विधायक मनीष जायसवाल ने सुदुर जंगली रास्ते को पार करते हुए उनके घर गए थे। इस क्रम में पीड़ित परिजनों तथा ग्रामीणों ने उनसे एक स्वर में महाने नदी पर पुल बनवाने की मांग की थी।

कटकमसांडी : सदर विधायक ने कटकमदाग प्रखंड के लोगों की सुनी समस्या

परिजनों व ग्रामीणों को विधायक ने जल्द पुल बनवाने का आश्वसन दिया था और उनके लगातार पहल के बाद  पुल का निर्माण कार्य महज एक वर्ष के भीतर शुरू हो पाया है। पुल का निर्माण ग्रामीण विकास (ग्रामीण कार्य मामले) विभाग के मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना अंतर्गत करीब 2.23 दो करोड तेईस लाख की लागत से बनेगा, जो 4 स्पेन का पुल होगा।

पुल का निर्माण कार्य मेसर्स गुप्तेश्वर कंसट्रक्शन, हजारीबाग द्वारा किया जायेगा। उद्घाटन कार्यक्रम के अवसर पर कटकमसांडी बीडीओ अखिलेश कुमार, प्रमुख कुमारी श्रीति पांडेय, बीस सुत्री अध्यक्ष रामकुमार मेहता, विधायक प्रतिनिधि किशोरी राणा, बिजय कुमार, सांसद प्रतिनिधि मुनेश ठाकुर, भाजपा पश्चिमी मंडल अध्यक्ष रीतलाल यादव, पुर्वी मंडल अध्यक्ष जीवन कुमार मेहता, बाझा मुखिया लिलो सिंह भोक्ता, चतरा जिला के मेराल मुखिया भरत सिंह भोक्ता मजूद थे।

इसके अलावे पूर्व सदस्य कुलदीप सिंह भोक्ता, ब्लू कल्याणपुर पंचायत के मुखिया अशोक राणा, गदोखर पंचायत के पूर्व मुखिया नारायण साव, बिरेन्द्र कुमार बिरु, प्रकाश कुशवाहा, सरयु सिंह, अजय अग्रवाल,  पैक्स   चेयरमैन कपिल देव सिंह ,राकेश कुमार सिंह, पप्पू पांडेय, अनुराग मित्तल, अजीत दास, नरेश मेहता, मुकेश सरैयार,  डॉ रविशंकर कपूर, मनोज कुमार, अशोक सिंह, विधायक मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित  कटकमसांडी और पथलगड्डा  प्रखंड के दर्जनों गाँवों के सैकड़ों महिला- पुरुष, बच्चे- बुढ़े और नौजवान उपस्थित थे।

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कर्नाटक: कांग्रेस के जी परमेश्वर डिप्टी सीएम और रमेश कुमार बनेंगे स्पीकर, बुधवार को शपथ ग्रहण

NewsCode | 22 May, 2018 8:53 PM

कर्नाटक: कांग्रेस के जी परमेश्वर डिप्टी सीएम और रमेश कुमार बनेंगे स्पीकर, बुधवार को शपथ ग्रहण

नई दिल्ली। कर्नाटक की सियासत में बुधवार को जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार के अस्तित्व में आने के साथ ही एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री बुधवार को एक साथ शपथ लेंगे। जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी सीएम और कांग्रेस के जी परमेश्वर डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे। विधानसभा के स्पीकर का पद भी कांग्रेस को मिला है।

खबर है कि विधानसभा स्पीकर कांग्रेस के केआर रमेश कुमार होंगे। इसके बाद फ्लोर टेस्ट होगा और तभी कैबिनेट विस्तार किया जाएगा। आपको बता दें कि जी परमेश्वकर कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा। गुरुवार को स्पीकर के चुने जाने के बाद कुमारस्वामी विधानसभा में बहुमत साबित करेंगे।

सूत्रों के हवाले से खबर है कि दोनों पार्टियों में कैबिनेट में जगह को लेकर भी बातचीत फाइनल हो गई है। कांग्रेस के 22 और जेडीएस के 12 विधायकों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

वीआईपी सीटों को लेकर खींचतान

वहीं, दूसरी ओर शपथ ग्रहण समारोह को देखने के लिए लगाई जाने वाली वीआईपी सीटों पर भी अधिक हिस्सेदारी के लिए दोनों पार्टियों में खींचतान चल रही है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधायकों ने जोर दिया कि मंत्रिमंडल में उनकी पार्टी को वाजिब हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। इन विधायकों का कहना था कि वो चुनाव में जेडीएस के साथ तीखी लड़ाई के बाद जीते हैं और अगर कांग्रेस के किसी मंत्री को बुधवार को शपथ नहीं दिलाई जाती है, तो ये उनके लिए असहज स्थिति होगी।

कर्नाटक की सत्ता में भागीदारी ही नहीं, कांग्रेस को शपथ ग्रहण समारोह को देखने के लिए लगने वाली करीब 6000 वीआईपी सीटों को लेकर भी चिंता है कि उसके खाते में कितनी सीटें आएंगी। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेताओं को लगता है कि कहीं जेडीएस अपने नेताओं के लिए अधिक सीटों पर कब्जा न कर ले। ऐसे में पर्याप्त संख्या में पार्टी नेताओं के लिए वीआईपी सीटें सुरक्षित कर पाने को लेकर भी कांग्रेस चिंतित है।

कर्नाटक विधान सौध परिसर में जेडीएस की ओर से ऐसे कई पोस्टर लगाए गए हैं, जिसमें उसके गठबंधन में बड़े पार्टनर होने का आभास होता है। मालूम हो कि कर्नाटक में येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद अब जेडीएस के कुमारस्वामी कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने जा रहे हैं।

याद रहे कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 12 मई को मतदान हुए थे, जबकि 15 मई को नतीजे आए थे। इसमें 104 सीटें जीतकर बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि कांग्रेस को 78 सीटों और जेडीएस को 37 सीटों पर जीत मिली थी। इस चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, जिसके चलते बीजेपी ने सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करके सरकार बना ली थी, लेकिन येदियुरप्पा विधानसभा में बहुमत साबित करने में विफल रहे और उन्होंने ढाई दिन में ही इस्तीफा दे दिया। इसके बाद जेडीएस और कांग्रेस मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं। दोनों के कुल विधायकों की संख्या बहुमत से भी ज्यादा है।

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