रांची : कैबिनेट की बैठक में 16 फैसलों पर मुहर, 6 जिलों में नई स्कीम चलाने का फैसला

NewsCode Jharkhand | 19 June, 2018 7:37 PM
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अति पिछड़े जिलों में 50 करोड़ हर वर्ष दिया जाएगा

रांची। प्रदेश के अति पिछड़े 6 जिलों में राज्य सरकार ने एक नई स्कीम चलाने का फैसला लिया है। इन जिलों को स्कीम के तहत अगले 3 साल तक 50 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष दिए जाएंगे। जो एक तरह का अनटाइड फंड होगा। उन जिलों में खूंटी, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम, पाकुड़, साहेबगंज और सिमडेगा के नाम शामिल है।

अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने बताया कि स्टेट कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया है। इन 6 में से 4 जिलों में शेड्यूल्ड ट्राइब की आबादी काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि आंकड़ों के अनुसार खूंटी में 65%, गुमला में 68%, पश्चिमी सिंहभूम में 67%, प्रतिशत और सिमडेगा में सबसे अधिक 70% अनुसूचित जनजाति आबादी है।

जिले के डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में कमेटी बनेगी। जो वहां लागू होने वाली योजनाओं की रिपोर्ट भेजेगी। उस पर चीफ सेक्रेटरी के नेतृत्व में बनी कमेटी अप्रूवल देगी और फिर वह योजनाएं वहां चलाई जाएगी।

सीडीपीओ की बहाली के लिए केवल लिखित परीक्षा

राज्य सरकार ने सीडीपीओ सेवा संवर्ग नियमावली को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत 75% डायरेक्ट अपॉइंटमेंट होगा। जिनमें 50% महिलाओं की बहाली होगी। जबकि 25% पदों पर महिला पर्यवेक्षिका को प्रोन्नति देकर सीडीपीओ बनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 250 नंबर की लिखित परीक्षा होगी। पहले के अनुसार 100 नंबर का इंटरव्यू भी होना था। जिसे राज्य सरकार ने कैंसल कर दिया ताकि नियुक्ति में किसी को फेवर नहीं मिल सके।

संस्कृत और मदरसा के शिक्षकों को नहीं मिलेगा पेंशन 

सुखदेव सिंह ने बताया कि बैठक में 16 मामलों पर राज्य सरकार ने मुहर लगाई है। जिसके तहत मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों को पेंशन देने की स्कीम को भी रद्द कर दिया गया है।

अक्टूबर 2014 में राज्य सरकार ने मदरसा और संस्कृत स्कूल के शिक्षकों को पेंशन देने की स्कीम शुरू करने का निर्णय लिया था, लेकिन दोनों संस्थानों के शिक्षक और गैर शिक्षकेतर कर्मचारी सरकारी कर्मी नहीं माने जाते है।

राज्य सरकार ने रिवाइज्ड स्केल के तहत तनख्वाह पा रहे राज्य सरकार के कर्मियों का डीए 6% बढ़ाने का फैसला लिया है अब यह बढ़कर 268 प्रतिशत से 274 प्रतिशत हो गया।

श्रावणी मेला की तैयारी शुरू 

अगले महीने शुरू होने वाले श्रावणी मेला के मद्देनजर राज्य सरकार ने देवघर में 23 पुलिस और 14 अस्थाई चेक पोस्ट बनाने का निर्णय लिया है। इसे मैनेज करने के लिए वहीं के संसाधन का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार ने गोड्डा और गिरिडीह जिले में नए डिप्टी कमिश्नर ऑफिस निर्माण पर अपनी सहमति दी है।

केंद्र की SEZ पॉलिसी अपनाएगी झारखण्ड सरकार 

राज्य सरकार ने 2003 में बने स्पेशल इकनोमिक जोन पॉलिसी को भी समाप्त कर 2005 में केंद्र सरकार के इस बावत बने एक्ट और 2006 में बने नियमों को अडॉप्ट करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा राज्य सरकार ने ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स को ऑफिस बनाने के लिए कोर कैपिटल में 62 डिसमिल जमीन देने का भी फैसला लिया है।

बोकारो के गोमिया में मीथेन गैस के एक्सप्लोरेशन के लिए राज्य सरकार ने आयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन को 3.55 एकड़ जमीन देने का निर्णय लिया है। वहीं राज्य सरकार ने दो निजी विश्वविद्यालय के आर्डिनेंस पर भी सहमति दी।

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रांची। गुरुनानक देव जी समाज के पथ प्रदर्शक एवं सच्चे आध्यात्मिक गुरु- द्रौपदी मुरमु

Rakesh Kumar | 21 November, 2018 8:04 PM
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रांची। गुरुनानक देव जी समाज के पथ प्रदर्शक एवं सच्चे आध्यात्मिक गुरु थे। मुझे सिक्खों के प्रथम गुरु एवं सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल होकर अपार प्रसन्नता हो रही है। वाहे गुरु की खालसा वाहे गुरु की फतह। माननीया राज्यपाल डॉ द्रोपदी मुरमु ने  रातू रोड रांची कृष्णा नगर काॅलोनी में आयोजित सत्संग में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रही थी।
माननीया राज्यपाल ने कहा कि गुरु नानक जी द्वारा स्थापित सिख धर्म जीवन दर्शन का आधार, मानवता की सेवा, कीर्तन, सत्संग एवं एक सर्वशक्तिमान ईश्वर के प्रति विश्वास है। गुरुनानक देव जी ने हमें जीने की कला सिखाई। एक समाज सुधारक के रुप में गुरु नानक साहब जी ने महिलाओं की स्थिति, गरीबों एवं दलितों की दशा सुधारने के कार्य किये। मैं गुरु जी को नमन करती हंू।
आज के कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री श्री सी0पी0 सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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ऱांची: आदिवासी की  अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कानून बनाया जाए- बारला

NewsCode Jharkhand | 21 November, 2018 8:22 PM
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रांची। पांचवी अनुसूची एवं आदिवासी की  अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कानून बनाया जाए इन सब मांगों को लेकर  राजभवन के समक्ष धरना दयामनी बारला के नेतृत्व में दिया गया दिया  ।
20 मांगों के साथ राज्यपाल महोदया को ज्ञापन सामाजिक कार्यकर्ता दयामणि बरला के नेतृत्व में दिया गया । इस मौके पर दयामणि बारला  ने कहा रघुवर सरकार संविधान का उल्लंघन करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं भारतीय संविधान में हम आदिवासी मूल वासी ग्रामीण किसान समुदाय को पांचवी अनुसूची क्षेत्र में गांव के सीमा के भीतर गांव के बाद जंगल जार बालू की तीव्रता एक-एक इंच जमीन पर ग्रामीणों को मालिकाना हक दिया है ।
यहां के  माइनर मिनिरल्स माइनर फॉरेस्ट प्रोडक्ट पर भी ग्रामसभा का अधिकार है ।इसी पांचवी अनुसूची में पेशा कानून 1996 वन अधिकार कानून 2006 का प्रावधान है ।यही मानकी मुंडा पड़हा व्यवस्था मांझी – परगना खुटकटी अधिकार भी है।
लेकिन राज्य सरकार इंसानों को अनदेखा करके आदिवासी समाज को प्रताड़ित करने का काम कर रही  है। राज्य सरकार अभी तक कुल 4 मोमेंटम झारखंड का आयोजन कर हजारों कारपोरेट कंपनियों तथा पूंजी पतियों के साथ झारखंड के आदिवासी निवासी किसानों के जल जंगल जमीन को उनके हाथ देने का समझौता कर लिया है ।जो पूरी तरह से पांचवी अनुसूची तथा पेसा कानून के प्रावधानों पर ग्रामीणों के अधिकारों पर हमला ही माना जाएगा । वर्तमान में चल रहे रिवीजन सर्वे  जिसके पूर्ण होते ही जिसके आधार पर नया खतियान बनेगा । इसके साथ ही 1932 का खतियान स्वतः निरस्त हो जाएगा। जिससे यहां का आदिवासी मूल राशि किसानों सभी समुदाय के परंपरागत अधिकार समाप्त हो जाएंगे

रांची: स्वस्थ बच्चे व स्वस्थ मां सामाजिक अर्थव्यवस्था की बुनियाद-ऋचा संचिता 

NewsCode Jharkhand | 21 November, 2018 7:56 PM
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रांची। झारखंड आई.ए.एस.ऑफिसर्स  वाइब्स एसोसिएशन (जेसोवा) की सचिव श्रीमती रिचा संचिता ने कहा कि स्वस्थ बच्चे और स्वस्थ मां सामाजिक अर्थव्यवस्था की बुनियाद हैं. इन्हें कुपोषण से बचाने तथा शैक्षिक संस्कार देने के लिए आंगनवाड़ी केंद्र की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है. जेसोवा एक सामाजिक संगठन है जो झारखंड के सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है.

आज जेसोवा के सदस्यों ने अरगोड़ा आंगनवाड़ी केंद्र का भ्रमण किया. जेसोवा के सदस्यों ने आंगनबाड़ी के बच्चों के बीच स्वेटर, टोपी और स्टेशनरी इत्यादि सामग्रियों का वितरण किया. अरगोड़ा आंगनबाड़ी केंद्र पर ही मधुकम आंगनवाड़ी केंद्र की सेविका- सहायिका को वहां के बच्चों के लिए गर्म कपड़े एवं स्टेशनरी आदि वितरित करने हेतु उपलब्ध कराए गए. जेसोवा द्वारा अरगोड़ा आंगनवाड़ी केंद्र को एक वॉल फैन भी दिया गया.

इस अवसर पर जेसोवा की ओर से श्रीमती ऋचा संचिता, श्रीमती मिली सरकार, श्रीमती अमिता खंडेलवाल, श्रीमती मनु झा, श्रीमती स्टेफी टेरेसा मुर्मू तथा रांची जिला के विभिन्न सीडीपीओ और आंगनवाड़ी केंद्रों की सेविका सहायिका सहित आंगनबाड़ी के बच्चे उपस्थित थे.

 

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