रांची : रिम्‍स हड़ताल- संवेदनहीन हो गए हैं धरती के भगवान

NewsCode Jharkhand | 3 June, 2018 3:23 PM
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लाठी-डंडो से लैस होकर नर्सें कर रही हैं प्रदर्शन

रांची। राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस(रिम्स) में नर्सों,  जूनियर डॉक्टर्स, पारा मेडिकल स्टॉफ और इंटर्न की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है। हड़ताल के कारण इलाज के अभाव में यहां डेढ़ दर्जन मरीजों की मौत की खबर है।

वहीं रिम्स में भर्त्ती करीब 400 से अधिक मरीज दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर गये है। लेकिन आर्थिक रुप से कमजोर मरीजों के परिजन किसी निजी अस्पताल में इलाज कराने में समर्थ नहीं है, इस कारण ऐसे मरीज रिम्स में ही दर्द से कराह रहे है, लेकिन उन्हें दर्द निवारक सुई देने वाला कोई नहीं है।

रांची : रिम्स में व्यवस्था चरमराई, मरीज को उनके परिजन खुद लगा रहे हैं इंजेक्शन

वहीं हड़ताल के कारण लगातार कई जरुरी ऑपरेशन भी टलते जा रहे है। रविवार को हड़ताली नर्सों ने लाठी डंडो के साथ प्रदर्शन किया। मरीजों के जो भी परिजन उनके पास वार्ता के लिए जा रहे हैं उनपर नर्सों द्वारा हमला किया जा रहा है।

एक रिपोर्ट के अनुसार अब तक करीब 1200 मरीजों बिना इलाज कराये रिम्स से लौटना पड़ा है। शनिवार को रांची के सोनाहातु थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में भालू के हमले से पांच लोग घायल हो गये थे।

 

सभी इलाज कराने रिम्स पहुंचे, तो गेट बंद देखकर उन्हें सदर अस्पताल में भर्त्ती होना पड़ा। वहीं राज्य के कई दूर-दराज क्षेत्रों से आये मरीजों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आये मरीज और उनके परिजन बरामदे में बैठकर हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहे है।

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जमशेदपुर : शहर को अव्वल बनाने में लोगों के साथ आला अधिकारियों ने दिया जोर

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 4:55 PM
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स्लम एरिया में की गई साफ-सफाई

जमशेदपुर। पीएम मोदी के आह्रवान पर देश भर में मनाए जा रहे स्वच्छता पखवाड़ा के तहत सफाई अभियान में जमशेदपुर को अवल्ल बनाने को लेकर जिला प्रशासन ने सघन अभियान चला रखा है। जिसकी कमान खुद अमित कुमार ने संभाल रखी है।

उपायुक्त स्वयं स्थानीय बस्तीवासियों को साथ लेकर स्लम एरिया में लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करने में लगे है, ताकि स्वच्छता में शहर को अव्वल बनाया जा सके।

यह तस्वीर है लौहनगरी जमशेदपुर के स्लम क्षेत्र वाला इलाका छाया नगर और चंडीनगर का। कचरे का ढेर यहां की बस्तियों से गुजरने वाली सड़कें और गली-मुहल्लों में सहज ही देखी जा सकती है। यही वजह है कि स्वच्छता पखवाड़े को लेकर जिला उपायुक्त ने बस्तीवासियों के सहयोग से बृहद पैमाने पर अभियान चलाया।

दुमका : स्वछता ही सेवा है अभियान में उतरे मंत्री समेत पदाधिकारी

उपायुक्‍त अमित कुमा ने अपील की है कि एक ऐसा शहर बनाना जहां गंदगी का नामो निशान न हो, लोग स्वस्थ रहे, साफ-सफाई को, अपने दिनचर्या में अपने शहर को रोल मॉडल बनाने में योगदान दें।

ऐसे में स्वच्छता को लेकर चलाये जा रहे अभियान में जिले के आला अधिकारियों द्वारा पहल किये जाने से स्थानीय बस्तीवासियों में भी स्वच्छता के प्रति जुनून देखा गया।

यहां के लोग कहते है कि सरकार और उनके मातहत अधिकारियों द्वारा साफ-सफाई को लेकर किये जा रहे कार्य से उन्हें स्वच्छता के प्रति प्रेरणा मिली है। साफ-सफाई से गंभीर बीमारियों से छुटकारा मिल सकेगा।

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गोड्डा : आदिवासी गांव में हुई प्रशासनिक कार्रवाई से आहत हैं प्रदीप यादव

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:53 PM
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गोड्डा। मुख्यमंत्री जनसंवाद 181 में 2017 में दर्ज शिकायत के आलोक में बुधवार को पोड़ैयाहाट प्रखंड के बाघमारा पंचायत में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान के तहत अंचलाधिकारी विजय कुमार की उपस्थिति में 50 आदिवासी परिवार वाले केंदुआ गांव मैं कार्रवाई की गई।

जानकारी के अनुसार अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत बुधवार को 14 घरों को तोड़ा गया। मामले पर अंचलाधिकारी ने बताया कि कार्रवाई को लेकर स्थानीय जनों को कई बार अतिक्रमण मुक्त की नोटिस दी गई थी, नोटिस दिए जाने के बावजूद यह क्षेत्र खाली नहीं किया गया था।

गोड्डा : असमाजिक तत्वों को चिन्हित कर होगी कार्रवाई-एसडीपीओ

12 सितंबर को ग्रामीणों को  पुनः नोटिस देने के बाद यह कार्रवाई की गई है। वहीं कथित कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए स्थानीय विधायक प्रदीप यादव बेहद आहत नजर आ रहे है। जानकारी के अनुसार विधायक प्रतिनिधि बोल बम मंडल ने भी कहा की अंचलाधिकारी द्वारा बिना नोटिस के यह कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा कि भादो माह में आदिवासी गांव को इस तरह तोड़-फोड़ कर देने से आज लोग पेड़ के नीचे रहने को विवश है, मामले को लेकर स्थानीय विधायक प्रदीप यादव द्वारा उपायुक्त किरण पासी को तत्काल यह कार्रवाई रुकवाने का आग्रह किया गया है।

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गावां : कागजों पर ही सीमित रहा कानून, बगैर लैब, लाइब्रेरी और शिक्षक के पढ़ रहे छात्र

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:47 PM
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गावां (गिरिडीह)। राज्य सरकार ने पिछले कुछ सालों के भीतर प्राइमरी-मिडिल स्कूलों का उत्क्रमित कर उन्हें हाई और हाई स्कूलों को उपग्रेड कर हायर सेकंडरी में तब्दील कर के सिर्फ वाहवाही लूटी है।

स्कूलों को अपग्रेड कर सरकार ने कागजी तौर पर सूबे में उच्च शिक्षा के नाम पर जनता को बेवकूफ बनाया है। कागजी रिकॉर्ड में सरकार ने हर पांच किमी के दायरे में हाई स्कूल की व्यवस्था कर दी। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

स्कूलों के अपग्रेड होने के वर्षो बाद भी आज तक हाई और हायर सेकंडरी के लिए ना तो भवन बनाया और न ही लैब और लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं कई स्कूलों में तो अब तक एक भी शिक्षक की नियुक्ती नही की गई है।

ऐसे में प्राईमरी और मीडिल स्कूल के शिक्षकों के भरोसे ही हाई और सेकंडरी स्कूलों के बच्चों के भविष्य का जिम्मा है।

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत गावां प्रखंड के छह प्राईमरी-मीडिल स्कूल को अपग्रेड कर हाई स्कूल में और दो हाई स्कूल को अपग्रेड कर हायर सेकंडरी में तब्दिल किया गया है। परंतु अपग्रेशन के चार-पांच वर्ष बाद भी अब तक इन न्यू अपग्रेड हायर सेकंडरी स्कूलों में ना तो भवन, ना ही लाइब्रेरी और ना लैब की व्यवस्था की गई है।

इतना ही नहीं गावां के नौ हाई स्कूल और दो प्लस टू स्कूल में से पांच हाई स्कूल और एक प्लस टू स्कूल शिक्षक विहीन है। ऐसे में प्रखंड की माध्यमिक शिक्षा की बदतर व्यवस्था का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

प्रखंड के नौ हाई स्कूलों में उत्क्रमित हाई स्कूल जमडार को छोड़कर बाकी के आठ हाई स्कूल और दो प्लस टू स्कूल में ना तो लैब और ना ही लाईब्रेरी की मुक्कमल व्यवस्था।

बगैर लैब के इन स्कूलों में अध्ययनरत्त नौवीं से बारहवीं के साईंस के छात्र-छात्राओं को कैसी शिक्षा मिल रही है इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। जबकि आलाधिकारी यहां के स्कूलों के संसाधनों से वाकिफ है।

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