रांची : चुनावी चंदे के लिए सरकार ने बांड खरीदने का लाया नया कानून

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कार्यशाला में वक्‍ताओं ने इस कानून को राजनीतिक सुधार और पारदर्शिता के खिलाफ बताया

रांची। पहले किसी राजनीतिक दल को बीस हज़ार या उससे अधिक चंदा देने पर दाता का नाम ज़ाहिर करना होता था। लेकिन अब सरकार के लिए पारदर्शिता नया पर्दा है। इस पर्दे का रंग तो दिखेगा मगर पीछे का खेल नहीं।

चुनावी चंदे के लिए सरकार ने बांड खरीदने का नया कानून पेश किया है। एडीआर,नई दिल्ली तथा नेशनल इलेक्शन वॉच, झारखण्ड चैप्टर के तत्वाधान में प्रेस क्लब में आयोजित कार्यशाला में सभी वक्ताओं ने इसे राजनीतिक सुधार और पारदर्शिता के खिलाफ बताया।

एडीआर के संस्थापक जगदीप छोकर ने कहा कि इस बांड पर ना देने वाले और ना ही लेने वाले का नाम होगा फिर पारदर्शिता कैसी? यह काला धन को सफ़ेद करने का उपक्रम है। रिज़र्व बैंक और चुनाव आयोग ने भी माना है कि यह पारदर्शिता लाने में सक्षम नहीं है। बांड ख़रीदते ही आपका काला धन गुप्त हो जाएगा। बैंक आपसे नहीं पूछेगा कि आप किस पैसे से बांड ख़रीद रहे हैं और इतना बांड क्यों ख़रीद रहे हैं। आप उस बांड के ज़रिए किसी पार्टी को चंदा दे देंगे और पार्टी उस बांड को बैंक से भंजा लेगी।

वित्त मंत्रालय ने इस योजना की घोषणा की है। बताया है कि व्यक्ति, व्यक्तियों का समूह, एनजीओ, धार्मिक और अन्य ट्रस्ट हिन्दू अविभाजित परिवार और कानून के द्वारा मान्य सभी इकाइयां बिना अपनी पहचान ज़ाहिर किए चंदा दे सकती हैं।

कांग्रेस के जेपी गुप्ता ने कहा की हमारी पार्टी इसका सख्त विरोध करती है। सीपीएम के प्रकश विप्लब ने कहा कि हमारी पार्टी इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में गयी है। माले के सुबेंधू सेन ने पारदर्शिता को खत्म करने वाला कानून बताया। आम आदमी पार्टी के जयशंकर चौधरी ने यह राजनीतिक सुधार को धक्का पहुंचाता है। इस सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर बीके सिन्हा ने किया।

सिविल सोसाइटी वाले सत्र में प्रोफेसर जय राम तिवारी ने कहा कि भारत की नियति यही है। जो सबसे भ्रष्ट है वह भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ने का आश्वासन देता है और हम आश्वस्त हो जाते हैं। पेंशनर समाज के रामसेवक तिवारी, प्रेस क्लब के महासचिव शम्भू चौधरी, नागरिक प्रयास के पीपी वर्मा ने कहा की इससे देश का लोकतांत्रिक ढांचा कमजोर होगा। आम आदमी के लिए लड़ने वालों की स्वर कुंड होगी। इस सत्र की अध्यक्षता चेम्बर के अध्यक्ष रंजित गाड़ोदिया ने की।

कार्यक्रम में झारखण्ड के विभिन्न जिलों के 150 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

वर्तमान स्थिति

भारत में चुनाव में राजनीतिक दल बहुत पैसा लगाते हैं। इन पैसों का स्रोत क्या होता है? वस्तुतः इसके लिए हर दल चंदा लेता है। चन्दों के बारे में वर्तमान में यह नियम है कि बीस हज़ार से अधिक का चंदा चेक के माध्यम से दिया जाए। 20 हजार रुपये से कम का चंदा बिना किसी रसीद के दिया जा सकता है।

राजनीतिक दल इस प्रावधान का भरपूर लाभ उठाते हैं। उनका अधिकांश पैसा बिना रसीद ही आता है। अर्थात् उनका अधिकांश पैसा 20,000 – 20,000 रु. कर के आता है। इस प्रकार सम्बंधित राजनीतिक दल हिसाब देने से बच जाती है। यह स्पष्ट है कि बिना रसीद के लिए-दिए गए यह पैसे काला धन ही होते हैं। जिनके पास काला धन है वे ही यह चंदा अपने स्वार्थ के लिए दिया करते हैं। यह पैसा राजनीतिक दल के पास पहुंचकर स्वयं एक नया काला धन हो जाता है।

रांची : अब से ऑनलाइन चेक पोस्ट के जरिये कटेंगे चालान

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मंत्री सीपी सिंह ने किया उद्घाटन

रांची। परिवहन विभाग ने एक अच्छी पहल की है। विभाग की ओर से ऑनलाइन चेक पोस्ट का उद्घाटन विभागीय मंत्री सीपी सिंह और विभागीय सचिव राहुल शर्मा द्वारा किया गया।

मौके पर राज्य के तमाम जिलों के डीटीओ शामिल हुए। इस दौरान विशेषज्ञों द्वारा उन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया।

मैनुअल चेक पोस्ट होने के कारण वाहन मालिकों के साथ-साथ परिवहन विभाग को भी राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था और आए दिन वाहन मालिकों से इन मैनुअल चेक पोस्टों पर अवैध वसूली होती थी।

रांची : सीपी सिंह ने प्रेस क्लब में जिम निर्माण के लिए तीन लाख की सहायता दी

जिस वजह से परिवहन विभाग के ऊपर समय-समय पर सवालिया निशान खड़े किए जाते रहे है और विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगते रहे है। इन्हीं सब समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है।

ऑनलाइन चेक पोस्ट के जरिये वाहनों मालिकों को ऑनलाइन चालान, परमिट, टैक्स जैसे कई कागजातों को बनाने में सुविधा होगी। अब से नहीं रुकेगी ओवरलोडिंग।

हालांकि एक तरफ जहां ऑनलाइन चेक पोस्ट से वाहन मालिकों को कई फायदे होंगे। वहीं विभाग को नुकसान उठाना पड़ सकता है। ओवरलोडिंग रोकने के लिए विभाग को इंफोर्समेंट फोर्स का गठन करना होगा ताकि वह इस तरह के ओवरलोडिंग वाहनों की जांच कर सके और संबंधित पदाधिकारी को सूचित कर सकें।

फिलहाल इस दिशा में विभाग द्वारा कोई कदम नहीं उठाए गए है। आने वाले समय में विभाग को इस दिशा में कदम उठाने होंगे तभी ओवरलोडिंग जैसे समस्या को दूर किया जा सकता है।

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तमिलनाडु की अनुकृति वास बनीं मिस इंडिया 2018, फाइनल में पूछे गए थे ये सवाल

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नई दिल्ली। तमिलनाडु की रहने वाली 19 वर्षीय अनुकृति वास ने ‘फेमिना मिस इंडिया 2018’ का खिताब अपने नाम कर लिया है। कॉलेज में पढ़ाई कर रहीं अनुकृति वास ने 29 प्रतिभागियों को हराकर मिस इंडिया का ताज अपने नाम किया है।

मुंबई में हुए इस प्रतियोगिता को करण जौहर और आयुष्मान खुराना ने होस्ट किया। इस इवेंट के जज पैनल में बॉलीवुड एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा, अभिनेता बॉबी देओल, कुनाल कपूर, क्रिकेटर इरफान पठान और के.एल राहुल शामिल थे। इनके अलावा साल 2017 में मिस वर्ल्ड रहीं मानुषी छिल्लर भी यहां मौजूद थीं। मानुषी ने ही अनुकृति को ताज पहनाया।

मिस इंडिया दिल्ली गायत्री भारद्वाज, मिस इंडिया हरियाणा मीनाक्षी चौधरी, मिस इंडिया झारखंड स्टेफी पटेल, मिस इंडिया तमिलनाडु अनुकृति वास और मिस इंडिया आंध्र प्रदेश श्रेया राव इस प्रतियोगिता के टॉप-5 कंटेस्टेंट बने। दिल्ली, हरियाणा, झारखंड और आंध्र प्रदेश की कंटेस्टेंट को हराकर तमिलनाडु की अनुकृति के सिर मिस इंडिया का ताज सजा। बता दें, मीनाक्षी चौधरी फर्स्ट रनर-अप और आंध्र प्रदेश की रहने वाली श्रेया राव सेंकड रनर-अप रहीं।

अनुकृति ने उस सवाल का सबसे स्‍मार्ट जवाब दिया, जिसने उन्‍हें देश की सबसे खूबसूरत युवती बना दिया। अनुकृति से फाइनल राउंड में पूछा गया था, “कौन बेहतर टीचर है? सफलता या असफलता?” अनुकृति ने जवाब में कहा- “मैं असफलता को बेहतर टीचर मानती हूं। क्‍योंकि जब आपको जिंदगी में लगातार सफलता मिलती है तो आप उसे पर्याप्‍त मान लेते हैं और आपकी तरक्‍की वहीं रुक जाती है।” लेकिन जब आप असफल होते हो तो तो आपको प्रेरणा मिलती है कि आप सफलता मिलने तक लगातार मेहनत करते रहें।”

अनुकृति ने कहा, “मेरी मां के अलावा कोई नहीं था, जो मेरे समर्थन में खड़ा हो, आलोचना और असफलता, जिसने मुझे इस समाज आत्‍मविश्‍वासी और स्‍वतंत्र बनाया।”

कौन हैं और क्या करती हैं अनुकृति ?

चेन्नई के लोयोला कॉलेज में पढ़ने वाली 19 साल की अनुकृति वास ख़ुद को एक सामान्य लड़की बताती हैं जिसे घूमना और डांस करना पसंद है।

अनुकृति अपने एक वीडियो में कहती हैं, “मैं तमिलनाडु के शहर त्रिची में पली-बढ़ी हूं जहां पर लड़कियों की ज़िंदगी बंधी हुई होती है। आप छह बजे के बाद घर से बाहर नहीं जा सकते। मैं इस माहौल के पूरी तरह ख़िलाफ़ हूं। मैं ये स्टीरियोटाइप तोड़ना चाहती थी। इसीलिए, मैंने मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का फ़ैसला किया। अब मैं जब यहां पहुंच चुकी हूं तो मैं कहना चाहती हूं कि आप लोग भी उस क़ैद को तोड़कर बाहर निकल आएं और वहां पहुंचें जहां पर आप पहुंचना चाहते हैं।”

हिमाचल प्रदेश घूमने का सपना

अनुकृति इस समय लोयोला कॉलेज से बीए सेकेंड ईयर में हैं और फ्रेंच साहित्य की पढ़ाई कर रही हैं। ख़ुद को एथलीट बताते हुए अनुकृति कहती हैं, “मुझे कभी भी दुनिया घूमने और उसे देखने का मौका नहीं मिला। लेकिन अगर मुझे ऐसा मौका मिला तो आप निश्चित रूप से मुझे घर में नहीं देखेंगे क्योंकि मैं एडवेंचर और घूमना इतना पसंद करती हूं।”

फैमिना मिस इंडिया 2018 के फिनाले में माधुरी दीक्षित, करीना कपूर खान और जैकलीन फर्नांडिस ने अपनी शानदार डांस परफॉर्मेंस दी। बता दें कि अनुकृति वास इस साल मिस यूनिवर्स कम्पिटिशन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।

‘धड़क’ का टाइटल ट्रैक हुआ रिलीज़, जाह्नवी और ईशान के इस गाने में प्यार के कई रंग

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नई दिल्ली। श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर और ईशान खट्टर की फिल्म धड़क का टाइटल ट्रैक रिलीज़ कर दिया गया है, जिसमें बॉलीवुड की क्यारी में उग रही नई पौध का ये इश्क इस गाने में परवान चढ़ रहा है। फिल्‍म के ट्रेलर में जाह्नवी कूपर और ईशान खट्टर एक फ्रेश जोड़ी हैं और ट्रेलर के बाद लोगों को इस फिल्‍म से खासी उम्‍मीद बढ़ गई है।

इस गाने का संगीत अजय-अतुल ने कंपोज किया है। इस संगीतकार जोड़ी ने ही मराठी फिल्‍म सैराट के गानों को कंपोज किया था। इस गाने को गाया है श्रेया घोषाल और अजय गोगावाले ने और इसे गाया है अमिताभ भट्टाचार्य ने। ‘धड़क’ का यह नया गाना पूरी तरह नई कंपोजीशन है और एक रोमांटिक गाना है। यह गाना जाह्नवी और ईशान के बीच मासूम प्‍यार को दर्शाता है। आप भी देखें फिल्‍म ‘धड़क’ का यह टाइटल ट्रैक।

कैंसर से जंग लड़ रहे इरफान खान ने बयान किया अपना दर्द, लिखा- ‘मुझे नहीं पता मेरे पास कितना समय है, लेकिन…’

बता दें कि ‘धड़क’ का निर्देशन शशांक खेतान ने किया है। इस फिल्‍म के ट्रेलर के रिलीज के मौके पर जाह्नवी ने बताया कि खुद श्रीदेवी भी ‘सैराट’ जैसी फिल्‍म करना चाहती थी। यह फिल्‍म 20 जुलाई को रिलीज होने वाली है।

देखें वीडियो:

झांसी की रानी को कंगना का सलाम, सामने आया ‘मणिकर्णिका’ का फर्स्ट लुक

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