रांची : कारीमाटी के ग्रामीण सीएम से मिले, कहा संतोषी की मौत भूख से नहीं हुई

NewsCode Jharkhand | 3 November, 2017 9:19 PM
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रांची। मुख्यमंत्री  रघुवर दास से आज सिमडेगा के कारीमाटी गांव के लोगों ने झारखंड मंत्रालय में मुलाकात की। ग्रामीणों ने कहा कि संतोषी कुमारी की मौत भूख से नहीं हुई है। लेकिन मीडिया में आयी खबरों के कारण उनका गांव बदनाम हो गया है। यह एक षडयंत्र है। मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने कहा कि कारीमाटी गांव को आदर्श गांव बनाकर ही इस कलंक को धोया जा सकता है। गांव से गरीबी समाप्त करना सरकार का लक्ष्य है। इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है। यह बात कुछ लोगों को पच नहीं रही है। यही कारण है कि राज्य को बदनाम करने की साजिश हो रही है।

उन्होंने कहा कि गांव के लोग हर रविवार को बैठक करें। इसमें गांव के गरीबों को चिन्हित करें। सरकार गाय पालन, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन करने में मदद करेगी। इसके साथ ही गांव के युवक-युवतियों को कंबल, तौलिया, चादर आदि बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। इनके द्वारा उत्पादित सारे सामग्रियों की खरीदारी राज्य सरकार द्वारा कर ली जायेगी। उन्हें अपने समान बेचने कहीं नहीं जाना होगा। बच्चों को शिक्षित करें। शिक्षा से ही गरीबी समाप्त हो सकती है। गांव के लोगों को शराब नहीं पीने के लिए प्रेरित करें। जागरुकता से ही शराबबंदी संभव है। केवल कानून बनाने से इसे समाप्त नहीं किया जा सकता है। गांव में शराब बंदी होने पर सरकार एक लाख रुपये का इनाम भी देगी। मुख्यमंत्री ने जिला के उपायुक्त व वरीय पुलिस अधीक्षक को जिला के गांव में चल रहे शराब की दुकानों व भट्टी को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया। जिस थाना क्षेत्र में अवैध शराब की दुकान होगी, उस थाना प्रभारी पर कार्रवाई होगी।

जमशेदपुर : छुुुुट्टी मांगी, न‍हीं मिली, गर्भावस्‍था के पांंचवें माह में ड्यूूटी करने को मजबूर सुरक्षाकर्मी

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 3:58 PM
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एमजीएम अस्पताल की संवेदनहीनता

जमशेदपुर। जमशेदपुर का एमजीएम अस्पताल इन दिनों फिर से सुर्खियों में है। वैसे इस बार यह अस्पताल अलग ही तरह के कारनामों को लेकर सुर्खियों में है।

इस अस्पताल की लापरवाही की खबरें तो आम बात है, लेकिन इस बार इस अस्पताल में काम कर रही महिला सुरक्षाकर्मियों की क्या स्थिति है, यह बता रहे हैं।

किस तरह 8 महीने की गर्भवती महिला सुरक्षाकर्मी ड्यूटी करने को मजबूर है। ऐसा नहीं है कि उस महिला कर्मी ने छुट्टी के लिए गुहार नहीं लगाई थी।

इस महिला ने प्रेगनेंसी लीव का आवेदन दिया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन या होमगार्ड  के वरीय अधिकारी इस महिला के आवेदन को निरस्त करते हुए इतना ही कहा कि जब तुम्हें परेशानी होगी तो तुम्हें छुट्टी दे दी जाएगी।

ठीक से खड़ी नहीं हो पा रही महिला ड्यूूटी करने को मजबूर

अब सवाल यह उठता है कि आखिर 8 महीने की गर्भवती महिला को क्या परेशानी नहीं हो रही होगी ?  क्या एमजीएम अस्पताल प्रबंधन और झारखंड सरकार का गृह रक्षा वाहिनी विभाग इतना संवेदनहीन हो गया है कि जो महिला अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही, उसे अस्पताल की सुरक्षा में लगा दिया गया।

वैसे यह कोई पहली महिला नहीं है, जो गर्भवती होने के बाद भी ड्यूटी बजा रही है, बल्कि इनकी जैसी और भी एक महिला सुरक्षाकर्मी यहां ड्यूटी पर तैनात है।

पांचवें माह से ही प्रेगनेंसी लीव दिए जाने का है प्रावधान

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर सरकारी योजना जिसके तहत महिलाओं को पांचवें माह से ही प्रेगनेंसी लीव दिए जाने का प्रावधान है, उसका उल्‍लंघन हो रहा है। यदि महिला होमगार्ड की जवान के साथ कुछ अनहोनी हो जाए तो उसके लिए कौन जिम्मेवार होगा।

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चक्रधरपुर :  दशरथ गागराई हैैं सिंहभूम से लोस चुनाव के लिए जेएमएम के संभावित प्रत्याशी

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 4:36 PM
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चक्रधरपुर । झारखंड मुक्ति मोर्चा के खरसावां  विधायक दशरथ गागराई सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र से सांसद प्रत्याशी के रूप में सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।

2014 में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के कद्दावर नेता अर्जुन मुंडा को खरसावां विधानसभा क्षेत्र में पटखनी देने के बाद दशरथ गागराई सुर्खियों में आए।

इस अप्रत्याशित जीत ने गागराई को राज्य भर में एक अलग पहचान प्रदान की और झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक फायर ब्रांड नेता के रूप में पहचाने जाने लगे। कोल्हान प्रमंडल में इनके चाहने वालों की संख्या काफी तादाद में है।

गठबंधन पर टिकी है उम्मीदवारी की दावेदारी

झारखंड में प्रक्रियाधीन गठबंधन के फलीभूत होने पर ही इनकी उम्मीदवारी सशक्त मानी जाएगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अजय कुमार के चुनाव लड़ने पर ही सिंहभूम सीट झामुमो के खाते में आने की संभावना है।

माना जा रहा है कि गठबंधन होने की स्थिति में दोनों ही दलों को कुछ स्थानों पर समझौते करने पड़ेंगे जिसमें जमशेदपुर और सिंहभूम सीट पर समझौते होने के पूर्ण आसार हैं।

चक्रधरपुर : आकर्षक मन्दिर रूपी पंडाल बना रहा है, श्रीश्री शीतला मन्दिर दुर्गा पूजा समिति

जमशेदपुर में झामुमो की पकड़ काफी मजबूत है, लेकिन डॉक्टर अजय कुमार के चुनाव लड़ने की स्थिति में झारखंड मुक्ति मोर्चा यह सीट कांग्रेस को दे सकती है,उस परिस्थिति में झामुमो सिंहभूम सीट पर अपना दावेदारी प्रस्तुत करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र में झामुमो की पकड़ मजबूत

सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र में मनोहरपुर, चक्रधरपुर, चाईबासा, मझगांव, जगन्नाथपुर एवं सरायकेला विधानसभा क्षेत्र आते हैं। कुल 6 विधानसभा क्षेत्रों में से 5 पर झामुमो का कब्जा है। इस लिहाज से झामुमो इस लोकसभा क्षेत्र में काफी मजबूत स्थिति में है।

2004 में हो चुका है गठबंधन, परिणाम भी अच्छे रहे हैं

झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस का गठबंधन 2004 लोकसभा चुनाव में भी हुआ था जिसमें सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र से बागुन सुंब्रुई एवं जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र से सुनील महतो की अप्रत्याशित जीत हुई थी।

इस बार भी वैसे ही परिणाम आने के संकेत हैं। बस सीटों की अदला- बदली होनी बाकी हैं।

1991 में सिंहभूम सीट पर झामुमो का कब्जा रहा

1991 में हुए लोकसभा चुनाव में कृष्णा मार्डी सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए थे।उस समय गठबंधन नहीं था और वे सिंहभूम से झामुमो के पहले सांसद बने ।

 सिंहभूम लोकसभा सीट को लेकर दशरथ गागराई सबसे अधिक सुर्खियों में

सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र के लिए दशरथ गागराई उर्फ़ कृष्णा गागराई का नाम सबसे अधिक चर्चा में बना हुआ है। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी के सीटिंग विधायक में से ही लोकसभा चुनाव का प्रत्याशी तय होना है।

हेमंत सोरेन ने दिया है निर्देश, करें चुनाव की तैयारी

झामुमो के सूत्र बताते हैं कि विधायक दशरथ गागराई को लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए पूर्व मुख्यमंत्री व पार्टी के उपाध्यक्ष हेमंत सोरेन ने निर्देश दिया है। इस संबंध में प्रथम दौर की बैठक हेमंत सोरेन के साथ हो चुकी है।

सरकार की गलत नीतियों का मिलेगा लाभ

सीएनटी-एसपीटी एक्‍ट मेें संशोधन का प्रयास, भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक, गलत स्थानीय एवं नियोजन नीति के कारण कोल्हान प्रमंडल में उबाल की स्थिति है।

दशरथ गागराई इन गलत नीतियों को जनता के बीच में बहुत ही सहज और सरल तरीके से प्रस्तुत कर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब हो रहे हैं।

इनका व्यक्तित्व भी काफी प्रभावशाली है। आदिवासी- गैर आदिवासी, अल्पसंख्यक सभी समुदाय के लोग इन्हें समान रूप से महत्व देते हैं।

जनहित से जुड़े मामलों के निष्पादन में त्वरित कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं

दशरथ गागराई का काम करने का स्टाइल सबसे अलग है। मामले की गंभीरता को समझते हुए किसी भी समस्या के समाधान में ये गहरी रुचि रखते हैं।

समस्या छोटी हो या बड़ी तुरंत संबंधित अधिकारियों को फोन पर कार्रवाई हेतु निर्देश देना इनके कार्य शैली का एक हिस्सा है। आवश्यकता पड़ने पर ये पंचायत सेवक से लेकर मुख्य सचिव तक को फोन लगा देते हैं।

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कटकमसांडी : न्यूज़कोड की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 4:31 PM
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कटकमसांडी(हजारीबाग)। हजारीबाग नगर भवन में न्यूज़कोड की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का उद्घाटन आईएएस अधिकारी दीपक साही, पूर्व सांसद भुनेश्वर मेहता, यदुनाथ पांडे, एमआईटी यूनिवर्सिटी झारखंड के निदेशक डॉक्टर एके पांडे, समाजसेवी भैया अभिमन्यु प्रसाद ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। कार्यक्रम में आए सभी  अतिथियों को  न्यूज़कोड के  मार्केटिंग हेड  सूरज दिनकर ने  पुष्प गुच्‍छ एवं शॉल देकर  सम्मानित किया। समारोह का शुभारंभ आंचल वर्मा द्वारा प्रस्‍तुत गणेश वंदना के साथ हुआ।

कटकमसांडी : न्यूज़कोड की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन

न्यूज़कोड की ओर से इस अवसर पर बताया गया कि‍ इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन का मकसद, समाज के निर्माताओं का सम्मान करना है। समारोह के मुख्य अतिथि आईएएस अधिकारी दीपक साही ने कहा कि समाज में शिक्षक की भूमिका सबसे ऊपर है। यह कहा जाता है कि अगर भगवान और गुरु एक साथ खड़े हों, तो सबसे पहले गुरु की पूजा की जाती है। उन्‍होंने हजारीबाग में शिक्षकों के लिए न्यूज़कोड की ओर से आयोजित इस सम्मान समारोह की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे समाज को एक नई दिशा मिलेगी।

कटकमसांडी : न्यूज़कोड की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन

एमिटी यूनिवर्सिटी रांची के निदेशक डॉक्टर ए.के. पांडे ने कहा कि समाज में शिक्षकों का  जो स्थान है वह किसी और का नहीं हो सकता लेकिन यह दुर्भाग्य है कि भारत में शिक्षकों को जितना सम्मान और सुविधाएं मिलनी चाहिए, वह सरकार की ओर से उन्‍हें नहीं मिल पाती है। उन्होंने कहा जापान, अमेरिका, इंग्लैंड और इंडोनेशिया जैसे देशों में शिक्षकों को किसी भी सुविधा के लिए लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ता है। शिक्षकों के प्रति समाज का नजरिया बदलने की न्‍यूज़कोड की इस पहल की उन्‍होंने प्रशंसा की। कार्यक्रम को हजारीबाग के पूर्व सांसद यदुनाथ पांडे और भुनेश्वर मेहता ने भी सम्बोधित किया।

कटकमसांडी : न्यूज़कोड की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन

अतिथितियों ने  जिले के राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित शिक्षकों को न्यूज़कोड की ओर से ट्रॉफी तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मान पाने वाले शिक्षकों में मोहम्मद रियाजुद्दीन खान, बालेश्वर राम, राजेश कुमार, माया कुमारी, अशोक कुमार, ईश्वर सिंह, शामिल हैं। वहीं राज्य व जिलास्तर पर सम्मान पाने वाले शिक्षकों को भी न्यूज़कोड की ओर से सम्मानि‍त किया गया। सम्मान पाने वालों में प्रवीण कुमार, मोहम्मद जहांगीर अंसारी, महेंद्र कुमार, विजय मशीह, उत्तम सिंह, श्यामदेव यादव, मोहम्मद जहीरुद्दीन,  प्रकाश कुमार अग्रवाल,  चिंतामणि प्रसाद, ओम प्रकाश, बद्री राम पासवान, दिग्विजय नारायण, संजय सागर, ओएसिस स्कूल के प्राचार्य मोहम्मद एहतेशाम, गुरुकुल के निदेशक जेपी जैन, एसआईपी अबाकस के निदेशक, संत स्टीफन स्कूल की प्राचार्या कल्पना बाड़ा, विजय कुमार, स्टूडेंट फ्रेंड के उमेश कुमार और केमिस्ट्री सक्सेस के अभिजीत पांडे शामिल हैं।

कटकमसांडी : न्यूज़कोड की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन

कोडरमा जिले के शिक्षकों को भी इस समारोह में सम्मानित किया गया। शिक्षकों में के.एन. पांडे, अजय भट्टाचार्य, रवि दत्त पांडे, मोहम्मद तौफीक हसन और सिस्टर रोशनी आदि शामिल थीं। शहर में शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले विभिन्न कोचिंग संस्थानों के निदेशकों को भी समारोह में प्रशस्ति पत्र देकर सम्‍मानित किया गया। इनमें श्रीकांत मैथमेटिक्स, सत्यम कंप्यूटर जोन, आइंस्टाइन एडवांस एकाडमी, लक्ष्य कोचिंग, मेधा सिविल सर्विस, चाणक्य आईएएस एकाडमी आदि शामिल हैं।

कटकमसांडी : न्यूज़कोड की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन

कार्यक्रम में  जागृत नाटक संस्था के कलाकारों ने नाटक का प्रदर्शन किया जबकि मूक-बधिर स्कूल दीपूगढ़ा के बच्चों ने  नागपुरी नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया। कार्यक्रम का संचालन उद्घोषक मानिक चक्रवर्ती  तथा दिव्या ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में हजारीबाग न्यूज़कोड के प्रतिनिधि रोहित वर्मा, आनंद कुमार, रविंद्र कुमार, कोडरमा के रमेश चंद्र पांडे, मार्केटिंग हेड सूरज दिनकर, रोहन कुमार और विवेक कुमार ने सहयोग किया।

बड़कागांव : “न्यूज़कोड” के द्वारा शिक्षक को किया गया सम्मानित

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