रांची : रिम्‍स में जूनियर डॉक्‍टरों और नर्सों की हड़ताल समाप्‍त

NewsCode Jharkhand | 3 June, 2018 6:13 PM
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स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री के साथ बैठक में 16 सूत्री मांगों पर बनी सहमति

रांची। राज्‍य के सबसे बड़े अस्‍पताल रिम्‍स में दो दिनों से जूनियर डॉक्‍टरों और नर्सों की चल रही हड़ताल समाप्‍त हो गई है। रविवार को स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री के साथ हड़ताली डॉक्‍टरों और नर्सों के संगठन के साथ वार्ता हुई।

वार्ता के बाद 16 सूत्री मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद हड़ताल समाप्ति की घोषणा की गई। दो दिन पहले एक मरीज के परिजनों और नर्सों तथा डॉक्‍टरों के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद मारपीट भी हुई।

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जिसके कारण डॉक्‍टर और नर्स हड़ताल पर चले गए थे। हड़ताल के कारण कई मरीजों की मौत भी हो गई। मरीज रिम्‍स के बाहर रहें। उन्‍हें रिम्‍स के अंदर नहीं आने दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्‍यमंत्री ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। सीएम के निर्देश पर स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री वार्ता के लिए गए।

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जमशेदपुर : शहर को अव्वल बनाने में लोगों के साथ आला अधिकारियों ने दिया जोर

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 4:55 PM
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स्लम एरिया में की गई साफ-सफाई

जमशेदपुर। पीएम मोदी के आह्रवान पर देश भर में मनाए जा रहे स्वच्छता पखवाड़ा के तहत सफाई अभियान में जमशेदपुर को अवल्ल बनाने को लेकर जिला प्रशासन ने सघन अभियान चला रखा है। जिसकी कमान खुद अमित कुमार ने संभाल रखी है।

उपायुक्त स्वयं स्थानीय बस्तीवासियों को साथ लेकर स्लम एरिया में लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करने में लगे है, ताकि स्वच्छता में शहर को अव्वल बनाया जा सके।

यह तस्वीर है लौहनगरी जमशेदपुर के स्लम क्षेत्र वाला इलाका छाया नगर और चंडीनगर का। कचरे का ढेर यहां की बस्तियों से गुजरने वाली सड़कें और गली-मुहल्लों में सहज ही देखी जा सकती है। यही वजह है कि स्वच्छता पखवाड़े को लेकर जिला उपायुक्त ने बस्तीवासियों के सहयोग से बृहद पैमाने पर अभियान चलाया।

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उपायुक्‍त अमित कुमा ने अपील की है कि एक ऐसा शहर बनाना जहां गंदगी का नामो निशान न हो, लोग स्वस्थ रहे, साफ-सफाई को, अपने दिनचर्या में अपने शहर को रोल मॉडल बनाने में योगदान दें।

ऐसे में स्वच्छता को लेकर चलाये जा रहे अभियान में जिले के आला अधिकारियों द्वारा पहल किये जाने से स्थानीय बस्तीवासियों में भी स्वच्छता के प्रति जुनून देखा गया।

यहां के लोग कहते है कि सरकार और उनके मातहत अधिकारियों द्वारा साफ-सफाई को लेकर किये जा रहे कार्य से उन्हें स्वच्छता के प्रति प्रेरणा मिली है। साफ-सफाई से गंभीर बीमारियों से छुटकारा मिल सकेगा।

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गावां : कागजों पर ही सीमित रहा कानून, बगैर लैब, लाइब्रेरी और शिक्षक के पढ़ रहे छात्र

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:47 PM
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गावां (गिरिडीह)। राज्य सरकार ने पिछले कुछ सालों के भीतर प्राइमरी-मिडिल स्कूलों का उत्क्रमित कर उन्हें हाई और हाई स्कूलों को उपग्रेड कर हायर सेकंडरी में तब्दील कर के सिर्फ वाहवाही लूटी है।

स्कूलों को अपग्रेड कर सरकार ने कागजी तौर पर सूबे में उच्च शिक्षा के नाम पर जनता को बेवकूफ बनाया है। कागजी रिकॉर्ड में सरकार ने हर पांच किमी के दायरे में हाई स्कूल की व्यवस्था कर दी। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

स्कूलों के अपग्रेड होने के वर्षो बाद भी आज तक हाई और हायर सेकंडरी के लिए ना तो भवन बनाया और न ही लैब और लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं कई स्कूलों में तो अब तक एक भी शिक्षक की नियुक्ती नही की गई है।

ऐसे में प्राईमरी और मीडिल स्कूल के शिक्षकों के भरोसे ही हाई और सेकंडरी स्कूलों के बच्चों के भविष्य का जिम्मा है।

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत गावां प्रखंड के छह प्राईमरी-मीडिल स्कूल को अपग्रेड कर हाई स्कूल में और दो हाई स्कूल को अपग्रेड कर हायर सेकंडरी में तब्दिल किया गया है। परंतु अपग्रेशन के चार-पांच वर्ष बाद भी अब तक इन न्यू अपग्रेड हायर सेकंडरी स्कूलों में ना तो भवन, ना ही लाइब्रेरी और ना लैब की व्यवस्था की गई है।

इतना ही नहीं गावां के नौ हाई स्कूल और दो प्लस टू स्कूल में से पांच हाई स्कूल और एक प्लस टू स्कूल शिक्षक विहीन है। ऐसे में प्रखंड की माध्यमिक शिक्षा की बदतर व्यवस्था का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

प्रखंड के नौ हाई स्कूलों में उत्क्रमित हाई स्कूल जमडार को छोड़कर बाकी के आठ हाई स्कूल और दो प्लस टू स्कूल में ना तो लैब और ना ही लाईब्रेरी की मुक्कमल व्यवस्था।

बगैर लैब के इन स्कूलों में अध्ययनरत्त नौवीं से बारहवीं के साईंस के छात्र-छात्राओं को कैसी शिक्षा मिल रही है इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। जबकि आलाधिकारी यहां के स्कूलों के संसाधनों से वाकिफ है।

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लोहरदगा : जंगल छोड़ गांव में पहुंचे गजराज, ग्रामीणों में भय के साथ कौतूहल

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:37 PM
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लोहरदगा। पिछले एक सप्ताह से जंगली हाथियों का दल जिले के विभिन्‍न क्षेत्रों में विचरण कर रहा है जिससे ग्रामीणों के बीच भय का वातावरण बना हुआ है। भंडरा थाना क्षेत्र के कचमची महुआटोली में शुक्रवार की सुबह हाथियों का दल पहुँच गया है। इस दल में करीब 18 हाथी हैं जिनमें कई बच्‍चे भी शामिल हैं।

जंगली हाथियों से जहां स्थानीय लोग भयभीत हैं वहीं उन्‍हें अपने आसपास विचरते देख उनके मन में कौतूहल भी उत्‍पन्‍न हो रहा है। हाथियों के झुंड को देखने के लिए भीठा, भंडरा, कचमची, चट्टी, कोटा, नागजुआ सहित दर्जनों गांव के ग्रामीण कचमची महुआटोली पहुंच रहे हैं। वहीं हाथियों के झुंड के साथ सेल्फी लेने की युवाओं में होड़ लगी है। भंडरा थाना की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को वहाँ से हटा दिया ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

इधर हाथियों के झुंड ने कई किसानों के खेत मे लगे मक्का व धान की फसल को क्षति पहुंचाई है। मामले की जानकारी मिलने के बाद भी, अभी तक वन विभाग की ओर से हाथियों को जंगल की ओर ले जाने का कोई प्रयास नहीं किया गया है जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।

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