रांची : अफसर बनने वाले कोयला कामगारों से पूछा जाएगा विकल्प‍

NewsCode Jharkhand | 18 May, 2018 9:49 AM
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रांची। प्रोन्‍नति या नियुक्ति पाकर अफसर बनने वाले कोयला कामगारों के लिए ट्रांसफर का दिशा-निर्देश जारी किया गया है। सक्षम प्राधिकार की 18 अप्रैल को हुई बैठक में इसे अंतिम रूप दिया गया है।

कोल इंडिया ने इसका कार्यालय आदेश 16 मई को जारी कर दिया है। जारी आदेश में चार बिंदु का उल्‍लेख किया गया है। भविष्‍य में कामगार से अफसर में प्रोन्‍नति होने वाले हर मामले में इस दिशा-निर्देश का पालन किया जाएगा।

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आदेश के तहत प्रोन्‍नति पाने वाले कामगारों से सहायक कंपनियों में तबादले के तीन विकल्‍प पूछे जाएंगे। यह वर्तमान में पदस्‍थापित कंपनी के अतिरिक्‍त होगा। कर्मियों की अनुषंगी कंपनियों में तबादले से खाली होने वाले पद को यथासंभव भरने का प्रयास किया जाएगा।

कर्मियों की वरीयता उनके पहले तबादले के विकल्‍प के आधार पर तय होगी। खाली जगह भर जाने की स्थिति में क्रमश: दूसरे और तीसरे विकल्‍प के आधार पर वरीयता तय होगी।

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रांची : सवा तीन सौ करोड़ जनता का सर हमेशा गर्व से रहेगा ऊंचा- रघुवर दास

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 3:02 PM
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मोरहाबादी मैदान में मुख्‍यमंत्री ने फहराया तिरंगा

रांची। आजादी के 72वें साल पर ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। सीएम ने राज्यवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी।

अपने संबोधन में रघुवर दास ने कहा कि आज का दिन हर हिंदुस्तानी के लिए बड़ा ही पवित्र है। आजादी को हासिल करने में अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन सभी महापुरुषों को भी याद करने का दिन है।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सरदार वल्लभ भाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद भगत सिंह, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, वीर सिद्धो कान्हो, चांद भैरव, वीर बुधु भगत, नीलांबर-पीतांबर सहित तमाम स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति झारखण्ड की सवा तीन करोड़ जनता की ओर से श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि आजादी के संघर्ष में नारियों के बलिदान को भूला नहीं जा सकता।

भारत की महान वीरांगना लक्ष्मीबाई सहित झारखंड की फूलो, झानो के प्रति भी हृदय से नतमस्तक हूं। श्रावणी मेले पर उन्‍होंने कहा कि देश विदेश से आए शिवभक्तों के लिए विश्वस्तरीय इंतजाम किए गये है।

मौके पर उन्‍होंने ये भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि विकास की धारा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। जनता का भरोसा ही सबसे बड़ी ताकत है। चाहे कुछ हो जाए सवा तीन सौ करोड़ जनता का सर हमेशा गर्व से ऊंचा रहेगा।

श्रद्देय अटल जी और प्रधानमंत्री मोदी जी के सपनों का झारखण्ड बनाना है। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के सपनों का झारखण्ड बनाना है।

सब मिलकर वंशवाद, संप्रदायवाद, जातिवाद, भ्रष्टाचार,अशिक्षा, गरीबी और बेरोजगारी को मार भगाना है। उन्‍होंने भरोसा दिलाता हुए कहा कि विकास के पथ पर बढ़ते झारखण्ड को रुकने नहीं देंगे। सिर्फ जनता का भरोसा चाहिए।

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बोकारो : तिरंगे का घोर अपमान, माननीयों ने जूते-चप्‍पल पहनकर फहराया तिरंगा

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 4:17 PM
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बोकारो। झारखंड सरकार के मंत्री अमर बाउरी ने स्‍वाधीनता दिवस के मौके पर बोकारो में तिरंगा फहराया लेकिन उन्‍होंने इस दौरान पैरों में चप्‍पलें पहन रखी थी। मान्‍य परंपरा के अनुसार जूते और चप्‍पलें पहन कर तिरंगा फहराना मर्यादा के प्रतिकूल है और राष्‍ट्र ध्‍वज का अपमान है। राज्‍य सरकार के मंत्रियों से कम से कम, राष्‍ट्र ध्‍वज के सम्‍मान में इस प्रकार की लापरवाही की उम्‍मीद नहीं की जा सकती।

बोकारो : तिरंगे का घोर अपमान, माननीयों ने जूते-चप्‍पल पहनकर फहराया तिरंगा

वहीं दूसरी ओर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गिरिडीह जिले के बीजेपी सांसद रविन्द्र कुमार पांडेय ने भी बोकारो में चप्पल पहनकर ही राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

बोकारो : तिरंगे का घोर अपमान, माननीयों ने जूते-चप्‍पल पहनकर फहराया तिरंगा

तिरंगे के सम्‍मान की अनदेखी की रही-सही कमी बोकारो में कांग्रेस पार्टी के नेता डॉ पी नैय्यर ने पूरी कर दी। बीजेपी के मंत्री और सांसद ने तो चप्‍पलें पहन कर तिरंगा फहराया था लेकिन कांग्रेस के नेता डॉ पी नैय्यर ने जूते पहनकर ही तिरंगा फहराया।

बोकारो : तिरंगे का घोर अपमान, माननीयों ने जूते-चप्‍पल पहनकर फहराया तिरंगा

मतलब साफ है कि तिरंगे का अपमान करने में कोई किसी से कम नहीं रहा। इन माननीयों को उस मिट्टी पर भी, थोड़ी दूर नंगे पैर चलने में कष्‍ट का अनुभव होता है जिस मिट्टी को अमर शहीदों ने अपने खून से सींचा है। जो तिरंगे को फहराने से पहले अपने पैरों से जूते-चप्‍पल नहीं उतार सकते, उनसे ये उम्‍मीद करना बेकार है कि कभी वे इस मिट्टी को अपने माथे से लगाएंगे। कहने को तो ये सभी माननीय जन प्रतिनिधि हैं लेकिन इनके कृत्‍यों से जनता क्‍या सीख लेगी ये विचारणीय है। शायद इन्‍हें ये पता नहीं है कि चाहे राष्‍ट्र ध्‍वज हो या धर्म ध्‍वज, इन्‍हें नंगे पैर फहराया जाता है। ध्‍वज के प्रति सम्‍मान प्रकट करने की ये परंपरा है।

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सरायकेला : ड्यूटी से लौट रहे दो रेलकर्मी सगे भाई की करंट लगने से दर्दनाक मौत

NewsCode Jharkhand | 15 August, 2018 4:05 PM
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सरायकेला। सरायकेला थाना के सीनी ओपी अंतर्गत आज  ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे मोटरसाईकिल सवार रेलवे के दो चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की बिजली की नंगी तार की चपेट में आने से मौत हो गयी। मृतक 40 वर्षीय भोला महतो तथा 28 वर्षीय ईश्वर महतो दोनों ही सगे  भाई थे तथा रेलवे में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी थे।

ड्यूटी खत्म कर लौट रहे थे

बताया जा रहा है, कि आज सुबह दोनों भाई अपनी ड्यूटी खत्म कर मोटरसाईकिल से अपने घर उलीडीह लौट रहे थे, तभी सिंदरी गांव के पास नंगी लटकी बिजली के तार के चपेट में वे दोनों आ गये। जिससे करंट लगने से दोनों की मौत हो गयी।

वहीं तत्काल दोनों  को स्थानीय लोग और पुलिस की मदद से सदर अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

उधर इस घटना की सूचना पाकर मृतक के परिजनों के अलावा रेलवे के अधिकारी व कर्मचारी तथा खरसांवा विधायक दशरथ गागराई सदर अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। इधर रेलवे अधिकारियों ने भरोसा दिलाया  है कि रेलवे के प्रावधानों के अनुरुप मृतक के परिजनों को सभी लाभ दिये जायेंगे।

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पांच हजार की तत्काल आर्थिक सहायता मिली

वहीं मृत कर्मचारियों के दाह संस्कार व अन्य कार्य के लिए रेलवे वेलफेयर एसोसिएशन ने बीस हजार रुपये तथा इंडियन रेलवे सिग्नल व टेलिकॉम विभाग की ओर से पांच हजार की तत्काल आर्थिक सहायता दी गयी है।  उधर बिजली की नंगी तार सड़क किनारे झूलने तथा इस घटना के होने से लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।

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