रांची : एक सार्थक कल की शुरूआत परिवार नियोजन के साथ को सफल बनाने का संकल्प

NewsCode Jharkhand | 12 July, 2018 8:59 AM

विश्व जनसंख्या दिवस’ के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय जनसंख्या स्थिरता पखवारा का उद्घाटन

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रांची । आई पी एच प्रेक्षागृह  नामकुम रांची में ‘विश्व जनसंख्या दिवस’ के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय जनसंख्या स्थिरता पखवारा का उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता रामचन्द्र चन्द्रवंशी, माननीय मंत्री, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के द्वारा किया गया।

माननीय मंत्री ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि विभाग के कार्यो से संतुष्ट हूं। पिछले तीन वर्षों में 341529 महिला बंध्याकरण एवं पुरूष नसंबदी कराई गई। पिछले वित्तीय वर्ष 2017-18 में 1586 पुरूष नसबंदी तथा 99820 महिला बंध्याकरण तथा 1,30,000 आईयूसीडी लगाये गये हैं। राज्य सरकार ने विगत वर्षों में इस दिशा में अनेक कदम उठाये हैं। परन्तु इन्हें सार्थक बनाने के लिए और भी अधिक कठोर कदम उठाना आवश्यक है। देश के स्वर्णिम भविष्य के लिए हमें कुछ ऐसे निर्णय भी लेने होंगे जिसका दुरगामी परिणाम सुखद हो।

यदि समय रहते इस दिशा में देश व्यापी जागरूकता उत्पन्न होती है तो निसंदेह हम विश्व के अग्रणी देशों में अपना स्थान बना सकते है। जनसंख्या में वृद्धि के कई कारण हैं जिसे दूर करने की आवश्यकता है। गरीबी, अशिक्षा रूढ़िवादिता तथा संकीर्ण विचार आदि भी जनसंख्या वृद्धि के अन्य कारण है। बढ़ती हुई जनसंख्या पर अंकुश लगाना देश की चहुमुखी विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। यदि इस दिशा में सार्थक कदम नहीं उठाए गए तो वह दिन दूर नहीं जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाएगी। इस उपलक्ष्य में स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष दिनांक 27 जून से 10 जुलाई 2018 तक ‘‘दम्पत्ति सम्पर्क पखवारा’’ एवं 11 जुलाई से 24 जुलाई  तक जनसंख्या स्थिरता पखवारा मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने जनसंख्या स्थिरता पखवारा का मंत्र ‘‘एक सार्थक कल की शुरूआत परिवार नियोजन के साथ’’ को सफल बनाने का संकल्प लिया गया।

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निधि खरे, प्रधान सचिव, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखण्ड ने कहा कि झारखण्ड का आर्थिक वृद्धि दर भारतवर्ष में प्रथम स्थान रखता है परन्तु इसका लाभ राज्य के आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है उनके जीवन स्तर में आवश्यक बदलाव नहीं आ रहे हैं इसका मुख्य कारण जनसंख्या का वृद्धि दर है। अतः जनसंख्या स्थिरता की बात करना समय की मांग है। उनके विशेष सचिव के रूप में पूर्व के कार्यकाल में झारखण्ड राज्य ने पूरे भारत वर्ष में पुरूष नसबंदी में प्रथम स्थान प्राप्त किया था उस समय स्वास्थ्य विभाग में संसाधनो की कमी थी जिसके कारण अधिक संख्या में आने वाले बंध्याकरण के मरीजों को वापस जाना पड़ता था। जबकि संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद हमारे उपलब्धि में लगातार गिरावट आ रही है। जो कि चिन्ता का विषय है। उनके द्वारा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया गया कि सभी गर्भवती महिलाओं का चार तथा छः जांच सुनिश्चित की जाय तथा उनका सक्रिय परिवार नियोजन से संबंधित परामर्श की जाय।

प्रधान सचिव द्वारा भी हाल के दिनों में सदर अस्पताल रांची तथा रिम्स रांची में अपने द्वारा मैटरनीटि वार्ड में किये गये भ्रमण के दौरान दो, तीन, चार और चार से ज्यादा बच्चों वाली माताओं से मुलाकात कर दुख व्यक्त किया तथा सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिया कि प्रत्येक संस्थागत प्रसव की माताओं को सक्रिय परामर्श की सेवा दी जाय तथा उसका उचित फॉलोअप किया जाय। प्रधान सचिव ने राज्य में लगभग  18 वर्ष से कम उम्र के लड़कियों  की होने वाली शादी पर चिन्ता प्रकट की। उन्होंने सभी सहियाओं को निर्देश की अपने कार्य क्षेत्र में अभियान चलाकर जागरूकता पैदा करें जिससे की कम उम्र की किशोर-किशारियों की शादी पर रोक लगे। इसे अपनी सामाजिक जिम्मेवारी समझे तथा आवश्यकता पड़ने पर अपने उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दें।

उन्होंने सहिया तथा एएनएम को सभी योग्य दम्पत्तियों का सर्वे घर-घर जाकर करने का निदेश दिया तथा इस पखवारे में प्रत्येक सहिया को 10 एवं प्रत्येक एएनएम को 50 नये परिवार नियोजन संबंधी लाभुक तैयार करने की जिम्मेवारी दी। जिससे की परिवार नियोजन के कार्यक्रम में गतिशालता आये। उन्होंने परिवार नियोजन कोषांग को निर्देश दिया कि आवश्यकता अनुसार चिकित्सा पदाधिकारीयों एवं एएनएम की प्रशिक्षण की व्यवस्था करें जिससे उनके कार्यो की गुणवत्ता में सुधार हो। पखवारा का निरंतर अनुश्रवण करने का निदेश दिया। उन्होंने विश्व जनसंख्या दिवस के मेला पखवारा का मंत्र ‘‘जोड़ी जिम्मेदार जो प्लान करे परिवार’’ को सफल बनाने का संकल्प लिया गया। पखवारा का अनुश्रवण, ब्लॉक स्तर, जिला स्तर तथा राज्य स्तर पर करने को निर्देश दिया जिससे की वांछित लक्ष्य की प्राप्ति की जा सके।

इस अवसर पर कृपानन्द झा, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड, डॉ राजेन्द्र पासवान, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं, डॉ जेपी सिंह, निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. शिवशंकर हरिजन, सिविल सर्जन, रांची तथा डॉ. आरके  सिंह राज्य नोडल पदाधिकारी, परिवार नियोजन कोषांग उपस्थित थे।

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बोकारो : प्रभारी मंत्री करती रही बैठक, अधिकारी व्यस्त दिखे सोशल मीडिया में

NewsCode Jharkhand | 20 September, 2018 2:36 PM
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बोकारो। आखिर अधिकारी कब सुधरेंगे जिले के अधिकारी, यह एक सवाल बन गया है। जिले के विकास योजनाओं को तेजी पर लाने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. नीरा यादव समाहरणालय के सभागर में समीक्षा कर रही थी और अधिकारी इतने व्यस्त की उन्हे विकास की चिंता जैसे हैं ही नहीं।

सदन मे चल रही व्यवस्था को छोड़कर व्हाट्ंसअप और फेसबुक में अधिकारी व्यस्त दिखे। इसमें बरेमो के एसडीओ समेत जिले के कई अधिकारी शामिल थे। बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा समेत कई अहम मुद्दो को लेकर सदन में गरमागरम चर्चा चल रही थी।

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अधिकारीयों को पता था कि  जिले की नयी प्रभारी मंत्री नीरा यादव है जो पहली बार जिला योजना समिति और जिला 20 सूत्री की बैठक कर रही थी, फिर भी अधिकारी सोशल मीडिया में व्यस्त थे।इससे पहले तक प्रभारी मंत्री लुईुस मरांडी बोकारो की प्रभारी मंत्री रही थी और इस बार सरकार ने कोडरमा की विधायक व शिक्षा मंत्री नीरा यादव को बोकारो की कमान सौपी है।

सदन में बिजली को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों एक साथ दिखे। जहां विधायक जगरनाथ महतो और सासंद गिरिडीह रविन्द्र पांडेय और विधायक गोमिया प्रतिनिधि योगेन्द्र महतो डीवीसी के अधिकारियों को जमकर फटकार लगा रहे थे।

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रघुवर सरकार अधिकारियों के बल पर राज्य का विकास करने को लेकर बड़ी घोषणा कर रही है, ऐसे में ये अधिकारी कितना अमली जामा पहनाने का कार्य करेंगे ये तो आप खुद समझ सकते है।

विधायक जगरनाथ महतो अधिकारियों के कारगुजारियों से खासे नाराज दिखे कहा कि सिर्फ अधिकारी बात बनाने बैठक में आते है।वहीं प्रभारी मंत्री को जब व्हाट्सअप और फेसबुक में खेलने की जानकारी दी तो इसे गंभीरता से लिया और कहा कि आने वाले समय में ऐसे अधिकारियों पर कारवाई की जाएगी।

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रांची : एनसीसी ने नशा मुक्त एवं यातायात नियमों के प्रति निकाली जागरूकता रैली

Chandan Verma | 20 September, 2018 2:45 PM
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रांची। झारखण्ड बटालियन एन.सी.सी. द्वारा रांची ग्रूप के एन.सी.सी. कड़ेट्स को प्रशिक्षण  प्रदान करने के लिए दस दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन के रांची के बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम मोरहाबादी में किया गया है।

इस शिविर में एन.सी.सी कड़ेट्स ने समाज के नशा के दुष्प्रभाव व ड्रग्स एडिक्शन से छुटकारा पाने के लिए शिविर से कहचरी चौक तक एक जागरूकता रैली में हिस्सा लिया और स्वयं आरा-करम से आये हुए रमेश बेदिया एवं नगरकोटी विभाग से आए पदाधिकारी संजय मिश्रा ने इस पर प्रकाश डाला।

रांची : मांदर की थाप पर झूमे सुबोधकांत, धूमधाम से मना करमा पर्व  

इसी शिविर में कैडेट्स को  यातायात नियमों के अनुपालन के प्रति समाज में जागरूकता रैली सिद्धू कान्हू से मुख्यमंत्री आवास से होते हुए सूचना भवन से गुजरते हुए एन.सी.सी. शिविर मोरहाबादी तक निकाली गई तथा नगर के नागरिकों को जागरूक किया गया।

शिविर में एन. सी.सी. कैडेट्स को 9 बटालियन एन. डी.आर.एफ. की टीम ने आपदा प्रबंधन के विभिन्न तरीकों जैसे की सी.पी.आर., रक्त की बहाओ को रोकना, स्थानिय वस्तु से स्ट्रेचर/लाइफ जैकेट बनाने की शिक्षा दी ताकि जरूरत पड़ने पर एन. सी.सी. कैडेट्स आपदा प्रबंधन में प्रशासन की मदद कर सके।

इसके अलावा कड़ेट्स को शूटिंग रेंज में फ़ाईरिंग में निपुणता हासिल करने के लिए ट्रेनिंग दी गयी। शिविर में मिलिटेरी ट्रेनिंग कैम्प कामंडैंट कर्नल अभिजात कश्यप, सूबेदार  मेजर- Lt.लखबीर सिंह,सूबेदार अर्जुडेन्ट राधे भगत , बी.अच्.ऍम. हरजीत सिंह और अन्य सैन्य अधिकारी द्वारा प्रदान किया जा रहा है।

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रांची : मांदर की थाप पर झूमे सुबोधकांत, धूमधाम से मना करमा पर्व  

NewsCode Jharkhand | 20 September, 2018 2:38 PM
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रांची। आरयू के जनजातीय क्षेत्रीय भाषा विभाग में प्रकृति पूजा का पर्व करमा धूमधाम से मनाया गया। प्रो.वीसी कामिनी कुमार, राज्यसभा सांसद समीर उरांव, पूर्व  केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय आदि शामिल होकर मांदर की थाप पर खूब झूमे। झारखंड की जनता को करमा पर्व की बधाई दी।

करमा उत्‍सव के मौके पर छात्राओं ने पारंपारिक नृत्य प्रस्तुत की। पांच साल का बच्चा आदिवासी परिधान में मांदर बजाया। करमा पर्व पर आदिवासियों ने किसानों की अच्छी फसल और परिवार की खुशहाली की कामना की।  बहनें अपने भाइयों की सलामती के लिए प्रार्थना की।

झारखंड के आदिवासी ढोल और मांदर की थाप पर झूमते-गाते रहे। परम्परा के मुताबिक खेतों में बोई गई फसलें बर्बाद न हो इसलिए प्रकृति की पूजा की जाती है।

इस मौके पर एक बर्तन में बालू भरकर उसे बहुत ही कलात्मक तरीके से सजाया जाता है। पर्व शुरू होने के कुछ दिनों पहले ही उसमें जौ डाल दिए जाते है। करम पर्व के दिन यही जावा आदिवासी महिला अपने बालों में गूंथकर झूमती-नाचती है।

मौके पर मौजूद राजयसभा उपसभापति हरिवंश ने कहा कि करमा पर्व प्रकृति की सरंक्षण का पर्व है। जो समाज में उत्साह का माहौल बनाता है ।

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