रांची : कन्सर्न्ड सिटीजन ऑफ झारखंड के तत्वाधान में मांगो को लेकर धरना – प्रदर्शन

NewsCode Jharkhand | 11 July, 2018 7:38 PM
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रांची। कन्सर्न्ड सिटीजन ऑफ झारखंड के तत्वाधान में राजभवन के समक्ष एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया। धरना में सामाजिक कार्यकर्ता मानव अधिकार कार्यकर्ता एवं बुद्धिजीवी शामिल हुए। वर्तमान समय में झारखंड में प्रशासन की ओर से आदिवासी-मूलवासी अल्पसंख्यक और दलित समुदाय पर विकास के नाम पर हो रहे  अत्याचार को देखते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया।

कन्सर्न्ड सिटीजन ऑफ झारखंड  के सदस्या  ने कहा 17 वर्ष के बाद भी झारखंड बनाने के उद्देश्य पूरे नहीं हुए हैं। झारखंड में रहने वाले आदिवासी ,मूलवासी व दलित समुदाय के लोगों का शोषण कम होने की बजाय बढ़ता हीं गया। फर्जी नक्सल मुकदमा के आरोप में झारखंड के विभिन्न जिलों में 6,000 निर्दोष बंद है।  झारखंड बनने के बाद से झारखंड में उद्योग लगाने के लिए मोमेंटम झारखंड जैसे कार्यक्रम कर लगातार बड़ी-बड़ी  राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ एमओयू किए गए।  उन कंपनियों को जमीन देने के लिए झारखंड लैंड बैंक बनाकर जमीन देने की कोशिश की जा रही है।

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इससे भी जमीन की जरूरत पूरी नहीं होने पर झारखंड से जमीन लूटने के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी कानूनों में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। इस प्रकार   जमीन लूटने की कोशिश भी की जा रही है। जमीन लेने के लिए फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं । जमीन के लिए पूरे झारखंड को पुलिस छावनी में तब्दील किया जा रहा है। वर्तमान समय में पत्थलगड़ी के नाम पर फर्जी मुकदमा दायर कर आदिवासी समुदाय को जेल भेजा जा रहा है।

हमारी मांगे हैं 

उन्होंने कहा कि  हमारी मांगे  हैं , 1. खूंटी जिले के कोचांग गांव में घटी बलात्कार की घटना के पीड़िताओं को  पुलिस से सरंक्षण कैद से मुक्त  कर उन्हें परिजनों को सौंपा जाए । 2. बलात्कार पीड़िताओं की सुरक्षा सुनिश्चित किया जाए ।  3. पीड़िताओं को सरंक्षण के नाम पर कब तक कैद  में रखा जायेगा? 4 . पीड़िताओं को काउंसलिंग के नाम पर  मानसिक रूप से प्रताड़ित करना बंद करें।  5. कोचांग ,खूंटी के बलात्कार की घटना की उच्च स्तरीय जांच हो 6.  सामूहिक बलात्कार के दोषियों को चिन्हित कर उन्हें अविलंब गिरफ्तार करे । 7. खूंटी के  ग्रामसभा  के सदस्यों एवं निर्दोष ग्रामीणों के ऊपर देशद्रोह का मुकदमा दायर करना बंद करे  8. निर्दोष के ऊपर किये गए देशद्रोह के मुकदमें को वापस लिया जाए 9. झारखंड में 5 वीं अनुसूची क्षेत्रों में पेसा कानून को शक्ति से लागू किया जाये।

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रांची : रिटायर्ड जज एसके अग्निहोत्री आजसू में हुए शामिल, कहा- पार्टी को करेंगे मजबूत

NewsCode Jharkhand | 25 September, 2018 6:22 PM
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रांची। आजसू पार्टी के सुप्रीमो सुदेश महतो के आवास पर मिलन समारोह के मौके पर रिटायर्ड जज के साथ दूसरी अन्य पार्टी के सेकड़ों कार्यकर्ता मुखिया सहित आजसू पार्टी के विचार से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए।

इस मौके पर सुदेश महतो ने रिटायर जज के साथ कार्यकर्ताओं को माला पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। 2019 लोकसभा और विधानसभा चुनाव को देखते हुए दूसरे पार्टी के कार्यकर्ता  अपनी जमीन तलाशने को लेकर आजसू पार्टी में शामिल होते नजर आ रहे हैं।

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आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने कहा  पार्टी में शामिल हुए रिटायर्ड जज संतोष कुमार अग्निहोत्री का स्वागत करता हूँ।  आजसू पार्टी में शुभ संकेत है। पार्टी में इन्हें बड़ी जिम्मेवारी दी जाएगी। जिससे पार्टी मजबूत हो और जनता के बीच आजसू पार्टी की विचारधारा को पहुंचाया जाए। तीस सालों से न्याययिक सेवा करने के उपरांत इन्होंने समाजसेवा करने का जो फैसला लिये है। वो स्वागत योग्य है। जिनका समाज को जरूर लाभ मिलेगा।

रिटायर्ड जज संतोष कुमार अग्निहोत्री ने कहा कुछ महीनों से आजसू पार्टी को रीड कर रहा था इनकी विचारधारा को जानने की कोशिश कर रहा था जब मैं पूरी तरह से जान पाया तब मैंने  अंतिम फैसला लिया कि मैं आजसू पार्टी में रहकर समाज की सेवा करूंगा और पार्टी को मजबूत करने का काम करूंगा।

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झरिया : छेड़खानी का विरोध करने पर मारपीट, कई घायल

NewsCode Jharkhand | 25 September, 2018 6:26 PM
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झरिया (धनबाद)। बहालगढ़ा में छेड़खानी का विरोध करने पर मारपीट हो गई जिससे कई लोग घायल हो गए। प्राप्‍त जानकारी के अनुसार मुहल्ले में कुछ बाइक सवार युवक छेड़खानी किया। विरोध करने पर युवक घर में घुस गए और मारपीट करने लगे।

भुक्‍तभोगी ने स्‍थानीय थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वहीं दूसरा मामला झरिया के कोयरीबांध का है जहां आपसी रंजिश में मारपीट होने से एक ऑटो ड्राईवर घायल हो गया। घायल ने मारपीट का आरोप एक स्‍थानीय दबंग वयक्ति के भाई पर लगाया है।

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रांची : तीन तलाक कानून से तीन साल सजा के प्रावधान को हटवायें केंद सरकार- आमया संगठन

NewsCode Jharkhand | 25 September, 2018 6:17 PM
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रांची। मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2017 को बिना राज्यसभा से पारित कराये केन्द्रीय कैबिनेट और राष्ट्रपति के माध्यम से 20 सितंबर 2018 को अध्यादेश लाकर देश के 19 करोड़ मुसलमानों पर केन्द सरकार ने थोप दिया है। अध्यादेश में तीन तलाक को जघन्य अपराध मनाते हुए आईपीएस की धाराओं के तहत सजा देने का कानून बनाया गया है।

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कोई व्यक्ति एक साथ तीन तलाक बोलता है और उसकी पत्नी या परिवार के सदस्य पुलिस में शिकायत करते है तो तीन साल की सजा के साथ जेल हो जाएगा, जो कि असंवैधानिक है यह मामला सिविल कानून के तहत बननी चाहिए जिसमें ज्यादा से ज्यादा मुआवजा का प्रावधान रखा जाता।

वर्ष 2017 में  सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि तीन तलाक बोलने पर शादी नही टूटेगी, तो फिर किस आधार पर पति को तीन साल की जेल का प्रावधान रखा गया है पति के जेल जाने पर पत्नी और बच्चों का भरण-पोषण कैसे होगा क्या पत्नी पति के खिलाफ मुकदमें लड़ेगी। अध्यादेश देखकर ऐसा लगता है कि सरकार को मुस्लिम महिलाओं के प्रति दर्द कम और वोट पाने की चाहत ज्यादा है।

केन्द्र सरकार को मुस्लिम महिलाओं से हमदर्दी है तो मॉब लिंचिंग में 100 से अधिक लोगों की हत्याएँ देश में  हुई है सिर्फ झारखंड में ही 27 लोग मारे गये है उनकी विधवाएं और मां बहनों को इंसाफ नही मिल रहा है और ना ही मुआवाजा मिले, अपराधी खुलेआम घुम रहे है दोषियों को अदालतों में जमानत मिल जा रही है।

सरकार के ही मंत्री फूल माला और मिठाई नौकरी देने की बात कर रहे है, इसपर सरकार मुकदर्शक बनी हुई है जबकि मॉब लिंचिंग पर 17 जुलाई 2018 को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने केन्द्र सरकार को कानून बनाने का आदेश दिया है साथ ही कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिये है लेकिन केन्द्र सरकार ने मॉब लिंचिंग पर कानून बनाने की पहल अबतक नही हुई।

हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और केन्द्र में विपक्षी दल के नेता और झारखंड के विपक्षी दल के नेता हेमंत सोरेन  से मांग करते है कि तीन तलाक़ कानून से तीन साल सजा के प्रावधान को हटवायें साथ ही धार्मिक संगठनों से मिलकर निकाहनामा फार्म में ही एक साथ तीन तलाक नही बोलने का नियम बनवाये।

यें बाते होटल केन मेन रोड रांची में आमया संगठन द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संगठन की सचिव पूर्व छात्र नेत्री नाजिया तब्बसुम ने कहीं, प्रेस कांफ्रेंस में मॉब लिंचिंग में मारे गरे अलीमुद्दीन अंसारी की विधवा मरियम खातून, नाजनीन बानों, शमा प्रवीण, रिजवाना बेगम, कमरून निशा, उबैद खातून, आलिया, रुखसार, नरगिस , गजाला, गुलफशां, फरिदा नुसरत, अमरीन सबा थी।

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