रांची : सीसीएल ने किया रिकॉर्ड कोयला उत्पादन व प्रेषण

NewsCode Jharkhand | 12 July, 2018 8:10 PM
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रांचीसेंट्रल कोल्डफिल्ड्स लिमिटेड, सीसीएल ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के प्रथम तिमाही में पिछले वर्ष के इस अवधि की तुलना में 11.4 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। साथ ही कोयला प्रेषण में 11 प्रतिशत की डबल डिजिट वृद्धि हासिल करते हुए 17.7 मिलियन टन कोयला का प्रेषण किया।

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सीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक गोपाल सिंह ने गुरुवार को रांची में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सीसीएल ने पहले तिमाही में 6.4 मिलियन टन का स्टॉक लिक्वीडेशन कर और ओवर बर्डेन की 8 प्रतिशत की बढ़त बनाते हुए वित्तीय वर्ष 2018-19 में ऐसी कई उपलब्धियों को प्राप्त करने की दिशा में एक मजबूत नींव रखी है।

उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है, इसके लिए राज्य सरकार की ओर से जमीन उपलब्ध कराने पर आगे तेजी से कदम बढ़ाया जाएगा, सरकार की ओ से जमीन चिन्हित करने के काम को अंतिम रुप दिया जा रहा है।

भूमि अधिग्रहण से संबंधित पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि विभिन्न खनन परियोजनाओं को लेकर राज्य सरकार की ओर से सकारात्मक सहयोग मिल रहा है और नियमानुसार भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है।

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सीएमडी ने बताया कि गरीब व अनाथ बच्चों के लिए कंपनी की ओर से रांची में कायाकल्प स्कूल खोला गया है, यहां आने वाले समय में प्लस टू तक की शिक्षा बच्चों को उपलब्ध करायी जाएगी।

उन्होंने बताया कि सीसीएल की ओर से जिला खनन कोष के लिए राज्य सरकार को 500 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये गये है। स्पोर्ट्स कांप्लेक्स को लेकर सीसीएल की ओर से जो कदम उठाये गये है, उससे स्थिति में परिवर्तन सामने आया है।

वर्ष 2015-16 में जब कंपनी ने स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को जिम्मेवारी संभाली थी, उस वक्त कैंपस की क्या स्थिति थी और आज क्या स्थिति इससे सभी परिचित है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि बिजली उत्पादन करने वाली कंपनी टीवीएनएल को कोयले की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

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रांची: स्वस्थ बच्चे व स्वस्थ मां सामाजिक अर्थव्यवस्था की बुनियाद-ऋचा संचिता 

NewsCode Jharkhand | 21 November, 2018 7:56 PM
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रांची। झारखंड आई.ए.एस.ऑफिसर्स  वाइब्स एसोसिएशन (जेसोवा) की सचिव श्रीमती रिचा संचिता ने कहा कि स्वस्थ बच्चे और स्वस्थ मां सामाजिक अर्थव्यवस्था की बुनियाद हैं. इन्हें कुपोषण से बचाने तथा शैक्षिक संस्कार देने के लिए आंगनवाड़ी केंद्र की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है. जेसोवा एक सामाजिक संगठन है जो झारखंड के सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है.

आज जेसोवा के सदस्यों ने अरगोड़ा आंगनवाड़ी केंद्र का भ्रमण किया. जेसोवा के सदस्यों ने आंगनबाड़ी के बच्चों के बीच स्वेटर, टोपी और स्टेशनरी इत्यादि सामग्रियों का वितरण किया. अरगोड़ा आंगनबाड़ी केंद्र पर ही मधुकम आंगनवाड़ी केंद्र की सेविका- सहायिका को वहां के बच्चों के लिए गर्म कपड़े एवं स्टेशनरी आदि वितरित करने हेतु उपलब्ध कराए गए. जेसोवा द्वारा अरगोड़ा आंगनवाड़ी केंद्र को एक वॉल फैन भी दिया गया.

इस अवसर पर जेसोवा की ओर से श्रीमती ऋचा संचिता, श्रीमती मिली सरकार, श्रीमती अमिता खंडेलवाल, श्रीमती मनु झा, श्रीमती स्टेफी टेरेसा मुर्मू तथा रांची जिला के विभिन्न सीडीपीओ और आंगनवाड़ी केंद्रों की सेविका सहायिका सहित आंगनबाड़ी के बच्चे उपस्थित थे.

 

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ऱांची: आदिवासी की  अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कानून बनाया जाए- बारला

NewsCode Jharkhand | 21 November, 2018 8:22 PM
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रांची। पांचवी अनुसूची एवं आदिवासी की  अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कानून बनाया जाए इन सब मांगों को लेकर  राजभवन के समक्ष धरना दयामनी बारला के नेतृत्व में दिया गया दिया  ।
20 मांगों के साथ राज्यपाल महोदया को ज्ञापन सामाजिक कार्यकर्ता दयामणि बरला के नेतृत्व में दिया गया । इस मौके पर दयामणि बारला  ने कहा रघुवर सरकार संविधान का उल्लंघन करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं भारतीय संविधान में हम आदिवासी मूल वासी ग्रामीण किसान समुदाय को पांचवी अनुसूची क्षेत्र में गांव के सीमा के भीतर गांव के बाद जंगल जार बालू की तीव्रता एक-एक इंच जमीन पर ग्रामीणों को मालिकाना हक दिया है ।
यहां के  माइनर मिनिरल्स माइनर फॉरेस्ट प्रोडक्ट पर भी ग्रामसभा का अधिकार है ।इसी पांचवी अनुसूची में पेशा कानून 1996 वन अधिकार कानून 2006 का प्रावधान है ।यही मानकी मुंडा पड़हा व्यवस्था मांझी – परगना खुटकटी अधिकार भी है।
लेकिन राज्य सरकार इंसानों को अनदेखा करके आदिवासी समाज को प्रताड़ित करने का काम कर रही  है। राज्य सरकार अभी तक कुल 4 मोमेंटम झारखंड का आयोजन कर हजारों कारपोरेट कंपनियों तथा पूंजी पतियों के साथ झारखंड के आदिवासी निवासी किसानों के जल जंगल जमीन को उनके हाथ देने का समझौता कर लिया है ।जो पूरी तरह से पांचवी अनुसूची तथा पेसा कानून के प्रावधानों पर ग्रामीणों के अधिकारों पर हमला ही माना जाएगा । वर्तमान में चल रहे रिवीजन सर्वे  जिसके पूर्ण होते ही जिसके आधार पर नया खतियान बनेगा । इसके साथ ही 1932 का खतियान स्वतः निरस्त हो जाएगा। जिससे यहां का आदिवासी मूल राशि किसानों सभी समुदाय के परंपरागत अधिकार समाप्त हो जाएंगे

रांची। गुरुनानक देव जी समाज के पथ प्रदर्शक एवं सच्चे आध्यात्मिक गुरु- द्रौपदी मुरमु

Rakesh Kumar | 21 November, 2018 8:04 PM
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रांची। गुरुनानक देव जी समाज के पथ प्रदर्शक एवं सच्चे आध्यात्मिक गुरु थे। मुझे सिक्खों के प्रथम गुरु एवं सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल होकर अपार प्रसन्नता हो रही है। वाहे गुरु की खालसा वाहे गुरु की फतह। माननीया राज्यपाल डॉ द्रोपदी मुरमु ने  रातू रोड रांची कृष्णा नगर काॅलोनी में आयोजित सत्संग में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रही थी।
माननीया राज्यपाल ने कहा कि गुरु नानक जी द्वारा स्थापित सिख धर्म जीवन दर्शन का आधार, मानवता की सेवा, कीर्तन, सत्संग एवं एक सर्वशक्तिमान ईश्वर के प्रति विश्वास है। गुरुनानक देव जी ने हमें जीने की कला सिखाई। एक समाज सुधारक के रुप में गुरु नानक साहब जी ने महिलाओं की स्थिति, गरीबों एवं दलितों की दशा सुधारने के कार्य किये। मैं गुरु जी को नमन करती हंू।
आज के कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री श्री सी0पी0 सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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