रांची : कुपोषण से मुक्ति में सीएसआर कोष से मदद ली जाएगी – सीएम

NewsCode Jharkhand | 9 November, 2017 9:19 PM

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ राष्ट्रपति 15 नवम्बर को करेंगे

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रांची। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि विकास की आत्मा सामाजिक विकास है। जब तक सामाजिक विकास नहीं होगा, विकास की परिकल्पना पूर्ण नहीं होगी। झारखंड में कुपोषण बड़ी समस्या है। हमें लक्ष्य करके मातृत्व मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लानी है। 2022 तक झारखंड को कुपोषण मुक्त बनाना है। इसमें कारपोरेट कंपनियों के साथ ही सामाजिक संगठनों का भी सहयोग जरूरी है। कंपनियों के कारपोरेट सोशल रिस्पॉसिब्लिटी (सीएसआर) फंड से भी इस काम में मदद ली जायेगी। आदिवासी व दलित बाहुल्य क्षेत्रों में इसकी जरूरत सबसे ज्यादा है। रघुवर दास आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित इंडस्ट्री चैंपियन फॉर एसडीजी पुरस्कार 2017 कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हर काम केवल सरकार से संभव नहीं है। सामाजिक कल्याण क्षेत्र में तेजी से विकास करने के लिए 2015 में हमारी सरकार ने पहली बार देश में अनोखा प्रयोग करते हुए सीएसआर काउंसिल का गठन किया। इसमें कंपनियों के द्वारा खर्च किये जानेवाले सीएसआर फंड में से राशि जमा कर राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर खर्च किये गये। इसका सकारात्मक असर दिखा। ओडीएफ समेत अन्य कार्यों में इस फंड से काफी सहयोग मिला। अब कुपोषण को समाप्त करने के लिए भी इस फंड से राशि खर्च करने की योजना है। कुपोषण दूर करने के लिए राज्य सरकार गंभीर है। इंटीग्रेटेड न्यूट्रिशन मिशन प्रोग्राम का गठन किया गया है। इसकी बैठक जल्द की जायेगी। सामाजिक संगठनों की मदद से यह काम किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अशिक्षा और जागरुकता की कमी के कारण समुचित पोषण नहीं मिल पाता है। इससे शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। सरकार जागरुकता कार्यक्रम में भी सामाजिक संगठनों की मदद लेगी। 2022 तक राज्य से कुपोषण समाप्त करना है। इसके लिए हर साल 4-5 जिलों को चुना जायेगा, जिन्हें कुपोषण से मुक्त कराया जायेगा। सबसे पहले सबसे कुपोषित जनसंख्या वाले जिलों में काम होगा। यदि ईमानदारी और समर्पण के साथ काम किया जाये, तो सफलता अवश्य मिलती है। पोषण के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए राज्य सरकार पाठ्यक्रम में भी इसे शामिल करेगी। अभी शहरी क्षेत्रों में बुकलेट के माध्यम से स्कूलों में पोषण के प्रति बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। हमें 20 साल के बाद झारखंड का लक्ष्य रखना है। हमेशा लक्ष्य और सोच बड़ी रखें, तभी सफलता मिलेगी।

 उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की है। इसमें राज्य की 80 प्रतिशत आबादी से बिना कोई प्रीमियम लिए उन्हें इससे जोड़ा जायेगा। इसके बाद गरीब से गरीब व्यक्ति को भी इलाज के लिए दो लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध होगा। इसकी शुरुआत 15 नवंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा किया जायेगा। इसके अलावा भी सरकार असाध्य रोगों के लिए गरीबों को 3-4 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध करा रही है।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव अमित खरे, उद्योग सचिव  सुनील वर्णवाल, झारखंड स्टेट न्यूट्रिशियन मिशन के महानिदेशक  डीके सक्सेना, यूनिसेफ की झारखंड चीफ डॉ मधुलिका जोनाथन, उद्योग निदेशक के रवि कुमार, पद्मश्री बलवीर दत्त समेत अन्य ज्यूरी सदस्य, कंपनियों के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

जमशेदपुर : छुुुुट्टी मांगी, न‍हीं मिली, गर्भावस्‍था के पांंचवें माह में ड्यूूटी करने को मजबूर सुरक्षाकर्मी

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 3:58 PM
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एमजीएम अस्पताल की संवेदनहीनता

जमशेदपुर। जमशेदपुर का एमजीएम अस्पताल इन दिनों फिर से सुर्खियों में है। वैसे इस बार यह अस्पताल अलग ही तरह के कारनामों को लेकर सुर्खियों में है।

इस अस्पताल की लापरवाही की खबरें तो आम बात है, लेकिन इस बार इस अस्पताल में काम कर रही महिला सुरक्षाकर्मियों की क्या स्थिति है, यह बता रहे हैं।

किस तरह 8 महीने की गर्भवती महिला सुरक्षाकर्मी ड्यूटी करने को मजबूर है। ऐसा नहीं है कि उस महिला कर्मी ने छुट्टी के लिए गुहार नहीं लगाई थी।

इस महिला ने प्रेगनेंसी लीव का आवेदन दिया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन या होमगार्ड  के वरीय अधिकारी इस महिला के आवेदन को निरस्त करते हुए इतना ही कहा कि जब तुम्हें परेशानी होगी तो तुम्हें छुट्टी दे दी जाएगी।

ठीक से खड़ी नहीं हो पा रही महिला ड्यूूटी करने को मजबूर

अब सवाल यह उठता है कि आखिर 8 महीने की गर्भवती महिला को क्या परेशानी नहीं हो रही होगी ?  क्या एमजीएम अस्पताल प्रबंधन और झारखंड सरकार का गृह रक्षा वाहिनी विभाग इतना संवेदनहीन हो गया है कि जो महिला अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही, उसे अस्पताल की सुरक्षा में लगा दिया गया।

वैसे यह कोई पहली महिला नहीं है, जो गर्भवती होने के बाद भी ड्यूटी बजा रही है, बल्कि इनकी जैसी और भी एक महिला सुरक्षाकर्मी यहां ड्यूटी पर तैनात है।

पांचवें माह से ही प्रेगनेंसी लीव दिए जाने का है प्रावधान

ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर सरकारी योजना जिसके तहत महिलाओं को पांचवें माह से ही प्रेगनेंसी लीव दिए जाने का प्रावधान है, उसका उल्‍लंघन हो रहा है। यदि महिला होमगार्ड की जवान के साथ कुछ अनहोनी हो जाए तो उसके लिए कौन जिम्मेवार होगा।

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NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 3:19 PM
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लोहरदगा। शहर के बड़ा तालाब, जामा मस्जिद आदि क्षेत्रों में नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अभियान में लोहरदगा सदर अंचलाधिकारी परमेश्वर कुशवाहा, सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक शैलेश प्रसाद, नगर परिषद के सिटी मैनेजर आफताब आलम सहित कई अधिकारी और पुलिस बल के जवान मौजूद थे। अतिक्रमण अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। अतिक्रमण का दोषी पाए जाने पर, ऑन द स्‍पॉट कई दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया गया। नगर परिषद के इस अभियान से दुकानदारों में भी डर का माहौल देखा जा रहा है।

लोहरदगा : अतिक्रमण हटाओ अभियान से दुकानदारों में हड़कंप

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अतिक्रमण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए जाने के बाद से नगर परिषद अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चला रहा है। इस दौरान क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आने पर, अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इससे पहले नगर परिषद ने कई बार दुकानदारों को चेतावनी देते हुए अतिक्रमण नहीं करने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके अतिक्रमण होने की वजह से सड़कें संकरी हो गई थी और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थी। जिसकी वजह से नगर परिषद और अंचल प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने को लेकर जोरदार अभियान चलाया।

लोहरदगा : टेबल-कुर्सी ही संभालते हैं कार्यालय, मत्स्य अधिकारी रहते हैं गायब 

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चाईबासा : शहर का होगा सौंदर्यीकरण, मनोरंजन से लेकर खेल-कूद तक की सुविधाएं होंंगी उपलब्‍ध

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 3:00 PM
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आयुक्त और उपायुक्त ने  बहायेे  धूप में  पसीनेे

जनता की सुविधाओं का विशेष ख्याल रखने केे दियेे गयेे निर्देश

चाईबासा। राज्य सरकार ने आदिवासी बहुल कोल्हान प्रमंडल और प सिंहभूम जिला मुख्यालय व चाईबासा शहर के सौंदर्यीकरण के लिए एक योजना तैयार की है।

यहां आमजनता के लिए पार्क, मनोरंजन स्थल, मॉर्निंग वॉक स्थल, खेल केे  मैदान, जिमखाना, मैैरेेज हॉल, जिम, सामुदायिक हॉल सहित कई सुविधाएं शामिल होंगी।

आदिवासियों को सुविधा मुहैया कराने को लेकर  राज्य सरकार विशेष ध्यान

सभी योजनाओं मेें जनता की  सुविधा का विशेष ख्याल रखने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि चाईबासा में पीएम द्वारा मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखे जाने के बाद  आदिवासियों की सुविधाओं पर राज्य सरकार विशेष ध्यान देना चाहती है।

इसी के तहत आज कोल्हान आयुक्त विजय कुमार सिंह और उपायुक्त अरवा राजकमल ने सुबह आठ बजे से ही कड़़ी़ धूप में तीन घंटे तक पसीना बहाया।

इस मौके पर सदर एसडीओ, नगर पर्षद के अधिकारी, कई विभागों के अधिकारी और चाईबासा चैम्बर के पदाधिकारी मौजूद रहे।

चाईबासा :  स्वच्छता ही स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र है-राम नारायण खलखो

आयुक्त और उपायुक्त ने कई स्थलों का निरीक्षण किया। जिसमें शहर के बीचोंं- बीच स्थित जोड़़ा तालाब को चिन्हित किया गया।  इसके बाद कोल्हान के सबसे बड़ेे डेली सब्जी मार्केट मंगला हाट का सौंदर्यीकरण करने के साथ सभी फुटपाथ व सब्जी दुकानदारों के लिए चबूूतरा बनाने का फैसला लिया गया।

अब सिंहभूम स्पोर्ट्स मैैदान में होगा गणतंत्र दिवस समारोह

सबसे बड़ा फैसला आयुक्त और उपायुक्त ने 26 जनवरी को होने वाले परेड और सरकारी विभाग के प्रदर्शनी को लेकर किया है। अब तक पुलिस लाइन में ही 26 जनवरी के परेड  और प्रदर्शनी होतेे रहेे हैंं, लेकिन इस बार पुलिस लाइन के बजाय सिंहभूम स्पोर्ट्स मैैदान में इस आयोजन को करने का फैसला लिया गया है।

पांच हजार  स्‍‍ट्रेंथ वाले बनेंगे दो गैलरी

इसके लिए दोनों अधिकारियों नेे सिंहभूम स्पोर्ट्स मैदान का भी निरीक्षण किया और मैदान के पूर्वी और पश्चिम दिशा में पांच हजार  स्‍‍ट्रेंथ वाले  दो गैलरी  बनाने का भी निर्देश दिया।

आम जनता के लिए पश्चिम दिशा में एक गेट बनाने का भी निर्णय लिया गया। चाईबासा चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने राज्य सरकार, आयुक्त और उपायुक्त के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि चाईबासा प्रारंभ से ही उपेक्षित रहा है, लेकिन जोड़ा तालाब, मंगलाहाट, सिंहभूम स्पोर्ट्सस मैदान का सौंदर्यीकरण करना  बहुत बड़ी बात होगी।

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