रांची : राज्यपाल से मिलने के बाद शहीद की मां ने खत्‍म किया अनशन

NewsCode Jharkhand | 16 November, 2017 8:53 PM
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शहीद सुनील महतो हत्‍याकांड की एनआईए जांच के लिए था अनशन

रांची। शहीद सुनील महतो की मां खांदो देवी के साथ पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिलकर शहीद निर्मल महतो एवं शहीद सुनील महतो के हत्याकांड की जांच एनआईए से कराने की बात रखी। राज्यपाल ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित मामले से सरकार को अवगत कराने की बातें कही।

प्रतिनिधिमंडल में मां खांदो देवी के साथ परिवार के सदस्य झिंगी हेंब्रम, कंचन देवी, सचिन महतो, बादल महतो शामिल थे। इससे पहले विगत 14 नवंबर से आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव व शहीद सुनील महतो के छोटे भाई सुसेन महतो के साथ पार्टी के केंद्रीय सचिव अनिल महतो राजभवन के समक्ष अमरण अनशन पर थे। धरने पर शहीद सुनील महतो की मां खांदो देवी, बहन कंचन देवी भी उनके साथ बैठीं थीं। 15 नवंबर को खांदो देवी द्वारा पत्र लिखकर माननीय राज्यपाल महोदया से इस मामले में संज्ञान लेने तथा व्यक्तिगत रुप से उनकी बातों को सुनने का अनुरोध किया गया था। जिसे राज्यपाल महोदया द्वारा स्वीकार करते हुए आज दिनांक 16 नवंबर अप0 12.30 बजे मिलने का समय दिया गया।

खांदो देवी ने राज्यपाल को प बंगाल में सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके कुख्यात नक्सली रंजीत पाल उर्फ राहुल के कथित आत्मसमर्पण पर ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने राज्यपाल को बाताया कि आज से लगभग 10 वर्ष पूर्व दिनांक 4 मार्च होली के दिन मेरे पुत्र जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र के तत्कालीन सांसद स्व0 सुनील महतो के हत्या समेत सिर्फ पूर्वी सिंहभूम में 17 से ज्यादा नक्सली कांडो का वह आरोपी है। ऐसे नक्सली जिसके कारण कितनों की जिंदगी गर्त में चली गयी, कितनो के मांग के सिंदूर उजड़ गए, जिसकी आत्मसमर्पण के बाद झारखण्ड सरकार और न ही सीबीआई के द्वारा विशुद्ध रुप में राजनीतिक हत्या के सूत्रधार तक पहुंचने के लिए अभी तक कोई पुछताछ की गई है।

हत्या से पूर्व मेरे पुत्र ने मुझे जानकारी दी थी कि 2 दिनों बाद उन्हें केंद्र की यूपीए सरकार में कोयला मंत्री बनाया जाएगा। ठीक 2 दिन पहले हत्या इस मामले को संदेहास्पद बनाता है। मेरा मानना है कि मेरे पुत्र की हत्या विशुद्ध रुप से एक राजनीतिक हत्या है।

उनके परिवार के लोगों के साथ-साथ मेरे रिश्तेदार राजभवन के समक्ष मेरे बेटे के हत्या के असली दोषियों को सलाखों में पहुंचाने के लिए अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर हैं और वे भी उनके साथ धरने पर है।

उन्होंने राज्यपाल महोदया से कहा कि इस हत्याकांड के असली सूत्रधारों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए एनआईए जांच कराई जाय, रंजीत पाल के आत्मसमर्पण करने के बाद इस हत्याकांड के असली सूत्रधारों तक पहुंचने के लिए झारखण्ड सरकार अब तक क्या कदम उठाई है, उसकी जानकारी मुझे मुहैया कराई जाय, झारखण्ड आंदोलन के नायक शहीद निर्मल महतो की निर्मम हत्या की भी जांच एनआईए से कराई जाय, जिससे इस हत्या के असली सुत्रधारों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके, शहीद सुनील महतो एवं शहीद निर्मल महतो को संवैधानिक रुप से शहीद का दर्जा दिया जाय।

राज्यपाल से खांदो देवी की सकारात्मक वार्ता के बाद अमरण अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया गया। शहीद सुनील महतो की माँ खांदो देवी, आजसू पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष उमाकांत रजक, केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत द्वारा आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव व शहीद सुनील महतो के छोटे भाई सुसेन महतो के साथ पार्टी के केंद्रीय सचिव अनिल महतो को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया।

माननीय महोदया से मिलकर लौटने के बाद खांदो देवी ने कहा कि राज्यपाल  को कोटि-कोटि धन्यवाद दिया कि उन्होंने उनकी बातों को गंभीरता से सुना। साथ ही उन सभी को धन्यवाद दिया जिन्होंने उनकी इस लड़ाई में साथ दिया। मीडिया बंधु को धन्यवाद दिया, जिन्होंने उनकी बातों की गंभीरता को समझते हुए जनता तक उनकी बातों को पहुंचाया। इस अवसर पर बनमाली मंडल, छवी महतो, अनिल महतो, ललित ओझा, हरिश कुमार, गौतम सिंह, नितीश सिंह, नित्यानंद महतो, लोबिन महतो, संतोष महतो, प्रभा देवी, मेरी तिर्की, जगदीश महतो, सुशील कुमार महतो, योगेन्द्र महतो, सहित सैकडों लोग उपस्थित थे।

देवघर : श्रावणी मेला की तैयारी को लेकर डीआरएम ने जसीडीह स्टेशन का किया दौरा

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 9:55 PM
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देवघर। विश्‍व प्र‍सिद्ध श्रावणी मेला तैयारी को लेकर आसनसोल रेलवे डिवीजन के डीआरएम पीके मिश्रा सहित अन्‍य अधिकारियों ने जसीडीह स्टेशन का दौरा किया। दौरा के दौरान डीआरएम ने मेला शुरु होने से पहले स्‍टेशन का सौन्‍दर्यीकरण व यात्री सुविधाओं को पूरा कर लेने का आदेश रेलवे अधिकारियों को दिया।

गौरतलब है कि स्‍टेशन सौन्‍दर्यीकरण का काम पहले से चल रहा है तथा मेला आरंभ होने से पहले पूरा कर लिया जाना है। डीआरएम ने पत्रकारों से कहा कि इस दौरा का मकसद मकसद जसीडीह रेलवे स्‍टेशन में श्रावणी मेला को लेकर चल रहे कार्यों का जायजा लेना है।

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उन्‍होंने कहा कि सौन्‍दर्यीकरण का काम मेला शुरु होने से पहले शुरु हुआ था जिसे बहुत जल्‍द पूरा कर लिया जाएगा। जो काम बांकी रह गया है उसे जल्‍द से जल्‍द पूरा करने का निर्देश रेलवे अधिकारियों को दिया गया है। कुछ कार्यों के मेला से पहले पूरा होने पर उन्‍होंने संतोष व्‍यक्‍त किया। डीआरएम ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए जसीडीह स्टेशन में एलईडी हाई मास्ट टावर तीन लगाये गए हैं।

फुटओवर ब्रिज रैंप का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, इससे मेला में आनेवले वयस्‍क लोगों को सुविधा होगी। स्टेशन के बाहरी परिसर का समतलीकरण किया जा रहा है। यह जगह पहले काफी संकरी थी लेकिन समतलीकरण के बादखुला विशाल परिसर यात्रियों को मिलेगा। एक पड़ाव एरिया बनाया जाएगा जिसमें बरसात के समय लगभग 2500 लोग बैठ सकेंगे और आराम कर पाएंगे।

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कोडरमा : खदान में मजदूर के सिर पर गिरा पत्थर का टुकड़ा, मौके पर मौत

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 9:22 PM
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कोडरमा। जिले के नवलशाही थाना क्षेत्र अन्तर्गत बच्छेडीह पंचायत के जमडीहा मौजा में संचालित पत्थर खदान में कार्यरत मजदूर के सिर पर पत्थर का टुकड़ा धंसकर गिरने से मौके पर उसकी मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान पवन दास (24 वर्ष) व घायल की पहचान अनिल कुमार दास (28 वर्ष) के रूप में की गई है। दोनों थानाक्षेत्र के जमडीहा के रहनें वाले हैं।

कोडरमा : विकास योजनाओं की समीक्षा, उपायुक्त ने दिए कई निर्देश

घटना शुक्रवार की सुबह सात बजे की बताई गई है। जानकारी अनुसार दोनों मजदूर सुबह खदान में पहुंच कर ड्रिल किये गये होल में ब्लास्टिंग के लिए मशाला भरने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान ऊपर करीब पैंतीस से चालीस फिट की ऊँचाई से एक बड़ा पत्थर का हिस्सा सीधा पवन के सिर पर गिर गया जिससे सिर पूरी तरह जख्मी हो गया, जिससे पवन ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना के बाद नवलशाही थाना प्रभारी मो शाहीद रजा व एसआई राम कृत प्रसाद मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कोडरमा भेज दिया। तत्पश्चात पुलिस मामले की जांच में जुट गयी।

नहीं था सेफटी का इंतजाम

खदान में कार्यरत मजदरों के सुरक्षा और बचाव के उपाय के इंतजाम नहीं थे। अशोक कुमार गुप्ता और सुरेश चन्द्र साव की उक्त खदान में कार्यरत मजदूरों को न तो खदान संचालक द्वारा सेफटी किट दिये गये थे और ना हीं वहां फस्ट एड की व्यवस्था थी। खदान में बेतरतीब तरीके से कार्य करवाये जा रहे थे और सेफटी नियमों का पूरी तरह उल्लंघन किया जा रहा था। अधिकांश संचालित पत्थर खदानों में यही स्थिति है। जब कोई दुर्घटना होती है तो पत्थर खदान के मालिक या संचालक लाश की सौदेबाजी में जुट जाते हैं और पुलिस को मेल में लेकर मामले को रफा दफा करवा देते है।

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कोडरमा : विकास योजनाओं की समीक्षा, उपायुक्त ने दिए कई निर्देश

NewsCode Jharkhand | 22 June, 2018 9:01 PM
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कोडरमा। समाहरणालय सभा कक्ष में उपायुक्त भुवनेश प्रताप सिंह ने शुक्रवार को विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। समीक्षा में उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों को विकास से संबंधित कार्य को लेकर आपस में समन्वय स्थापित करने का निदेश दिया। उन्होंने सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी को पिछले बैठक में निदेश दिया था कि अपने क्षेत्र से संबंधित ऐसे मुखिया का नाम चिन्हित करें, जो विकास के कार्यों में रोडा अटका रहा हो या जो विकास कार्यो में रूची नहीं ले रहा हो।

कोडरमा : स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक, उप विकास आयुक्त ने दिए कई निर्देश

इस पर उपायुक्त ने नाराजगी जाहीर करते हुए सख्त निदेश दिया कि जो मुखिया विकास का कार्य में रूची नहीं ले रहा है, उसकी सूची अगली बैठक में उपलब्ध कराने का निदेश दिया। मनरेगा के तहत बनने वाले आंगनबाडी केन्द्रों की सूची उपलब्ध कराने का निदेश सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि सरकारी स्कूल में कहीं जमीन खाली हो तो आंगनबाडी बनाने हेतु स्थल को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निदेश दिया। लधु सिचाई विभाग की ओर से जिन जिन योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, उसकी जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निदेश उप विकास आयुक्त को दिया गया।

पूतो से दूरगुनिया के रोड को ग्रामीणों द्वारा अडचन किये जाने पर उपायुक्त ने निदेश दिया कि अगर विकास कार्यो में ग्रामीणों के द्वारा विरोध किया जाता है तो उन सभी पर एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई करें।

उपायुक्त ने विभाग से रजिस्टर्ड संवेदकों के साथ सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, रोजगार सेवक, पंचायत सेवक को समन्वय स्थापित कर कार्य में तेजी लाने का निदेश दिया गया। जियो टैगिंग को लेकर उपायुक्त ने सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारीयों को एक सप्ताह के अंदर जियो टैग पूर्ण करने का निदेश दिया गया।

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