रांची : एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष किया जोरदार प्रदर्शन

NewsCode Jharkhand | 3 June, 2018 5:49 PM
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रांची। रिम्स में नर्सों व डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों को हो रही कठिनाई के खिलाफ अखिल भारतीय विद्य्नार्थी परिषद के कार्यकर्त्ताओं ने आज रांची में प्रदर्शन किया। एबीवीपी रांची महानगर के कार्यकर्त्ताओं ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य मंत्री एवं रिम्स प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

खूंटी : पत्थलगड़ी वाले गांव में बैंक ऑफ ग्रामसभा का शिलान्यास

कार्यकर्ताओं ने डोरंडा स्थित स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी के आवास के समक्ष मंत्री के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। मंत्री जब अपने आवास से निकल जाने लगे तो कार्यकर्ताओं ने मंत्री के समक्ष अपना विरोध जताया। कार्यकर्ताओं के विरोध को देखते हुए काफी संख्‍या में सुरक्षाकर्मियों को मंत्री आवास के समक्ष तैनात किया गया था।

काफी मुश्किल से कार्यकर्ताओं को काबू में किया गया। कार्यकर्ताओं ने मंत्री का नेम प्‍लेट उखाड़ कर फेंक दिया। बोर्ड पर कालिख पोती गई। इसके अलावे मंत्री आवास पर अंडे भी फेंके गए।

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निरसा : खलासी की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर एमपीएल का ट्रांसपोर्टिंग ठप

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 3:54 PM
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निरसा (धनबाद)। सड़क दुर्घटना में घायल हरिहरपुर निवासी भुवन मोदी की मौत पीएमसीएच में इलाज के दौरान हो गयी। मृतक एमपीएल में कोयला ढुलाई में लगे हाइवा का खलासी था। आश्रितों के मुआवजा व नियोजन की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिप सदस्य मिठुन रविदास के नेतृत्व में बरवाडीह गांव स्थित गणेश स्थान के समीप शव को सड़क पर रख एमपीएल का ट्रांसपोर्टिंग ठप कर दिया।

निरसा थाना प्रभारी सुषमा कुमारी दलबल के साथ जाम स्थल पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। समझाने के बावजूद ग्रामीण नहीं माने।

भुवन मोदी को सड़क पार करने के दौरान धनबाद की ओर से आ रही अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।

वह अपने माता-पिता का एकलौता पुत्र था। भुवन खलासी का काम कर के घर के काम में पिता का सहयोग करता था। भुवन की मौत से पत्नी, पिता व बच्चों का रो रो के बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि मृतक के आश्रितों को मुआवजा एवं नियोजन दिया है।

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टुण्डी : अखाड़ा दल के सदस्यों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:22 PM
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टुण्डी (धनबाद)। मोहर्रम के अवसर पर प्रखंड के विभिन्न स्थानों पर अखाड़ा दल के सदस्यों द्वारा हैरतअंगेज करतब दिखाए गए। कमारडीह के मुहर्रम जुलूस में शामिल होने पहुंचे पूर्व मंत्री मथुरा प्रसाद महतो, पूर्व विधायक डॉ. सबा अहमद, झाविमो जिला अध्यक्ष ज्ञान रंजन सिन्हा उपस्थित अतिथियों का पगड़ी पहना कर स्वागत किया गया।

बोकारो : प्रशिक्षुओं के एक नये जीवन की है शुरुआत- बैंक ऑफ इंडिया

मौके पर डीसीपी गोपाल कालुंडीया, थाना प्रभारी केश्वर साहू, फिरोज दत्ता, ऐनुल अंसारी आदि उपस्थित थे। वहीं  गेठिबेडा में उपस्थित जिप सदस्य सुनील कुमार मुर्मू ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह त्योहार आपसी भाईचारे को बढ़ाता है। इसके अलावा फतेहपुर एवं लटानी में भी खिलाड़ियों ने करतब दिखाए।

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बेरमो : हिन्दू परिवार दे रहे भाईचारा का सन्देश, 150 वर्षो से मना रहा मुहर्रम

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:19 PM
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बेरमो(बोकारो)। आस्था और विश्वास के आगे सभी हो जाते हैं नतमस्तक, ऐसा ही देखने को हिन्दू परिवार मेँ मिला रहा है। नावाडीह प्रखंड के बरई गांव के एक हिन्दू जमींदार परिवार है, जहाँ पर एक भी घर मुस्लिम का नहीं होने के बावजूद बीते 150 वर्षों से प्रतिवर्ष उक्त हिन्दू जमींदार के वंशजों द्वारा मुस्लिम समुदाय का त्योहार मुहर्रम मनाया जाता है।

यहां तक कि इसके लिए अखाड़ा निकालने हेतु उस परिवार को प्रशासन से लाइसेंस भी प्राप्त है।जमींदार के वशंज सह लाइसेंस धारी सहदेव प्रसाद सहित उनके परिवार यह त्यौहार पिछले पांच पीढ़ी से निरंतर मनाते आ रहे है। सहदेव प्रसाद के अनुसार इनके पूर्वज स्व. पंडित महतो, घुड़सवारी व तलवारबाजी के शौकीन थे और बरई के जमींदार भी।

बोकारो : धूम-धाम से मनाया गया करमा पूजा

जबकि निकट के बारीडीह के गंझू जाति के जमींदार के बीच सीमा को लेकर विवाद हुआ था। यह मामला गिरीडीह न्यायालय में कई वर्षों तक मुकदमा चला। मामले में स्व. महतो को फांसी की सजा मुकर्रर कर दी गई थी। फांसी दिए जाने वाला दिन मुहर्रम था और महतो से जब अंतिम इच्छा पूछा गया तो उन्होंने श्रद्वापूर्वक गिरीडीह के मुजावर से मिलने की बात कहीं और उन्हें तत्काल मुजावर से उन्हें मिलाया गया।

जहाँ मुजावर से उन्होंने शीरनी फातिहा कराई। जिसके बाद स्व. महतो को ज्योंही फांसी के तख्ते पर लटकाया गया, लगातार तीनों बार फांसी का फंदा खुल गया और अंततः उन्हें सजा से मुक्त कर दिया गया। न्यायालय से बरी होते ही नावाडीह के खरपीटो गांव पहुंचे और ढोल ढाक के साथ सहरिया गए।

बोकारो : गेल इंडिया ने रैयतों को दिया जमीन का मुआवजा

सहरिया के मुजावर को लेकर बरई आए और स्थानीय बरगद पेड़ के समीप इमामबाड़ा की स्थापना कर मुहर्रम करने की परंपरा की शुरुआत की, जो आज तक जारी है। लोगों ने बताया कि यहां लंबे समय तक सहरिया के, फिर पलामू दर्जी मौहल्ला के मुजावर असगर अंसारी तथा फिलहाल लहिया के मुजावर इबरास खान द्वारा यहां शीरनी फातिहा की जा रही है ।

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