गर्मी में रमज़ान के दौरान कैसे रखें अपना ख्याल, सहरी-इफ्तार में खाएंगे ये खाना तो रहेंगे फिट

नई दिल्ली। बरकतों से भरा रमज़ान का मुबारक महीना शुक्रवार से शुरू होने जा रहा है। कल रात से महानगर क्षेत्र की सभी मस्जिदों में तरावीह की नमाज और बृहस्पतिवार को माह रमजान का पहला रोजा संभव है। ये रोजे अगले माह की 17 या 18 तारीख तक चलेंगे जिस दिन ईद-उल-फितर मनाया जायेगा।

जब आप छोटे थे और माह-ए-रमजान में रोजे रखते थे तब अम्मी सुबह उठकर आपके लिए सेहरी बनाती थीं और आप बिना किसी फिक्र के सुबह उठकर सेहरी करते और सो जाते थे। इफतार के समय दस्तरखान पर खजूर, पकौड़े, फल, समेत कई तरह-तरह के पकवान डाइनिंग टेबल पर सज जाते थे। लेकिन, अब आप बड़े हो चुके हैं। अब आपके पास वक्त की कमी भी है। आपको रोजा भी रखना है और अपने काम-काज, पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ अपनी सेहत का ख्याल भी रखना है।

रमज़ान के दिनों में सेहरी और इफ्तार दो ऐसे टाइम होते हैं, जब आप कुछ खा सकते हैं। पूरा दिन भूखा रहने के लिए एनर्जी की जरूरत होती है, इसलिए सुबह सेहरी का आहार महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान इफ्तारआहार को भी नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता।

इस बार के रोजे 15 घंटे से अधिक समय के होंगे। ऐसे में इतना लम्बा रोजा रखने के लिए आपको अपनी डाइट का खयाल भी रखना होगा। कैसी हो आपकी सेहरी और इफ्तार इसके लिए न्यूज़कोड ने आपके लिए खास तरह की डॉयट प्लान किया है।

सेहरी के विकल्प

– खजूर, मल्टी ग्रेन ब्रेड, चोकर मिले आटे की रोटी या परांठा, दूध और दही, तीन से चार ग्लास पानी, — अंडा, ताजे फल, पीनट बटर, बिना चीनी वाले सीरियल।
– ज्यादा कॉफी या सोडा के परहेज करें।
– सेहरी में खजूर खाने से दिन भर कमजोरी का अहसास नहीं होता।
– सेहरी के लिए प्रोटीन,फाइबर और कार्बोहाईड्रेट से भरपूर डाइट लें।
– सेहरी के टाइम कम से कम दो से तीन गिलास पानी जरूर पीएं।
– इसके अलावा शरीर को कमजोरी या मोटापे से बचाने के लिए इफ्तार से सेहरी के बीच भी खूब पानी पीना चाहिए।
– सेहरी में कैल्शियम जरूर शामिल करना चाहिए। इसके लिए दूध या दही लेने से आपको पूरे दिन प्यास नहीं लगेगी।

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इफ्तार के विकल्प

– कहते हैं रोजा खजूर से खोलने से सवाब मिलता है, लेकिन सवाब मिलने के साथ-साथ ये आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद है।
–  खजूर में नेचुरल शुगर होती है, जिससे रोजा रखने के दौरान कम हुआ शुगर लेवल बैलेंस हो जाता है।
–  तला-भूना नहीं खाएंसाथ ही तला-भूना और मीठा जैसे पकौड़े और समोसे खाने से बचें।ऐसा करने से आपको सारी रात एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
– रोजे में फल और सब्जी खाने से आपको भूख नहीं लगेगी क्योंकि ये धीरे-धीरे पचती हैं। साथ ही  शरीर को भी तरलता मिलती है।
– अधिकतर लोग इफ्तार अधिक करने के बाद खाना भी भरपेट खाते हैं, जिससे हाजमा बिगड़ सकता   है।

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जिन लोगों को दिल की बीमारी और मधुंमेह की बीमारी है उन लोगों को कबाब, बिरयानी और चिकन खान से बचना चाहिए। इफ्तार से लेकर सहरी तक खाना खाने के समय हाथ अच्छे से धो लेने चाहिए क्याोंकि भूख रहने पर शरीर में कमज़ोरी आ जाती है और कीटाणु जल्दी हमला करते हैं।