दिल्ली: फीस जमा न कराने पर 40 बच्चियों को बेसमेंट में किया बंद, दर्ज हुई FIR

NewsCode | 11 July, 2018 11:49 AM
newscode-image

नई दिल्ली। सेंट्रल दिल्ली के हौज काजी स्थित राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल में 4-4 साल की बच्चियों को 5 घंटे तक बेसमेंट में बंद रखने का मामला सामने आया है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल मैनेजमेंट ने फीस न जमा करने के चलते बच्चियों को घंटों रोके रखा। इस बाबत उन्होंने स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

बच्चों के माता-पिताओं ने आरोप लगाया है कि सोमवार को मंथली फीस जमा न होने पर स्कूल ने 40 बच्चियों को पांच घंटे तक तहकाने में बंद रखा। फिलहाल, स्कूल प्रशासन के खिलाफ अभिभावकों ने पुलिस में मामला दर्ज कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, स्कूल की छुट्टी होने पर अभिभावक जब बच्चियों को लेने पहुंचे तो उन्हें वे वहां नहीं दिखे। उन्होंने फिर स्कूल के कर्मचारियों से बच्चों के बारे पूछा, तो बताया गया कि फीस न जमा होने की वजह से उन्हें बेसमेंट में रखा गया है।

प्रिंसिपल ने कहा है कि बेसमेंट कोई सजा देने की जगह नहीं है। दरअसल ये एक एक्टिविटी रूम है, जहां बच्चे खेलते और म्यूजिक सीखते हैं। ये एक तरह का क्लासरूम है। हालांकि पुलिस ने स्कूल के खिलाफ आईपीसी की धारा 342 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 के तहत हौज काजी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया है।

‘रेपिस्तान’ वाले ट्वीट पर कश्मीर के पहले IAS टॉपर शाह फैसल के खिलाफ कार्रवाई, ‘बॉस से मिला प्रेम पत्र’

पुलिस का कहना है कि हमने स्कूल के प्रिंसिपल को नोटिस भेजा है। साथ ही हम पीड़ित बच्चों के माता-पिता के बयान भी दर्ज करेंगे।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस लिस्‍ट में टॉप पर आया आंध्र प्रदेश, झारखंड की रैंकिग में सुधार

राहुल गांधी का अधूरा वादा: जिस बच्चे को पढ़ाने का उठाया था बीड़ा, आज वो लगा रहा ठेला

NewsCode | 19 September, 2018 8:28 PM
newscode-image

नई दिल्ली। नेता लोग वादा करते हैं और करके भूल जाते हैं। छपने देश में बड़े से बड़ा और छोटे से छोटा नेता इस बीमारी से ग्रसित है। यही हाल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का भी है। दरअसल, राहुल ने कुछ साल पहले मध्य प्रदेश के भोपाल में जिस नाबालिग बच्चे को अखबार बेचते हुए देखकर उसकी पढाई-लिखाई करवाने का बीड़ा उठाया था, आज वह ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करने पर मजबूर है। बच्चे की मौजूदा हालात पर अब मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस ने राजनीति शुरू कर दी है।

कौशल की खुद्दारी से खुश हुए थे राहुल

सोमवार को राहुल गांधी ने भोपाल में बड़े लाब-काब के साथ चुनावी बिगुल फूंका और जिस रोशनपुरा के रास्ते से उनकी विशाल रैली निकली, कौशल शाक्य नामक यह लड़का उसी इलाके में रहता है। बात 25 अप्रैल 2013 की है जब राहुल गांधी भोपाल दौरे पर आए थे। कांग्रेस दफ़्तर से निकलते समय उन्हें सड़क पर पेपर बेचता हुआ कौशल दिखाई दिया। राहुल ने तत्काल अपनी गाड़ी रुकवायी और मदद के लिए हाथ बढ़ाया। राहुल ने उससे पूछा था कि तुम पढऩे जाते हो। इस पर कौशल ने कहा कि उसके पास इतने पैसे नहीं कि वो पढ़ सके। यह सुन राहुल ने जेब से 1000 रुपये का नोट उसे दिया, पर कौशल ने सिर्फ एक रुपये मांगा, वो भी अखबार का। उसने 1000 रुपये का नोट लेने से मना कर दिया।

कौशल की खुद्दारी राहुल को पसंद आई। उन्होंने कौशल की पढ़ाई का खर्च उठाने की घोषणा कर दी और हर माह एक हजार रुपये पढऩे के लिए देने का वादा किया। राहुल के आदेश पर मध्यप्रदेश कांग्रेस नेताओं ने कौशल का एडमिशन राजीव गांधी हायर सेकंडरी स्कूल में करा दिया। एक साल तक कौशल को राहुल गांधी से एक हजार रुपये मिलते रहे, लेकिन बाद में यह मदद बंद हो गई।

छठवीं के बाद छोड़ दी पढ़ाई

कौशल ने बताया कि वह श्यामला हिल्स स्थित डॉ. राधाकृष्णन हाईस्कूल में पढ़ता था और छठवीं के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी। उसे कांग्रेस से कुछ महीने ही पढ़ाई के लिए फीस मिली। कांग्रेस नेता साजिद अली ने अपने कॉलेज में उसके बदले बड़े भाई जुगल को काम दिया था। पिता काम करने की स्थिति में नहीं है, जिससे परिवार उन पर ही आश्रित है।

बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

जब राहुल दोबारा भोपाल आए तो कौशल और उसके परिवार ने उनसे मिलने की कोशिश भी की, लेकिन एसपीजी सुरक्षा घेरे के आगे उनकी एक नहीं चली।अब 5 साल से कौशल स्कूल नहीं जा रहा और उसका पूरा परिवार मजदूरी कर पेट पाल रहा है। भाजपा ने सोमवार को राहुल गांधी के भोपाल प्रवास पर लड़के को मीडिया के सामने प्रस्तुत किया तो कांग्रेस ने मंगलवार को पलटवार करते हुए तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश दिलाने के वादे को याद दिलाया।

बीजेपी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने उसे अधर में छोड़ दिया है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस ने बच्चे की पूरी मदद की है। उसके भाई को नौकरी दिलाई थी और उसी स्कूल में पढ़ाई का इंतजाम किया था, लेकिन उसने पढ़ाई नहीं की। गुप्ता ने कहा कि भाजपा की एनडीए सरकार की केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने उसे केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश का आश्वासन दिया था। भाजपा अपनी मंत्री के आश्वासन को पूरा करे, फिर कांग्रेस पर आरोप लगाए।


भोपाल में राहुल ने फूंका चुनावी बिगुल, रोड शो के दौरान उठाया चाय-समोसे का लुत्फ

बिहार में राहुल का ब्राह्मण कार्ड, मदन मोहन झा बनाये गए नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

देहरादूनः स्कूल हॉस्टल में दसवीं की छात्रा से गैंगरेप, राहुल ने पीएम मोदी को घेरा

अरुण जेटली पर राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप, बीजेपी बोली- कांग्रेस-माल्या की जुगलबंदी

sun

320C

Clear

क्रिकेट

Jara Hatke

Read Also

धनबाद : डीसी कार्यालय के सामने दो पक्षों में हुई नोंक-झोंक

NewsCode Jharkhand | 19 September, 2018 10:03 PM
newscode-image

धनबाद। डीसी कार्यालय के समक्ष दो पक्षों के बीच बुधवार को जमकर नोंक-झोंक हुई। लड़की से मिलने नहीं देने तथा उन्हें बताये बगैर न्यायालय में लड़की का बयान दर्ज कराए जाने को लेकर लड़की के परिजन हंगामे पर उतारू हो गए।

बीच सड़क पर दो पक्षों के बीच बढ़ते नोक -झोक को लेकर पुलिस को भी उन्हें शांत कराने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। लड़की पक्ष के गुस्से को शांत कराकर तोपचांची पुलिस लड़की के साथ लड़का पक्ष को महिला थाने पहुंचाई।

धनबाद : एटीएम गार्डों ने बिना वेतन व नोटिस के काम से हटाने का किया विरोध

तोपचांची थाना क्षेत्र के दुमदुमी निवासी जगन्‍नाथ पांडेय पिछले 8 तारीख को अपने ही गांव के युवक व उसके साथियों पर पुत्री का अपहरण कर लेने की शिकायत तोपचांची थाने में दर्ज कराई थी। दर्ज बयान में उन्‍होंने कहा था कि पुत्री सुबह में शौच के लिए घर से निकली तभी उपरोक्त युवकों ने पुत्री का अपहरण कर फरार हो गया।

पुलिस की छानबीन में परिजनों को जानकारी मिली की उनकी पुत्री को युवक व उसका साथी अपहरण कर दिल्ली ले गया है। बुधवार को तोपचांची पुलिस युवक-युवती को धनबाद न्यायालय लेकर पहुंची।

सूचना पाकर लड़की के परिवार वाले भी कोर्ट पहुंचे। यहां उन्हें पता चला की लड़की का बयान कोर्ट में दर्ज करा दिया गया है। बयान दर्ज कराने से पूर्व लड़की से भेंट नहीं कराये जाने को लेकर गुस्साए परिजन युवक के घरवालों से नोक-झोंक करने लगे।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

बड़कागांव : जनता दरबार की जानकारी नहीं दिए जाने पर भड़के जनप्रतिनिधि

NewsCode Jharkhand | 19 September, 2018 9:54 PM
newscode-image

बड़कागांव(हजारीबाग)। आम लोगों की समस्याओं के समाधान हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रखंड स्तर पर लगाए जा रहे जनता दरबार का महत्व उस समय समाप्त हो गया, जब बड़कागांव प्रखंड मुख्यालय में आयोजित जनता दरबार में ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति नगण्य देखी गई। वहीं नियमित रूप से प्रखंड व अंचल में अपने व्यक्तिगत काम को लेकर पहुंचे ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों ने जमकर अपनी भड़ास निकाली और इस पर नाराजगी जाहिर की। लगता है जैसे जनता दरबार महज कोरम पूरा करने की चीज बनकर रह गयी है।

जनप्रतिनिधियों के अनुसार उन्‍हें या ग्रामीणों को जनता दरबार के आयोजन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई ओर गुपचुप तरीके से इसका आयोजन करके खानापूर्ति की जा रही है। लोगों ने कहा कि बड़कागांव की स्थिति दयनीय इसलिए है क्‍योंकि यहां कार्यरत पदाधिकारी, कर्मचारी के साथ-साथ जिले के पदाधिकारियों का भी रवैया उदासीन है। कोई भी कार्य जमीनी स्तर पर नहीं करके महज कागजों तक ही सीमित रखा जा रहा है।

कटकमसांडी : छुरेबाजी की घटना में युवक घायल, गंभीर हालत में रिम्‍स रेफर

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

More Story

more-story-image

जमशेदपुर : गौरी सबर की स्मृति में समाधान संस्था ने...

more-story-image

दुमका : किराना स्टोर में पुलिस ने किया छापेमारी, डुप्लिकेट...