दिल्ली की धुंध के बीच लंदन के मेयर का प्रदूषण-रोधी नेटवर्क

NewsCode | 6 December, 2017 8:00 AM

वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 'सी40 नेटवर्क' के तहत गठित हुए 'एयर क्वालिटी नेटवर्क' की सह अध्यक्षता सादिक के साथ बेंगलुरू के महापौर आर.सम्पत राज करेंगे। 

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नई दिल्ली| दिल्ली के दौरे पर आए लंदन के महापौर सादिक खान ने यहां धुंध के बीच दुनिया भर के शहरों में खराब होती वायु गुणवत्ता में सुधार लाने का समाधान ढूढ़ने के लिए मंगलवार को एक वैश्विक नेटवर्क लांच किया। वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ‘सी40 नेटवर्क’ के तहत गठित हुए ‘एयर क्वालिटी नेटवर्क’ की सह अध्यक्षता सादिक के साथ बेंगलुरू के महापौर आर.सम्पत राज करेंगे।

महापौरों द्वारा यहां मंगलवार को आयोजित एक बैठक में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर साथ मिलकर काम करने का फैसला किया गया। 

सी40 बड़े शहरों जैसे लंदन, पेरिस, लॉस एंजेलिस और कोपनहेगन का एक नेटवर्क है, जो ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने और ऐसा मॉडल बनाने, जिसे अन्य शहर और सरकारें अपना सकें, पर साथ काम कर रहे हैं। 

बयान में कहा गया है कि शहरों के नेटवर्क के समर्थन से लंदन एक 10 लाख डॉलर की लागत वाला ऐसा परीक्षण करेगा, जो निगरानी प्रणाली के जरिए सड़क दर सड़क, लंदन के स्कूलों, अस्पतालों, निर्माण स्थलों, व्यस्त सड़कों आदि 1,000 से ज्यादा इलाकों में प्रदूषण की जांच करेगा। 

सादिक ने कहा, “यह घोषणा करने में गर्व महसूस हो रहा है कि लंदन और बेंगलुरू एक नई वायु गुणवत्ता साझेदारी का नेतृत्व करेंगे। हम दुनिया के शहरों और दिल्ली सहित भारत के महत्वपूर्ण शहरों के साथ काम करने की उम्मीद करते हैं।”

लंदन के व्यापारिक संबंधों को भारत और पाकिस्तान के साथ सुधारने के लिए सादिक दोनों देशों के छह दिवसीय दौरे पर हैं। वह रविवार को मुंबई पहुंचे थे।

आईएएनएस

सेना प्रमुख रावत ने कश्मीर में राज्यपाल वोहरा से की मुलाकात, की सुरक्षा समीक्षा

NewsCode | 24 June, 2018 12:31 PM
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नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को कश्मीर घाटी में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद यह उनका पहला दौरा है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सेना प्रमुख के साथ सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह और चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल ए के भट भी थे। सेना प्रमुख ने नियंत्रण रेखा के पास स्थित अग्रिम चौकियों का दौरा किया।

सेना प्रमुख को वहां संचालनात्मक एवं अन्य साजों-सामान से संबंधित तैयारियों से जुड़े सभी पहलुओं के बारे में अवगत कराया गया। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने कहा, “सेना प्रमुख ने आज कश्मीर घाटी का दौरा किया और नियंत्रण रेखा तथा अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।”

उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख ने उत्तरी सैन्य कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह, और चिनार कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट के साथ सीमांत जिलों कुपवाड़ा और बारामूला में नियंत्रण रेखा पर स्थित अग्रिम चौकियों का दौरा किया, जहां उन्हें सामरिक और रसद तैयारियों के सभी पहलुओं पर जानकारी दी गई।

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कर्नल कालिया ने कहा, “सेना प्रमुख ने सैन्य इकाइयों द्वारा स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं और उपायों की तथा शत्रु तत्वों की तरफ से खड़ी की जाने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए की गई तैयारियों पर संतोष जताया।”

जनरल रावत ने हाल के सफल अभियानों के लिए सैनिकों के प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए दुश्मनों की दुष्टतापूर्ण साजिशों को परास्त करने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया।

रावत ने बाद में राज्यपाल एनएन वोहरा से राजभवन में मुलाकात की और घाटी के संपूर्ण सुरक्षा हालात पर चर्चा की। आर्मी चीफ ने आगामी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर भी राज्यपाल से चर्चा की।

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टुण्डी : पारा शिक्षकों ने सरकार से की राज्‍य में छत्तीसगढ़ नियमावली की मांग  

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 1:49 PM
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टुण्डी (धनबाद)। झारखंड प्रदेश एकीकृत पारा शिक्षक संघ की बैठक प्रखंड अध्यक्ष नवीन चन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई। जिसका संचालन प्रखंड सचिव महमुद आलम ने किया।

बैठक में मुख्य रूप से चर्चा का विषय था कि बीजेपी  की सरकार जिस प्रकार पारा शिक्षकों के कल्याण के लिए कमेटी गठित किया और छह राज्यों से नियमावली मंगवाने के लिए अपने राज्यकर्मी को भेजा है। पारा शिक्षक भी सरकार से उम्मीद की है कि यहां की सरकार छत्तीसगढ़ नियमावली झारखंड के पारा शिक्षकों पर लागू किया जाए।

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सऊदी अरब में 60 साल बाद महिलाओं को मिली कार चलाने की इजाजत, मना जश्न

NewsCode | 24 June, 2018 1:21 PM
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नई दिल्ली। सऊदी अरब में आज रविवार से महिलाओं को आधिकारिक तौर पर सड़कों पर गाड़ी चलाने की अनुमति मिल गई है। इसी के साथ सऊदी अरब महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने वाला दुनिया का आखिरी देश बन गया है। मालूम हो कि सऊदी अरब दुनिया का अकेला देश था जहां महिलाओं को ड्राइव करने की आजादी नहीं थी।

राजधानी जेद्दा में आधी रात से ही सड़कों पर इस आजादी का जश्न देखने को मिला, जहां कई महिलाएं स्टियरिंग थामें नजर आईं और हर कुछ दूरी पर खड़े कई लोग उन्हें बधाई देते दिख रहे थे। इस देश के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि 60 से अधिक वर्षों से महिलाएं सिर्फ यात्री सीट पर ही बैठती थीं यानी खुद गाड़ी नहीं चला सकती थीं। गाड़ी चलाने पर लगा बैन हटने से खाड़ी देश में 1.51 करोड़ महिलाएं पहली बार सड़कों पर गाड़ी लेकर उतरने में सक्षम हो सकेंगी।

बता दें कि सऊदी अरब ने सितंबर 2017 में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने का ऐलान किया था। यह फैसला क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 कार्यक्रम का हिस्सा है, ताकि अर्थव्यवस्था को तेल से अलग कर सऊदी समाज को खोला जा सके। उन्होंने जून 2018 तक इस आदेश को लागू करने की बात कही थी। सऊदी के शासक सलमान के इस कदम की दुनियाभर में तारीफ हुई।

सऊदी अरब में 60 साल बाद महिलाओं को मिली कार चलाने की इजाजत, मना जश्न Ban on Women driving ends in Saudi Arabia | NewsCode - Hindi News

जेद्दाह की एक महिला हम्सा अल-सोनोसी ने कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं अपनी जिंदगी में इस दिन को देख पाउंगी। जेद्दाह महिलाओं को लाइसेंस देने वाला देश का दूसरा शहर है।

गौरतलब है कि सऊदी अरब की गिनती कट्टरपंथी देश के तौर पर होती है, जहां महिलाओं के लिए कई पाबंदियां और सख्तियां हैं। उन्हें अभी तक वो अधिकार भी नहीं मिले हैं, जो दुनिया के बाकी देशों की महिलाओं को हैं। यहां महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस का अधिकार दिलाने के लिए लंबे समय से अभियान चलाया जा रहा था। कई महिलाओं को तो नियम तोड़ने के लिए सजा तक दी गई।

कई महिलाएं ब्रिटेन, कनाडा या लेबनान जैसे देशों में जा कर अपने लिए अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया करती थीं। इनमें से कुछ ने सोमवार को एक छोटा सा ड्राइविंग टेस्ट दिया, जिसके बाद इन्हें सऊदी अरब के नए लाइसेंस दिए गए।

ड्राइविंग लाइसेंस पाने वाली पहली महिलाओं में से एक रेमा जवदात का कहना है, “सऊदी अरब में ड्राइव करने का मेरा सपना पूरा होने जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “मेरे लिए ड्राइविंग का मतलब है अपनी पसंद से कुछ करना, आजाद होना। अब हमारे पास विकल्प हैं।”

सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति

– सऊदी अरब में महिलाओं के प्रति होने वाली घरेलू हिंसा और यौन शोषण को रोकने के लिए कोई कानून नहीं है। एक स्टडी में यहां के 53 फीसदी पुरुषों ने माना था कि उन्होंने घरेलू हिंसा की है। वहीं, 32 फीसदी ने यह भी माना कि उन्होंने अपनी पत्नी को बुरी तरह चोट पहुंचाया।

– सऊदी में महिलाएं अकेले प्रॉपर्टी भी नहीं खरीद सकतीं। यहां एक महिला के तौर पर प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने के लिए दो पुरुष गवाह जरूरी हैं।

– पुरुष गवाह के बिना महिलाओं की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकती। इसके साथ ही उन दो पुरुषों की विश्वसनीयता की पुष्टि करने के लिए चार और पुरुष गवाहों की जरूरत होती है।

– सऊदी अरब में पुरुषों की तरह महिलाओं को कानूनी तौर पर बराबरी हासिल नहीं है। ऐसे कई काम जिन्हें पुरुष कर सकते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए वो काम प्रतिबंधित हैं।

– यहां महिलाएं विदेश यात्रा नहीं कर सकतीं। पसंदीदा रहने की जगह नहीं चुन सकतीं। पासपोर्ट या फिर नेशनल आईडी कार्ड के लिए अप्लाई नहीं कर सकतीं।

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