किसान कल्याण रैली में बोले पीएम मोदी- किसान चैन से सो जाए, ये कांग्रेस को मंजूर नहीं

NewsCode | 11 July, 2018 4:41 PM
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को पंजाब के मलोट में किसान कल्याण रैली को संबोधित करने पहुंचे। अपने भाषण में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 70 सालों तक किसानों की नहीं बल्कि अपने परिवार की चिंता की है। उन्होंने कहा कि कैसी भी स्थिति रही हो देश के किसान ने कभी मेहनत करने में कमी नहीं रखी, लेकिन कांग्रेस पार्टी और उनकी सरकारों ने कभी किसानों की इज्जत नहीं की। कांग्रेस ने कभी किसानों को मान नहीं दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा किसानों को धोखा दिया और उनके सशक्तिकरण के लिए कभी कोई कार्य नहीं किया। कांग्रेस किसानों को सिर्फ वोट बैंक ही समझती रही। पंजाब ने हमेशा प्रेरित करने का काम किया है। आज भी देश नहीं बल्कि दुनिया का कोई भी कोना ऐसा नहीं है जहां पंजाब का व्यक्ति न हो और वह अपने परिश्रम से लोहा न मनवा रहा हो। उन्होंने कहा कि मलोट में आज किसानों का कुंभ लगा है, मैं आप सबको सर झुकाकर नमन करता हूं। पंजाब के किसानों ने उत्पादन के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस बार फिर से सारे रिकॉर्ड टूटने की संभावना है।

पीएम ने कहा कि हमारी सरकार ने MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का अपना वाद पूरा किया है, लागत का डेढ़ गुणा मूल्य सुनिश्चित करने का काम किया है। और जब से सरकार ने ये फैसला लिया है, तबसे देश के किसान की एक बहुत बड़ी चिंता दूर हुई है। उसको विश्वास है कि जो निवेश उसने किया है, जो श्रम लगाया है उसका फल उसे मिलेगा।

मोदी ने कहा कि हमारी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है। देश में अभी तक 15 करोड़ से ज्यादा सोल हेल्थ कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। लेकिन कांग्रेस और उनके सहयोगियों की नींद उड़ गयी है। देश के किसान चैन से सो जाए ये कांग्रेस पार्टी को मंजूर नहीं है।

उन्होंने कहा कि बीज से बाजार तक एक व्यापक रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा हैं, फसल की तैयारी से लेकर बाजार में बिक्री तक आने वाली हर समस्या के समाधान के लिए एक के बाद एक कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम आय दोगुनी करने के लिए सिर्फ कृषि पर ही नहीं निर्भर रह सकते हैं। हम दूध उत्पादन, मछली उत्पादन अन्य उत्पादनों के लिए भी सरकार किसानों का सहयोग करेगी।

उन्होंने कहा कि आप स्वास्थ्य को देखते हुए पराली को न जलाएं ताकि धुएं से प्रदूषण न हो। इस धुएं से गंभीर बीमारी होती है। इस दौरान उन्होंने पंजाब की अमरेंद्र सिंह सरकार भी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को किसानों की चिंता नहीं है।

उन्होंने कहा कि देश में एक दौर था जब यूरिया किसानों के पास जाने के स्थान पर फक्ट्रियों में चला जाता था और किसानों को यूरिया लेने के लिए लाठी खानी पड़ती थी, हमनें यूरिया का 100% नीम कोटिंग किया और आज यूरिया किसानों के लिए पर्याप्त मात्र में उपलब्ध होता है।

किसान की फसल बर्बाद ना हो इसके लिए प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना चल रही है। देश भर में नए गोदाम बनाए जा रहे हैं, फूड पार्क बनाए जा रहे हैं। पूरी सप्लाई चेन को मजबूत किया जा रहा है और ये सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसान को उसकी फसल नष्ट होने की वजह से नुकसान न उठाना पड़े। उन्होंने कह कि गांव का गौरव और किसानों के सम्मान को फिर से स्थापित करने की दिशा में हम निरंतर आगे बढ़ रहें है।

बता दें कि मिशन 2019 के लिए जमीन तैयार करना और एमएसपी इस रैली का खास मकसद है। पीएम मोदी ने पिछले सप्ताह फसलों के एमएसपी में एतिहासिक बढ़ोतरी का बड़ा चुनावी ऐलान किया था। उसके बाद यह पहली रैली है, जिसमें मोदी सीधे तौर पर किसानों से रूबरू हुए।

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राफेल पर राहुल ने मोदी को घेरा, कहा- विमान सौदे से आ रही है घोटाले की बू

NewsCode | 23 July, 2018 12:58 AM
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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर से राफेल डील को लेकर पीएम मोदी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण को घेरा है। कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप है कि इस डील को लेकर पर्दे के पीछे कुछ खेल जरूर हुआ है, और उसे दबाने के लिए रक्षामंत्री किसी के दबाव में काम कर रही हैं।

दरअसल, रविवार को राफेल डील को लेकर राहुल ने ट्वीट के जरिये पीएम मोदी पर निशाना साधा, उन्होंने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अपने भाषण में कही बात दोहराई। राहुल की मानें तो रक्षामंत्री किसी के दबाव राफेल डील को लेकर सही बातें नहीं रख पा रही हैं। जबकि पीएम मोदी को लेकर ट्वीट में लिखा है कि उनकी संसद में मुस्कुराहट के पीछे एक घबराहट नजर आई, इसलिए वो मेरी तरफ नहीं देख पा रहे थे। निश्चित तौर पर राफेल सौदे में अब घोटाले का शक गहराता जा रहा है। राफेल का दाम पूछने पर पीएम असहज हो जाते हैं।

राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस

वहीं भारतीय जनता पार्टी राफेल डील पर राहुल के दिए बयान को लेकर पलटवार की तैयारी में है। बीजेपी के चार सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। नोटिस में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ ‘गलत’ आरोप लगाकर संसद को गुमराह किया। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे, अनुराग ठाकुर, दुष्यंत सिंह और प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस दिया है।

बता दें कि संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा था कि सदन के नियमों के अनुसार किसी सदस्य के खिलाफ आरोप लगाने से पहले गांधी को नोटिस देना चाहिए था, उन्हें लोकसभा अध्यक्ष को आरोपों के समर्थन में सामग्री सौंपनी चाहिए थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सीतारमण ने यह कहकर देश को गुमराह किया कि फ्रांस के साथ हुए राफेल सौदा मामले में भारत गोपनीयता शर्तों से बंधा हुआ है।

संसद में राहुल ने उठाया था राफेल का मुद्दा

गौरतलब है कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर राफेल सौदे के ब्यौरे साझा करने के मुद्दे पर देश से ‘‘झूठ’’ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कथित भ्रष्टाचार के मामलों में ‘‘भागीदार’’ हैं, ‘‘चौकीदार’’ नहीं। लोकसभा में राजग सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान राहुल ने अपने भाषण में कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने एक बैठक के दौरान उनसे साफ साफ कहा था कि 58,000 करोड़ रुपये के राफेल लड़ाकू विमान से संबंधित ब्यौरे साझा करने में कोई दिक्कत नहीं है।

राहुल गांधी की टिप्पणी के कुछ ही घंटे बाद फ्रांस के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि भारत के साथ 2008 में किया गया सुरक्षा समझौता गोपनीय है और दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरणों की संचालन क्षमताओं के संबंध में इस गोपनीयता की रक्षा करना कानूनी रूप से बाध्यकारी है। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि क्या समझौते के प्रावधान भारत सरकार को राफेल सौदे से जुड़े कीमत के ब्यौरे का खुलासा करने से रोकते हैं।

कांग्रेस राफेल सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप लगाती रही है और उपकरण एवं हथियारों की कीमत सहित उससे जुड़े ब्यौरे मांगती रही है लेकिन सरकार फ्रांस के साथ गोपनीय समझौते का हवाला देते हुए ब्यौरे साझा करने से इनकार करती रही है।

राहुल ने कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार पर करारा हमला करते हुए मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘मैं उन्हें मुस्कुराते देख सकता हूं, घबराहट की झलक है। वह दूर देख रहे हैं, मेरी आंखों में नहीं देख रहे।’ राहुल की इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष से विरोध तेज हो गया जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने अपनी सीट से खड़े होकर उनका सामना किया।

आपको याद दिला दें कि राहुल संसद में कहा था कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण प्रधानमंत्री के दबाव में देश से झूठ बोल रही हैं। उन्होंने कहा कि किसकी मदद की जा रही है, क्यों की जा रही है, निर्मलाजी, प्रधानमंत्री देश को बताएं।

हालांकि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस आरोप को पूरी तरह गलत करार दिया कि राफेल विमान सौदे के संदर्भ में फ्रांस और भारत के बीच गोपनीयता का कोई समझौता नहीं हुआ है। सीतारमण ने कहा कि लड़ाकू विमान खरीदने के लिए भारत और फ्रांस के बीच 2008 में समझौता हुआ था।

संसद में पीएम मोदी की जीत, विपक्ष के समर्थन में पड़े 126 वोट जबकि विरोध में 325 वोट पड़े

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गाजियाबाद में धराशायी हुई पांच मंजिला इमारत, योगी ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश

NewsCode | 22 July, 2018 11:02 PM
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गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में रविवार को 5 मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई है। इसमें एक व्यक्ति की हताहत होने की खबर है जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इमारत के मलबे में कई मजदूरों के दबे होने की आशंका है। बताया जा रहा है कि जिस इलाके में यह बिल्डिंग गिरी है, वह पूरी तरह से अवैध रूप से बसाई गई है।

खबरों के मुताबिक प्रसन्नजीत गौतम नाम के शख्स की ज़मीन है। बिल्डर मनीष गोयल नाम का शख्स है। दोनों ही अभी पुलिस की पंहुच से दूर हैं। इन दोनों के परिवार वालों पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले रखा है।

हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के एसएसपी को सख्त कार्रवाई करने को कहा है। सीएम की सख्ती के बाद दोषियों की गिरफ्तारी को पुलिस की चार टीमों का गठन कर दिया गया है। वहीं मृतकों के परिजनों को दो लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की गयी है। याद रहे कि पांच दिन पहले ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में दो इमारतें भरभराकर गिर गईं थी, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस इमारत में चार लोग हिस्सेदार हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बेसमेंट मिलाकर पांच तल वाली बिल्डिंग में 17 मजदूर काम कर रहे थे। दोपहर पौने तीन बजे इमारत भरभराकर गिर गई और उसमें काम कर रहे सभी मजदूर मलबे में दब गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दो मजदूरों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम और पुलिस ने देर शाम तक मलबे से छह मजदूरों को निकाला। इनमें से एक को संयुक्त अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

सामने आई बिल्डर की लापरवाही

गाजियाबाद इमारत हादसे में बिल्डर की बड़ी लापरवाही भी सामने आई हैै। घटनास्थल पर काम कर रहे मजदूरों का कहना है कि बिल्डिंग के एक हिस्से में दरार आ गई थी, जिसके बारे में बिल्डर को जानकारी थी। बिल्डर ने मजदूरों को इस दरार को भरने को कहा और इमारत में जबरदस्ती काम जारी रखा।

राहत और बचाव कार्य जारी

हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस और NDRF की टीम पहुंच चुकी है राहत और बचाव का कार्य जारी है। बचाव के कार्य में डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इमारत के गिरते उमसें कई मजदूर मौजूद थे। हादसे में घायल महिला गुलाबरानी (47), शिवा (8) व देवेन्द्र (5) साल की हालत गंभीर बनी हुई है। तीनों को जिला संयुक्त अस्पताल से जीटीबी दिल्ली रेफर कर दिया गया है।

कभी भी गिर सकती है ग्रेटर नोएडा की 13 मंजिला इमारत

ग्रेटर नोएडा के पॉश सेक्टर बीटा-2 में नई बिल्डिंग बनाने के लिए की गई गहरी खुदाई और उसमें जमे पानी की वजह से पास की 13 मंजिला बिल्डिंग पर खतरा मंडराने लगा है। इमारत की दीवार में दरारें आ गई हैं। 13 मंजिला बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है।

बारिश के पानी और बिल्डर की मनमानी से 180 परिवारों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-2 की स्पार्क डिवाइन में रहनेवाले लोगों की नींद सोसाइटी के ठीक बगल में खोदे गए 25 फीट गहरे गड्ढे के कारण गायब हो गई है। ऐसे में यहां के 20 परिवार अपना फ्लैट खाली कर सुरक्षित जगहों पर चले गए हैं।

बता दें कि गड्ढे से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का दफ्तर महज 500 मीटर की दूरी पर है। थाना और भी पास है, लेकिन किसी ने भी इस बड़े खतरे और खुदाई की ओर ध्यान नहीं दिया। हालांकि, लोगों के विरोध के बाद ग्रेटर नोएडा प्रशासन एक्शन मोड में आया है। पानी को निकालने के लिए पंप लाया गया। गड्ढे को भरने का काम भी शुरू हो गया

ग्रेटर नोएडा में इमारत पर गिरी निर्माणाधीन बिल्डिंग, 3 की मौत, बिल्डर समेत 3 गिरफ्तार

नोएडा सेक्‍टर 63 में निर्माणाधीन बिल्‍डिंग गिरी, 1 बच्चे की मौत, 3 घायल

मॉब लिंचिंग पर शशि थरूर का विवादित लेख, ‘देश में मुस्लिमों से ज्यादा सुरक्षित है गाय’

NewsCode | 22 July, 2018 10:21 PM
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नई दिल्ली। अपनी विवादित टिप्पणियों को लेकर लगातार सुर्खियों में बने रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने इस बार मॉब लिंचिंग को लेकर बड़ी बात कही है। अपने एक लेख में उन्होंने लिखा है कि इस देश में कई जगहों पर तो मुसलमान होने से बेहतर गाय होना है। उनकी इस टिप्पणी पर सियासी गलियारों में एकबार फिर से विवाद खड़ा हो गया है।

याद रहे कि अभी कुछ दिन पहले ही उन्होंने भारत को ‘हिंदू पाकिस्तान’ बनने की बात कही थी। खास बात यह है कि शशि थरूर का यह विवाद उस समय आया है जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में नेताओं को विवादित बयानों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी थी।

कांग्रेस नेता थरूर का बयान- बीजेपी की जीत से देश बनेगा ‘हिंदू पाकिस्तान’

अंग्रेजी के एक अखबार में लिखे एक लेख में थरूर ने यह टिप्पणी की है। उन्होंने लिखा है कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बीजेपी शासन में मॉब लिंचिंग बढ़ने की घटनाओं से इनकार किया है और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी कहते हैं कि देश में पिछले 4 वर्षों में कोई बड़ा सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है। दोनों ही नेता गलत हैं।

उन्होंने लिखा है कि जब से बीजेपी सत्ता में आई है, हिंदुत्व का झंडा लेकर चलने वाली ताकतों की वजह से देश में कई जगह हिंसाएं हुई हैं। 2014 के बाद से अब तक अल्पसंख्यक विरोधी हिंसाओं में 389 लोग मारे जा चुके हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं।

शशि थरूर ने लिखा है है कि पिछले 8 वर्षों में गोहत्या से संबंधित 70 हिंसक घटनाएं हुई हैं, जिनमें से 97 फीसदी यानी 70 में से 68 घटनाएं बीजेपी के शासन में हुई हैं। इन घटनाओं में 28 लोग मारे जा चुके हैं और 136 लोग घायल हुए हैं। इन घटनाओं में 86 फीसदी शिकार लोग मुस्लिम हैं।

थरूर ने लिखा है कि गोभक्तों के निशाने पर केवल मुस्लिम ही नहीं रहे हैं, दलित भी उनका शिकार बने हैं।उन्होंने लिखा है कि गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के रिकॉर्ड बताते हैं कि 2014 से 2016 के बीच देशभर में 2,885 सांप्रदायिक दंगे हुए हैं।

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