संसद का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से संभव

NewsCode | 23 November, 2017 8:00 AM

गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बुधवार को हुई बैठक में यह तय हुआ है कि संसद का शीतकालीन सत्र पांच जनवरी तक चलेगा। जाहिर है कि सत्र के दौरान 13 बैठकें होंगी। 

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नई दिल्ली| संसद का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से आरंभ हो सकता है। सरकार गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए मतदान पूरा होने के तुरंत बाद संसद सत्र बुलाने पर विचार कर रही है। इस बीच दिवाला व दिवालियापन संहिता संशोधन अध्यादेश पर राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद संसद सत्र बुलाने की तिथि की घोषणा हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बुधवार को हुई बैठक में यह तय हुआ है कि संसद का शीतकालीन सत्र पांच जनवरी तक चलेगा। जाहिर है कि सत्र के दौरान 13 बैठकें होंगी।

सत्र की तिथियों की आधिकारिक घोषणा दिवाला व दिवालियापन संहिता संशोधन अध्यादेश पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर होने के एक-दो दिन बाद हो सकती है, क्योंकि अध्यादेश की अधिघोषणा संसद सत्र के जारी रहने के दौरान नहीं की जा सकती है।

संसद का सत्र जब औपचारिक रूप से शुरू हो जाता है तो संसद को सत्राधीन माना जाता है।

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए बुधवार को यह साफ किया कि संसद का शीतकालीन सत्र नियमित सत्र रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गुजरात विधानसभा चुनाव की तिथियों के बीच संसद का सत्र आरंभ नहीं होगा।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जेटली ने पत्रकारों को बताया, “संसद का शीतकालीन सत्र होगा और यह नियमित सत्र होगा। हम यह सुनिश्चित करने जा रहे हैं कि शीतकालीन सत्र नियमित होगा और गुजराज चुनाव की तिथियों के साथ नहीं होगा।”

जेटली विपक्ष के आरोपों को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे। विपक्ष की ओर से कहा गया था कि सरकार गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए नौ और 14 दिसंबर को होने वाले मतदान के पहले बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, वस्तु एवं सेवा कर और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह के खिलाफ आरोपों को लेकर बहस से बचने की कोशिश कर रही है।

वित्तमंत्री ने कहा, “लोकतंत्र में जब चुनाव होते हैं तो राजनीतिक दल जनता से सीधा संवाद करते हैं। चुनाव और संसद सत्र आमतौर पर एक साथ नहीं चलते हैं। यह परंपरा अतीत से ही चली आ रही है। यहां तक कि शीतकालीन सत्र भी लंबित हुए हैं, सत्र में रद्दोबदल किया गया है और टुकड़ों में सत्र का संचालन हुआ है।”

जेटली ने कहा, “इस चुनाव में कम से कम हमारा तो बहुत कुछ दांव पर है। मुझे नहीं मालूम कि विपक्षी दल चुनाव अभियान में व्यस्त होंगे या नहीं, लेकिन हमारी तो व्यस्तता बनी रहेगी।”

जेटली ने कहा कि पूर्व में आम चुनाव के दौरान तो बजट भी विलंब से पास हुआ है। संसद सत्र इसलिए स्थगित कर दिया गया, ताकि राजनीतिक दल चुनाव में हिस्सा ले सकें।

यह पूछे जाने पर कि क्या शीतकालीन सत्र 2018 की जनवरी तक चलेगा और एक नए सत्र के रूप में इसका संचालन होगा? जेटली ने कहा, “यह पहले ही तय हो चुका है कि जब शीतकाली सत्र शुरू होता है तो इसका संचालन जनवरी तक चलता है। यह इस साल कोई पहला सत्र नहीं होगा।”

जेटली की यह टिप्पणी इस कयास के बीच आई है कि संसद का शीतकालीन सत्र गुजरात विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान 14 दिसंबर को समाप्त होने के बाद ही शुरू होगा।

(आईएएनएस)

जम्मू-कश्मीर: 3 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद 7 SPO का इस्तीफा, गृह मंत्रालय ने बताया- अफवाह

NewsCode | 21 September, 2018 4:29 PM
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नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों का खौफ इस कदर फैल रहा है कि वह खुलेआम पुलिसवालों को मारने की धमकी दे रहे हैं और धमकी के बाद उन्हें मार भी रहे हैं। अब इसी का डर जम्मू-कश्मीर में पुलिसकर्मियों पर भी दिख रहा है। शुक्रवार सुबह जैसे ही खबर आई कि आतंकियों ने 3 पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया है। कुछ देर बाद ही एक अन्य पुलिसकर्मी ने अपनी नौकरी से ही इस्तीफा दे दिया। पुलिस कॉन्स्टेबल मोहम्मद इरशाद बाबा जो कि शोपियां में कार्यरत थे, उन्होंने अपने इस्तीफे का ऐलान किया। इसके बाद अब तक 7 एसपीओ ने इस्तीफा दे दिया है।

पुलिसकर्मी ने इस वीडियो को उन्होंने इंटरनेट पर डाला है। साफ है कि आतंकी घाटी में बेखौफ घूम रहे हैं और उनके कारण ही पुलिसकर्मियों को इस तरह का कदम उठाना पड़ रहा है। इस पहले इस्तीफे के तुरंत बाद तो मानो लाइन ही लग गई। दक्षिण कश्मीर के शोपियां, कुलगाम, कापरां जिले के SPO ने इस्तीफा सौंप दिया है। ये इस्तीफे 3 पुलिसकर्मियों की हत्या के करीब एक-दो घंटों के भीतर ही आए हैं।

गृह मंत्रालय ने बताया- अफवाह

हालांकि, गृह मंत्रालय की तरफ से इस बात का खंडन किया गया है कि किसी भी एसपीओ ने इस्तीफा नहीं दिया है। जो भी खबरें मी़डिया में आ रही हैं वह गलत हैं। गृहमंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 30,000 SPO हैं, जिनकी ड्यूटी लगातार रिव्यू होती रहती है। मंत्रालय ने कहा कि इसी वर्ष में सिर्फ शोपियां में ही 28 आतंकियों को मार गिराया गया है, यही कारण है कि शोपियां में आतंकी बौखलाए हुए हैं।

आतंकियों ने 3 पुलिसकर्मियों को अगवा कर मार डाला

शुक्रवार को आतंकियों ने 4 स्थानीय पुलिसकर्मियों को उनके घर से अगवा किया और उनमें से तीन की हत्या कर दी। आतंकियों ने एक पुलिसकर्मी को छोड़ भी दिया। जिन तीन पुलिसकर्मियों की हत्या की गई है उनमें दो SPO और कॉन्स्टेबल शामिल हैं। जबकि फयाज़ अहमद भट्ट को आतंकियों ने छोड़ दिया।

आतंकी रियाज़ नाइकू ने दी थी धमकी

हिजबुल आतंकी रियाज़ नाइकू ने चार दिन पहले ही एक ऑडियो जारी कर स्थानीय पुलिसवालों को धमकाया था। ऑडियो क्लिप में नाइकू ने कहा कि हिंदुस्तान की सरकार एक साजिश के तहत लोगों को एसपीओ बना रही है। कई विभागों में रिक्तियां हैं लेकिन पुलिस बल में ही भर्तियां हो रही हैं। नाइकू ने सभी एसपीओ से कहा कि वे उग्रवादियों की सूचना पुलिस को न दें और फौरन पुलिस की नौकरी छोड़ दें वरना नतीजे काफी बुरे होंगे।


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बेरमो : हिन्दू परिवार दे रहे भाईचारा का सन्देश, 150 वर्षो से मना रहा मुहर्रम

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:19 PM
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बेरमो(बोकारो)। आस्था और विश्वास के आगे सभी हो जाते हैं नतमस्तक, ऐसा ही देखने को हिन्दू परिवार मेँ मिला रहा है। नावाडीह प्रखंड के बरई गांव के एक हिन्दू जमींदार परिवार है, जहाँ पर एक भी घर मुस्लिम का नहीं होने के बावजूद बीते 150 वर्षों से प्रतिवर्ष उक्त हिन्दू जमींदार के वंशजों द्वारा मुस्लिम समुदाय का त्योहार मुहर्रम मनाया जाता है।

यहां तक कि इसके लिए अखाड़ा निकालने हेतु उस परिवार को प्रशासन से लाइसेंस भी प्राप्त है।जमींदार के वशंज सह लाइसेंस धारी सहदेव प्रसाद सहित उनके परिवार यह त्यौहार पिछले पांच पीढ़ी से निरंतर मनाते आ रहे है। सहदेव प्रसाद के अनुसार इनके पूर्वज स्व. पंडित महतो, घुड़सवारी व तलवारबाजी के शौकीन थे और बरई के जमींदार भी।

बोकारो : धूम-धाम से मनाया गया करमा पूजा

जबकि निकट के बारीडीह के गंझू जाति के जमींदार के बीच सीमा को लेकर विवाद हुआ था। यह मामला गिरीडीह न्यायालय में कई वर्षों तक मुकदमा चला। मामले में स्व. महतो को फांसी की सजा मुकर्रर कर दी गई थी। फांसी दिए जाने वाला दिन मुहर्रम था और महतो से जब अंतिम इच्छा पूछा गया तो उन्होंने श्रद्वापूर्वक गिरीडीह के मुजावर से मिलने की बात कहीं और उन्हें तत्काल मुजावर से उन्हें मिलाया गया।

जहाँ मुजावर से उन्होंने शीरनी फातिहा कराई। जिसके बाद स्व. महतो को ज्योंही फांसी के तख्ते पर लटकाया गया, लगातार तीनों बार फांसी का फंदा खुल गया और अंततः उन्हें सजा से मुक्त कर दिया गया। न्यायालय से बरी होते ही नावाडीह के खरपीटो गांव पहुंचे और ढोल ढाक के साथ सहरिया गए।

बोकारो : गेल इंडिया ने रैयतों को दिया जमीन का मुआवजा

सहरिया के मुजावर को लेकर बरई आए और स्थानीय बरगद पेड़ के समीप इमामबाड़ा की स्थापना कर मुहर्रम करने की परंपरा की शुरुआत की, जो आज तक जारी है। लोगों ने बताया कि यहां लंबे समय तक सहरिया के, फिर पलामू दर्जी मौहल्ला के मुजावर असगर अंसारी तथा फिलहाल लहिया के मुजावर इबरास खान द्वारा यहां शीरनी फातिहा की जा रही है ।

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गुमला : कश्यप मुनि की जयंती धूमधाम से मनाई गई

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 5:08 PM
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गुमला। झारखंड के राजकीय पर्व करमा के अवसर पर केशरवानी वैश्य समाज के तत्वावधान में डीएसपी रोड स्थित बजरंग केशरी के आवास में गोत्राचार्य कश्यप मुनि की जयंती धूमधाम से मनाई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत गोत्राचार्य कश्यप मुनि के चित्र पर माल्यार्पण कर के किया गया। मौके पर झारखंड प्रदेश केशरवानी वैश्य सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. प्रेम प्रसाद केशरी ने गोत्र गुरु कश्यप मुनि की उत्पत्ति से लेकर उनके जीवनी के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

इन्होंने कहा कि गोत्राचार्य कश्यप ऋषि के आशीर्वाद से ही केशरवनियों का सर्वागिण विकास हो रहा है एवं होता रहेगा। महर्षि कश्यप की प्रत्येक घर में पूजा अर्चना होनी चाहिए।

पाकुड़ : वन कर्मियों ने पौधा लगाकर करम महोत्‍सव मनाया

संरक्षक हरिओम लाल केशरी, बजरंग केशरी,रमेश केशरी दुर्गा केशरी ,राधा कृष्ण प्रसाद केशरी ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर प्रदेश महिला सभा की मंजू केशरी ने भी अपना विचार रखा।

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