पाकुड़ : तड़पता रहा घायल नहीं मिला एंबुलेंस, इलाज से पहले ही हो गई मौत

NewsCode Jharkhand | 12 June, 2018 5:33 PM
newscode-image

ऑटो पलटने से पति की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल

पाकुड़। लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के साहिबगंज गोबिंदपुर मुख्य सड़क गढ़द्वारा के समीप मंगलवार को ऑटो पलटने से एक की मौत हो गई वहीं दूसरा घायल है।

जानकारी के अनुसार सठिया निवासी संजो पहाड़िया 47  व उसकी उसकी पत्नी सुरजी पहाड़ीन  45 धरमपुर बांग्ला जाने के लिए सोनाधानी में ऑटो में चढ़े। महज तीन किलोमीटर जाने के पश्चात ऑटो पलट गया जिससे संजो पहाड़िया ऑटो के नीचे दब गया और दोनों पति, पत्नी घायल हो गये।

Read More:- श्रीनगर: पत्थरबाजी के दौरान सीआरपीएफ की गाड़ी के नीचे दबे तीन लोग, एक की मौत

एंबुलेंस की आस में निकाल गई जान

ग्रामीणों के सहयोग से नीचे दबे व्यक्ति को निकल कर घटना की सूचना पुलिस को दिया। सूचना मिलते ही थाना के एएसआई प्रमोद दोनों घायलो को सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में भर्ती कराया जहां डॉ एक्का के द्वारा दोनों को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। परंतु हॉस्पिटल में एम्बुलेंस नहीं रहने की वजह से परिजनों द्वारा 108 नंबर में डायल कर एम्बुलेंस बुलाया गया।

एक घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं आया इसी दौरान गंभीर रूप से घायल ने एम्बुलेंस आने से पहले ही दम तोड़ दिया।

एएसआई प्रमोद राई ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त ऑटो को कब्जे में लिया गया है। ड्राइवर फरार है वहीं वाहन मालिक के विरुद्ध मामला दर्ज किया जायेगा।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बोकारो : स्‍वच्‍छता सर्वेक्षण में चास को देशभर में 19वां व राज्‍य में पहला स्‍थान प्राप्‍त

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 1:18 PM
newscode-image

पीएम ने जारी किया स्वच्छता सर्वेक्षण का रिपोर्ट कार्ड

बोकारो। भारत सरकार की शहरी विकास मंत्रालय द्वारा स्वच्छ्ता सर्वेक्षण में चास नगर निगम को झारखंड में पहला स्थान प्राप्त हुआ। वहीं नगर परिषद फुसरो को राज्य में चौथा स्थान मिला है। भारत सरकार की शहरी विकास मंत्रालय ने देश भर में हुई स्वच्छता सर्वेक्षण का रिपोर्ट कार्ड जारी किया।

जबकि देशभर में स्वच्छता सर्वेक्षण में चास नगर निगम को 19वां स्थान प्राप्त हुआ। फुसरो नगर परिषद को देश में 29वां स्थान मिला और झारखंड में चौथा स्‍थान।  रैंक जारी होने पर बधाईयों का तांता लगा रहा।

चास : लोगों का सपना हुआ पूरा, अमृत योजना के रूप में मिला ये उपहार

उपायुक्त  मृत्युंजय कुमार बरणवाल ने दोनों कार्यपालक पदाधिकारियों को बधाई देते दोनों क्षेत्रों के जनता को भी शुभकामनाएं दी और भविष्य में और भी बेहतर की उम्मीद जताई। गौरतलब है कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में रिपोर्ट जारी किया है।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

sun

320C

Clear

क्रिकेट

Jara Hatke

Read Also

टुण्डी : पारा शिक्षकों ने सरकार से की राज्‍य में छत्तीसगढ़ नियमावली की मांग  

NewsCode Jharkhand | 24 June, 2018 1:49 PM
newscode-image

टुण्डी (धनबाद)। झारखंड प्रदेश एकीकृत पारा शिक्षक संघ की बैठक प्रखंड अध्यक्ष नवीन चन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई। जिसका संचालन प्रखंड सचिव महमुद आलम ने किया।

बैठक में मुख्य रूप से चर्चा का विषय था कि बीजेपी  की सरकार जिस प्रकार पारा शिक्षकों के कल्याण के लिए कमेटी गठित किया और छह राज्यों से नियमावली मंगवाने के लिए अपने राज्यकर्मी को भेजा है। पारा शिक्षक भी सरकार से उम्मीद की है कि यहां की सरकार छत्तीसगढ़ नियमावली झारखंड के पारा शिक्षकों पर लागू किया जाए।

बेंगाबाद: पारा शिक्षकों ने किया गुरुगोष्ठी का बहिष्कार, बकाया मानदेय के भुगतान की मांग

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

सऊदी अरब में 60 साल बाद महिलाओं को मिली कार चलाने की इजाजत, मना जश्न

NewsCode | 24 June, 2018 1:21 PM
newscode-image

नई दिल्ली। सऊदी अरब में आज रविवार से महिलाओं को आधिकारिक तौर पर सड़कों पर गाड़ी चलाने की अनुमति मिल गई है। इसी के साथ सऊदी अरब महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने वाला दुनिया का आखिरी देश बन गया है। मालूम हो कि सऊदी अरब दुनिया का अकेला देश था जहां महिलाओं को ड्राइव करने की आजादी नहीं थी।

राजधानी जेद्दा में आधी रात से ही सड़कों पर इस आजादी का जश्न देखने को मिला, जहां कई महिलाएं स्टियरिंग थामें नजर आईं और हर कुछ दूरी पर खड़े कई लोग उन्हें बधाई देते दिख रहे थे। इस देश के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि 60 से अधिक वर्षों से महिलाएं सिर्फ यात्री सीट पर ही बैठती थीं यानी खुद गाड़ी नहीं चला सकती थीं। गाड़ी चलाने पर लगा बैन हटने से खाड़ी देश में 1.51 करोड़ महिलाएं पहली बार सड़कों पर गाड़ी लेकर उतरने में सक्षम हो सकेंगी।

बता दें कि सऊदी अरब ने सितंबर 2017 में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने का ऐलान किया था। यह फैसला क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 कार्यक्रम का हिस्सा है, ताकि अर्थव्यवस्था को तेल से अलग कर सऊदी समाज को खोला जा सके। उन्होंने जून 2018 तक इस आदेश को लागू करने की बात कही थी। सऊदी के शासक सलमान के इस कदम की दुनियाभर में तारीफ हुई।

सऊदी अरब में 60 साल बाद महिलाओं को मिली कार चलाने की इजाजत, मना जश्न Ban on Women driving ends in Saudi Arabia | NewsCode - Hindi News

जेद्दाह की एक महिला हम्सा अल-सोनोसी ने कहा कि मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं अपनी जिंदगी में इस दिन को देख पाउंगी। जेद्दाह महिलाओं को लाइसेंस देने वाला देश का दूसरा शहर है।

गौरतलब है कि सऊदी अरब की गिनती कट्टरपंथी देश के तौर पर होती है, जहां महिलाओं के लिए कई पाबंदियां और सख्तियां हैं। उन्हें अभी तक वो अधिकार भी नहीं मिले हैं, जो दुनिया के बाकी देशों की महिलाओं को हैं। यहां महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस का अधिकार दिलाने के लिए लंबे समय से अभियान चलाया जा रहा था। कई महिलाओं को तो नियम तोड़ने के लिए सजा तक दी गई।

कई महिलाएं ब्रिटेन, कनाडा या लेबनान जैसे देशों में जा कर अपने लिए अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया करती थीं। इनमें से कुछ ने सोमवार को एक छोटा सा ड्राइविंग टेस्ट दिया, जिसके बाद इन्हें सऊदी अरब के नए लाइसेंस दिए गए।

ड्राइविंग लाइसेंस पाने वाली पहली महिलाओं में से एक रेमा जवदात का कहना है, “सऊदी अरब में ड्राइव करने का मेरा सपना पूरा होने जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “मेरे लिए ड्राइविंग का मतलब है अपनी पसंद से कुछ करना, आजाद होना। अब हमारे पास विकल्प हैं।”

सऊदी अरब में महिलाओं की स्थिति

– सऊदी अरब में महिलाओं के प्रति होने वाली घरेलू हिंसा और यौन शोषण को रोकने के लिए कोई कानून नहीं है। एक स्टडी में यहां के 53 फीसदी पुरुषों ने माना था कि उन्होंने घरेलू हिंसा की है। वहीं, 32 फीसदी ने यह भी माना कि उन्होंने अपनी पत्नी को बुरी तरह चोट पहुंचाया।

– सऊदी में महिलाएं अकेले प्रॉपर्टी भी नहीं खरीद सकतीं। यहां एक महिला के तौर पर प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने के लिए दो पुरुष गवाह जरूरी हैं।

– पुरुष गवाह के बिना महिलाओं की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकती। इसके साथ ही उन दो पुरुषों की विश्वसनीयता की पुष्टि करने के लिए चार और पुरुष गवाहों की जरूरत होती है।

– सऊदी अरब में पुरुषों की तरह महिलाओं को कानूनी तौर पर बराबरी हासिल नहीं है। ऐसे कई काम जिन्हें पुरुष कर सकते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए वो काम प्रतिबंधित हैं।

– यहां महिलाएं विदेश यात्रा नहीं कर सकतीं। पसंदीदा रहने की जगह नहीं चुन सकतीं। पासपोर्ट या फिर नेशनल आईडी कार्ड के लिए अप्लाई नहीं कर सकतीं।

अब समुद्री मार्ग से भी हज यात्रा कर सकेंगे भारतीय, सऊदी अरब ने दी मंजूरी

बदल रहा सऊदी अरब का चेहरा, अब महिलाओं को स्टेडियम जाकर मैच देखने की मिली इजाजत

More Story

more-story-image

देवघर : दो वाहनों की सीधी टक्‍कर, बाइकसवार युवक की...

more-story-image

सेना प्रमुख रावत ने कश्मीर में राज्यपाल वोहरा से की...