पाकुड़ : झामुमो कार्यकर्ताओं की बैठक, मिशन 2019 को लेकर हुई मंथन

NewsCode Jharkhand | 16 May, 2018 6:04 PM

पाकुड़ : झामुमो कार्यकर्ताओं की बैठक, मिशन 2019 को लेकर हुई मंथन

पाकुड़। जिला मुख्यालय स्थित लड्डूबाबू आम बागान में झारखंड मुक्ति मोर्चा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष श्याम यादव ने  की। जिला अध्यक्ष  यादव ने सभी प्रखंड कमिटी भंग कर, उसमें संयोजक मंडली बना कर पंचायत में काम करने का निर्देश दिए।  जिला अध्यक्ष यादव ने जिला, प्रखंड एवं पंचायत कमिटि दुरुस्त करने की बात कही।

झारखंड में लोकसभा व विधानसभा चुनाव नजदीक आ चुकी है इसलिए मिशन 2019 में झामुमो अपना ताकत दिखा सके। यादव ने सभी कार्यकर्ताओं को बताया कि झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन एवं कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन पार्टी के लिए मेहनत कर रहे है। हमलोगों को भी अपने क्षेत्र में मेहनत करने की आवश्यकता है।

सभी पार्टी कार्यकर्ताओं अपनी जिम्मेदारी व पार्टी सिद्धांत को समझते हुए कार्य करें। पार्टी का प्रचार-प्रसार शुरु कर दें। मजदूर की स्थिति दयनीय है, युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहें है। सभी को राज्य सरकार की कठोर रवैये से अवगत कराएं।

जिला सचिव समद अली  ने बैठक में सभी से अपील किया कि गांव गांव में ग्रामीणों को जगाने का काम हैऔर इसके लिए कार्यकर्ता अभी से लग जाय। इस बार हेमंत सोरेन जी की सरकार बनना तय है। रघुवर सरकार के प्रति नाराजगी जतायी कहा कि आज छोटे बड़े व्यवसायी की हालत खराब है। मिशन- 2019 में तैयार हो जायें।

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मौके पर लिट्टीपाड़ा विधायक साईमन मरांडी, जिला सचिव समद अली, जिला उपाध्यक्ष अजीजुल इस्लाम, पूर्व विधायक सुफल मरांडी, निशा शबनम हांसदा, शाहिद इकबाल, दिनेश मरांडी, जोसिफेना हेम्ब्रम, मीरा प्रवीण सिंह, मैनुल हक, इशहाक अंसारी, अब्दुल उदूद, मोतीलाल हांसदा, महावीर भगत, मंटु भगत, श्रीराम भगत, तनवीर अली, सुलेमान बास्की, उमर फारूक, कुणाल अल्फ्रेड, एमानवेल मुर्मू, दीपू मुर्मू, शाहीन परवेज, अकबर अंसारी, दुर्गा हांसदा, मो0 जावेद, नारायण भगत सहित झामुमो के सभी प्रखंडों का कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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कोडरमा : सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं गांव के लोग- एबीवीपी

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 7:51 PM

कोडरमा : सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं गांव के लोग- एबीवीपी

एबीवीपी ने मुंडाहातु गांव का किया भ्रमण

कोडरमा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा बुधवार को चलो गांव की ओर सामाजिक अनुभूति 2018 समाज जीवन का प्रत्यक्ष अनुभव कार्यक्रम के तहत झुमरीतिलैया से 8 किलोमीटर दूर झरनाकुंड के मुंडाहातु गांव का दौरा किया। दौरे के क्रम में पाया गया कि गांव में 17 घर मिट्टी के हैं जहां लगभग 70 से 80 की संख्या में लोग रहते हैं। जिनको यहां रहते हुए 14 वर्ष हो चुके हैं।

लोगो का कहना है कि वे वार्ड नं. 4 झुमरीतिलैया के नगर परिषद के अंतर्गत आते हैं परंतु यहां मुलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। इस गांव में बिजली, पानी, विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र, शौचालय की व्यवस्था नहीं है। साथ ही सरकार की किसी भी योजना का लाभ यहां के लोगों को नहीं मिल रहा है।

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भ्रमण कार्यक्रम में राहुल सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य लखन सिंह, नगर मंत्री विक्की केशरी, जिला कार्यसमिति सदस्य आकाश वर्मा, संजू सिंह, निशांत सिंह, गांव के दीपक मुंडा, सुकरी मुंडा, जीतन मुंड़ा, तिलक माझी, सुंडी मांझी, झपरी मांझी, कजरी मांझी, कवित्री मांझी आदि शामिल थे।

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रांची : सांसद बनेंगे या नहीं, सीएम नहीं जनता तय करेगी- सुबोधकांत 

NewsCode Jharkhand | 23 May, 2018 6:06 PM

रांची : सांसद बनेंगे या नहीं, सीएम नहीं जनता तय करेगी- सुबोधकांत 

रांची। पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास के राजनीति में आने से पहले से ही राजनीति मे हैं। कभी भाजपा की तरह ओछी राजनीति कर विधायक, सांसद या मंत्री नहीं बने। उन्होंने कहा कि रांची की जनता के आर्शीवाद और प्यार के कारण देश का गृह मंत्री भी रहा और देश और विदेश में झारखण्ड को सम्मान दिलाने का काम किया।

उन्होंने कहा कि राज्य को अलग होने में रघुवर दास की भूमिका थी कि नहीं इसका वो आत्म चिन्तन करें। उन्होंने कहा कि विपक्षी एकता के भय से पूरी भाजपा में बौखलाहट हो गयी है। वे सांसद बनेंगे या नहीं यह राज्य के मुख्यमंत्री तय नहीं करेंगे बल्कि जनता तय करेगी।

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लेकिन मैं जनता के सहयोग, समर्थन और प्यार से इस राज्य से भाजपा को मुक्त जरुर करुंगा। जिसका अंश रघुवर के शासनकाल में हुए लोहरदगा, पांकी और लिटीपाड़ा के उप-चुनाव में दिखा और अब सिल्ली एवं गोमिया की बारी है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जिस तरह से अपने गरीमामय पद को अपने अमर्यादित भाषा के कारण धूमिल कर रहे हैं यह उनके मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि रघुवर दास यह सिर्फ याद कर लें कि यूपीए-1 और यूपीए-2 में केंद्र में मंत्री थे और वो उनसे मिलकर अपने काम को लेकर किस तरह गिड़गिड़ाया करते थे।

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बिछड़ी बहनों की तरह मिलीं सोनिया-मायावती, बढ़ेगी बीजेपी की बेचैनी !

NewsCode | 23 May, 2018 5:58 PM

बिछड़ी बहनों की तरह मिलीं सोनिया-मायावती, बढ़ेगी बीजेपी की बेचैनी !

नई दिल्ली। कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस की गठबंधन सरकार के मुखिया के तौर पर एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार को शपथ ली। उनके साथ दलित नेता और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री की शपथ ली।

इस दौरान मंच पर विपक्षी एकजुटता की झलक भी दिखी। मंच पर यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री और एचडी कुमारस्वामी के पिता एचडी देवेगौड़ा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायवती भी दिखीं। इनके अलावा बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, आरएलडी प्रमुख अजीत सिंह, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबु नायडू और एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी नजर आए।

लेकिन, इन सबके बीच यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और बसपा सुप्रीमो मायावती का एक-दूसरे का हाथ पकड़ना और उनका ऐसा बर्ताव चर्चा में है। सोनिया गांधी ने मंच पर ही मायावती को गले लगा लिया, दोनों देर तक एक दूसरे का हाथ पकड़ रहीं और हंस-हंस के बातें करती रहीं। इस दौरान राहुल गांधी भी पास में खड़े रहे और बीच-बीच में मुस्कुराते रहे।

आज का यह नजारा इसलिये भी खास था क्‍योंकि कुछ दिन पहले तक बसपा सुप्रीमो मायावती, बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस पर भी हमला करती रहीं। दोनों नेता जिस प्रकार मिले इससे बीजेपी की बेचैनी बढ़नी तय है। इसके साथ ही मंच पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और ठीक निकट वाली सीट पर मायावती बैठीं। दोनों के बीच कुछ देर कुछ बातचीत भी हुई।

बुआ-बबुआ के बीच स्टेज साझा करने से पहले भी करीब 45 मिनट की मुलाकात हुई। उत्तर प्रदेश के कैराना में होने वाले लोकसभा उपचुनाव और आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर भी दोनो नेताओं में चर्चा हुई। मायावती और अखिलेश की ये मुलाकात फूलपुर और गोरखपुर में हुए उपचुनावों के बाद दूसरी मुलाकात है।

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एक ओर जहां यूपी में बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन में सपा-बसपा साथ आ चुके हैं। कांग्रेस के शामिल होने न होने को लेकर ऊहापोह की स्‍थिति है लेकिन आज के बाद ऐसा लग रहा है कि महागठबंधन में सभी मिलकर बीजेपी के सामने चुनौती पेश करेंगे।

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