मक्का मस्जिद ब्लास्ट: ओवैसी ने NIA की जांच पर उठाए गंभीर सवाल, बोले- न्याय नहीं पक्षपात हुआ

NewsCode | 16 April, 2018 5:54 PM

मक्का मस्जिद ब्लास्ट: ओवैसी ने NIA की जांच पर उठाए गंभीर सवाल, बोले- न्याय नहीं पक्षपात हुआ

हैदराबाद| मक्का मस्जिद ब्लास्ट में सभी पांच आरोपियों को दोषमुक्त करार दिए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया में आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कहा कि इस मामले में न्याय नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि इस फैसले से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई कमजोर होगी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत के फैसले पर ओवैसी ने कहा कि मामले की पक्षपातपूर्ण जांच हुई। एनआईए के राजनैतिक आकाओं ने मामले को ठीक से आगे नहीं बढ़ाने दिया।

ट्वीट की एक श्रृंखला में ओवैसी ने कहा कि एनआईए और मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने आरोपियों को दी गई जमानत के खिलाफ 90 दिनों की अवधि के अंदर अपील तक नहीं की थी।

उन्होंने कहा, “जून  2014 के बाद गवाह अपनी गवाही से मुकरने लगे। वे सही बयान नहीं दे सके। पीड़ितों को परास्त करने के लिए सब कुछ किया गया। आज की दोषमुक्ति ने आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई को कमजोर किया है।”

विशेष अदालत ने सोमवार को दक्षिणपंथी हिंदू समूह के सदस्यों को इस मामले में यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष इनके खिलाफ सबूत नहीं दे सका।

हैदराबाद की विख्यात मक्का मस्जिद में 18 मई, 2007 को हुए विस्फोट में नौ लोग मारे गए थे और 58 अन्य घायल हुए थे। विस्फोट के खिलाफ मस्जिद के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस गोलीबारी में भी पांच लोग मारे गए थे।

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विस्फोट के फौरन बाद पुलिस ने इसके लिए हरकत-उल-जिहाद इस्लामी को जिम्मेदार बताते हुए शहर के लगभग 100 युवाओं को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया था। बाद में सीबीआई ने कहा था कि यह कांड दक्षिणपंथी हिंदू समूह की कारस्तानी है।

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 आईएएनएस

कैसा रहेगा आज आपका दिन ? जानें आज दिनांक 22-04-2018 का अपना राशिफल

NewsCode | 22 April, 2018 9:52 AM

कैसा रहेगा आज आपका दिन ? जानें आज दिनांक 22-04-2018 का अपना राशिफल

सुप्रभात मित्रों! परिवार में प्यार से लेकर तक़रार, व्यापार में मुनाफा से लेकर उधार, सेहत में बुखार से लेकर सुधार, करियर, रोजगार, कार इत्यादि के लिए कैसा रहेगा आज आपका दिन। पढ़ें अपना राशिफल :

मेष/Aries (मार्च 21-अप्रैल 20) – मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं, अपव्यय से बचना होगा, माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें, कार्य व्यवसाय सामान्य बना रहेगा।

वृष/Taurus (अप्रैल 21–मई 21) – बुरे विचारों को त्यागना चाहिए, सामर्थ्य में विकास के लिए प्रयत्न करना चाहिए, भाग-दौड़ के बाद सफलता मिलने की संभावना है, शारीरिक श्रम कर उपार्जित करने वाले लाभान्वित होंगे।

मिथुन/Gemini (मई 22–21 जून) – किसी भी बात को लेकर उत्तेजित हो सकते हैं, छोटी-मोटी यात्रा करनी पड़ सकती है, यात्रा से लाभ मिलेगा, आमदनी से अधिक खर्च की संभावना है।

कर्क/Cancer (जून 22–जुलाई 23) – गुप्त चिंताओं से मन परेशान हो सकता है, कार्य क्षेत्र में बाधा होने की संभावना है, कार्य विशेष पर ध्यान केन्द्रित रहेगा, पत्नी का सहयोग मिलेगा।

सिंह/Leo (जुलाई 24–अगस्त 23) – अध्यात्म की ओर झुकाव होगा, कार्य क्षेत्र में लगातार सफलता की संभावना है, कार्य को निरंतर त्वरित गति से करना चाहिए, प्रोपर्टी में निवेश की योजना हो सकती है।

कन्या/Virgo (अगस्त 24–सितंबर 23) – कर्म के ऊपर ही विशेष भरोसा करना होगा, ईश्वर भक्ति में मन नहीं लगेगा, पिता का सहयोग मिलेगा, युवाओं को नौकरी मिलने में परेशानी होगी।

तुला/Libra (सितंबर 24–अक्टूबर 23) – लाभ के फंस जाने से परेशानी हो सकती है, बेवजह खर्च की अधिकता होगी, वाद-विवाद से बचना होगा, कार्य व्यसाय उत्तम है।

वृश्चिक/Scorpio (अक्टूबर 24–नवंबर 22) – पत्नी का सुख एवं सहयोग मिलेगा, साझेदारी वाले कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है, लंबी यात्रा के योग हैं, नजदीकी लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।

धनु/Sagittarius (नवंबर 23–दिसंबर 21) – शत्रुओं का दमन होगा, नौकरी करने वाले को तरक्की मिलेगी, मानसिक रूप से प्रसन्न रहेंगे, बच्चों के ऊपर ध्यान केन्द्रित रहेगा।

मकर/Capricorn (दिसंबर 22–जनवरी 20) – जिद करने से बचें, कार्य के क्षेत्र में ध्यान देना होगा, धन की वृद्धि होगी, निवेश फायदेमंद होगा।

कुंभ/Aquarius  (जनवरी 20–फरवरी 19) – राजनीति करने वाले के लिए समय अनुकूल है, कलाकारों को नया काम मिलेगा, युवा साक्षात्कार में सफल होंगे, प्रेमी विवाह की बात करेंगे।

मीन/Pisces (फरवरी 20–मार्च 20) – पार्टनर से विवाद हो सकता है, धनागम में परेशानी होगी, बेवजह ही किसी की प्रशंसा करेंगे, धार्मिक कार्यों में रूचि होगी।

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जीवन बीमा कंपनियों के नए कारोबार का प्रीमियम 11 फीसदी बढ़ा

NewsCode | 22 April, 2018 12:43 AM

जीवन बीमा कंपनियों के नए कारोबार का प्रीमियम 11 फीसदी बढ़ा

कोलकाता | करीब 24 बीमा कंपनियों ने पहले साल के प्रीमियम से होनेवाली आय में 11 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है और यह वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान कुल 1.93 लाख करोड़ रुपये है, जबकि इसकी पिछले वित्त वर्ष में 1.75 लाख करोड़ रुपये थी। भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक, सरकारी जीवन बीमा प्रदाता कंपनी, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने पिछले वित्त वर्ष में नए कारोबार के प्रीमियम (पहले साल के प्रीमियम) में आठ फीसदी वृद्धि दर्ज की है, जोकि 1.34 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में यह 1.24 लाख करोड़ रुपये थी।

हालांकि 23 निजी कंपनियों के नए कारोबार के प्रीमियम (पहले साल के प्रीमियम) में वित्त वर्ष 2017-18 में 17 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जोकि 59,314.55 करोड़ रुपये रही, जोकि वित्त वर्ष 2016-17 में 50,626.23 करोड़ रुपये थी।

इस साल (2018) मार्च में जीवन बीमा कंपनियों का पहले साल का प्रीमियम आय 29,171.31 करोड़ रुपये रही, जोकि पिछले साल के इसी माह की तुलना में 17 फीसदी की गिरावट है। पिछले साल मार्च में यह आंकड़ा 50,626.23 करोड़ रुपये था।

मार्च में एलआईसी का पहले साल का प्रीमियम आय 18,748.16 करोड़ रुपये रहा, जोकि 2017 के मार्च से 26 फीसदी कम है। पिछले साल मार्च में यह 25,299.69 करोड़ रुपये थी।

–आईएएनएस

कठुआ दुष्कर्म पर फर्जी खबर छापने पर दैनिक जागरण के साहित्योत्सव का बहिष्कार

NewsCode | 22 April, 2018 12:35 AM

कठुआ दुष्कर्म पर फर्जी खबर छापने पर दैनिक जागरण के साहित्योत्सव का बहिष्कार

पटना | ‘जम्मू के कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ।’ यह भ्रामक व फर्जी खबर छापे जाने के विरोध में समाचारपत्र द्वारा यहां शनिवार से शुरू साहित्य महोत्सव ‘बिहारी संवादी’ का कई नामचीन कवियों, लेखकों, रंगमंच के कलाकारों और पत्रकारों ने बहिष्कार किया। उन्होंने अपने साथी लेखकों से अपील की है कि वे इस दो दिवसीय आयोजन में भाग न लें।

बिहार में पहला साहित्योत्सव ‘बिहारी संवादी’ का उद्घाटन शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था।

पटना स्थित साहित्यिक संगठन जन संस्कृति मंच ने लोगों से इस कार्यक्रम का बहिष्कार करने की अपील की है।

हिंदी कवि और लेखक तथा जनसंस्कृति मंच के संयोजक राजेश कमल ने कहा, “हमारे आह्वान का जवाब अपेक्षा से अधिक मिला है।”

कमल ने कहा कि एक गंभीर अपराध की कहानी को बदलने के लिए फर्जी खबरों का इस्तेमाल किया जाना वास्तव में बहुत ही घृणित कृत्य है।

जानेमाने हिंदी कवि आलोक धन्वा ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया है। उनके अलावा हिंदी कवि और लेखक संजय कुंदन ने भी इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया। उन्होंने कहा, “मैं अखबार द्वारा प्रकाशित फर्जी खबर को लेकर विरोध प्रकट करने के लिए बिहारी संवादी में भाग नहीं ले रहा हूं।”

हिंदी कवि और पत्रकार निवेदिता शकील ने कहा कि यह चौंकाने वाला था कि एक समाचारपत्र, जिसने कठुआ दुष्कर्म के मामले को गलत साबित करने के लिए एक फर्जी खबर प्रकाशित की थी और वह यहां इस तरह एक साहित्यिक त्योहार आयोजित कर रहा है। “मैंने इसका बहिष्कार करने का फैसला किया है।”

दैनिक जागरण का हालांकि कहना है कि किसी ने बहिष्कार नहीं किया, उसके आयोजन का पहला दिन सफल रहा।

–आईएएनएस

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