दुनिया के सबसे खास कैमरे वाले स्मार्टफोन से उठा पर्दा, 35 मिनट में होगा फुल चार्ज

NewsCode | 12 July, 2018 5:10 PM
newscode-image

नई दिल्ली। चीनी स्मार्टफोन कंपनी ओप्पो ने अपने अनोखे कैमरे वाले फोन ओप्पो फाइंड एक्स को आज भारत में लॉन्च कर दिया है। फोन की लॉन्चिंग नई दिल्ली में आयोजित एक इवेंट में हुई। बता दें कि इस फोन को कंपनी ने पिछले महीने पेरिस में पहली बार पेश किया था। Oppo Find X की चर्चा इसके पॉप अप स्लाइड कैमरे को लेकर है। फोन में 3डी फेशियल रिकॉग्निशन भी दिया गया है। इसके अलावा फोन में सुपर फास्ट चार्जिंग वाली बैटरी मिलेगी जो सिर्फ 35 मिनट में फुल चार्ज हो जाएगी।

आइए जानते हैं इस फोन की खासियत, कीमत और लॉन्चिंग ऑफर्स के बारे में

Oppo Find X में 6.4 इंच की ओएलईडी डिस्प्ले है जिसमें 93.8 फीसदी आपको स्क्रीन मिलेगी। इसके अलावा इस फोन में क्वॉलकॉम का स्नैपड्रैगन 845 प्रोसेसर, एंड्रॉयड ओरियो 8.1, डुअल रियर कैमरा है जिसमें एक कैमरा 16 मेगापिक्सल का और दूसरा 20 मेगापिक्सल का है। वहीं, सेल्फी कैमरा फेस अनलॉक फीचर के साथ 25 मेगापिक्सल का है।

इस फोन में 8 जीबी रैम और 256 जीबी की स्टोरेज मिलेगी। फोन में 3430mAh की बैटरी है जो फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। फोन की बैटरी VOOC फ्लैश चार्जिंग तकनीक को सपोर्ट करती है यानि सिर्फ 35 मिनट में बैटरी फुल हो जाएगी।

फोन के खास फीचर्स की बात करें तो फोन में फिंगरप्रिंट सेंसर की जगह 3डी फेशियल रिकॉग्निशन दिया गया है जो कि आईफोन X जैसा है। फोन में 3.5 एमएम का हेडफोन जैक है और कंपनी का दावा है कि इस फोन को 5 साल तक आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह फोन ऐंड्रॉयड के ब्लॉकचेन बेस्ड एक खास वर्जन पर काम करेगा जो आपकी क्रिप्टोकरंसी के लिए अधिक सुरक्षित होगा। इस फोन के लिए प्री ऑर्डर शुरू हो चुके हैं। दरअसल Block Chain एक डिस्ट्रिब्यूटेशन तकनीक होती है। इसकी मदद से पैसे का लेनदेन ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकता है। इसका उपयोग आमतौर पर इसका उपयोग Bitcoin के लेनेदेन में किया जाता है। बता दें इस फोन का नाम Finney विश्व के पहले बिटकॉइन ग्राहक Hal Finney के नाम पर रखा गया है।

ये है कीमत

Oppo Find X के 8 जीबी रैम, 256 जीबी स्टोरेज की कीमत 59,990 रुपये है। फोन की बिक्री 25 जुलाई से फ्लिपकार्ट से होगी। प्री-बुक करने वालों को 3,000 रुपये का फ्लिपकार्ट वाउचर मिल रहा है। हालांकि कंपनी ने लेम्बोर्गिनी एडिशन की कीमत और उपलब्धता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। यह फोन दो रंगों बोर्डेक्स रेड और ग्लेशियर ब्लू में उपलब्ध होगा।

Moto E5 Plus और Moto E5 भारत में लॉन्च, जानिए कीमत और फीचर्स

रिलायंस ने पेश किया नया जियो फोन, जानें Jio Phone 2 कीमत और खासियत

बर्थडे विशेष : मनमोहन सिंह के वो काम, जिन्हें भुलाना नहीं आसान

NewsCode | 26 September, 2018 4:04 AM
newscode-image

नई दिल्ली। 26 सितंबर, 1936 को पाकिस्तान के गाह में जन्मे डॉक्टर मनमोहन सिंह देश के पहले सिख प्रधानमंत्री हैं। 22 मई 2004-26 मई 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे डॉ. मनमोहन सिंह देश में आर्थिक सुधारों के जनक कहे जाते रहे हैं। आधुनिक भारतीय अर्थव्यवस्था को नया आयाम देने वाले मनमोहन सिंह की छवि एक बेहद सौम्य, विनम्र और मितभाषी नेता की है।

दस साल के यूपीए कार्यकाल में कम बोलने और अहम मुद्दों पर गुम रहने के कारण मनमोहन हमेशा विपक्षियों के निशाने पर रहे। हालांकि, पीएम बनने के पहले और बाद भी कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां उनके नाम दर्ज हैं। उनकी बनाई कुछ महत्वपूर्ण नीतियों को मोदी सरकार भी आगे बढ़ा रही है।

1. देश में आर्थिक सुधारों के प्रणेता

 1991 में पीएम नरसिम्हा राव की कांग्रेस सरकार में वह वित्त मंत्री हुआ करते थे। ये वो दौर था जब देश दिवालिया होने की कगार पर खड़ा था। देश का फिस्कल डेफिसिट यानी राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के 8.5 के इर्द गिर्द था। महज एक वर्ष के भीतर मनमोहन सिंह ने उसे 5.9 फीसदी के स्तर पर लाने में कामयाबी हासिल कर ली थी। डॉक्टर सिंह द्वारा लागू किए सुधार कार्यक्रमों के बाद डूबती हुई इकॉनमी ने वह मुकाम हासिल कर लिया कि उसे पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ा।

2004 से 2014 तक लगातार 10 साल देश के पीएम रहे मनमोहन सिंह ने 1991 में जब देश के वित्त मंत्री का पद संभाला था तब आर्थिक क्रांति ला दी थी। इन्होंने ही ग्लोबलाइजेशन की शुरूआत की थी। 1991 से 1996 के बीच उनके द्वारा किए गए आर्थिक सुधारों की जो रूपरेखा, नीति और ड्राफ्ट तैयार किया, उसकी दुनिया भर में प्रशंसा की जाती है।

2. साल में 100 दिन का रोजगार पक्का

बेरोजगारी का दंश झेलते देश में रोजगार गारंटी योजना की सफलता का श्रेय मनमोहन सिंह को जाता है। इसके तहत बता दें कि साल में 100 दिन का रोजगार और न्यूनतम दैनिक मजदूरी 100 रुपये तय की गई।  इसकी खास बात यह भी है कि इसके तहत पुरुषों और महिलाओं के बीच किसी भी भेदभाव की अनुमति नहीं है। इसलिए, पुरुषों और महिलाओं को समान वेतन भुगतान किया जाना चाहिए। सभी वयस्क रोजगार के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इसके तहत यदि सरकार काम देने में नाकाम रहती है तो आवेदक बेरोज़गारी भत्ता पाने के हकदार होंगे।  मनरेगा यानी महात्मा गांधी नेशनल रूरल एंप्लॉयमेंट गारंटी एक्ट 2005, ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत यूपीए के कार्यकाल में डॉक्टर मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल में शुरू की गई थी।

3. आधार कार्ड योजना की संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी की तारीफ

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की आधार योजना की यूएन ने भी तारीफ की थी। यूएन की ओर से कहा गया था कि आधार स्कीम भारत की बेहतरीन स्कीम है। जैसा कि हम और आप देख ही रहे हैं कि वर्तमान पीएम मोदी की सरकार में आधार संख्या को यूनीक नंबर होने के चलते विभिन्न कामों में अनिवार्य कर दिया गया है। भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण सन 2009 में मनमोहन सिंह के समय ही गठित किया गया जिसके तहत सरकार की इस बहुउद्देशीय योजना को बनाया गया। देश के हर व्यक्ति को पहचान देने और प्राथमिक तौर पर प्रभावशाली जनहित सेवाएं उस तक पहुंचाने के लिए इसे शुरू किया था।

4. भारत और अमेरिका के बीच न्यूक्लियर डील

साल 2002 में एनडीए से देश की बागडोर यूपीए के हाथ में गई। गठबंधन सरकार के तमाम प्रेशर के बीच भारत ने इंडो यूएस न्यूक्लियर डील को अंजाम दे दिया। साल 2005 में जब इस डील को अंजाम दिया गया, उसके बाद भारत न्यूक्लियर हथियारों के मामले में एक पावरफुल नेशन बनकर उभरा। उस वक्त यूएस में जॉर्ज बुश प्रेजिडेंट हुआ करते थे। इस डील के तहत यह सहमति बनी थी कि भारत अपनी इकॉनमी की बेहतरी के लिए सिविलियन न्यूक्लियर एनर्जी पर काम करता रहेगा।

5. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (खाद्य अधिनियम का अधिकार) मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ही पास हुआ।  भूख और कुपोषण को मात देने के उद्देश्य से शुरू की गयी इस महत्वकांक्षी योजना का लक्ष्य भारत के 1.2 अरब लोगों के लगभग दो तिहाई तक सब्सिडी वाले अनाज प्रदान करना है। 

इसमें मध्याह्न भोजन योजना, एकीकृत बाल विकास सेवा योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली शामिल है। बिल के प्रावधानों के तहत, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (या पीडीएस) के लाभार्थी न्यूनतम मूल्यों पर प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलोग्राम अनाज के हकदार हैं। इसमें चावल 3 रुपये प्रति किलो, गेहूं 2 रू प्रति किलो और मोटे अनाज (बाजरा) 1 रू प्रति किलो में मुहैया करवाये जाते हैं। 

6. शिक्षा का अधिकार

मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ही राइट टु एजुकेशन यानी शिक्षा का अधिकार अस्तित्व में आया। इसके तहत 6-14 साल के बच्चे को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया गया। कहा गया कि इस उम्र के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा दी ही जाएगी।


पूर्व PM मनमोहन बोले- धार्मिक अपीलों से दूर रहें सुरक्षा बल, कोर्ट करे धर्मनिरपेक्षता की रक्षा

मनमोहन की मोदी को चिट्ठी- नेहरू कांग्रेस के नहीं, पूरे देश के नेता, विरासत से न करें छेड़छाड़

मनमोहन पर बन रही फिल्म में किसने निभाया राहुल, प्रियंका और सोनिया का रोल ?

मैं भी गरीब परिवार में पैदा हुआ, लेकिन नहीं चाहता कि देश मुझ पर तरस खाये : मनमोहन

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने पंजाब विश्वविद्यालय को दान की 3,500 किताबें

sun

320C

Clear

क्रिकेट

Jara Hatke

Read Also

 बड़कागांव : “न्यूज़कोड” के द्वारा शिक्षक को किया गया सम्मानित

NewsCode Jharkhand | 26 September, 2018 10:30 AM
newscode-image

बड़कागांव। बड़कागांव प्रखंड के प्लस टू हाई स्कूल के  प्राचार्य राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. बालेश्वर राम एवं इंदिरा गांधी मेमोरियल कॉलेज के शिक्षक संजय सागर  को शिक्षा योगदान  में “न्यूज़कोड” की तरफ से मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

 बड़कागांव : "न्यूज़कोड" के द्वारा शिक्षक को किया गया सम्मानित

वहीं प्राचार्य डॉ. बालेश्वर राम ने बताया कि मैं  बच्चों को शिक्षा देने में भरपूर सहयोग करते हैं और करते रहेंगे। शिक्षा एक ऐसा गुण हैं जो लोगों को अपने मंजिल तक पहुंचाता है। वहीं इंदिरा गांधी मेमोरियल कॉलेज के शिक्षक संजय सागर ने कहां की शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा मानव के लिए बेहतर से बेहतर कार्य करने में अहम भूमिका निभाती है।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

जामताड़ा : ट्रक और बाइक में जोरदार टक्कर, तीन घायल

Tarun Kumar Choubey | 26 September, 2018 10:03 AM
newscode-image

जामताड़ा। मंगलवार शाम करीब पांच बजे नारायणपुर थाना क्षेत्र के पबिया बाजार में गोविंदपुर-साहेबगंज हाइवे पर सीमेंट लदा ट्रक (जेएच 10 ओ 6365) से बाइक का आमने सामने टक्कर हो जाने से तीन लोग घायल हो गए। ट्रक धनबाद से सीमेंट लादकर जामताड़ा जा रही थी।

तीनों के सिर  व शरीर पर काफी चोटें लगी है। मौके पर ट्रक चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। भीड़ ने ट्रक को अपने कब्जे में कर लिया। जानकारी के अनुसार  मोटरसाइकिल में तीन व्यक्ति सवार थे। चालक लबसन हेम्ब्रम (27), जितेंद्र टुडू (65) व महिला पकलु टुडू (35) तीनों की स्थिति नाजुक बताई जा रही है।

जामताड़ा : संतुलन बिगड़ने से किरासन तेल का टैंकर पलटा, तेल लेने जुटी भीड़

जामताड़ा : ट्रक और बाइक में जोरदार टक्कर, तीन घायल

सभी घायल नारायणपुर थाना क्षेत्र के मझलाड़ीह पंचायत के बरमसिया गांव का रहने वाले हैं। बजरंग दल के जिला संयोजक सोनू सिंह व भाजपा के मंडल अध्यक्ष सुधीर मंड़ल ने तीनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए जामताड़ा सदर अस्पताल लाया। चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए धनबाद भेज दिया।

स्थानीय लोगों ने किया सड़क जाम

स्थानीय लोगों ने दुर्घटना के बाद मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया गया। सूचना मिलते ही घटना स्थल पर नारायणपुर थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह व एसआई बीके सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। लोगों ने सरकारी मुआवजे की मांग कर रहे थे।

जामताड़ा : चार शातिर साइबर अपराधियों के ठिकानों पर ईडी का छापा

थाना प्रभारी ने सड़क जाम कर रहे लोगों को समझा बुझाकर जाम हटाया। प्रभारी ने कहा कि सरकारी सहायता घायलों को जरूर मिलेगा। स्थानीय लोगों ने पबिया में अक्सर हो रहे दुर्घटना पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस बेरिकेड लगाने की मांग की। थाना प्रभारी ने उक्त व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।

(अन्य झारखंड समाचार के लिए न्यूज़कोड मोबाइल ऐप डाउनलोड करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

More Story

more-story-image

बाघमारा : प्रखण्ड में आयोजित दिव्यांग शिविर में नहीं पहुंचे...

more-story-image

जमशेदपुर : दुकानों में लगी आग, लाखों रूपये का हुआ...