निरसा : अंडर 14 क्रिकेट टूर्नामेंट में बस्ताकोला ने जीता ट्रॉफी, किया गया पुरस्‍कृत

NewsCode Jharkhand | 3 January, 2018 6:15 PM
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निरसा। पत्रकार स्व. सतीश सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि पर डीवीसी मैथन कर्मचारी संघ मैदान में खेले गये अंडर-14 क्रिकेट टूर्नामेंट का खिताब बस्ताकोला धनबाद ने जीत ली।

मैन ऑफ द मैच अमन वर्मा ने 50 रन की बदौलत परवलिया (बंगाल) को मात्र 7.5 ओवर में ही हरा दिया। निरसा-चिरकुंडा अंचल पत्रकार संघ द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में परवलिया ने पहले बैटिंग की और 16.3 ओवर में 98 रन पर आउट हो गयी। विनर एवं रनर टीम को मुख्य व विशिष्ट अतिथियों ने सतीश सिंह मेमोरियल ट्रॉफी से पुरस्कृत किया।

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इससे पहले स्व: सतीश सिंह की तस्वीर पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गयी। साथ ही उनकी आत्मा की शांति के लिये दो मिनट का मौन रखा गया। मौके पर विधायक अरुप चटर्जी, पूर्व मंत्री अपर्णा सेनगुप्ता, काकुली मुख़र्जी, सूरेश चन्द्र झा, अर्जुन पाठक, बीरेंद्र ठाकुर,  इंद्रदेव प्रसाद, शेषनारायण सिंह, भरत सिंह, प्रदीप सुमन, मृत्युंजय पाठक, प्रदीप दास, अजय सिंह, प्रवीण चौधरी, संजय सिंह, उत्तम झा, समामा औसाल, हरेन्द्र सैनी, धर्मदेव, भगवान मालवीय, सुदेश, विश्वजीत, सुबल तिवारी, धर्मेन्द्र शर्मा, सुरेश पासवान, अनिमेष आदि थे।

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चोटिल पंड्या एशिया कप से बाहर, टीम इंडिया में हुए 3 बड़े बदलाव

NewsCode | 20 September, 2018 3:31 PM
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नई दिल्ली। दुबई में चल रहे एशिया कप के लिए भारत टीम में तीन बड़े बदलाव किए गए हैं। चोटिल ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। उनकी जगह तेज गेंदबाज दीपक चाहर को दुबई भेजा गया है। उधर, बाएं हाथ के ऑफ स्पिनर अक्षर पटेल की जगह रवींद्र जडेजा को लाया गया है। अक्षर को फील्डिंग करते वक्त अंगूठे में चोट लगी है, जबकि तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर भी अनफिट बताये जा रहे हैं और उनकी जगह सिद्धार्थ कौल को मौका दिया गया है। बीसीसीआई ने ट्विटर पर भारतीय दल में इन तीन बदलावों की पुष्टि कर दी है।

गौरतलब है कि 29 साल के रवींद्र जडेजा 6 जुलाई 2017 को टीम इंडिया की ओर से आखिरी बार वनडे मैच खेले थे। 136 वनडे में 155 विकेट ले चुके जडेजा के लिए एक बार फिर वनडे टीम में वापसी की उम्मीद जगी है।बता दें कि बुधवार को पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप मैच में पंड्या को चोटिल होने के बाद स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया था और तभी से आशंका थी कि वह टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएंगे।

यह घटना पाकिस्तान की पारी के 18वें ओवर में हुई जब यह ऑलराउंडर अपना पांचवां ओवर फेंक रहा था। पांचवीं गेंद फेंकने के बाद पंड्या ने अपनी कमर पकड़ ली और काफी दर्द के साथ मैदान पर लेट गए। पंड्या इसके बाद उठ नहीं पाए और उन्हें स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। बाद में बीसीसीआई ने ट्वीट किया कि पंड्या की कमर में चोट है।

बुधवार को ग्रुप ए के अपने दूसरे और आखिरी मुकाबले में भारत ने चिरप्रतिद्वंदी पाकिस्तान को 8 विकेट से धूल चटा दी। अब भारत का अगला मुकाबला रविवार को पाकिस्तान के साथ ही होगा। अब ये देखना दिलचस्प होगा कि इन तीन खिलाड़ियों में से किसे अंतिम एकादश में जगह मिलती है।


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चास : पिंड्राजोरा के डाबर गांव में धूमधाम से मनाया गया मुहर्रम

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 7:14 PM
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चास(बोकारो)। पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के केलिया डाबर में मुहर्रम के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने लाठी खेल का आयोजन किया।

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लाठी खेल में 3 क्लब 5 स्टार क्लब, सनराइज क्लब, लक्की स्टार क्लब ने खेल दिखाया। लक्की स्टार क्लब ने भारत के सैनिक किस तरह से दुश्मन के इलाके में घुस कर आतंकवादियों को मरते है और अपना भारत का झंडा फहराते है ये दिखाया गया है।

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लक्की स्टार क्लब ने देश भक्ति गानों के साथ अपना खेल दिखाया देश कि शान तिरंगा को दुश्मन के इलाके में फहराकर दिखाया। लाठी खेल में दोनों समुदाय के लोगों ने बढ़चढ़कर भाग लिया। डाबर में लाठी खेल का आयोजन लगभग 20 वर्षो से किया जाता है।

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इस मौके पर अजीत सिंह चौधरी, कामदेव सिंह चौधरी, सुबलचंद्र महतो, यकीन अंसारी, अकबर अंसारी, लतीफ़ अंसारी, आवेदिन अंसारी, यकीन अंसारी, रहमगोल अंसारी, बदल सिंह चौधरी, मिहिर महतो आदि मौजूद थे।

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कोडरमा : मुहर्रम में कई हिन्दू परिवार पूरी श्रद्धा से निकालते है ताजिया और निशान

NewsCode Jharkhand | 21 September, 2018 7:07 PM
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कोडरमाकोडरमा जिले में मुहर्रम के मौके पर कई हिन्दू परिवारों द्वारा पिछले कई पीढियों से ताजिया और निशान (झंडा) निकालने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। समाजिक सौहार्द की प्रतिमूर्ति इन परिवारों में चाराडीह इलाके के उमाशंकर उर्फ तुफानी सिंह गुलशन कुमार, गाँधी स्कूल रोड़ निवासी गजाधर भारती, भादेडीह निवासी जयप्रकाश वर्मा के परिवार शामिल है।

सभी परिवारों को आसपास के ग्रामीण इस कार्य में निष्ठा भाव से परंपरा निर्वहन और क्षेत्र परिभ्रमण के दौरान पुरा सहयोग देते हैं। इस बावत पूछे जाने पर उमाशंकर उर्फ तुफानी सिंह ने बताया कि उनका परिवार पिछले कई पीढ़ियों से यह परंपरा निभा रही है।

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उन्होंने कहा कि उनके पुर्वजों ने अपनी किसी मन्नत के पूरा होने के बाद इसकी शुरूआत की थी जो आज जारी है। हालाकि इस परिवार द्वारा बीती रात तक इसकी सारी तैयारी पूरी कर ली गई थी मगर उमाशंकर के बड़े भाई निर्मल सिंह का आज सुवह निधन हो जाने के कारण इस वर्ष इस परिवार द्वारा आज ताजिया नही निकाला गया।

गांधी स्कूल रोड निवासी गजाधर भारती ने बताया कि उनके दादा स्व. गुरूचरण राम (उत्पाद विभाग में जमादार थे) ने श्रद्धा से 1924 में इस मौके पर निशान (सरकारी झंडा) निकाला था जिस परंपरा का उनके पिता स्व. रामेश्वर राम और अब वे और उनका परिवार निर्वहन कर रहे हैं।

भादेडीह निवासी जयप्रकाश वर्मा ने बताया कि उनके दादा स्व. बुधन सोनार ने ताजिया निकालाना शुरू किया था। फिर उनके पिता स्व. सुखदेव प्रसाद और अब वे इस परंपरा को निभा रहे है। इन दोनों परिवारों के द्वारा आज ताजिया और झंडा निकाला गया।

इसी परिवार के द्वारा यहाँ के इमामबाड़े के लिए भूमि उपलब्ध करा इसकी स्थापना की थी। जहाँ सभी लोग जुटते हैं। उन्होंने बताया कि मुहर्रम के दिन उनके घर चुल्हा नही जलता वे मातम मनाते है। और तीजा के दिन ही सारी औपचारिकताए पूरी की जाती है।

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