हिंदुओं को ये मुस्लिम सोसायटी ब‍िना क‍िसी ब्‍याज के दे रही कर्ज

NewsCode | 17 April, 2018 7:02 AM
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पटना| मुसलमान बिरादरी में भाईचारा व सामूहिकता आम बात है मगर मुस्लिम समुदाय के संगठनों द्वारा हिंदुओं के जीवन में बदलाव लाने की मिसालें निस्संदेह बदले हुए समाज में सांप्रदायिक सद्भाव को मजूबती प्रदान करती है। ऐसी ही एक मिसाल बिहार के पटना में देखने को मिली, जहां मुस्लिम को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी ने ब्याजमुक्त कर्ज देकर हजारों हिंदू परिवार के जीवन में बदलाव लाया है।

कमला देवी, पंकज कुमार, गीता देवी और संजय सिंह उन्हीं परिवारों से आते हैं जिनको अलखर को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी लिमिटेड ने रोजी-रोटी के लिए अपना कारोबार खड़ा करने के लिए ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया। करीब 9,000 हिंदुओं को इस सोसायटी ने कारोबार खड़ा करने के लिए ऋण प्रदान किया है। इनमें में ज्यादातर लोग वेंडर, छोटे कारोबारी, पटरियों पर दुकान चलाने वाले, सीमांत किसान और महिलाएं हैं।

पटना के मिरशिकर टोली में दुकान चलाने वाली कमला ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “मैं सड़क किनारे पटरियों पर आलू और प्याज बेचती थी। इसके लिए 2,000 से 5,000 रुपये साहूकारों से सूद पर कर्ज लेती थी और उनके कर्ज तले हमेशा दबे रहती थी। लेकिन कुछ साल पहले जब मुझे किसी ने कहा कि अल खर सोसायटी बिना ब्याज के ऋण देता है तो हैरान हो गई।”

दुकान चलाने के लिए उसने सबसे पहले सोसायटी से 10,000 रुपये कर्ज लिया। उसके बाद उसने सोसायटी से 20,000 रुपये से 50,000 रुपये तक ऋण लिया।

कमला ने कहा, “सोसायटी से कर्ज लेकर मैंने छोटे से खोमचे की दुकान से अपना कारोबार बढ़ाकर थोक की दुकान खोल ली।”

कमला के पास अब इतने पैसे हैं कि वह अपने दो बेटों की पढ़ाई की व्यवस्था खुद कर पा रही है। उसका एक बेटा इंजीनिरिंग कॉलेज में पढ़ता है और दूसरा बीएड कर रहा है।

अल खर सोसायटी ने पिछले एक दशक में इस्लामिक मूल्यों का पालन करते करीब 20,000 लोगों को 50 करोड़ रुपये का कर्ज प्रदान किया है। इनमें ज्यादातर वे लोग शामिल हैं जो रोजी-रोटी चलाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।

सोसायटी के लाभार्थियों में तकरीबन 50 फीसदी हिंदू हैं। जाहिर है कि अलखर धार्मिक भेदभाव से ऊपर उठकर जरूरतमंदों की मदद करता है।

कमला की तरह गीता देवी ने भी सड़क किनारे सब्जियों की अपनी छोटी दुकान की जगह अब बड़ी सी दुकान खोल ली है। उसने अपने बेटे को भी सब्जी की एक दुकान खुलवा दिया है।

गीता ने बताया, “अल खर सोसायटी के संपर्क में आने के बाद मेरी जिंदगी बदल गई। इसने हमें सम्मान की जिंदगी जीने में मदद की। हमारे जैसे गरीब लोगों के लिए ब्याजमुक्त कर्ज भगवान का वरदान ही है। यहां बैंकों की तरह कर्ज मिलने की कोई अनिश्चिता नहीं होती है।”

मंजू देवी ने पिछले पांच साल में अपने बच्चों की सालाना फीस भरने के लिए अलखर से 20,000 रुपये कर्ज लिया। उसके पति सड़क किनारे दुकान चलाते हैं।

कमला ने कहा कि वह अपनी कमाई में से कुछ पैसे किस्त के रूप में अल खर सोसायटी को भुगतान करती है जिससे कर्ज उतर जाए।

संजय सिंह ने कहा कि छोटी दुकान करने वालों को कर्ज देने में बैंकों की कोई दिलचस्पी नहीं होती है। उन्होंने कहा, “बैंक कर्ज पर ब्याज तो लेता ही है। साथ ही, कर्ज लेने के लिए इतने सारे दस्तावेज भरने की जरूरत होती है कि गरीब आदमी परेशान हो जाता है।” संजय के पास कपड़े की छोटी सी दुकान है, जो उनकी पत्नी चलाती है और वह साइकिल पर घूम-घूम कर कपड़े बेचते हैं।

अलखर सोसायटी से करीब एक दशक से जुड़े अवकाश प्राप्त बैंक अधिकारी शमीम रिजवी ने बताया, “ब्याजमुक्त कर्ज भले ही मुस्लिम परंपरा हो क्योंकि इस्लाम में ब्याज को अनुचित माना जाता है। मगर यह (अलखर) न सिर्फ मुस्लिम बल्कि सबको ब्याजमुक्त कर्ज देता है।”

अलखर सोसायटी के प्रबंध निदेशक नैयर फातमी ने आईएएनएस को बताया कि ब्याजमुक्त कर्ज की आमपसंदी बढ़ रही है।

उन्होंने कहा, “जिनकी पहुंच बैंक तक नहीं हो पाती है उनके लिए पांच से 10,000 रुपये की छोटी रकम भी काफी अहम होती है। ब्याजमुक्त कर्ज पाने वाले लोगों में करीब 50 फीसदी हिंदू हैं। ज्यादातर लोग अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए कर्ज लेते हैं जिससे उनका सशक्तीकरण हो रहा है।”

अलखर सोसायटी ब्याजमुक्त कर्ज प्रदान करने वाली एक सफल माइक्रोफायनेंस संस्था की मिसाल है, जिसने हजारों लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाई है। सोसायटी ने छोटी सी निधि से काम शुरू किया था और इसके पास शुरुआत में पटना स्थित एक छोटे से दफ्तर में सिर्फ दो कर्मचारी थे। मगर आज संस्था में 100 कर्मचारी काम करते हैं।

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इन कर्मचारियों के वेतन, दफ्तर का किराया और अन्य खर्च के लिए यह कर्ज लेने वालों से नाममात्र का सेवा प्रभार लेता है।

मुस्लिम समुदाय के कुछ पढ़े-लिखे लोगों के साथ वर्ष 2000 के आरंभ में इस संगठन की नींव पड़ी थी। संगठन का मकसद धर्म, जाति और वर्ग की परवाह किए बगैर जरूरतमंद लोगों को आर्थिक मदद करना था।

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(यह साप्ताहिक फीचर श्रंखला आईएएनएस और फ्रैंक इस्लाम फाउंडेशन की सकारात्मक पत्रकारिता परियोजना का हिस्सा है।)

 आईएएनएस

राफेल डील: पीएम मोदी और रक्षा मंत्री के खिलाफ कांग्रेस देगी विशेषाधिकार हनन का नोटिस

NewsCode | 23 July, 2018 4:26 PM
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नई दिल्ली। शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव के दौरान बहस में पीएम मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन की ओर से राफेल डील के मुद्दे पर दिये गयान बयान को कांग्रेस ने झूठ करार दिया है। कांग्रेस पार्टी ने राफेल डील मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने का फैसला किया है।

सोमवार को पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी के साथ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री ने संसद को गुमराह किया है, ये विशेषाधिकार का हनन है। कांग्रेस इसको लेकर लोकसभा में नोटिस भी देगी।

बीजेपी भी लाएगी विशेषाधिकार हनन

वहीं, दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी भी इस मुद्दे पर राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की बात कह चुकी है। बीजेपी का ये नोटिस लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के दफ्तर भी पहुंच गया है, हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला होना है।

सदन में राहुल ने कही थी ये बातें

बता दें कि सदन में राहुल गांधी ने कहा था कि रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल फाइटर जेट्स का मूल्य बताने से यह कहकर मना कर दिया था कि इसकी वजह से देश की सुरक्षा को खतरा पहुंच सकता है। लेकिन बाद में दसॉ एविएशन ने अपनी 2016-17 की वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि उसने 1,670 करोड़ रुपए प्रति एयरक्राफ्ट की दर से 36 एयरक्राफ्ट बेचे हैं।

कांग्रेस अध्‍यक्ष ने आगे कहा कि यही एयरक्राफ्ट 11 महीने पहले मिस्र और कतर को 1,319 करोड़ रुपए प्रति एयरक्राफ्ट के हिसाब से कंपनी ने बेचा था। इससे पता चलता है कि इस डील की वजह से देश को 12,632 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

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केंद्र सरकार और कांग्रेस आमने-सामने

राफेल सौदे पर केंद्र सरकार और कांग्रेस पार्टी आमने-सामने राहुल गांधी ने रविवार को ट्विटर पर लिखा कि, “हमारी रक्षामंत्री ने कहा कि वह खुलासा करेंगी लेकिन अब कह रही हैं कि नहीं करेंगी। वह गोपनीय है और गोपनीय नहीं है के बीच फंसी हुई हैं। जब प्रधानमंत्री से राफेल की कीमत के बारे में पूछा जाता है तो वह घबराते हैं और मेरी आंखों में आंख डालकर नहीं देख पाते। निश्चित तौर पर घोटाले की गंध आ रही है।”

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रांची : होटवार में फटा जलापूर्ति पाइप, दो दिन बाद भी किसी ने नहीं ली सुध

NewsCode Jharkhand | 23 July, 2018 5:19 PM
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रांची। खेलगांव से टाटीसिलवे जाने वाली मुख्य सड़क पर, होटवार डाकघर के पास जलापूर्ति पाइप के फटने से पेयजल की बर्बादी हो रही है। सड़क पर गड्ढा भी बन गया है। रात के समय गड्ढे ठीक से दिखाई नहीं देते जिसके कारण दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।

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लोगों को आने-जाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पाइप फटने के दो दिन बाद भी प्रशासन इससे बेखबर है। अगर समय रहते इसकी मरम्मत नहीं की गई तो यहां आने वाले समय में बड़े हादसे भी हो सकते हैं।

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रांची : आदिवासी सम्मेलन में भोपाल प्रदेश कांग्रेस के रखे सुझावों का झारखंड कांग्रेस का मिला समर्थन

NewsCode Jharkhand | 23 July, 2018 5:09 PM
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रांची। झारखंड कांग्रेस ने, भोपाल में आयोजित प्रदेश-स्तरीय कांग्रेस के आदिवासी सम्मेलन में आदिवासी समाज और किसानों के लिए स्थानीय विधायक उमंग सिंगर द्वारा रखे सुझावों का समर्थन किया है, जिसमें कई सुझाव शामिल हैं।

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विधायक उमंग ने अपने सुझावों में, केंद्र सरकार द्वारा किसानों के लिये घोषित समर्थन मूल्य के आधार पर किसानों को दी जाने वाली फसल खरीद की गारंटी की मांग की है। आदिवासी सम्मेलन में आदिवासी धर्म को मान्यता दी जाने एवं 9 अगस्त को कांग्रेस पार्टी की ओर से विश्व आदिवासी दिवस मनाये जाने का भी विधायक ने सुझाव दिया।

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