बर्थ-डे के दिन धोनी ने बनाया नया रिकॉर्ड, यह कमाल करने वाले दुनिया के पहले विकेटकीपर बने

NewsCode | 7 July, 2018 3:35 AM
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नई दिल्ली। टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तान, बेहतरीन विकेटकीपर बल्लेबाज एमएस धोनी ने अपने जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले एक नया कीर्तिमान बना दिया है। 7 जुलाई को अपना 37वां जन्मदिन मनाने वाले महेंद्र सिंह धोनी 500 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले दुनिया के पहले विकेटकीपर बन गए हैं। धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ कार्डिफ में दूसरा टी-20 अंतर्राष्ट्रीय मैच के शुरू होते ही यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

आपको बता कि धोनी 500 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने वाले भारत के तीसरे और विश्व के 9वें क्रिकेटर बन गए हैं। भारत में धोनी से आगे सिर्फ ‘मास्टर ब्लास्टर’ सचिन तेंदुलकर और ‘द वॉल’ राहुल द्रविड़ हैं। तेंदुलकर ने 2013 में संन्यास लेने से पहले कुल 664 अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 200 टेस्ट, 463 वन-डे और एक टी-20 इंटरनेशनल मैच खेला।

वहीं द्रविड़ ने 164 टेस्ट, 344 वन-डे और एक टी-20 इंटरनेशनल मैच खेला। महेंद्र सिंह धोनी ने अपने 500 अंतर्राष्ट्रीय मैच के दौरान 90 टेस्ट, 318 वन-डे और 92 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं।

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धोनी विश्व के 9वें क्रिकेटर बन गए हैं, जिन्होंने 500 या ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले हैं। इस सूची में शीर्ष स्थान पर सचिन तेंदुलकर काबिज हैं। दूसरे नंबर पर श्रीलंका के पूर्व बल्लेबाज महेला जयवर्धने (652) आते हैं। तीसरे नंबर पर श्रीलंका के ही पूर्व कप्तान कुमार संगकारा (594) मौजूद हैं।

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चौथे पर श्रीलंका के पूर्व विस्फोटक ओपनर सनथ जयसूर्या (586), पांचवें पर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग (560), छठे पर पूर्व पाकिस्तानी कप्तान शाहिद अफरीदी (524), सातवें पर पूर्व दक्षिण अफ्रीकी ऑलराउंडर जैक्स कैलिस (516) और आठवें पर राहुल द्रविड़ (509) काबिज हैं। ध्यान रहे कि कुमार संगकारा ने कई मैच गैर विकेटकीपर के रूप में खेले, जिसकी वजह से धोनी इस रिकॉर्ड के हकदार बने।

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बता दें कि धोनी ने अपने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर का आगाज 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ वन-डे मैच से की थी। अपने पहले मैच में धोनी बिना खाता खोले रनआउट होकर पवेलियन लौट गए थे। 2005 में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया। वहीं 2006 में वह भारत के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में टीम का हिस्सा थे।

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गौरतलब है कि धोनी ने 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में ही टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। उन्होंने 90 टेस्ट की 144 पारियों में 6 शतक और 33 अर्धशतकों की मदद से 4876 रन बनाए। वहीं वन-डे में वर्ल्ड के बेस्ट फिनिशर माने जाने वाले माही ने 10 शतक और 67 अर्धशतकों की मदद से 9967 रन बनाए हैं। टी-20 इंटरनेशनल में धोनी ने अब तक दो अर्धशतकों की मदद से 1487 रन बनाए हैं। न्यूज़कोड परिवार की ओर से महेंद्र सिंह धोनी को ढेर सारी शुभकामनाएं।

पितृ पक्ष 2018: श्राद्ध क्रिया में इन खास बातों का रखें ख्याल

NewsCode | 23 September, 2018 5:27 PM
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हिंदू कर्मकांड में श्रद्धा और मंत्र के मेल से पूर्वपुरुषों (पितरों) की आत्मा की तृप्ति के निमित्त जो विधि होती है उसे श्राद्ध कहते हैं। हमारे जिन सगे-संबंधियों का देहांत हो गया है, वे पितृलोक में या यत्र-तत्र विचरण करते हैं, उनके लिए पिंडदान किया जाता है। बच्चों एवं संन्यासियों के लिए पिंडदान नहीं किया जाता। गणेश विसर्जन और अनंत चतुर्दशी के बाद शुरू होते हैं श्राद्ध। हर साल श्राद्ध भाद्रपद शुक्लपक्ष पूर्णिमा से शुरू होकर अश्विन कृष्णपक्ष अमावस्या तक चलते हैं।

अगर पंडित से श्राद्ध नहीं करा पाते तो सूर्य नारायण के आगे अपने दोनों हाथ ऊपर करके ये बोलें : “हे सूर्य नारायण ! मेरे पिता (नाम), अमुक (नाम) का बेटा, अमुक जाति (नाम), (अगर जाति, कुल, गोत्र नहीं याद तो ब्रह्म गोत्र बोल दें) को आप संतुष्ट/सुखी रखें। इस निमित्त मैं आपको अर्घ्य व भोजन करता हूं।” इसके पश्चात् आप भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और भोग लगायें।

 इन बातों का रखें खास ख्याल –

– श्राद्ध में कपड़े और अनाज दान करना ना भूलें। इससे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

– बताया जाता है कि श्राद्ध दोपहर उपरांत ही किया जाना चाहिए। जानकारों के अनुसार जब सूर्य की छाया पैरों पर पड़ने लगे तो श्राद्ध का समय हो जाता है। दोपहर या सुबह में किये गए श्राद्ध का कोई मतलब नहीं होता है।

– जिस दिन श्राद्ध करना हो उससे एक दिन पूर्व ही उत्तम ब्राह्मणों को निमंत्रण दे दें। परंतु श्राद्ध के दिन कोई अनिमंत्रित तपस्वी ब्राह्मण घर पर पधारें तो उन्हें भी भोजन कराना चाहिए।  ब्राह्मण भोज के वक्त खाना दोनों हाथों से परोसें, एक हाथ से खाने को पकड़ना अशुभ माना जाता है।

– श्राद्ध के दिन घर में सात्विक भोजन ही बनना चाहिए। इस दिन खाने में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल  नहीं होना चाहिए। गौर करने वाली बात यह भी है कि पितरों को जमीन के नीचे पैदा होने वाली सब्जियां नहीं चढ़ाई जाती हैं। इनमें अरबी, आलू, मूली, बैंगन और अन्य कई सब्जियों शामिल हैं।

– पूरे विधान में मंत्र का बड़ा महत्व है। श्राद्धकर्म में आपके द्वारा दी गयी वस्तु कितनी भी बेशकीमती क्यों न हो, आपके द्वारा यदि मंत्र का उच्चारण ठीक न हो तो काम व्यर्थ हो जाता है। मंत्रोच्चारण शुद्ध होना चाहिए और जिसके निमित्त श्राद्ध करते हों उसके नाम का उच्चारण भी शुद्ध करना चाहिए।

– श्राद्ध के दिन अपने पितरों के नाम से ज्यादा से ज्यादा गरीबों को दान करें।

– पिंडदान करते वक्त जनेऊ हमेशा दाएं कंधे पर रखें।

 पिंडदान करते वक्त तुलसी जरूर रखें।

– कभी भी स्टील के पात्र से पिंडदान ना करें, बल्कि कांसे या तांबे या फिर चांदी की पत्तल इस्तेमाल करें।

– पिंडदान हमेशा दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके ही करें।

– पिता का श्राद्ध बेटा ही करे या फिर बहू करे। पोते या पोतियों से पिंडदान ना कराएं।

– श्राद्ध करने वाला व्यक्ति श्राद्ध के 16 दिनों में मन को शांत रखें।

– श्राद्ध हमेशा अपने घर या फिर सार्वजनिक भूमि पर ही करे। किसी और के घर पर श्राद्ध ना करें।


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सरिया : दिल्ली में आंदोलन को लेकर डीलरों का दल हुआ रवाना

NewsCode Jharkhand | 23 September, 2018 6:19 PM
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10 सूत्री मांगों को लेकर दिल्ली में होगा जेल भरो आंदोलन

सरिया(गिरिडीह)। ऑल इंडिया फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन झारखंड इकाई के बैनर तले सरिया के दर्जनों डीलर जेल भरो अभियान को लेकर रविवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए।

इस बाबत सरिया प्रखंड डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप कुमार व सचिव रामसेवक सिंह ने बताया कि पीडीएस डीलर जिस प्रकार जनता की सेवा कर रहे हैं,  उस अनुकूल सरकार उन्हें सुविधा उपलब्ध नहीं करा रही है।

इस कारण उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।  इसको लेकर ऑल इंडिया फेयर प्राइस डीलर्स एसोसिएशन अपनी 10 सूत्री मांगों के समर्थन में दिल्ली में आगामी 25 सितंबर को जेल भरो अभियान करेगी।

इन मांगो को लेकर आंदोलन

मांगों में तेल में डीबीटी समाप्त किया जाए, जिससे गरीबों को सस्ता में तेल मिले। सभी जरूरमन्दों को राशन का लाभ मिले। नई दुकानों की बहाली बंद हो। राशन डीलर्स को प्रति क्विंटल ₹250 कमीशन मिले। पीडीएस डीलर्स को 30 हजार रुपये न्यूनतम मजदूरी प्रतिमाह दी जाए आदि शामिल हैं।

ये हुए रवाना

दिल्ली जाने वालों में रामसेवक सिंह, अनूप कुमार तर्वे, शिबी मोदी, मिंटू जैन, पंकज रजक, महादेव यादव, रामदेव राम, समसुद्दीन अंसारी, रामेश्वर प्रसाद, जय प्रकाश यादव समेत अन्य डीलर शामिल हैं।

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गिरिडीह :  प्रधानमंत्री ने अपनी बहनों को भेजा तोहफा, राखी के बदले आया स्मार पत्र

NewsCode Jharkhand | 23 September, 2018 6:08 PM
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गिरिडीह।  देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गिरिडीह की दो बहनों को रक्षाबंधन का तोहफा भेजा है।  मोहलीचुआ की रहने वाली रामबाबू साहू की पुत्री सेजल कुमारी और चाहत कुमारी ने प्रधानमंत्री को राखी भेजी थी।

राखी मिलने के बाद पीएमओ से इन दोनों बहनों के लिए स्मार पत्र आया है। बताया गया कि पिछले साल भी इन दोनों बहनों ने प्रधानमंत्री को राखी भेजी थी और पिछले साल भी उन्हें स्मार पत्र मिला था।

इस बार भी स्मार पत्र मिलने से दोनों बहनें बेहद खुश हैं। इनका कहना है कि प्रधानमंत्री सहृदय व्यक्ति हैं और उन्होंने दिल से राखी स्वीकार की। इसी वजह से वहां से प्रमाण पत्र भेजा गया है।

स्मार पत्र मिलने से परिवार  के  सदस्य भी हर्षित हैं। बताया गया कि ये दोनों बहनें हर साल देश के सैनिकों को भी राखी भेजती हैं ताकि देश की रक्षा करने वाले सैनिकों की कलाईयाँ सूनी न रह जाए।

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